एक नई सोच, एक नई धारा

1002532466
Income Tax Rules 2026: 1 अप्रैल से बदल जाएंगे आयकर के नियम, HRA और कैपिटल गेन्स पर होगा सीधा असर

जमशेदपुर/नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने ‘इनकम टैक्स रूल्स 2026’ को अधिसूचित कर दिया है। ये नए नियम 1 अप्रैल 2026 (वित्त वर्ष 2026-27) से प्रभावी होंगे, जिनका असर जुलाई 2027 में भरे जाने वाले ITR पर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य टैक्स सिस्टम में पारदर्शिता लाना और टैक्स चोरी पर लगाम लगाना है।

1002532466

प्रमुख बदलाव जो आपको प्रभावित करेंगे:

1. बड़े शहरों में रहने वालों को HRA में बड़ी राहत

सैलरीड क्लास के लिए अब हाउस रेंट अलाउंस (HRA) के नियमों को और अधिक स्पष्ट किया गया है। अब देश के 8 प्रमुख शहरों (दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद, पुणे, अहमदाबाद और बेंगलुरु) में रहने वाले कर्मचारियों को उनके वेतन के 50% तक HRA छूट मिल सकेगी। अन्य शहरों के लिए यह सीमा 40% निर्धारित की गई है।

2. मकान मालिक से रिश्ता बताना हुआ अनिवार्य

टैक्स चोरी रोकने के लिए सरकार ने पारदर्शिता बढ़ा दी है। अब टैक्सपेयर्स को फॉर्म 124 में यह खुलासा करना होगा कि उनका मकान मालिक के साथ क्या संबंध है। हालांकि, HRA छूट की गणना अभी भी प्राप्त वास्तविक HRA, चुकाया गया किराया (सैलरी का 10%) और सैलरी के 40/50% में से जो भी कम हो, उसी आधार पर होगी।

3. स्टॉक मार्केट के लिए कड़े अनुपालन नियम

शेयर बाजार और डेरिवेटिव ट्रेडिंग (F&O) में लेनदेन करने वालों के लिए अब डेटा सुरक्षा और रिपोर्टिंग के नियम सख्त होंगे:

  • ​एक्सचेंजों के लिए ग्राहकों का PAN और यूनिक क्लाइंट आईडी कैप्चर करना अनिवार्य होगा।
  • ​सभी लेनदेन का ऑडिट ट्रेल अब 7 साल तक सुरक्षित रखना होगा।
  • ​हर महीने की 15 तारीख तक आयकर विभाग को मासिक विवरण जमा करना अनिवार्य होगा।

4. कैपिटल गेन्स और होल्डिंग पीरियड पर स्पष्टता

संपत्ति बेचने पर लगने वाले टैक्स (Capital Gains) की गणना के लिए ‘होल्डिंग पीरियड’ के नियम साफ किए गए हैं। यदि आपने बॉन्ड को शेयर में बदला है, तो समय की गणना मूल बॉन्ड खरीदने की तारीख से होगी। वहीं, IDS 2016 के तहत घोषित अचल संपत्ति के लिए होल्डिंग पीरियड रजिस्टर्ड डीड की तारीख से माना जाएगा।

विशेषज्ञ की राय: सरकार का यह कदम टैक्स सिस्टम को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा निवेश है। हालांकि, इससे टैक्सपेयर्स और कंपनियों के लिए कागजी कार्रवाई (कॉम्प्लायंस) का बोझ थोड़ा बढ़ सकता है, लेकिन इससे नियमों की उलझनें कम होंगी।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज

1002532449
डिजिटल महाप्रलय का खतरा: मिडिल ईस्ट की जंग में अब निशाने पर समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबलें, भारत भी रडार पर

नई दिल्ली/जमशेदपुर। मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में छिड़ी जंग अब सिर्फ मिसाइलों और तेल के कुओं तक सीमित नहीं रह गई है। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने अब दुनिया की ‘डिजिटल लाइफलाइन’ पर संकट खड़ा कर दिया है। ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, समुद्र के नीचे बिछी उन फाइबर ऑप्टिक केबलों पर हमले का खतरा बढ़ गया है, जिनके जरिए पूरी दुनिया का इंटरनेट और बैंकिंग सिस्टम चलता है।

1002532449

दो ‘डेथ जोन’ बने सबसे बड़ा खतरा

​इंटरनेट डेटा के इस महाजाल के लिए दो इलाके सबसे संवेदनशील और खतरे में हैं:

  1. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज: यहाँ समुद्र की गहराई महज 200 फीट है, जिससे केबलों को नुकसान पहुँचाना आसान है।
  2. बाब अल-मंडेब (लाल सागर): यहाँ ईरान समर्थित हूथी विद्रोही लगातार जहाजों को निशाना बना रहे हैं।

भारत के लिए क्यों है चिंता की बात?

