एक नई सोच, एक नई धारा

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झारखंड कैबिनेट का बड़ा फैसला: 40 प्रस्तावों पर लगी मुहर, शिक्षा और कर्मचारी कल्याण पर सरकार का जोर

रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के विकास और जनहित से जुड़े कुल 40 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इस बैठक में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने से लेकर सरकारी कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान तक कई दूरगामी निर्णय लिए गए हैं।

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शिक्षा क्षेत्र को बड़ी सौगात: 276 करोड़ से चमकेंगे पुस्तकालय

​राज्य सरकार ने युवाओं और विद्यार्थियों को बेहतर अध्ययन संसाधन उपलब्ध कराने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट ने राज्य के 23 जिलों में अत्याधुनिक पुस्तकालयों के निर्माण और वहां पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 276 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की है।

​इसके साथ ही उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए:

  • एसएस मेमोरियल कॉलेज, रांची: नए भवन के लिए 48 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति।
  • जेएल कॉलेज, चक्रधरपुर: नए भवन निर्माण के लिए 88 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।

सरकारी कर्मचारियों के लिए ‘शिकायत निवारण नियमावली 2026’

​सरकारी कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों की सेवा संबंधी शिकायतों के त्वरित निष्पादन के लिए सरकार ने ‘झारखंड सरकारी सेवक शिकायत निवारण नियमावली 2026’ के गठन को हरी झंडी दे दी है।

  • ​अब कर्मचारियों को अपनी समस्याओं या सेवांत लाभ (Retirement benefits) के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे।
  • ​इसके तहत विभिन्न स्तरों पर समितियों का गठन होगा, जो निर्धारित समय सीमा के भीतर पारदर्शी तरीके से शिकायतों का निपटारा करेंगी। इसमें अपीलीय अधिकारियों की नियुक्ति का भी प्रावधान है।

जनगणना 2027 की तैयारी शुरू

​कैबिनेट सचिव वंदना डाडेल ने जानकारी दी कि Census of India 2027 की तैयारियों को देखते हुए राज्य, जिला और नगर निगम स्तर पर आउटसोर्सिंग कर्मियों की नियुक्ति के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई है। इससे आगामी जनगणना कार्य को सुचारु रूप से संपन्न कराने में मदद मिलेगी।

निष्कर्ष

​आज की कैबिनेट बैठक के निर्णय स्पष्ट करते हैं कि सरकार का फोकस राज्य की शैक्षणिक नींव को मजबूत करने के साथ-साथ प्रशासनिक सुधारों के जरिए सरकारी सेवा को और अधिक पारदर्शी और कर्मचारी-हितैषी बनाने पर है।

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गम्हरिया: रेलवे ट्रैक के पास क्षत-विक्षत अवस्था में मिला अज्ञात व्यक्ति का शव, जांच में जुटी पुलिस

गम्हरिया। सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना अंतर्गत रेलवे ट्रैक के समीप आज एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों ने सुबह ट्रैक के किनारे शव पड़ा देख इसकी सूचना तत्काल गम्हरिया थाना पुलिस को दी।

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शव की स्थिति और पुलिस की कार्रवाई

सूचना मिलते ही गम्हरिया पुलिस मौके पर पहुँची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मृतक की स्थिति काफी भयावह थी; उसका एक पैर शरीर से अलग हो चुका था और शरीर के कई अन्य हिस्से भी पूरी तरह क्षत-विक्षत हो गए थे।

ट्रेन की चपेट में आने की आशंका

शव की अब तक शिनाख्त नहीं हो पाई है। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच और शव की स्थिति को देखते हुए यह आशंका जताई जा रही है कि व्यक्ति किसी चलती ट्रेन की चपेट में आ गया होगा, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

हर पहलू पर जांच जारी

हालांकि, पुलिस इसे महज एक दुर्घटना मानकर शांत नहीं बैठी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। शिनाख्त के लिए आसपास के गांवों और थानों में सूचना भेज दी गई है ताकि मृतक की पहचान सुनिश्चित की जा सके।

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जमशेदपुर: बागबेड़ा में बंद घर का ताला तोड़ लाखों के जेवरात और नकदी की चोरी, परिवार गया था धनबाद

जमशेदपुर: शहर में चोरों के हौसले बुलंद हैं। ताजा मामला बागबेड़ा थाना क्षेत्र के रोड नंबर 3 का है, जहाँ बुधवार की रात चोरों ने एक बंद घर को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये के जेवरात और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। घटना के समय घर के सभी सदस्य धनबाद गए हुए थे।

