एक नई सोच, एक नई धारा

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बिहार में नए युग की दस्तक: सीएम नीतीश कुमार ने दाखिल किया राज्यसभा का नामांकन, 10 अप्रैल तक संभालेंगे कुर्सी

पटना: बिहार की सियासत में आज एक अध्याय का अंत और नए अध्याय की शुरुआत देखने को मिली। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एनडीए के अन्य उम्मीदवारों के साथ राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनने के लिए खुद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पटना पहुंचे।

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अमित शाह की मौजूदगी में हुआ नामांकन

​विधानसभा परिसर में आयोजित नामांकन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ भाजपा के नितिन नवीन, रामनाथ ठाकुर, उपेंद्र कुशवाहा और शिवेश कुमार ने भी अपने पर्चे दाखिल किए।

  • भव्य स्वागत: इससे पहले पटना पहुंचने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गृह मंत्री अमित शाह का शॉल और पुष्पगुच्छ भेंट कर गर्मजोशी से स्वागत किया।
  • अहम बैठक: नामांकन के तुरंत बाद अमित शाह भाजपा विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के साथ भावी रणनीति पर चर्चा करने के लिए ‘स्टेट गेस्ट हाउस’ रवाना हो गए।

10 अप्रैल 2026 तक बने रहेंगे मुख्यमंत्री

​राजनीतिक गलियारों में सबसे बड़ी चर्चा नीतीश कुमार के इस्तीफे को लेकर है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार नीतीश कुमार 10 अप्रैल 2026 तक बिहार के मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे।

  • वजह: राज्यसभा का नया कार्यकाल 10 अप्रैल के बाद ही शुरू हो रहा है।
  • मार्गदर्शन: नीतीश कुमार ने स्पष्ट किया है कि उच्च सदन जाने के बाद भी राज्य की नई सरकार को उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलता रहेगा।

‘X’ पोस्ट के जरिए साझा की दिल की बात

​नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा कि 2005 से जनता ने उन पर जो भरोसा जताया है, उसी की ताकत से उन्होंने बिहार की सेवा की है।

​”मेरे संसदीय जीवन की शुरुआत से ही यह इच्छा थी कि मैं बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों और संसद के दोनों सदनों का सदस्य बनूँ। इसी आकांक्षा को पूरा करने के लिए मैं राज्यसभा जा रहा हूँ।” — नीतीश कुमार

जदयू की कमान और भविष्य का नेतृत्व

​नीतीश कुमार के इस बड़े फैसले के बाद अब जनता दल यूनाइटेड (JDU) के भविष्य को लेकर अटकलें तेज हैं। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि पार्टी की कमान नीतीश कुमार के बेटे को सौंपी जा सकती है, हालांकि अभी तक इस पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है।

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ऐतिहासिक रिकॉर्ड: टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन के रक्तदान शिविर में 3140 यूनिट रक्त संग्रह, जेएन टाटा की प्रतिमा का अनावरण

जमशेदपुर: संस्थापक दिवस के शुभ अवसर पर टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन के तत्वावधान में आयोजित मेगा रक्तदान शिविर ने सफलता के सभी पुराने कीर्तिमान ध्वस्त कर दिए हैं। इस एक दिवसीय शिविर में रिकॉर्ड 3140 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया, जो शहर के सेवा भाव और एकजुटता का परिचायक है।

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सुबह 5 बजे से ही उमड़ा उत्साह

​रक्तदान के प्रति जुनून का आलम यह था कि सुबह 5:10 बजे से ही रक्तदाताओं का आगमन शुरू हो गया और पहला रक्तदान 5:20 बजे संपन्न हुआ।

  • पंजीकरण: कुल 3499 रक्तदाताओं ने अपना नामांकन कराया था।
  • विशेष भागीदारी: शिविर में महिला रक्तदाताओं और नैप्स (NAPS) ट्रेनीज ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। दर्जनों ऐसे युवा थे जिन्होंने पहली बार रक्तदान कर इस पुनीत कार्य में योगदान दिया।
  • प्रबंधन: ब्लड बैंक और पैरा मेडिकल स्टाफ की मुस्तैदी के कारण पांच काउंटरों पर सुव्यवस्थित तरीके से पंजीकरण और रक्त संग्रह का कार्य चलता रहा।

संस्थापक जेएन टाटा की प्रतिमा का भव्य अनावरण

​इस ऐतिहासिक दिन पर यूनियन प्रांगण में टाटा समूह के संस्थापक जेएन टाटा की एक भव्य प्रतिमा का अनावरण किया गया।

