एक नई सोच, एक नई धारा

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झारखंड के चिकित्सा क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि: MGM मेडिकल कॉलेज और ICMR के बीच समझौता, अब AI से होगी बीमारियों की सटीक पहचान

जमशेदपुर: लौहनगरी जमशेदपुर के महात्मा गांधी मेमोरियल (MGM) मेडिकल कॉलेज के नाम आज एक बड़ी उपलब्धि दर्ज हुई है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के संस्थान नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च इन डिजिटल हेल्थ एंड डेटा साइंस (NIRDHDS) ने MGM के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।

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​गर्व की बात यह है कि झारखंड का यह पहला मेडिकल कॉलेज है, जिसके साथ ICMR ने मेडिकल रिसर्च के लिए ऐसा करार किया है।

डिजिटल हेल्थ और AI से बदलेगी जांच की तस्वीर

​इस समझौते के बाद MGM मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा अनुसंधान के एक नए युग की शुरुआत होगी। अब बीमारियों की पहचान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का सहारा लिया जाएगा।

समझौते की मुख्य बातें:

  • डिजिटल पैथोलॉजी: हिस्टोपैथोलॉजी, साइटोपैथोलॉजी और हेमेटोपैथोलॉजी स्लाइड्स का डिजिटलीकरण किया जाएगा।
  • सटीक डायग्नोसिस: AI आधारित सपोर्ट सिस्टम के जरिए मेडिकल इमेजेस का विश्लेषण होगा, जिससे कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की पहचान शुरुआती स्तर पर और अधिक सटीकता से हो सकेगी।
  • डेटा साइंस: मरीजों की जांच से जुड़े डेटा का उपयोग भविष्य की रिसर्च और जटिल रोगों के विश्लेषण के लिए किया जाएगा।

डॉक्टरों और छात्रों के लिए खुलेंगे सुनहरे अवसर

​यह समझौता केवल रिसर्च तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अकादमिक क्षेत्र में भी क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।

  1. संयुक्त रिसर्च प्रोग्राम: कॉलेज के छात्रों और डॉक्टरों को संयुक्त रूप से MD, PhD और पोस्ट-डॉक्टरल रिसर्च करने का मौका मिलेगा।
  2. स्किल डेवलपमेंट: मेडिकल इमेज एनालिसिस और डिजिटल हेल्थ पर विशेष वर्कशॉप, सेमिनार और ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किए जाएंगे।
  3. विशेषज्ञों की निगरानी: इस 5 साल के करार के दौरान होने वाले प्रोजेक्ट्स की देखरेख दोनों संस्थानों के विशेषज्ञों वाली एक संचालन समिति करेगी।

एक्सपर्ट व्यू: झारखंड के लिए मील का पत्थर

​स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस करार से झारखंड में ‘डिजिटल हेल्थ’ के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी। आने वाले समय में यहाँ के मरीजों को बेहतर और तेज डायग्नोस्टिक सुविधाएं मिलेंगी, जिससे इलाज की प्रक्रिया सुगम हो जाएगी।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

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आदित्यपुर: बिजली संशोधन विधेयक के विरोध में उपभोक्ताओं का हल्लाबोल, JBVNL कार्यपालक अभियंता को सौंपा ज्ञापन

आदित्यपुर: प्रस्तावित Electricity (Amendment) Bill 2025 के खिलाफ अब जन-आंदोलन तेज होने लगा है। मंगलवार, 10 मार्च 2026 को Jharkhand Electricity Consumers Association के एक प्रतिनिधिमंडल ने आदित्यपुर स्थित झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) के कार्यपालक अभियंता से मुलाकात की और केंद्र सरकार के इस विधेयक के विरोध में एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा।

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आम आदमी की जेब पर पड़ेगा बोझ: उपभोक्ता संघ

​ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन ने विधेयक के संभावित दुष्परिणामों पर गहरी चिंता व्यक्त की। संघ का मानना है कि:

  • निजीकरण का खतरा: इस विधेयक से बिजली क्षेत्र में अत्यधिक व्यवसायीकरण और निजीकरण को बढ़ावा मिलेगा।
  • बढ़ेगी बिजली की दरें: निजी कंपनियों के प्रभुत्व से आम उपभोक्ताओं, मध्यम वर्ग और किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है।
  • हितधारकों की अनदेखी: संगठन ने आरोप लगाया कि सरकार ने इस विधेयक को लाने से पहले उपभोक्ताओं या किसानों से कोई व्यापक परामर्श नहीं किया है।

उपभोक्ता हितों को सर्वोपरि रखने की मांग

​संगठन के महासचिव K. Venugopal Bhatt ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, “बिजली कोई विलासिता की वस्तु नहीं, बल्कि एक आवश्यक सेवा है। सरकार को इसे लाभ कमाने का जरिया बनाने के बजाय उपभोक्ता हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए।” उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि इस विधेयक को तत्काल वापस लिया जाए और सभी पक्षों के साथ चर्चा की जाए।

प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल

​इस विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान लगभग दो दर्जन लोग उपस्थित थे। मुख्य रूप से आशीष धर, लिली दास, मौसुमी मित्रा, विष्णु देव गिरी, बिपिन मंडल, संतोष कुमार और भास्कर गुप्ता सहित कई सक्रिय सदस्य शामिल हुए।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

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जमशेदपुर: प्रतिष्ठित XLRI को बम से उड़ाने की धमकी, ई-मेल मिलते ही पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

जमशेदपुर: लौहनगरी के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाकों में से एक बिष्टुपुर स्थित देश के प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थान XLRI – Xavier School of Management को मंगलवार को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। एक अज्ञात ई-मेल के जरिए मिली इस धमकी के बाद संस्थान और पूरे शहर में हड़कंप मच गया है।

एसएसपी के निर्देश पर तत्काल कार्रवाई

​संस्थान प्रबंधन को जैसे ही धमकी भरा ई-मेल प्राप्त हुआ, इसकी सूचना तुरंत वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) पीयूष पांडे को दी गई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर बिष्टुपुर पुलिस के साथ-साथ बम निरोधक दस्ता (Bomb Disposal Squad) और डॉग स्क्वॉड की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं।

कैंपस खाली कराया गया, सघन तलाशी जारी

​सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने पूरे एक्सएलआरआई कैंपस को अपने घेरे में ले लिया है। एहतियातन उठाए गए कदम:

  • निकासी: कैंपस के अंदर मौजूद छात्रों, प्रोफेसरों और कर्मचारियों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया।
  • घेराबंदी: पूरे परिसर को सील कर दिया गया है और जांच पूरी होने तक बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
  • सर्च ऑपरेशन: बम निरोधक दस्ता एक-एक ब्लॉक, क्लासरूम और हॉस्टल की सघन जांच कर रहा है।

साइबर सेल खंगाल रही है ई-मेल का सोर्स

​पुलिस की साइबर सेल सक्रिय हो गई है और धमकी भरे ई-मेल के आईपी (IP) एड्रेस और ओरिजिन का पता लगाने की कोशिश कर रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह पता लगाया जा रहा है कि यह किसी की शरारत है या इसके पीछे कोई गंभीर साजिश है।

छात्रों और अभिभावकों में चिंता

​देश के कोने-कोने से छात्र यहाँ पढ़ने आते हैं, ऐसे में इस खबर के बाद छात्रों और उनके अभिभावकों में चिंता का माहौल है। हालांकि, जिला प्रशासन ने लोगों से धैर्य बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

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बहरागोड़ा में बड़ी बैंक डकैती: केनरा बैंक से दिनदहाड़े 15 लाख की लूट, ग्राहकों को बंधक बना बाहर से जड़ा ताला