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खाली घर का चोरों ने उठाया फायदा

​मिली जानकारी के अनुसार, रोड नंबर 3 निवासी एस.के.एल. दास का परिवार दो-तीन दिन पहले किसी काम से धनबाद गया था। घर की देखरेख की जिम्मेदारी शंकर सिंह नामक व्यक्ति पर थी, जो रोज रात में वहां सोने के लिए आते थे। बुधवार रात शंकर सिंह किसी निजी काम से गोविंदपुर चले गए थे, जिसके कारण घर पूरी तरह खाली था। चोरों ने इसी सूनेपन का फायदा उठाया और घर का ताला तोड़कर अंदर दाखिल हो गए।

सुबह खुला चोरी का राज

​घटना का खुलासा गुरुवार सुबह करीब 7:30 बजे हुआ जब शंकर सिंह वापस बागबेड़ा पहुंचे। उन्होंने देखा कि मुख्य दरवाजे का ताला टूटा हुआ है। अंदर से कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने तुरंत गृहस्वामी को फोन कर घटना की जानकारी दी।

लाखों के गहने और नकदी पार

​परिजनों के अनुसार, अलमारी का लॉकर तोड़कर चोरों ने निम्नलिखित सामान चोरी कर लिया है:

  • एक जोड़ी चांदी की पायल
  • 10 चांदी के सिक्के
  • चांदी की बिछिया
  • लाखों रुपये के अन्य सोने-चांदी के जेवरात
  • 5 हजार रुपये नकद

पुलिस को दी गई सूचना

​घटना की जानकारी मिलने के बाद बागबेड़ा थाना पुलिस को सूचित कर दिया गया है। पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है और आस-पास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि चोरों का सुराग लगाया जा सके। स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

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जमशेदपुर: नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी के 22 छात्रों का दिग्गज कंपनी CEAT में चयन, मिला आकर्षक पैकेज

जमशेदपुर: शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में कोल्हान का नाम एक बार फिर गर्व से ऊंचा हुआ है। जमशेदपुर स्थित नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी (NSU) के 22 प्रतिभावान छात्रों ने देश की प्रतिष्ठित टायर निर्माता कंपनी CEAT लिमिटेड में अपनी जगह पक्की कर ली है। यूनिवर्सिटी के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल द्वारा आयोजित कैंपस ड्राइव के माध्यम से इन छात्रों का चयन गुजरात स्थित कंपनी के प्लांट के लिए किया गया है।

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कड़े मानदंडों के बाद मिली सफलता

​कैंपस सिलेक्शन की इस प्रक्रिया में मुख्य रूप से मैकेनिकल इंजीनियरिंग (ME) और इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग (EEE) विभाग के छात्रों ने हिस्सा लिया था। तकनीकी साक्षात्कार और कड़े चयन मानदंडों के विभिन्न चरणों को सफलतापूर्वक पार करने के बाद इन 22 छात्रों को 2.4 लाख रुपये प्रति वर्ष के शुरुआती आकर्षक पैकेज पर नियुक्त किया गया है।

कुलाधिपति और कुलपति ने दी बधाई

​इस बड़ी उपलब्धि पर यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति श्री मदन मोहन सिंह ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा:

​”विद्यार्थियों की यह सफलता यूनिवर्सिटी की शैक्षणिक गुणवत्ता और उनके कौशल विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। हमारा निरंतर प्रयास है कि झारखंड के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंपनियों में करियर बनाने का मौका मिले।”

​वहीं, यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. प्रभात कुमार पाणि ने छात्रों की कड़ी मेहनत और तकनीकी विशेषज्ञता की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्लेसमेंट सेल लगातार बड़ी औद्योगिक इकाइयों के संपर्क में है ताकि छात्रों को पढ़ाई पूरी करते ही एक बेहतर प्लेटफॉर्म मिल सके।

छात्रों और अभिभावकों में उत्साह

​चयनित सभी 22 छात्र जल्द ही गुजरात के प्लांट में अपनी नई जिम्मेदारी संभालने के लिए रवाना होंगे। इस सफलता से न केवल छात्र उत्साहित हैं, बल्कि पूरे विश्वविद्यालय परिसर और अभिभावकों में भी खुशी का माहौल है। शिक्षकों के सही मार्गदर्शन और छात्रों के कौशल ने इस कैंपस ड्राइव को सफल बनाया है।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