  • मुख्य अतिथि: इस गरिमामयी समारोह में टाटा मोटर्स के कार्यकारी निदेशक गिरीश वाघ, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, और कंपनी के कई शीर्ष पदाधिकारी (वी.पी. विशाल बादशाह, सीताराम कांडी, अनुराग छारिया आदि) उपस्थित रहे।
  • सम्मान: यूनियन अध्यक्ष शशि भूषण प्रसाद और महामंत्री आरके सिंह ने सभी अतिथियों का पुष्प गुच्छ और अंगवस्त्र देकर स्वागत किया।
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दिग्गजों ने सराहा यूनियन का प्रयास

  • आरके सिंह (महामंत्री): उन्होंने बताया कि कोविड काल में 1272 यूनिट से शुरू हुआ यह सफर आज 3140 यूनिट तक पहुँच गया है। उन्होंने इस रिकॉर्ड का श्रेय मजदूर भाइयों और शहरवासियों को दिया।
  • अर्जुन मुंडा (पूर्व मुख्यमंत्री): उन्होंने जेएन टाटा को आधुनिक उद्योग जगत का बुनियादी पत्थर बताया और समाज के प्रति टाटा के योगदान को अविस्मरणीय कहा।
  • प्रणव कुमार (HR हेड): उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “रक्तदान महादान है; यह कई जिस्मों में जिंदा रहने का लाजवाब तरीका है”।

महत्वपूर्ण उपस्थिति और व्यक्तिगत योगदान

​शिविर में राजनीति और उद्योग जगत की कई बड़ी हस्तियां शामिल हुईं, जिनमें पूर्व राज्यपाल रघुवर दास, मंत्री बन्ना गुप्ता, विधायक सोमेश सोरेन और अन्य गणमान्य लोग शामिल थे। विशेष बात यह रही कि यूनियन के महामंत्री आरके सिंह, कई पत्रकारों और कंपनी के वरीय अधिकारियों (जैसे सौमिक राय, वीएन सिंह) ने स्वयं भी रक्तदान किया।

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झारखंड भाजपा की बड़ी तैयारी: दिल्ली में आयोजित ‘एसआईआर’ राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में शामिल होंगे प्रदेश के 6 दिग्गज नेता

रांची/जमशेदपुर: भारतीय जनता पार्टी के आगामी अभियानों और संगठनात्मक मजबूती को लेकर दिल्ली में एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन होने जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के निर्देश पर झारखंड भाजपा की ओर से छह सदस्यीय विशेष टोली इस बैठक में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली रवाना होगी।

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7 मार्च को दिल्ली में मंथन

​नई दिल्ली स्थित भाजपा के राष्ट्रीय कार्यालय में 7 मार्च को एस.आई.आर. (SIR) विषय पर केंद्रित एक दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण बैठक आयोजित की गई है। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य संगठनात्मक स्तर पर व्यापक रणनीति तैयार करना और पार्टी की गतिविधियों को भविष्य में अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करना है।

झारखंड से शामिल होने वाले प्रमुख चेहरे

​प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण के लिए राज्य के वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं को नामित किया है। इस टोली में निम्नलिखित नेता शामिल हैं:

  • भानुप्रताप शाही: पूर्व विधायक
  • अमित मंडल: पूर्व विधायक
  • सरोज सिंह: प्रदेश मंत्री
  • सुनीता सिंह: प्रदेश मंत्री
  • दिनेश कुमार: जमशेदपुर महानगर के पूर्व जिलाध्यक्ष सह प्रदेश कार्यसमिति सदस्य
  • सत्यनारायण सिंह: रांची के पूर्व जिलाध्यक्ष सह प्रदेश कार्यसमिति सदस्य

क्या है इस प्रशिक्षण का उद्देश्य?

​पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस शिविर में ‘एसआईआर’ विषय पर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इसमें नेताओं को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे राज्य स्तर पर संगठन को नई दिशा दे सकें और पार्टी की नीतियों को जमीनी स्तर तक प्रभावी रूप से पहुंचा सकें।

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जुगसलाई गुरुद्वारा में भव्य समागम: नवनिर्वाचित पार्षदों और समाजसेवियों का हुआ जोरदार अभिनंदन

जमशेदपुर: जुगसलाई स्टेशन रोड गुरुद्वारा में बुधवार को एक भव्य धार्मिक समागम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान महेन्द्र पाल सिंह के नेतृत्व में समाज और पंथ के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय वार्ड पार्षदों और समाज के प्रति त्याग दिखाने वाले व्यक्तित्वों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