बहरागोड़ा: झारखंड के बहरागोड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत साकरा स्थित केनरा बैंक में मंगलवार को अपराधियों ने दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दिया। दोपहर लगभग 1:45 बजे आधा दर्जन हथियारबंद अपराधियों ने बैंक में धावा बोलकर करीब 15 लाख रुपये लूट लिए। अपराधियों ने न केवल नकदी पर हाथ साफ किया, बल्कि बैंक कर्मियों और ग्राहकों को बंधक बनाकर उनसे मोबाइल और गहने भी छीन लिए।

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फिल्मी अंदाज में दी वारदात को अंजाम

​जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 1:40 बजे 5 से 6 लुटेरे बैंक पहुंचे। उनके पास देसी कट्टा और कटारी जैसे घातक हथियार थे।

  • बंधक बनाया: बैंक के अंदर घुसते ही लुटेरों ने स्टाफ और वहां मौजूद 6-7 ग्राहकों को गनपॉइंट पर ले लिया और सबके मोबाइल फोन छीन लिए।
  • लूटपाट: लुटेरों ने कैश काउंटर से लगभग 7 लाख और तिजोरी से 8 लाख रुपये निकाल लिए।
  • गहनों की लूट: लुटेरों ने सहायक प्रबंधक सौरभ वर्मा के गले की सोने की चेन और अंगूठी भी लूट ली। जब उन्होंने गोल्ड लॉकर के बारे में पूछा, तो प्रबंधक ने बताया कि ग्रामीण बैंक होने के कारण यहाँ लॉकर की सुविधा नहीं है।

मैनेजर की सूझबूझ: बच गई सीसीटीवी की हार्ड डिस्क

​लूट के दौरान एक अपराधी ने शाखा प्रबंधक नानाजी राव के सिर पर बंदूक सटाकर सीसीटीवी की हार्ड डिस्क मांगी। प्रबंधक ने चालाकी दिखाते हुए इंटरनेट राउटर (इंटरनेट बॉक्स) की ओर इशारा कर दिया। लुटेरे झांसे में आ गए और इंटरनेट बॉक्स का तार काटकर उसे ही हार्ड डिस्क समझकर साथ ले गए। इस चतुराई की वजह से सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित बच गया है, जो अब पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग है।

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बाहर से ताला लगाकर फरार हुए अपराधी

​वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधियों ने सभी बंधकों को अंदर ही छोड़ दिया और बाहर से मेन गेट पर ताला जड़कर साकरा चौक (चित्रेश्वर रोड) होते हुए बाइक से फरार हो गए। अपराधियों ने जाते समय लूटे हुए मोबाइल फोन साकरा चौक के पास खेतों में फेंक दिए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अपराधी आपस में बांग्ला में बात कर रहे थे, जिससे उनके बंगाल की ओर भागने की आशंका जताई जा रही है।

पुलिस की कार्रवाई: कटर से काटा गया ताला

​सूचना मिलने पर बहरागोड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और गैस कटर से गेट का ताला काटकर अंदर फंसे कर्मियों और ग्राहकों को सुरक्षित बाहर निकाला। घटना की गंभीरता को देखते हुए घाटशिला डीएसपी अजीत कुमार कुजूर ने मौके पर पहुंचकर जांच की।

“हम सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं और बैंक कर्मचारियों से पूछताछ जारी है। अपराधियों के भागने के रूट पर नाकेबंदी कर दी गई है। जल्द ही गिरोह को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।”

अजीत कुमार कुजूर, डीएसपी, घाटशिला

सुरक्षा पर बड़ा सवाल

​ग्रामीण क्षेत्र के इस बैंक में प्रतिदिन 60 से 100 ग्राहक आते हैं, इसके बावजूद यहाँ सिक्योरिटी गार्ड की तैनाती नहीं थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि बहरागोड़ा में दिनदहाड़े इस तरह की लूट की यह पहली घटना है, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

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इंडिगो में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: CEO पीटर एल्बर्स का इस्तीफा, राहुल भाटिया संभालेंगे कमान

