एक नई सोच, एक नई धारा

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जमशेदपुर: नामदा बस्ती में खूनी संघर्ष, सगे भतीजे पर चाकू से हमला करने वाला चाचा गिरफ्तार, भेजा गया जेल

जमशेदपुर: शहर के गोलमुरी थाना क्षेत्र अंतर्गत नामदा बस्ती में हुई चाकूबाजी की सनसनीखेज वारदात में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पारिवारिक विवाद और पुरानी रंजिश के कारण हुए इस जानलेवा हमले में घायल युवक का इलाज फिलहाल अस्पताल में जारी है।

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क्या है पूरा मामला?

​यह घटना 12 मार्च की है, जब नामदा बस्ती निवासी ऋषि तिवारी पर अचानक चाकू से हमला किया गया। हमले में ऋषि गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे आनन-फानन में टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) में भर्ती कराया गया।

  • आरोपी की पहचान: पुलिस ने इस मामले में नामजद आरोपी भागीरथ तिवारी उर्फ लोटन तिवारी को गिरफ्तार किया है।
  • रिश्ते का कत्ल: चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी भागीरथ तिवारी घायल ऋषि तिवारी का सगा चाचा बताया जा रहा है।

पुरानी रंजिश और पारिवारिक विवाद

​पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि चाचा और भतीजे के बीच लंबे समय से पारिवारिक विवाद और पुरानी रंजिश चल रही थी। इसी खुन्नस में आकर आरोपी ने ऋषि पर जानलेवा हमला कर दिया। घटना के बाद घायल के परिजन डेजी तिवारी (डेजी देवी) ने गोलमुरी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।

पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी

​शिकायत मिलते ही गोलमुरी पुलिस सक्रिय हुई और छापेमारी कर आरोपी को धर दबोचा।

  1. हथियार बरामद: पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद कर लिया है।
  2. न्यायिक हिरासत: आवश्यक कानूनी कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद पुलिस ने आरोपी भागीरथ तिवारी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

वर्तमान स्थिति

​घायल ऋषि तिवारी की हालत अभी स्थिर बताई जा रही है और TMH में उनका इलाज विशेषज्ञों की देखरेख में चल रहा है। पुलिस मामले के अन्य पहलुओं की भी गहराई से जांच कर रही है ताकि विवाद की मुख्य जड़ तक पहुँचा जा सके।

तीसरी धारा न्यूज के लिए गोलमुरी से रिपोर्ट।

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चक्रधरपुर: निर्माणाधीन पुलिया बनी काल, बाइक सवार युवक की गिरकर मौत; ठेका कंपनी पर लापरवाही का आरोप

चक्रधरपुर / रामगोपाल जेना: चक्रधरपुर के उलीडीह से चार मोड़ तक बन रही सड़क पर बीती रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। लावजोड़ा के समीप बन रही एक निर्माणाधीन पुलिया में गिरने से एक बाइक सवार युवक की जान चली गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और ठेका कंपनी की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

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रात के अंधेरे में हुआ हादसा

​मृतक की पहचान खरसावां के पिताकलांग गांव निवासी शिवशंकर प्रधान के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, शिवशंकर बीती रात अपनी बाइक से जा रहे थे, तभी लावजोड़ा के पास सड़क निर्माण के तहत बन रही अधूरी पुलिया में उनकी बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। रात का अंधेरा होने और पुलिया के पास कोई संकेत न होने के कारण उन्हें गड्ढे का अंदाजा नहीं मिल सका।

बैरिकेडिंग न होने से गई जान

​स्थानीय ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि निर्माणाधीन स्थल पर ठेका कंपनी ने सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए थे।

  • लापरवाही: पुलिया के चारों ओर न तो कोई बैरिकेडिंग की गई थी और न ही रात में चमकने वाले रेडियम संकेत लगाए गए थे।
  • माहौल: घटना की सूचना मिलते ही टोकलो थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ठेका कंपनी के मैनेजर को पूछताछ के लिए तलब किया है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया: मुआवजे की मांग

​झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेता अर्जुन मुंडा ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने घटनास्थल का संज्ञान लेते हुए सीधे तौर पर निर्माण कंपनी को इस मौत का जिम्मेदार ठहराया।

​”बिना बैरिकेडिंग और सुरक्षा मानकों के कार्य करना ठेका कंपनी की बड़ी लापरवाही है। इसी वजह से एक निर्दोष युवक की जान गई है। हमारी मांग है कि कंपनी मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा राशि तुरंत प्रदान करे।” — अर्जुन मुंडा, झामुमो नेता

जनता में आक्रोश

​उलीडीह-चार मोड़ सड़क पर चल रहे निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी से स्थानीय लोग डरे हुए हैं। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए, तो यह सड़क ‘डेथ ट्रैप’ (मौत का जाल) साबित हो सकती है।

तीसरी धारा न्यूज के लिए चक्रधरपुर से रिपोर्ट।

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एक्सक्लूसिव: समंदर में भारत की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, मोदी-ईरान की सीक्रेट डील ने पलटी बाजी; अब नहीं होगी रसोई गैस की किल्लत

नई दिल्ली/जमशेदपुर: भारत के करोड़ों परिवारों के लिए एक ऐसी राहत भरी खबर आई है, जिसका इंतजार पिछले दो हफ्तों से पूरा देश कर रहा था। मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में जारी तनाव और ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ की नाकेबंदी के बीच भारत ने अपनी कूटनीतिक ताकत के दम पर रसोई गैस (LPG) के संकट को टाल दिया है। भारत के दो विशालकाय गैस टैंकर, ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’, मौत के साये को मात देकर सुरक्षित भारतीय बंदरगाहों की ओर बढ़ रहे हैं।

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कैसे हुआ यह ‘चमत्कार’? मोदी-ईरान की गुप्त कूटनीति

​जब ईरान ने ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को पूरी दुनिया के लिए लगभग बंद कर दिया था और दुनिया के विकसित देशों के जहाज वहां फंसे हुए थे, तब भारत के जहाजों का सुरक्षित निकलना वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।

  • सेफ पैसेज (Safe Passage): सूत्रों के अनुसार, नई दिल्ली और तेहरान के बीच एक उच्च-स्तरीय गोपनीय समझौता हुआ है। संवेदनशील मामला होने के कारण अधिकारी मौन हैं, लेकिन हकीकत यह है कि भारतीय जहाजों को विशेष रूप से ‘सुरक्षित रास्ता’ दिया गया है।
  • तिरंगे की धमक: दोनों जहाजों ने अपने AIS सिस्टम (लोकेशन ट्रैकर) पर स्पष्ट संदेश दिया है कि ये ‘भारत सरकार के जहाज’ हैं। युद्ध क्षेत्र में भारतीय तिरंगे की यह पहचान सुरक्षा कवच बन गई।

गैस संकट पर लगेगा विराम: शिवालिक और नंदा देवी की घर वापसी

​भारत अपनी जरूरत का लगभग 90% एलपीजी मिडिल ईस्ट से आयात करता है। जंग के कारण सप्लाई चेन टूटने से देश में सिलेंडर की किल्लत शुरू हो गई थी।

  1. शिवालिक: शिप-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, यह जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार कर चुका है।
  2. नंदा देवी: यह जहाज भी कतर के रास लफान से एलपीजी लोड कर तेजी से भारत की ओर आ रहा है।
  3. अगले हफ्ते राहत: अगले सप्ताह इन जहाजों के भारत पहुंचने के साथ ही रसोई गैस की सप्लाई फिर से सुचारू हो जाएगी।

एनर्जी सिक्योरिटी: दुश्मन भी रह गए दंग

​मिसाइलों और इलेक्ट्रॉनिक दखलंदाजी के खतरे के बीच भारत ने न सिर्फ अपने जहाजों को निकाला, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि एलपीजी से लदे अन्य जहाजों की कतार भी सुरक्षित बाहर आए। यह मिशन भारत की ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) और वैश्विक मंच पर बढ़ते प्रभाव का प्रतीक है।

क्या सस्ता होगा गैस सिलेंडर?