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त्याग और सेवा का सम्मान

​समागम के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित सदस्यों को सरोपा भेंट कर सम्मानित किया गया:

  • वार्ड पार्षद: जुगसलाई नगर परिषद चुनाव में जीत दर्ज करने वाले जगदीप सिंह मिंटू और सुरेंद्र कौर रेखी को उनके निर्वाचन पर बधाई दी गई।
  • विशेष आभार: गुरुद्वारा कमेटी के अनुरोध पर समाज हित में मेयर चुनाव से अपनी दावेदारी वापस लेने वाली प्रत्याशी बलबीर कौर के प्रति विशेष आभार जताया गया। कमेटी ने उनके इस कदम की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित किया।

वरिष्ठ समाजसेवियों का मिला मार्गदर्शन

​वरिष्ठ समाजसेवी सरदार शैलेंद्र सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चुनाव से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। उन्होंने दोनों नवनिर्वाचित वार्ड पार्षदों को आश्वासन दिया कि क्षेत्र के विकास और समाज सेवा के कार्यों में उन्हें भविष्य में हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से रहे उपस्थित

​महासचिव कमलजीत सिंह द्वारा संचालित इस कार्यक्रम में जुगसलाई समाज के कई गणमान्य लोग शामिल हुए:

  • गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी: चेयरमैन हरदीप सिंह, वरीय उपाध्यक्ष नरेंद्र पाल सिंह, हरदीप सिंह छनिया, गुरबचन सिंह, बलबीर सिंह व अन्य सदस्य।
  • स्त्री सत्संग सभा: प्रधान राजेंद्र कौर, रज्जी कौर एवं उनकी पूरी टीम।
  • महाराजा रणजीत सिंह सेवादल: सेवादल के सदस्यों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
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जमशेदपुर: सीतारामडेरा में दिव्यांग युवक ने की आत्महत्या, मोबाइल में मिला मौत से पहले का वीडियो

जमशेदपुर: शहर के सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के कुम्हारपाड़ा में गुरुवार की सुबह एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ एक दिव्यांग युवक ने कीटनाशक (Pesticide) खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। पुलिस को युवक के मोबाइल से एक सुसाइड वीडियो भी बरामद हुआ है।

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पत्नी ने दी पुलिस को सूचना

​मृतक की पहचान 38 वर्षीय सूरज प्रसाद के रूप में हुई है, जो कुम्हारपाड़ा का निवासी था। गुरुवार सुबह सूरज का शव उसके कमरे में जमीन पर पड़ा मिला, जिसकी जानकारी उसकी पत्नी सोनी ने पुलिस को दी। सूचना मिलते ही सीतारामडेरा थाना पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

घटनास्थल से मिले अहम साक्ष्य

​पुलिस जांच के दौरान घटनास्थल से कीटनाशक की बोतल बरामद की गई है। सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में पुलिस को सूरज के मोबाइल से एक वीडियो मिला है, जिसमें उसने स्वयं आत्महत्या करने की बात स्वीकार की है। पुलिस फिलहाल इस वीडियो की गहनता से जांच कर रही है।

हादसे के बाद अवसाद में था सूरज

​परिजनों के अनुसार, सूरज की जिंदगी में पिछले कुछ समय से काफी उथल-पुथल चल रही थी:

  • दुर्घटना का असर: करीब छह महीने पहले एक ट्रेन दुर्घटना में सूरज ने अपने दोनों पैर और एक हाथ खो दिए थे।
  • मानसिक तनाव: इस अपंगता के बाद से ही वह गहरे मानसिक अवसाद (Depression) में रहने लगा था।
  • पारिवारिक पृष्ठभूमि: सूरज ने दो शादियां की थीं। उसकी पहली पत्नी पिंकी सोनारी में रहती है, जबकि वह अपनी दूसरी पत्नी सोनी के साथ कुम्हारपाड़ा में रह रहा था।

पुलिस की कार्रवाई

​सीतारामडेरा थाना पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आत्महत्या की वजह सिर्फ शारीरिक अक्षमता से उपजा अवसाद था या इसके पीछे कोई अन्य पारिवारिक विवाद भी शामिल है।

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ठाकुरगंज स्टेशन पर 3 घंटे थमी रही ट्रेन: ‘मेरी ड्यूटी खत्म, अब आगे नहीं जाऊंगा’—लोको पायलट की जिद से यात्री परेशान