नई दिल्ली: भारतीय विमानन क्षेत्र की सबसे बड़ी एयरलाइन, इंडिगो (IndiGo) से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पीटर एल्बर्स (Pieter Elbers) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इंडिगो की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड के निदेशक मंडल ने मंगलवार को हुई एक संक्षिप्त बैठक में उनके इस्तीफे को तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है।

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इस्तीफे के पीछे का मुख्य कारण: ‘ऑपरेशनल फेलियर’ और भारी जुर्माना

​एविएशन इंडस्ट्री के विशेषज्ञों का मानना है कि पीटर एल्बर्स का यह अचानक लिया गया फैसला हाल के महीनों में इंडिगो द्वारा झेले गए संकटों का नतीजा है।

  • 3 लाख यात्री हुए थे परेशान: लगभग तीन महीने पहले इंडिगो की उड़ानों में बड़े पैमाने पर व्यवधान आया था, जिससे देशभर में करीब 3 लाख यात्री अधर में फंस गए थे।
  • DGCA की कड़ी कार्रवाई: इस परिचालन संबंधी विफलता के बाद विमानन नियामक DGCA ने सख्त रुख अपनाते हुए इंडिगो पर 22.20 करोड़ रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया था। माना जा रहा है कि इस विनियामक और प्रशासनिक दबाव के कारण ही एल्बर्स को पद छोड़ना पड़ा।

मैनेजमेंट में बदलाव की मुख्य बातें:

  1. औपचारिक विदाई: पीटर एल्बर्स आज, 10 मार्च 2026 को कार्य समय समाप्त होने के बाद आधिकारिक रूप से अपनी जिम्मेदारियों से मुक्त हो जाएंगे।
  2. अंतरिम कमान: उनके जाने के बाद कंपनी के प्रबंध निदेशक (MD) राहुल भाटिया अंतरिम रूप से इंडिगो के संचालन की पूरी जिम्मेदारी संभालेंगे।
  3. बोर्ड मीटिंग का विवरण: कंपनी के अनुसार, बोर्ड की बैठक शाम 5:30 बजे शुरू हुई और मात्र 15 मिनट के भीतर (5:45 बजे) इस्तीफे की प्रक्रिया पूरी कर ली गई।

सेबी (SEBI) के नियमों का पालन

​कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह बदलाव सेबी (SEBI) के मास्टर सर्कुलर के दिशा-निर्देशों के अनुसार किया गया है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी और आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति इंडिगो की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी गई है।

​पीटर एल्बर्स के इस अचानक इस्तीफे ने भारतीय एविएशन सेक्टर में हलचल मचा दी है, क्योंकि इंडिगो वर्तमान में भारतीय आकाश में सबसे बड़ी हिस्सेदारी रखती है। अब देखना यह होगा कि राहुल भाटिया के नेतृत्व में कंपनी इस चुनौतीपूर्ण दौर से कैसे बाहर निकलती है।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

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जमशेदपुर: रामनवमी अखाड़ा समिति ने प्रशासन से की मांग— विसर्जन घाट हों दुरुस्त, सड़कों से हटे बिजली और ऑप्टिकल तारों का जाल

जमशेदपुर: शहर में आगामी रामनवमी, चैती छठ और गणगौर विसर्जन के सफल आयोजन को लेकर जमशेदपुर केंद्रीय रामनवमी अखाड़ा समिति ने कमर कस ली है। मंगलवार को समिति का एक मुख्य प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय अध्यक्ष अरुण सिंह के नेतृत्व में अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) से मिला और उत्सव के दौरान होने वाली समस्याओं के समाधान हेतु एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा।

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190 स्थानों पर होगा महोत्सव, 12 घाटों पर विसर्जन

​बैठक के बाद जानकारी साझा करते हुए अरुण सिंह ने बताया कि इस वर्ष जमशेदपुर के लगभग 190 स्थानों पर रामनवमी महोत्सव का भव्य आयोजन किया जाना है। इसके अतिरिक्त:

  • 16 स्थानों पर वासंती दुर्गा पूजा आयोजित होगी।
  • दोमुहानी घाट (सोनारी) और स्वर्णरेखा घाट (साकची) में चैती छठ महापर्व संपन्न होगा।
  • 21 मार्च को मारवाड़ी समाज की महिलाओं द्वारा ईसर-गौरी की प्रतिमाओं का विसर्जन (गणगौर पूजन समापन) किया जाएगा।
  • 28 मार्च को शहर के 12 प्रमुख विसर्जन घाटों पर रामनवमी अखाड़ों का विसर्जन होगा।

प्रशासन के समक्ष रखी गई प्रमुख मांगें:

1. तारों का जाल और अतिक्रमण:

कार्यकारी अध्यक्ष नितिन त्रिवेदी ने मांग की कि सडकों के ऊपर बिछे ऑप्टिकल फाइबर और बिजली के तारों के जाल को व्यवस्थित किया जाए, क्योंकि बड़े झंडे ले जाते समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। साथ ही, श्रमिक एकता बजरंग अखाड़ा (पाडी) के पूजन स्थल को अतिक्रमण मुक्त कराने की अपील की गई।

2. घाटों की सफाई और पानी का स्तर:

समिति ने मांग की है कि चैती छठ और विसर्जन को देखते हुए घाटों की बेहतर सफाई कराई जाए। साथ ही, विसर्जन के दिन चांडिल डैम से पानी छोड़कर नदी का जल स्तर बढ़ाया जाए ताकि श्रद्धालुओं को असुविधा न हो।

3. सरल लाइसेंस प्रक्रिया:

विहिप के जिलाध्यक्ष अजय गुप्ता ने प्रशासन से आग्रह किया कि रामनवमी अखाड़ा विसर्जन हेतु लाइसेंस की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाए ताकि समितियों को अनावश्यक परेशानी न हो।

4. पार्किंग और निर्माण सामग्री पर रोक:

विसर्जन मार्ग पर अवैध कार पार्किंग और सड़क पर रखी निर्माण सामग्री (बालू, गिट्टी आदि) को हटाने का निर्देश देने की मांग की गई है, ताकि विसर्जन जुलूस निर्बाध रूप से आगे बढ़ सके।

प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल

​SDO के साथ हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य रूप से कार्यकारी अध्यक्ष नितिन त्रिवेदी, महासचिव प्रवीण सेठी, सचिव विजय तिवारी, कोषाध्यक्ष दिलजय बोस और बजरंग दल संयोजक चंदन दास उपस्थित थे।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

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BREAKING: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच भारत में ESMA लागू; घरेलू गैस की किल्लत रोकने के लिए केंद्र का बड़ा फैसला

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब भारतीय घरेलू बाजार और व्यवस्थाओं पर दिखने लगा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने की आशंका के बीच, भारत सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए पूरे देश में आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (ESMA), 1968 लागू कर दिया है।

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​सरकार का प्राथमिक लक्ष्य देश में घरेलू गैस (LPG) की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना और किसी भी संभावित हड़ताल या व्यवधान को रोकना है।

LPG उत्पादन बढ़ाने के सख्त निर्देश

​तनावपूर्ण वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय ने सभी रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कंपनियों को आपातकालीन निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने कहा है कि:

  • ​कंपनियां Liquified Petroleum Gas (LPG) के उत्पादन को अपनी अधिकतम क्षमता तक बढ़ाएं।
  • ​हाइड्रोकार्बन प्रोडक्शन यूनिटों को जरूरत पड़ने पर एलपीजी उत्पादन की ओर डायवर्ट किया जाए ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को कमी का सामना न करना पड़े।

जमाखोरी पर लगाम: आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 भी सक्रिय

​आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित करने के साथ-साथ सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act), 1955 को भी प्रभावी कर दिया है। इसके तहत अब खाद, दवाओं और पेट्रोलियम उत्पादों की कालाबाजारी या जमाखोरी करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 2020 के संशोधन के अनुसार, युद्ध जैसी असाधारण परिस्थितियों में सरकार को इन वस्तुओं के वितरण और कीमतों को नियंत्रित करने का पूर्ण अधिकार है।

क्या है एस्मा (ESMA) और यह क्यों है इतना शक्तिशाली?