​सप्लाई पटरी पर लौटने के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि बाजार में गैस की किल्लत खत्म होगी और कीमतों पर भी लगाम लगेगी। सरकार लगातार ईरान और अन्य खाड़ी देशों के संपर्क में है ताकि भविष्य में ऊर्जा आपूर्ति बाधित न हो।

तीसरी धारा न्यूज डेस्क की विशेष रिपोर्ट।

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चक्रधरपुर नगर परिषद: उपाध्यक्ष पद के लिए पूजा गिरी ने ठोंकी ताल, प्रलोभन की चर्चाओं से गर्माया सियासी माहौल

चक्रधरपुर: चक्रधरपुर नगर परिषद में उपाध्यक्ष (Vice Chairman) पद के चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुँच गई है। शनिवार को वार्ड पार्षद पूजा गिरी ने विधिवत अपना नामांकन दाखिल कर चुनावी मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।

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नामांकन प्रक्रिया: महिला पार्षदों का मिला साथ

​पूजा गिरी के नामांकन में महिला सशक्तिकरण और एकजुटता की झलक देखने को मिली। नामांकन के दौरान मुख्य रूप से दो महिला पार्षदों ने उनका साथ दिया:

  • प्रस्तावक: वार्ड संख्या 11 की पार्षद एस. पुष्पा लता
  • समर्थक: वार्ड संख्या 15 की पार्षद सुनीति बाग

​स्वर्गीय कमलदेव गिरी की छोटी बहन होने के नाते पूजा गिरी को स्थानीय स्तर पर काफी जनसमर्थन मिल रहा है और राजनीतिक गलियारों में उन्हें इस पद के लिए प्रबल दावेदार माना जा रहा है।

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चर्चाओं का बाजार गर्म: कैश और ‘गोवा ट्रिप’ के प्रलोभन?

​नामांकन के साथ ही इस चुनाव में शुचिता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। सूत्रों के हवाले से सियासी गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि वोट बैंक को प्रभावित करने के लिए ‘मनी पावर’ का इस्तेमाल किया जा रहा है।

  • कथित प्रलोभन: चर्चा है कि कुछ पूंजीपति पार्षदों को अपनी ओर करने के लिए 10 लाख रुपये नकद और 5 दिनों की गोवा यात्रा जैसे ऑफर दे रहे हैं।
  • अपुष्ट दावे: हालांकि, इन चर्चाओं की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसने निष्पक्ष चुनाव की प्रक्रिया पर सवालिया निशान जरूर लगा दिए हैं।

अब सबकी नजरें मतदान पर

​नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब गेंद पार्षदों के पाले में है। चक्रधरपुर की जनता और राजनीतिक विश्लेषक अब मतदान की तिथि और उसके बाद आने वाले परिणामों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। क्या पूजा गिरी अपनी लोकप्रियता के दम पर जीत हासिल करेंगी या ‘प्रलोभन की राजनीति’ हावी होगी, यह आने वाला वक्त ही बताएगा।

तीसरी धारा न्यूज के लिए चक्रधरपुर से ब्यूरो रिपोर्ट।

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जमशेदपुर: बर्मामाइन्स में ‘डिफेंस’ लिखी तेज रफ्तार कार ने 3 वर्षीय मासूम को रौंदा, इलाज के दौरान मौत

जमशेदपुर: शहर के बर्मामाइन्स थाना क्षेत्र में शनिवार को एक रोंगटे खड़े कर देने वाला सड़क हादसा हुआ। खालसा स्कूल के समीप एक अनियंत्रित कार ने खेल रहे 3 वर्षीय मासूम बच्चे को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद गंभीर अवस्था में बच्चे को अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ उसने दम तोड़ दिया।

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हादसे का विवरण: कार के नीचे कुचला मासूम