​भारत का अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट कनेक्शन इन्हीं समुद्री रास्तों पर टिका है। हॉर्मुज और लाल सागर के रास्ते AEAE-1, फाल्कन, गल्फ ब्रिज इंटरनेशनल और टाटा टीजीएन गल्फ जैसी प्रमुख केबलें गुजरती हैं। अगर इन केबलों को नुकसान पहुँचता है, तो भारत में इंटरनेट की गति और कनेक्टिविटी पूरी तरह चरमरा सकती है।

क्या-क्या हो सकता है ठप?

​विशेषज्ञों के अनुसार, इन केबलों पर हमले का मतलब सिर्फ स्लो इंटरनेट नहीं, बल्कि एक ‘डिजिटल ब्लैकआउट’ होगा:

  • बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट: अंतरराष्ट्रीय ट्रांजैक्शन और यूपीआई (UPI) सेवाओं पर असर पड़ेगा।
  • AI और डेटा सेंटर्स: गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और अमेजॉन के बड़े डेटा सेंटर इन्हीं केबलों से जुड़े हैं।
  • ऑनलाइन कामकाज: वीडियो कॉल, ईमेल और क्लाउड सेवाएं पूरी तरह बाधित हो सकती हैं।
  • वैश्विक अर्थव्यवस्था: पूरी दुनिया की डिजिटल इकोनॉमी इन समुद्री केबलों पर टिकी है।

समुद्र के नीचे बिछी है ‘सुरंगें’

​दावा किया जा रहा है कि हॉर्मुज के इलाके में समुद्र के अंदर संदिग्ध गतिविधियां बढ़ गई हैं। लाल सागर में 17 और हॉर्मुज में 3 बड़ी केबलें मौजूद हैं, जो एशिया, यूरोप और अफ्रीका को जोड़ती हैं। अगर यहाँ कोई बड़ा विस्फोट या तोड़फोड़ होती है, तो उसे ठीक करने में हफ्तों लग सकते हैं, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को खरबों डॉलर का नुकसान होगा।

ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

1002532442
ईरान-इजरायल जंग की तपिश: दिल्ली में ₹2 महंगा हुआ प्रीमियम पेट्रोल, कच्चे तेल के दाम में भारी उछाल

नई दिल्ली/जमशेदपुर। पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के बादलों का असर अब भारतीय तेल बाजार में भी दिखने लगा है। एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद अब तेल कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल (Premium Petrol) के दामों में 2 रुपये प्रति लीटर का इजाफा कर दिया है।

1002532442

दिल्ली में ₹113 के पार पहुंची कीमत

​तेल कंपनियों द्वारा की गई इस बढ़ोतरी के बाद देश की राजधानी दिल्ली में प्रीमियम पेट्रोल की नई दरें इस प्रकार हैं:

  • नया रेट: 113.77 रुपये प्रति लीटर
  • पुराना रेट: 111.68 रुपये प्रति लीटर
  • साधारण पेट्रोल: राहत की बात यह है कि फिलहाल साधारण पेट्रोल की कीमत 94.72 रुपये पर स्थिर बनी हुई है।

क्यों बढ़ रहे हैं दाम?

​तेल कंपनियों के अनुसार, इस मूल्य वृद्धि के पीछे मुख्य रूप से दो अंतरराष्ट्रीय कारण हैं:

  1. होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में तनाव: ईरान और इजरायल के बीच जारी टकराव के कारण इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से तेल की सप्लाई बाधित होने की आशंका बढ़ गई है।
  2. ग्लोबल क्रूड में उछाल: शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 105 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है, जबकि भारतीय क्रूड बास्केट (Indian Crude Basket) भी 114 डॉलर के ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है।

महंगाई का दोहरा झटका

​जानकारों का मानना है कि प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि तो केवल शुरुआत है। यदि खाड़ी देशों में युद्ध की स्थिति और बिगड़ती है, तो आने वाले दिनों में साधारण पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर भी दबाव बढ़ सकता है। पिछले कुछ दिनों में रसोई गैस (LPG) की कीमतों में हुई बढ़ोतरी ने पहले ही मध्यम वर्गीय परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है।

नोट: यह खबर अभी अपडेट की जा रही है। नवीनतम जानकारी के लिए बने रहें ‘तीसरी धारा न्यूज’ के साथ।

ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

1002531856
ऐतिहासिक गिरावट: पहली बार 93 के पार पहुंचा डॉलर, रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर; बढ़ सकती है महंगाई

मुंबई/जमशेदपुर। भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए शुक्रवार का दिन करेंसी मार्केट से झटके वाली खबर लेकर आया। घरेलू शेयर बाजारों (सेंसेक्स और निफ्टी) में तेजी के बावजूद, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया अपने सर्वकालिक निचले स्तर पर गिर गया है। इतिहास में पहली बार रुपया 93 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया है।

1002531856

बाजार का ताजा आंकड़ा

​इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज के मुताबिक, रुपया डॉलर के मुकाबले 92.92 पर खुला और देखते ही देखते 93.08 के स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले बुधवार को यह 92.89 पर बंद हुआ था। गुरुवार को गुड़ी पड़वा के कारण बाजार बंद थे, लेकिन शुक्रवार को खुलते ही गिरावट का नया रिकॉर्ड बन गया।

क्यों टूट रहा है रुपया?