1. अनिवार्य सेवाएं बाधित नहीं होंगी:

ESMA लागू होने के बाद सार्वजनिक परिवहन, स्वास्थ्य सेवाएं (डॉक्टर-नर्स), बिजली, पानी, बैंकिंग और पेट्रोलियम क्षेत्र से जुड़े कर्मचारी हड़ताल पर नहीं जा सकते। यदि कोई संगठन हड़ताल का आह्वान करता है, तो उसे अवैध माना जाएगा।

2. बिना वारंट गिरफ्तारी का प्रावधान:

इस कानून के तहत पुलिस को यह अधिकार मिलता है कि वह हड़ताल करने वाले या उसे भड़काने वाले किसी भी व्यक्ति को बिना वारंट के गिरफ्तार कर सकती है।

3. कड़ी सजा और जुर्माना:

उल्लंघन करने वालों को एक साल तक की जेल, भारी जुर्माना या दोनों भुगतना पड़ सकता है। साथ ही, अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत सेवा से बर्खास्तगी भी की जा सकती है।

4. समयावधि:

केंद्र सरकार ने इसे फिलहाल लागू कर दिया है, जिसे अधिकतम 6 महीने तक बढ़ाया जा सकता है।

आम जनता पर क्या होगा असर?

​सरकार के इस फैसले का सीधा मकसद आम आदमी को युद्ध के दुष्प्रभावों से बचाना है। एस्मा लागू होने से यह सुनिश्चित होगा कि संकट के समय में भी रसोई गैस, पेट्रोल और राशन जैसी बुनियादी चीजें बिना रुके जनता तक पहुँचती रहें।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

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जमशेदपुर: जुगसलाई फायरिंग केस में ‘बेल’ के बाद भी ‘जेल’ का डर! बेगुनाह परिवार पर बरसे IO, वर्दी के रौब और गाली-गलौज का आरोप

जमशेदपुर (ब्यूरो): शहर की पुलिसिंग और जांच प्रक्रिया पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। मामला जुगसलाई में हुए दीपक सिंह फायरिंग कांड से जुड़ा है, जिसमें अदालत से जमानत (Bail) मिलने के बावजूद एक परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप पुलिस पर लगा है।

क्या है पूरा मामला?

​बागबेड़ा बजरंग टेकरी निवासी आज़ाद गिरी को जुगसलाई फायरिंग मामले के आरोपी सन्नी को हथियार उपलब्ध कराने के आरोप में नामजद किया गया था। इस मामले में कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए आज़ाद गिरी को अदालत से विधिवत जमानत मिल चुकी है। नियमतः जमानत मिलने के बाद पुलिस की दंडात्मक कार्रवाई रुक जानी चाहिए, लेकिन जमशेदपुर पुलिस के एक अधिकारी के व्यवहार ने सबको हैरान कर दिया है।

IO पर अभद्रता और धमकी का आरोप

​आरोप है कि केस के जांच अधिकारी (IO) कृष्णा यादव बिना किसी सही जानकारी के अचानक आज़ाद गिरी के घर पहुंच गए। परिजनों का कहना है कि उन्होंने घर पर न केवल अभद्र भाषा और गालियों का इस्तेमाल किया, बल्कि वर्दी का रौब दिखाते हुए घर की कुर्की-जब्ती (Property Attachment) करने की भी खुली धमकी दी।

कार्यशैली पर उठे बड़े सवाल

​हैरानी की बात यह है कि जब कोर्ट से जमानत मिल चुकी है और उसका आदेश सार्वजनिक रिकॉर्ड का हिस्सा है, तो क्या जांच अधिकारी को अपने ही केस की अद्यतन स्थिति (Current Status) की जानकारी नहीं है?