ठाकुरगंज: रेलवे नियमों की कड़ाई और यात्रियों की बेबसी का एक अनोखा मामला बुधवार को ठाकुरगंज रेलवे स्टेशन पर देखने को मिला। मालदा से सिलीगुड़ी जा रही डेमू ट्रेन (संख्या 75719) प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर करीब 3 घंटे तक खड़ी रही। हैरान करने वाली बात यह रही कि ट्रेन में कोई तकनीकी खराबी नहीं थी, बल्कि लोको पायलट ने अपनी ड्यूटी की समय-सीमा खत्म होने का हवाला देकर आगे जाने से इनकार कर दिया।

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दोपहर 2:52 बजे से शाम तक खड़ी रही ट्रेन

​निर्धारित समय पर मालदा से रवाना हुई डेमू ट्रेन जैसे ही दोपहर 2:52 बजे ठाकुरगंज पहुँची, लोको पायलट ने स्टेशन मास्टर को अपनी ड्यूटी पूरी होने की सूचना दी। ड्राइवर का तर्क था कि उनकी 9 घंटे की ड्यूटी पूरी हो चुकी है और रेलवे के सुरक्षा नियमों (Safety Norms) के अनुसार, थकान की स्थिति में ट्रेन चलाना परिचालन सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हो सकता है।

क्या कहता है रेलवे का नियम?

​रेलवे के परिचालन सुरक्षा नियमों के अनुसार, किसी भी लोको पायलट को अधिकतम 9 से 10 घंटे की निरंतर ड्यूटी के बाद अनिवार्य विश्राम का अधिकार है। यह नियम इसलिए बनाया गया है ताकि चालक की थकान की वजह से कोई बड़ी रेल दुर्घटना न हो जाए। चालक ने इसी नियम की दुहाई देकर इंजन छोड़ने का फैसला किया।

यात्रियों का फूटा गुस्सा, बच्चों और बुजुर्गों की बढ़ी परेशानी

​तपती दोपहर में करीब 3 घंटे तक ट्रेन खड़ी रहने के कारण यात्रियों का धैर्य जवाब दे गया। ट्रेन में सवार लोगों की स्थिति काफी दयनीय थी:

  • दैनिक मजदूर और व्यापारी: सिलीगुड़ी और किशनगंज जाने वाले कामगारों का कीमती समय बर्बाद हुआ।
  • परिवार और बच्चे: छोटे बच्चों के साथ सफर कर रहे परिवारों को पीने के पानी और भोजन के लिए स्टेशन पर भटकना पड़ा।
  • कनेक्टिंग ट्रेनें छूटीं: कई यात्रियों की आगे की महत्वपूर्ण ट्रेनें इस देरी की वजह से मिस हो गईं, जिससे उनमें रेल प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी देखी गई।

प्रशासनिक तालमेल पर सवाल

​इस घटना ने रेल प्रशासन के बीच तालमेल की कमी को उजागर किया है। सवाल यह उठ रहा है कि यदि लोको पायलट की ड्यूटी खत्म होने वाली थी, तो पहले से ही वैकल्पिक चालक (Reliever) की व्यवस्था क्यों नहीं की गई? शाम को वैकल्पिक व्यवस्था होने के बाद ही ट्रेन आगे रवाना हो सकी।

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बिहार में महा-बदलाव: नीतीश कुमार जाएंगे राज्यसभा, राज्य में बदलेगा सत्ता का पूरा फॉर्मूला

पटना: बिहार की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक भावुक और महत्वपूर्ण पोस्ट के जरिए अपने राज्यसभा जाने की इच्छा जाहिर कर दी है। नीतीश कुमार के इस ऐलान के साथ ही बिहार में करीब दो दशकों से चले आ रहे एक युग के परिवर्तन और नई सरकार के गठन की सुगबुगाहट तेज हो गई है।

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नीतीश कुमार का ‘संसदीय सपना’

​नीतीश कुमार ने अपनी पोस्ट में बिहार की जनता का आभार व्यक्त करते हुए लिखा कि वे पिछले दो दशकों से सेवा कर रहे हैं। उन्होंने अपनी एक पुरानी इच्छा का जिक्र करते हुए कहा कि वे राजनीति में आने के समय से ही चाहते थे कि वे बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों (विधानसभा व विधान परिषद) के साथ-साथ संसद के दोनों सदनों (लोकसभा व राज्यसभा) के सदस्य बनें। अब वे राज्यसभा जाकर इस लक्ष्य को पूरा करना चाहते हैं।

​उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्यसभा जाने के बाद भी बिहार के विकास के लिए उनका मार्गदर्शन और सहयोग नई सरकार को मिलता रहेगा।

क्या होगा नया सत्ता फॉर्मूला?