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जमशेदपुर: जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, मारपीट और लाखों की लूट; परसुडीह थाने में मामला दर्ज

जमशेदपुर: लौहनगरी के परसुडीह थाना क्षेत्र में जमीन विवाद और आपसी रंजिश को लेकर एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। घाघीडीह निवासी अमित कुमार ने दादी बगान के आनंद कुमार और उनके साथियों पर मारपीट, जेवरात की लूट और परिवार को बदनाम करने के लिए झूठी अफवाहें फैलाने का गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है।

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बीच सड़क पर हमला और जेवरात की लूट

​पीड़ित अमित कुमार द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, घटना सोमवार दोपहर की है जब वह अपने बेटे के साथ सरायकेला रजिस्ट्री कार्यालय जा रहे थे। आरोप है कि साईं कॉम्प्लेक्स के पास आनंद कुमार ने अपने 4-5 साथियों के साथ उन्हें रोका और गाली-गलौज शुरू कर दी।

  • ​विरोध करने पर आरोपियों ने अमित कुमार और उनके बेटे के साथ जमकर मारपीट की।
  • ​आरोप है कि इस दौरान हमलावरों ने उनके गले से सोने की चेन और ब्रेसलेट छीन लिए।
  • ​हमले में उनकी गाड़ी को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया।

बेटे को बदनाम करने के लिए फैलाई ‘ड्रग्स स्कैंडल’ की अफवाह

​अमित कुमार ने आवेदन में बताया कि मारपीट से पहले उन्हें कई परिचितों के फोन आए। उन्हें बताया गया कि आनंद कुमार यह झूठ फैला रहा है कि अमित के बेटे को कदमा पुलिस ने ड्रग्स स्कैंडल में पकड़ा था और उसे 5 लाख रुपये देकर छुड़वाया गया है। पीड़ित का कहना है कि यह उन्हें ब्लैकमेल करने और सामाजिक रूप से बदनाम करने की एक सोची-समझी साजिश है।

60 लाख का गबन और अवैध कब्जे का आरोप

​शिकायत में जमीन और संपत्ति से जुड़े कई अन्य गंभीर खुलासे भी किए गए हैं:

  1. पैसों की हेराफेरी: पीड़ित का आरोप है कि आनंद कुमार ने उनके 60 लाख रुपये लेकर एक जमीन खरीदी थी, जिसका एग्रीमेंट अमित के पास है, लेकिन अब वह रजिस्ट्री करने से मुकर रहा है।
  2. बिजली बिल और अवैध कब्जा: आरोप है कि आनंद ने उनके घर पर अवैध कब्जा कर रखा है और 16 हजार रुपये बिजली बिल बकाया होने के बावजूद अपनी पत्नी के नाम पर नया कनेक्शन ले लिया है।
  3. कानूनी नोटिस: घर खाली करने के लिए अमित कुमार पहले ही वकील के माध्यम से नोटिस भेज चुके हैं।

पुलिस की जांच शुरू

​अमित कुमार ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर उनके लूटे गए जेवरात बरामद किए जाएं और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। परसुडीह थाना पुलिस ने लिखित शिकायत प्राप्त कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

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ईरान-इजराइल युद्ध के बीच भारत में LPG संकट? पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने संसद में दिया बड़ा बयान

नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में बढ़ते तनाव और युद्ध की स्थितियों ने वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और गैस की सप्लाई को प्रभावित किया है। भारत में गहराते एलपीजी (LPG) संकट की खबरों के बीच विपक्षी दलों ने लोकसभा में सरकार को घेरा। इसके जवाब में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया कि देश में गैस की कोई किल्लत नहीं है और सरकार किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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“घबराने की जरूरत नहीं, देश में पर्याप्त स्टॉक”

​लोकसभा में विपक्ष के हंगामे और ‘एपस्टीन’ के नारों के बीच हरदीप पुरी ने कहा कि देश के 33 करोड़ परिवारों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा:

  • सप्लाई सुरक्षित: भारत में क्रूड ऑयल और सीएनजी (CNG) की सप्लाई 100% जारी है।
  • विकल्प तैयार: ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ मार्ग प्रभावित होने के बावजूद भारत ने प्रधानमंत्री की कूटनीति के चलते वैकल्पिक रास्तों से उतना ही क्रूड हासिल किया है, जितना पहले मिलता था।
  • नये स्रोत: भारत अब कनाडा, नॉर्वे और रूस जैसे देशों से भी ईंधन खरीद रहा है।

होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) का संकट

​ईरान और इजराइल के बीच जंग के कारण होर्मुज स्ट्रेट (समुद्री रास्ता) से होने वाली आवाजाही 20% तक प्रभावित हुई है। भारत अपनी जरूरत का 60% LPG विदेशों (UAE, कतर, सऊदी अरब, कुवैत) से आयात करता है, जो इसी रास्ते से आता है। युद्ध के कारण यहाँ जहाजों की संख्या 153 से घटकर महज 13 रह गई है, जिससे वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ा है।

बुकिंग के बदले नियम: कालाबाजारी पर रोक

​सरकार ने पैनिक बुकिंग और कालाबाजारी को रोकने के लिए ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1995’ लागू कर दिया है। बुकिंग के नए नियम इस प्रकार हैं:

  • शहरी क्षेत्र: दूसरा सिलेंडर 25 दिनों के बाद बुक किया जा सकेगा।
  • ग्रामीण क्षेत्र: दूसरा सिलेंडर 45 दिनों के बाद बुक हो पाएगा।

आंकड़ों में भारत की ऊर्जा स्थिति

विवरणआंकड़े
सालाना खपत33 मिलियन मीट्रिक टन (लगभग 235 करोड़ सिलेंडर)
दैनिक खपतकरीब 64 लाख सिलेंडर
LPG उत्पादन में वृद्धि28% (घरेलू स्तर पर)
बफर स्टॉक (रिपोर्ट्स के अनुसार)लगभग 10 दिन

विपक्ष का हंगामा और कार्यवाही स्थगित

​मंत्री के बयान के दौरान विपक्ष ने जमकर नारेबाजी की। विपक्षी सदस्यों के व्यवहार और हंगामे को देखते हुए लोकसभा की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा। सरकार का दावा है कि तीन मंत्रियों की विशेष कमेटी हालात पर चौबीसों घंटे नजर रख रही है और वैकल्पिक ईंधन चैनलों को एक्टिवेट कर दिया गया है।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

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जमशेदपुर: जुगसलाई ट्रैफिक पुलिस का बुलेट के पटाखों पर प्रहार, मॉडिफाइड साइलेंसर के खिलाफ विशेष अभियान

जमशेदपुर: शहर की सड़कों पर शोर मचाते और नियमों की धज्जियां उड़ाते वाहन चालकों पर अब जुगसलाई ट्रैफिक पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सड़क सुरक्षा और ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा एक विशेष जांच अभियान चलाया गया, जिसमें मुख्य रूप से मॉडिफाइड साइलेंसर वाले वाहनों को निशाना बनाया गया।

नियमों के विरुद्ध साइलेंसर पर सख्त कार्रवाई

​जांच के दौरान जुगसलाई क्षेत्र में दर्जनों दोपहिया वाहनों को रोका गया। कई बाइक सवारों ने अपनी गाड़ियों में अवैध रूप से साइलेंसर बदलवा रखे थे, जिनसे कानफोड़ू आवाजें निकल रही थीं। ट्रैफिक पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए:

  • ​नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों का भारी चालान काटा।
  • ​अवैध रूप से लगाए गए मॉडिफाइड साइलेंसरों को मौके पर ही जब्त किया।

बुजुर्गों और मरीजों की परेशानी को देखते हुए कदम

​ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इन मॉडिफाइड साइलेंसरों से निकलने वाली तेज आवाज और ‘पटाखों’ की गूंज से आम नागरिकों को भारी असुविधा होती है। विशेषकर बुजुर्गों, हृदय रोगियों और बच्चों के लिए यह शोर स्वास्थ्य संबंधी जोखिम पैदा करता है। यह मोटर वाहन अधिनियम के तहत भी एक गंभीर अपराध है।

​”भविष्य में भी इस तरह के विशेष अभियान निरंतर जारी रहेंगे। हम शहर की शांति भंग करने वालों और नियमों का उल्लंघन करने वालों को कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।”

ट्रैफिक पुलिस अधिकारी

पुलिस की अपील: शांति और सुरक्षा में करें सहयोग

​अभियान के दौरान पुलिस ने युवाओं और वाहन चालकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों में किसी भी प्रकार का अवैध मॉडिफिकेशन न करवाएं। ट्रैफिक विभाग ने साफ किया कि सुरक्षित यातायात व्यवस्था और शहर में शांति बनाए रखने के लिए नियमों का पालन करना अनिवार्य है।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