  • ​क्या यह पुलिस की लापरवाही है या जानबूझकर किसी परिवार को डराने की कोशिश?
  • ​कोर्ट के आदेश की अवहेलना करना क्या कानून के रखवालों को शोभा देता है?

पीड़ित पक्ष की मांग: “दोषी अधिकारी पर हो कार्रवाई”

​आज़ाद गिरी के समर्थकों और परिजनों ने इस घटना पर कड़ा रोष व्यक्त किया है। पीड़ित पक्ष का कहना है:

​“जब हमें कोर्ट से राहत मिल चुकी है, तो पुलिस किस आधार पर घर आकर बदतमीजी कर रही है? गाली-गलौज और कुर्की की धमकी देना मानवाधिकारों का उल्लंघन है। हम प्रशासन से मांग करते हैं कि ऐसे अधिकारी पर तुरंत कार्रवाई हो ताकि बेगुनाह परिवारों को मानसिक प्रताड़ना से बचाया जा सके।”

​इस घटना ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि अगर कानून का पालन करने वाले ही कोर्ट के आदेशों को नजरअंदाज करेंगे, तो आम जनता का भरोसा सिस्टम पर कैसे कायम रहेगा?

ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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ग्लोबल फ्यूल संकट: पश्चिम एशिया की जंग ने दुनिया में मचाया हाहाकार, पाकिस्तान में स्कूल बंद, भारत के कई शहरों में गैस किल्लत

नई दिल्ली/इस्लामाबाद: पश्चिम एशिया (ईरान-इजरायल) में जारी भीषण युद्ध का असर अब पूरी दुनिया की रसोई और रफ़्तार पर दिखने लगा है। कच्चे तेल और एलपीजी (LPG) की आपूर्ति बाधित होने से वैश्विक ईंधन संकट खड़ा हो गया है। पड़ोसी देश पाकिस्तान और बांग्लादेश में जहां हालात बेकाबू हैं, वहीं भारत के महानगरों में भी कमर्शियल गैस की किल्लत ने होटल इंडस्ट्री की कमर तोड़ दी है।

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पड़ोसी देशों में ‘इमरजेंसी’ जैसे हालात

  • पाकिस्तान: पंजाब प्रांत में सरकार ने ईंधन बचाने के लिए 31 मार्च तक सभी स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए हैं। सरकारी कर्मचारियों के लिए ‘वर्क फ्रॉम होम’ लागू है और मंत्रियों के पेट्रोल भत्ते में 50% की कटौती कर दी गई है।
  • बांग्लादेश: कतर से एलएनजी सप्लाई रुकने के बाद बिजली और ईंधन का गंभीर संकट है। विश्वविद्यालयों को बंद कर ईद की अग्रिम छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं।
  • म्यांमार: ईंधन खत्म होने के कगार पर है। सरकार ने वाहनों के लिए ऑड-ईवन (Odd-Even) फॉर्मूला लागू कर दिया है।

दुनिया के अन्य देशों का रुख

​संकट को देखते हुए चीन ने पेट्रोल-डीजल के निर्यात पर पूरी तरह रोक लगा दी है। दक्षिण कोरिया ने 30 साल में पहली बार कीमतों पर ‘कैप’ (अधिकतम मूल्य सीमा) लगाया है, जबकि जापान ने अपने राष्ट्रीय तेल भंडार (Emergency Reserve) से तेल निकालना शुरू कर दिया है।

भारत पर असर: बेंगलुरु में होटल बंद, यूपी-महाराष्ट्र में हाहाकार

​भारत में भी इस वैश्विक संकट की तपिश महसूस की जा रही है:

  1. बेंगलुरु: होटल्स एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई न होने के कारण मंगलवार से शहर के होटल और रेस्टोरेंट बंद हो सकते हैं।
  2. उत्तर प्रदेश: गोरखपुर और वाराणसी में पेट्रोलियम कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की डिलीवरी रोक दी है। घरेलू सिलेंडरों के कोटे में भी 25% तक की कटौती के निर्देश दिए गए हैं।
  3. मुंबई और पुणे: मुंबई में सिलेंडर बुकिंग का बैकलॉग 8 दिन तक पहुंच गया है। वहीं, पुणे में गैस की कमी के कारण 18 शवदाह गृहों को अस्थाई रूप से बंद करना पड़ा है।

क्या कहती हैं कंपनियां?

​नेशनल रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने केंद्र सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। हालांकि सरकार का कहना है कि आपूर्ति पर्याप्त है, लेकिन जमीनी स्तर पर सप्लायरों ने डिलीवरी रोक दी है, जिससे कालाबाजारी का डर बढ़ गया है।

ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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सतना: बेवफाई की खूनी पटकथा; पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर उजाड़ा अपना ही सुहाग, 72 घंटे में खुलासा

सतना/जैतवारा: मध्य प्रदेश के सतना जिले से एक रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पत्नी ने अपने अवैध संबंधों की राह में रोड़ा बन रहे पति को रास्ते से हटा दिया। जैतवारा थाना पुलिस और साइबर सेल ने महज 72 घंटों के भीतर इस ‘अंधे कत्ल’ की गुत्थी सुलझाते हुए आरोपी पत्नी और उसके प्रेमी को सलाखों के पीछे भेज दिया है।

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नदी किनारे मिला था लहूलुहान शव

​घटना की शुरुआत 4 मार्च की रात से हुई, जब 45 वर्षीय कौशलेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ डब्बू संदिग्ध परिस्थितियों में अपने घर से लापता हो गए। परिजनों की काफी तलाश के बाद 5 मार्च को गांव के बाहर नदी के पास उनका क्षत-विक्षत शव मिला। डब्बू के सिर पर भारी पत्थर से वार किए जाने के निशान थे और शरीर को घसीटा गया था, जिससे साफ था कि यह एक सोची-समझी हत्या है।

साइबर सेल ने पकड़ी ‘बेवफाई’ की लोकेशन

​थाना प्रभारी अभिषेक पांडेय के नेतृत्व में पुलिस ने जब तफ्तीश शुरू की, तो मृतक की पत्नी कुसुम सिंह के बयानों में विरोधाभास मिला। पुलिस ने जब साइबर सेल की मदद से कॉल डिटेल्स खंगाली, तो चौंकाने वाला सच सामने आया। वारदात वाली रात कुसुम की बातचीत उत्तर प्रदेश के बांदा निवासी संदीप पटेल (32) से लगातार हो रही थी। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर संदीप को बांदा से दबोच लिया।

गुजरात से शुरू हुआ था ‘मौत का खेल’

​पूछताछ में आरोपी संदीप ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि वह और मृतक डब्बू गुजरात में साथ काम करते थे। इसी दौरान संदीप और कुसुम के बीच प्रेम संबंध बन गए। जब डब्बू को इस बात का पता चला, तो उसने विरोध किया। प्रेमी जोड़े ने डब्बू को रास्ते से हटाने की साजिश रची।

  • साजिश का क्रम: संदीप 3 मार्च को गुजरात से चला और 4 मार्च को सतना पहुंचा।
  • हत्या का तरीका: शाम को संदीप ने डब्बू को शराब पिलाने के बहाने नदी किनारे बुलाया। जब डब्बू नशे में धुत हो गया, तो संदीप ने भारी पत्थर से उसके सिर पर ताबड़तोड़ वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया।

पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी

​पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और खून से सना पत्थर बरामद कर लिया है। आरोपी पत्नी कुसुम सिंह उर्फ रीना और प्रेमी संदीप पटेल को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने में जैतवारा पुलिस और साइबर सेल की भूमिका की जिले भर में सराहना हो रही है।

ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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