​नीतीश कुमार के इस फैसले के बाद एनडीए गठबंधन के भीतर शक्ति संतुलन बदलने के आसार हैं। सूत्रों के अनुसार, बिहार में अब ‘भाजपा का मुख्यमंत्री और जेडीयू के दो डिप्टी सीएम’ वाला नया फॉर्मूला लागू हो सकता है।

कौन बनेगा बिहार का नया मुख्यमंत्री?

​सीएम की रेस में कई दिग्गजों के नाम चर्चा में हैं:

  • सम्राट चौधरी (सबसे मजबूत दावेदार): वर्तमान डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का नाम सबसे ऊपर है। भाजपा के 89 विधायकों के संख्या बल के कारण सीएम पद पर भाजपा का दावा मजबूत है। सम्राट चौधरी की प्रशासनिक पकड़ और पिछड़ा वर्ग में उनकी पैठ उन्हें फ्रंट-रनर बनाती है।
  • चौंकाने वाला चेहरा: भाजपा अपनी रणनीति से चौंकाने के लिए जानी जाती है। चर्चा है कि पार्टी किसी महिला चेहरे या किसी अप्रत्याशित पिछड़े नेता को भी मुख्यमंत्री की कमान सौंप सकती है।
  • अमित शाह का दौरा: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज पटना पहुंच रहे हैं, जहाँ वे वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर इस बड़े बदलाव पर अंतिम मुहर लगा सकते हैं।

जेडीयू से नए चेहरों की एंट्री?

​डिप्टी सीएम के पद के लिए जेडीयू की ओर से दो नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं:

  1. निशांत कुमार: नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के सक्रिय राजनीति में आने की अटकलें तेज हैं। उन्हें भविष्य के नेता के तौर पर डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है।
  2. विजय कुमार चौधरी: जेडीयू के सबसे अनुभवी और भरोसेमंद चेहरों में से एक, जो गठबंधन सरकार में संतुलन बनाए रखने के लिए उपयुक्त माने जा रहे हैं।

निष्कर्ष

​नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना बिहार की राजनीति के इतिहास में एक टर्निंग पॉइंट साबित होगा। अगर सत्ता का यह नया समीकरण लागू होता है, तो बिहार में भाजपा पहली बार अपने दम पर मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालेगी। आने वाले कुछ दिन बिहार के भविष्य के लिए बेहद निर्णायक होने वाले हैं।

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धनबाद के बरमसिया में खूनी संघर्ष: बकाया पैसों के विवाद में अंधाधुंध फायरिंग, दो युवक घायल

धनबाद: कोयलांचल की हृदयस्थली धनबाद एक बार फिर गोलियों की तड़तड़ाहट से थर्रा उठी। बुधवार की शाम धनसार थाना क्षेत्र के बरमसिया में दो गुटों के बीच उपजे विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें हुई ओपन फायरिंग के दौरान दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

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पैसे का लेनदेन बना विवाद की जड़

​मिली जानकारी के अनुसार, विवाद की मुख्य वजह विष्णु शर्मा और विकास लाला के बीच लंबे समय से चल रहा पैसों का लेनदेन बताया जा रहा है। घायल विष्णु शर्मा ने आरोप लगाया कि जब उसने अपने बकाया पैसे मांगे, तो विकास लाला ने रंजिश पाल ली। बुधवार शाम विकास अपने साथियों के साथ बरमसिया मैदान पहुँचा और विष्णु पर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।

निर्दोष छात्र भी बना गोलीबारी का शिकार

​इस हिंसक घटना में दो लोग लहूलुहान हुए हैं:

  • विष्णु शर्मा (30 वर्ष): इन्हें दाहिने जांघ में गोली लगी है।
  • पुष्पक कुमार (21 वर्ष): इनके पेट में गोली लगी है और उनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है।

​हैरानी की बात यह है कि घायल पुष्पक कुमार दिल्ली में रहकर पढ़ाई करता है और केवल होली मनाने अपने घर आया था। घटना के वक्त वह मैदान में बैठा था और इस विवाद से उसका कोई लेना-देना नहीं था, फिर भी वह अपराधियों की गोली का शिकार हो गया।

दहशत में इलाका, पुलिस की छापेमारी जारी

​फायरिंग के बाद बरमसिया इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तत्काल अस्पताल पहुँचाया गया। सूचना मिलते ही धनसार पुलिस मौके पर पहुँची और जांच शुरू की।