​प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शनिवार को खालसा स्कूल के पास सड़क पर अफरा-तफरी मच गई जब एक तेज रफ्तार कार ने छोटे बच्चे को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बच्चा कार के नीचे आ गया और बुरी तरह कुचल गया।

  • वाहन की पहचान: चश्मदीदों ने बताया कि दुर्घटना को अंजाम देने वाली कार पर ‘डिफेंस’ (Defense) लिखा हुआ था।
  • तत्काल सहायता: स्थानीय लोगों ने फुर्ती दिखाते हुए लहूलुहान बच्चे को तुरंत टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) पहुँचाया।

अस्पताल में टूटा दुखों का पहाड़

​TMH में डॉक्टरों की टीम ने बच्चे को बचाने की हर संभव कोशिश की, लेकिन चोटें इतनी गंभीर थीं कि इलाज के दौरान मासूम ने दम तोड़ दिया। मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। अस्पताल परिसर में माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है, जिसे देख वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।

पुलिस की कार्रवाई और जन-आक्रोश

​घटना की सूचना मिलते ही बर्मामाइन्स थाना पुलिस मौके पर पहुँची और जांच शुरू की। पुलिस आसपास के CCTV फुटेज खंगाल रही है ताकि ‘डिफेंस’ लिखी उस कार और उसके चालक की सटीक पहचान की जा सके।

​स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि रिहायशी इलाकों और स्कूल के पास वाहनों की रफ्तार पर अंकुश न होना ऐसी घटनाओं का मुख्य कारण है। पुलिस ने मामले में उचित कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

तीसरी धारा न्यूज के लिए बर्मामाइन्स से विशेष रिपोर्ट।

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आदित्यपुर: दिनदहाड़े इलेक्ट्रॉनिक्स दुकान पर अंधाधुंध फायरिंग, पुरानी रंजिश में बाल-बाल बचा कर्मचारी

आदित्यपुर: जमशेदपुर से सटे सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना क्षेत्र में शनिवार दोपहर अपराधियों ने दुस्साहस का परिचय देते हुए फायरिंग की घटना को अंजाम दिया। चुना भट्टी स्थित ‘संजय इलेक्ट्रॉनिक्स’ नामक दुकान पर हुई इस वारदात से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

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दोपहर 1:30 बजे का तांडव

​चश्मदीदों के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब 1:30 बजे दो बाइकों पर सवार चार युवक दुकान के पास पहुंचे। सभी ने अपने चेहरे गमछे से ढके हुए थे। दुकान में घुसते ही उन्होंने ताबड़तोड़ तीन राउंड फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई इस गोलीबारी से बाजार में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागे।

टेबल के पीछे छिपकर बचाई जान

​घटना के वक्त दुकान में मौजूद कर्मचारी रवि कुमार अपराधियों का मुख्य निशाना था। रवि ने बताया:

​”मैं दुकान में काम कर रहा था, तभी चार युवक आए और सीधा मुझ पर गोली चला दी। मैंने फुर्ती दिखाते हुए तुरंत काउंटर टेबल के पीछे छिपकर अपनी जान बचाई, वरना बड़ी अनहोनी हो सकती थी।”

पुरानी रंजिश की आशंका

​प्रारंभिक जांच और रवि कुमार के बयान के अनुसार, इस हमले के पीछे पुरानी रंजिश की बात सामने आ रही है। कुछ दिन पहले हरिओम नगर में एक पार्टी के दौरान रवि की ऋषि, सानू, अमन और साहिल सोनकर नामक युवकों के साथ झड़प हुई थी। शक जताया जा रहा है कि उसी विवाद का बदला लेने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया गया है।

पुलिस की कार्रवाई

​सूचना मिलते ही आदित्यपुर थाना पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर वहां से गोली के खोखे बरामद किए हैं।

  • CCTV खंगाल रही पुलिस: अपराधियों की पहचान के लिए दुकान और आसपास के रास्तों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज निकाले जा रहे हैं।
  • छापेमारी जारी: नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