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कोडरमा: 15 हजार की रिश्वत लेते दारोगा गिरफ्तार, सरकारी क्वार्टर में ACB ने दी दबिश

कोडरमा/डेस्क: झारखंड के कोडरमा जिले से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी खबर सामने आ रही है। गुरुवार को हजारीबाग स्थित भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम ने चंदवारा थाना में तैनात दारोगा पवन कुमार राम को 15,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से पूरे जिला पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

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सरकारी आवास में चल रहा था ‘रिश्वत का खेल’

​हैरानी की बात यह है कि दारोगा पवन कुमार राम इतने बेखौफ थे कि वह रिश्वत की यह रकम थाना परिसर के अंदर स्थित अपने सरकारी क्वार्टर में ही ले रहे थे। एसीबी की टीम ने पूरी योजना के साथ दबिश दी और जैसे ही दारोगा ने केमिकल लगे नोटों की पहली किस्त थामी, पहले से घात लगाकर बैठी टीम ने उन्हें दबोच लिया।

क्या है पूरा मामला?

​मिली जानकारी के अनुसार, यह मामला चंदवारा थाना क्षेत्र में दर्ज अवैध शराब से जुड़ी एक प्राथमिकी से संबंधित है।

  • साजिश: इस केस में फंसे आरोपी पक्ष को राहत देने और मामले को रफा-दफा (मैनेज) करने के नाम पर दारोगा द्वारा मोटी रकम की मांग की जा रही थी।
  • डिमांड: बताया जा रहा है कि शुरुआत में केस मैनेज करने के बदले 1 लाख रुपये मांगे गए थे, जिससे पीड़ित पक्ष काफी दबाव में था।

JKLM नेता की शिकायत पर बिछाया गया जाल

​जब भ्रष्टाचार की मांग हद से बढ़ गई, तो पीड़ित पक्ष ने इसकी जानकारी JKLM नेता प्रेम नायक को दी। प्रेम नायक की पहल पर हजारीबाग एसीबी कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई। एसीबी ने मामले का गुप्त सत्यापन किया और शिकायत सही पाए जाने पर गुरुवार को जाल बिछाकर दारोगा को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस महकमे में खलबली, आरोपी को ले गई टीम

​गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम दारोगा पवन कुमार राम को अपने साथ हजारीबाग ले गई है। वहाँ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उनसे पूछताछ की जा रही है। इस अचानक हुई कार्रवाई के बाद कोडरमा पुलिस के कई अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी सहमे हुए हैं।

ACB की अपील: “भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाएं”

​कार्रवाई के बाद एसीबी अधिकारियों ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि जनता का शोषण करने वाले किसी भी सरकारी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी सेवक काम के बदले पैसे की मांग करता है, तो डरे नहीं और तुरंत एसीबी को सूचित करें।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

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जमशेदपुर: टाटानगर स्टेशन के पास हथियार के साथ युवक गिरफ्तार, पुलिस ने नाकाम की बड़ी साजिश

जमशेदपुर/डेस्क: लौहनगरी में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में जमशेदपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। बिष्टुपुर थाना पुलिस ने टाटानगर रेलवे स्टेशन के समीप घेराबंदी कर एक युवक को अवैध हथियार के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस संबंध में गुरुवार को सिटी एसपी कुमार शिवाशीष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विस्तृत जानकारी साझा की।

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गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई

​पुलिस के अनुसार, 11 मार्च 2026 को वरीय पुलिस अधिकारियों को गुप्त सूचना मिली थी कि टाटानगर स्टेशन के आसपास एक संदिग्ध युवक अवैध हथियार के साथ घूम रहा है और किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश और सिटी एसपी के मार्गदर्शन में बिष्टुपुर थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया।

तलाशी में मिला पिस्टल और कारतूस

​स्टेशन क्षेत्र में छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक युवक को संदिग्ध अवस्था में पाया। पुलिस को देखते ही उसने भागने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने उसे धर दबोचा। तलाशी लेने पर उसके पास से निम्नलिखित सामान बरामद हुआ:

  • 01 अवैध पिस्टल
  • 01 जिंदा कारतूस
  • 01 बैग

आरोपी की पहचान और आपराधिक इतिहास

​गिरफ्तार आरोपी की पहचान आकाश गोराई उर्फ छोटू (24 वर्ष) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से सोनारी थाना क्षेत्र के मंदिर रोड का निवासी है और वर्तमान में सोनारी के ही मिलन नगर (बी ब्लॉक) में रह रहा था। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि आरोपी हथियार लेकर स्टेशन क्यों पहुंचा था और उसका अगला टारगेट कौन था।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला

​इस घटना को लेकर बिष्टुपुर थाना में कांड संख्या 19/2026 दर्ज की गई है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-B)a/26/35 के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।

छापेमारी टीम में शामिल सदस्य:

सफल छापेमारी दल में बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक कुमार दुबे, पुलिस अवर निरीक्षक प्रकाश कुमार पांडेय, सहायक अवर निरीक्षक सरत कोरर, सुशील कुमार मिश्रा और सहदेव उरांव समेत अन्य पुलिसकर्मी मुख्य रूप से शामिल थे।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

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माता-पिता की टेंशन खत्म! बच्चों के लिए आ रहा है WhatsApp का ‘Parent-Managed Accounts’ फीचर, ऐसे करेगा काम

जमशेदपुर/डेस्क: आज के डिजिटल युग में व्हाट्सएप (WhatsApp) संवाद का सबसे बड़ा माध्यम बन चुका है। बड़ों से लेकर बच्चों तक, हर कोई इस इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल कर रहा है। लेकिन, इंटरनेट की इस दुनिया में बच्चों तक पहुंचने वाला ‘अनुचित कंटेंट’ हमेशा माता-पिता के लिए चिंता का विषय रहा है। इसी समस्या का समाधान निकालते हुए मेटा (Meta) अब ‘Parent-Managed Accounts’ नाम का एक क्रांतिकारी फीचर लेकर आ रहा है।

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क्या है ‘Parent-Managed Accounts’ फीचर?

​यह विशेष फीचर 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए डिजाइन किया गया है। इसके जरिए माता-पिता अपने बच्चों के व्हाट्सएप अकाउंट पर पूर्ण नियंत्रण (Full Control) रख सकेंगे। मेटा का उद्देश्य बच्चों के लिए एक सुरक्षित डिजिटल वातावरण तैयार करना है, जहाँ वे केवल सीमित और सुरक्षित दायरे में ही बातचीत कर सकें।

कैसे काम करेगा यह सुरक्षा कवच?

  • सीमित संपर्क: इस फीचर के सक्रिय होने पर बच्चे केवल उन्हीं लोगों से चैट या वॉयस कॉल कर पाएंगे, जिनका नंबर फोन में सेव होगा। कोई भी अनजान व्यक्ति उनसे संपर्क नहीं कर सकेगा।
  • रियल-टाइम मॉनिटरिंग: माता-पिता देख पाएंगे कि उनका बच्चा किससे और कब बात कर रहा है।
  • इंस्टेंट नोटिफिकेशन: अगर बच्चा किसी नए कॉन्टैक्ट को सेव करता है, किसी को ब्लॉक या रिपोर्ट करता है, तो उसका तुरंत नोटिफिकेशन माता-पिता के फोन पर जाएगा।

बच्चों को नहीं मिलेंगे ये ‘एडवांस’ फीचर्स

​सुरक्षा की दृष्टि से, बच्चों वाले अकाउंट में कुछ फीचर्स को प्रतिबंधित रखा जाएगा:

  1. व्हाट्सएप स्टेटस (Status Update)
  2. व्हाट्सएप चैनल (Channels)
  3. मेटा एआई (Meta AI)
  4. डिसअपीयरिंग मैसेजेस (Disappearing Messages)

स्टेप-बाय-स्टेप: कैसे सेट करें यह फीचर?

​इस फीचर को सेटअप करना बेहद आसान है, बस इन चरणों का पालन करना होगा:

  1. अकाउंट लिंकिंग: माता-पिता को अपने और बच्चे के फोन को पास रखकर QR कोड स्कैन करना होगा।
  2. उम्र का सत्यापन: रजिस्ट्रेशन के दौरान बच्चे की जन्म तिथि दर्ज करनी होगी।
  3. ऑटो-चेक: यदि बच्चे की उम्र 13 वर्ष से अधिक पाई जाती है, तो यह फीचर काम नहीं करेगा और अकाउंट सामान्य मोड में चलेगा।

निष्कर्ष:

व्हाट्सएप का यह कदम उन अभिभावकों के लिए बड़ी राहत है जो बच्चों को तकनीक से जोड़ना तो चाहते हैं, लेकिन उनकी प्राइवेसी और सुरक्षा को लेकर डरे रहते हैं। जल्द ही यह अपडेट सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध होगा।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

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