  • CCTV की जांच: पुलिस आसपास के कैमरों के फुटेज खंगाल रही है।
  • हिरासत: जानकारी के अनुसार, पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है जिनसे पूछताछ की जा रही है।
  • सुरक्षा: इलाके में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।
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होली की पूर्व संध्या पर ठहाकों से गूंजा जमशेदपुर: मारवाड़ी युवा मंच के कवि सम्मेलन ने बांधा समां

जमशेदपुर: रंगों के त्योहार होली की पूर्व संध्या पर लौहनगरी पूरी तरह से हास्य और व्यंग्य के रंगों में सराबोर नजर आई। मारवाड़ी युवा मंच (जमशेदपुर शाखा) द्वारा बिष्टुपुर स्थित नरभेराम स्कूल सभागार में आयोजित भव्य ‘हास्य कवि सम्मेलन’ ने शहरवासियों को झूमने और हंसने पर मजबूर कर दिया।

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देश के दिग्गज कवियों ने बिखेरे हास्य के रंग

​कार्यक्रम की मुख्य विशेषता देशभर से पधारे ख्याति प्राप्त कवि रहे। मंच पर अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करने वालों में शामिल थे:

  • सुदीप भोला: अपनी तीखी व्यंग्य रचनाओं के लिए चर्चित।
  • खुशबू शर्मा: जिन्होंने अपनी कविताओं से समां बांध दिया।
  • स्वयंम श्रीवास्तव, अजात शत्रु एवं विनोद पाल: जिनकी हास्य प्रस्तुतियों पर सभागार बार-बार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
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सांस्कृतिक उल्लास और सामाजिक संदेश

​कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसमें शहर के गणमान्य समाजसेवी और मंच के पदाधिकारी शामिल हुए। मारवाड़ी युवा मंच के पदाधिकारियों ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य भागदौड़ भरी जिंदगी में समाज को तनावमुक्त करना और साहित्य के माध्यम से भाईचारे का संदेश देना है।

​”हमारा लक्ष्य युवाओं को अपनी जड़ों और रचनात्मकता से जोड़ना है। भविष्य में इससे भी बड़े स्तर पर साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।” — आयोजक मंडल

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यादगार रही शाम

​देर रात तक चले इस सम्मेलन में श्रोताओं की भीड़ और उनके उत्साह ने यह साबित कर दिया कि जमशेदपुर की जनता कला और साहित्य की कितनी कद्रदान है। उपस्थित लोगों ने इसे शहर के सांस्कृतिक इतिहास की एक यादगार संध्या बताया।

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टाटा स्टील सुरक्षा टीम की बड़ी कार्रवाई: भारी मात्रा में कॉपर केबल के साथ आदतन चोर गिरफ्तार

जमशेदपुर: टाटा स्टील की सुरक्षा टीम ने कंपनी परिसर में चोरी के खिलाफ अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को दोहराते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। नियमित निगरानी और सक्रिय पेट्रोलिंग के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने एक शातिर अपराधी को रंगे हाथों पकड़कर उसके पास से भारी मात्रा में चोरी का कॉपर केबल बरामद किया है।

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तलाशी में मिला 35 किलो कॉपर केबल

​सुरक्षा टीम ने संदेह के आधार पर मोहम्मद बाबू (उम्र 30 वर्ष) को रोका। वह जुगसलाई के गौरी शंकर रोड स्थित गरीब नवाज कॉलोनी का निवासी है। तलाशी लेने पर उसके पास से लगभग 35 किलोग्राम इंसुलेटेड कॉपर केबल बरामद किया गया। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह केबल अवैध रूप से कंपनी परिसर से बाहर ले जाया जा रहा था।

पुराना अपराधी है मोहम्मद बाबू

​जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि मोहम्मद बाबू एक आदतन अपराधी है। वह इससे पहले भी कंपनी में चोरी के मामलों में तीन बार पकड़ा जा चुका है। बार-बार पकड़े जाने के बावजूद उसकी गतिविधियों में सुधार नहीं हुआ, जिसके बाद सुरक्षा टीम ने उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए बिस्टुपुर थाना को सौंप दिया है।

चोरी पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति

​कंपनी प्रबंधन ने इस कार्रवाई के बाद कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि टाटा स्टील की संपत्ति को नुकसान पहुँचाने या सामग्री चोरी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता किया गया है और भविष्य में भी ऐसी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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