तीसरी धारा न्यूज के लिए आदित्यपुर से विशेष रिपोर्ट।

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जमशेदपुर: सैरात बाजारों के अस्तित्व और किराए पर छिड़ा संग्राम, 7700 दुकानदार समाधान की आस में

जमशेदपुर: लौहनगरी की व्यापारिक रीढ़ माने जाने वाले सैरात बाजार इन दिनों एक बार फिर सुर्खियों में हैं। शहर की पहचान बन चुके इन 115 साल पुराने बाजारों में किराए की विसंगतियों और प्रबंधन के बदलाव ने हजारों व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है। टाटा स्टील से प्रबंधन का जिम्मा जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (JNAC) के पास आने के बाद से यह विवाद गहराता जा रहा है।

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क्या है सैरात बाजार का गणित?

​जमशेदपुर में सरकारी जमीन पर बनी दुकानों को ‘सैरात’ कहा जाता है, जिनका मालिकाना हक नगर निकाय के पास होता है। व्यापारी यहां दशकों से लाइसेंस या किराए पर व्यापार कर रहे हैं।

  • कुल क्षेत्रफल: लगभग 52.73 एकड़ जमीन।
  • कुल दुकानें: 10 प्रमुख बाजारों में 7,700 से अधिक दुकानें।
  • सबसे बड़ा केंद्र: साकची बाजार (अकेले 47% दुकानें यहीं स्थित हैं)।

प्रमुख बाजारों में दुकानों की स्थिति:

बाजार का नामदुकानों की संख्या
साकची बाजार3,644
बिष्टुपुर बाजार1,640
बारीडीह606
कदमा567
गोलमुरी347
अन्य (बर्मामाइंस, सिदगोड़ा, आदि)लगभग 900+

विवाद की जड़: प्रबंधन और किराया वृद्धि

​दशकों तक इन बाजारों का प्रबंधन टाटा स्टील के लैंड डिपार्टमेंट के पास था। लेकिन अप्रैल 2022 में कंपनी द्वारा एनओसी (NOC) जारी किए जाने के बाद यह पूरी तरह जेएनएसी के नियंत्रण में आ गया।

मुख्य कारण:

  1. राजस्व का लक्ष्य: सरकार का तर्क है कि इन व्यावसायिक संपत्तियों से होने वाली आय नगर निकाय को मिलनी चाहिए, ताकि शहर के बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं का विकास हो सके।
  2. नया किराया ढांचा: जेएनएसी द्वारा प्रस्तावित नए किराए के ढांचे का व्यापारी विरोध कर रहे हैं। उनका मानना है कि यह वृद्धि अव्यावहारिक है और छोटे दुकानदारों पर भारी बोझ डालेगी।

वर्तमान स्थिति

​फिलहाल प्रशासन और राज्य सरकार के बीच इस मामले को लेकर मंथन जारी है। अधिकारियों का कहना है कि वे एक “संतुलित समाधान” तलाश रहे हैं, जिससे नगर निकाय का राजस्व भी बढ़े और पुराने व्यापारियों का हित भी सुरक्षित रहे। हालांकि, जब तक कोई ठोस नीति नहीं बनती, तब तक इन ऐतिहासिक बाजारों के भविष्य पर संशय के बादल मंडराते रहेंगे।

तीसरी धारा न्यूज के लिए जमशेदपुर से रिपोर्ट।

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सावधान! LPG संकट के बीच सक्रिय हुए साइबर ठग: ‘गैस बुकिंग’ के नाम पर खाली हो रहे बैंक खाते

जमशेदपुर/देश: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और एलपीजी की संभावित किल्लत की खबरों के बीच अब साइबर अपराधियों ने ठगी का नया ‘LPG मॉडल’ तैयार किया है। आम आदमी की घबराहट का फायदा उठाकर ये ठग गैस एजेंसी के कर्मचारी बनकर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं।

दिल्ली पुलिस ने जारी किया अलर्ट: ऐसे बुना जा रहा है जाल

​हाल ही में दिल्ली पुलिस (@DelhiPolice) ने एक जागरूकता वीडियो साझा कर जनता को इस नए खतरे से आगाह किया है। ठगी का तरीका बेहद शातिर है:

  1. डराना: ठग फोन करके कहता है कि “ईरान युद्ध के कारण गैस की भारी कमी होने वाली है।”
  2. जल्दबाजी: वह चेतावनी देता है कि “अगर अभी बुक नहीं किया, तो आपके कोटे का सिलेंडर किसी और को दे दिया जाएगा।”
  3. फर्जी लिंक: घबराहट में आए व्यक्ति को व्हाट्सएप या मैसेज पर एक संदिग्ध लिंक भेजा जाता है और बैंक डिटेल्स भरने को कहा जाता है।

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त की चेतावनी

​इस मामले पर अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राजीव रंजन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे किसी भी अनऑथराइज्ड लिंक पर क्लिक करना आपके बैंक खाते को खाली कर सकता है। उन्होंने कहा कि इन कॉल्स का एकमात्र मकसद अफवाह फैलाकर लोगों की गाढ़ी कमाई लूटना है।

महत्वपूर्ण नोट: गैस एजेंसियां कभी भी फोन पर आपसे बैंक विवरण या ओटीपी (OTP) की मांग नहीं करती हैं।

ठगी से बचने के लिए क्या करें?

  • अनजान कॉल पर भरोसा न करें: अगर कोई खुद को गैस एजेंसी का बताकर डराए, तो तुरंत फोन काट दें।
  • लिंक पर क्लिक न करें: एसएमएस या व्हाट्सएप पर आए किसी भी संदिग्ध लिंक को न खोलें।
  • आधिकारिक ऐप का उपयोग: गैस बुकिंग के लिए हमेशा संबंधित कंपनी के आधिकारिक ऐप (जैसे- Indane, HP Pay, या Bharatgas) या उनकी वेबसाइट का ही उपयोग करें।

यहाँ करें शिकायत (Helpdesk)

​यदि आपके साथ ऐसी कोई घटना होती है या कोई संदिग्ध कॉल आता है, तो घबराएं नहीं:

  • हेल्पलाइन नंबर: तुरंत 1930 पर कॉल करें।
  • ऑनलाइन पोर्टल: www.cybercrime.gov.in पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।

तीसरी धारा न्यूज की अपील: सतर्क रहें, सुरक्षित रहें। अफवाहों पर ध्यान न दें और अपनी बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें।

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योग को केवल एक दिन का उत्सव न बनाएं, इसे जीवनशैली में अपनाएं: डॉ. रमेश कुमार

जमशेदपुर: आगामी 21 जून 2026 को देशभर में मनाए जाने वाले 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में श्रीनाथ यूनिवर्सिटी के योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. रमेश कुमार ने क्षेत्रवासियों से एक विशेष अपील की है। उन्होंने कहा कि योग को केवल एक दिन के प्रतीकात्मक कार्यक्रम तक सीमित न रखकर इसे दैनिक जीवन का अनिवार्य हिस्सा बनाना समय की मांग है।

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स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के बीच योग एक ‘सुरक्षा कवच’

​क्षेत्र की वर्तमान स्थिति पर चर्चा करते हुए डॉ. कुमार ने बताया कि स्थानीय स्तर पर आज भी उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है। गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लोगों को अक्सर रांची या पटना जैसे बड़े शहरों की दौड़ लगानी पड़ती है। ऐसी परिस्थिति में योग एक सशक्त माध्यम सिद्ध हो सकता है, जो लोगों को न केवल बीमारियों से दूर रखता है बल्कि एक स्वस्थ जीवन का आधार भी तैयार करता है।

दवाइयों पर निर्भरता और बिना डॉक्टरी सलाह के सेवन पर चिंता

​डॉ. रमेश कुमार ने आम जनमानस की आदतों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि लोग अक्सर छोटी-मोटी शारीरिक समस्याओं के लिए बिना किसी विशेषज्ञ की सलाह के सीधे दवा दुकानों से दवाइयां ले लेते हैं। यह प्रवृत्ति शरीर के लिए घातक हो सकती है। उन्होंने कहा:

​”योग एक प्राकृतिक और सुरक्षित विकल्प है। यह न केवल शरीर को निरोग रखता है, बल्कि मन और आत्मा में भी संतुलन स्थापित करता है।”

नियमितता का महत्व: गुड़ के स्वाद जैसा अनुभव

​योग के लाभों को समझाते हुए उन्होंने एक सटीक उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार गुड़ का असली स्वाद उसे खाकर ही पता चलता है, उसी प्रकार योग के वास्तविक लाभों का अनुभव केवल इसे नियमित रूप से करने पर ही मिल सकता है। महज सुनने या पढ़ने से इसके फायदे महसूस नहीं किए जा सकते।

आम लोगों के लिए डॉ. रमेश कुमार के सुझाव:

  • समय का प्रबंधन: यदि सुबह समय न मिले, तो शाम को योगाभ्यास के लिए वक्त निकालें।
  • नियमितता: सप्ताह में कम से कम 4 से 5 दिन योग का अभ्यास जरूर करें।
  • आर्थिक लाभ: नियमित योग से दवाइयों पर होने वाले अनावश्यक खर्चों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
  • विशेषज्ञ की सलाह: सही मार्गदर्शन के लिए क्षेत्रीय योग प्रशिक्षकों या केंद्रों की सहायता लें।

निष्कर्ष:

डॉ. कुमार ने सभी से यह संकल्प लेने का आग्रह किया कि योग को वार्षिक उत्सव के बजाय ‘जीवन का उत्सव’ बनाएं। नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ रहने के साथ-साथ मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होता है।

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सरायकेला: गैस सिलेंडरों से लदा ट्रक पलटा, सड़क पर बिखरे दर्जनों सिलेंडर; मची अफरा-तफरी

सरायकेला-खरसावां: एक ओर जहां देश के कई हिस्सों में गैस की किल्लत की खबरें सुर्खियां बटोर रही हैं, वहीं झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले से एक बड़ी दुर्घटना की खबर सामने आई है। यहाँ गैस सिलेंडरों से लदा एक ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।

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कैसे हुआ हादसा?

​घटना शुक्रवार सुबह करीब सात बजे की है। इंडियन गैस (Indian Gas) के सिलेंडरों से लदा एक ट्रक चांडिल की ओर से नीमडीह की दिशा में जा रहा था। टाटा–पुरुलिया–धनबाद मुख्य मार्ग पर स्थित लुपुंगडीह गांव के पास ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। बताया जा रहा है कि चालक को अचानक झपकी आने के कारण वाहन पर से उसका संतुलन बिगड़ गया।

सिलेंडरों की वजह से दहशत का माहौल

​ट्रक पलटते ही उसमें लदे दर्जनों गैस सिलेंडर सड़क पर लुढ़कने लगे। सड़क किनारे गैस सिलेंडरों का अंबार देख ग्रामीणों में दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों को डर था कि यदि किसी भी सिलेंडर में रिसाव हुआ या विस्फोट हुआ, तो यह एक बड़ी त्रासदी का रूप ले सकता है। इसी डर की वजह से लोग कुछ देर तक घटनास्थल के पास जाने से कतराते रहे।

चालक सुरक्षित, पुलिस ने संभाला मोर्चा

​राहत की बात यह है कि इस भीषण दुर्घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। ट्रक चालक ने सूझबूझ दिखाई और समय रहते सुरक्षित बाहर निकल आया।

​ग्रामीणों की सूचना पर नीमडीह थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से निम्नलिखित कदम उठाए:

  • ​घटनास्थल के चारों ओर घेराबंदी कर लोगों को दूर हटाया गया।
  • ​दुर्घटनाग्रस्त ट्रक और सभी सिलेंडरों को अपने कब्जे में लिया।
  • ​गैस रिसाव जैसी किसी भी अनहोनी की जांच सुनिश्चित की।

​फिलहाल, पुलिस की मौजूदगी में स्थिति नियंत्रण में है और क्रेन की मदद से ट्रक को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

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