​विशेषज्ञों और ट्रेजरी हेड अनिल कुमार भंसाली के अनुसार, इस गिरावट के पीछे तीन मुख्य कारण हैं:

  1. विदेशी निवेशकों की बिकवाली: विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने मार्च महीने में अब तक स्थानीय शेयरों से 8 अरब डॉलर से ज्यादा की निकासी की है, जो जनवरी 2025 के बाद सबसे बड़ी बिकवाली है।
  2. कच्चे तेल में उछाल: वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता और सप्लाई चेन की चिंताओं ने स्थानीय मुद्रा पर दबाव बनाया है।
  3. डॉलर इंडेक्स की मजबूती: छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती मापने वाला इंडेक्स 0.17 प्रतिशत बढ़कर 100.25 पर पहुंच गया है।

आपकी जेब पर क्या होगा असर?

​रुपये की इस गिरावट का सीधा मतलब है कि भारत के लिए आयात (Import) महंगा हो जाएगा, जिससे ‘इंपोर्टेड महंगाई’ बढ़ेगी:

  • पेट्रोल-डीजल: कच्चा तेल महंगा होने से घरेलू बाजार में ईंधन की कीमतें बढ़ सकती हैं।
  • विदेशी पढ़ाई और यात्रा: विदेश में पढ़ाई कर रहे छात्रों का खर्च बढ़ेगा और फॉरेन ट्रिप महंगी हो जाएगी।
  • इलेक्ट्रॉनिक सामान: मोबाइल, लैपटॉप और अन्य विदेशी कलपुर्जे महंगे होने की संभावना है।

RBI पर टिकी नजरें

​बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान में केवल भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ही डॉलर बेचकर रुपये को और अधिक गिरने से बचा सकता है। हालांकि, ऊर्जा की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी भारत की आर्थिक वृद्धि (GDP) को प्रभावित कर सकती है और महंगाई दर को बढ़ा सकती है।

ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

1002531840
बड़ी खबर: केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी को जान से मारने की धमकी, व्हाट्सएप पर भेजा ‘किलिंग शेड्यूल’

नई दिल्ली / ब्यूरो। मोदी सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री और राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के प्रमुख जयंत चौधरी को जान से मारने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया है। सनसनीखेज बात यह है कि धमकी देने वाले शख्स के पास मंत्री का वह गोपनीय आधिकारिक शेड्यूल भी मौजूद है, जो केवल जिला प्रशासन और सुरक्षा अधिकारियों के पास होता है।

1002531840

PA के फोन पर आया मौत का संदेश

​जानकारी के अनुसार, यह धमकी जयंत चौधरी के निजी सहायक (PA) विश्वेंद्र शाह को फोन कॉल और व्हाट्सऐप मैसेज के जरिए दी गई है। आरोपी ने अपनी पहचान पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद निवासी “इस्माइल” के रूप में बताई है।

​विश्वेंद्र शाह ने बताया कि जब मंत्री जी संसद के लिए निकले थे, तब लगातार तीन-चार कॉल आए। फोन उठाने पर दूसरी तरफ से सीधे गोली मारने की धमकी दी गई। आरोपी ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए व्हाट्सएप पर एक फोटो देखने को कहा।

गोपनीय शेड्यूल लीक होने से सुरक्षा एजेंसियां हैरान

​मामला तब और गंभीर हो गया जब व्हाट्सएप पर आए फोटो में जयंत चौधरी के आगरा दौरे का आधिकारिक शेड्यूल पाया गया।

  • सुरक्षा में चूक: यह शेड्यूल केवल संबंधित जिले के आला अधिकारियों के पास होता है।
  • सीधी धमकी: शेड्यूल के साथ भेजी गई फोटो में स्पष्ट रूप से ‘गोली मारने’ की बात लिखी गई थी।
  • बंगाल कनेक्शन: बताया जा रहा है कि जयंत चौधरी हाल ही में बंगाल दौरे पर गए थे, जिसके बाद यह धमकी भरा कॉल आया है।

दिल्ली पुलिस ने दर्ज की FIR, जांच तेज

​इस गंभीर मामले की शिकायत दिल्ली के तुगलक रोड थाने में दर्ज कराई गई है। दिल्ली पुलिस ने आरोपी की लोकेशन ट्रेस करना शुरू कर दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी ‘इस्माइल’ की गिरफ्तारी के लिए पश्चिम बंगाल पुलिस से भी संपर्क साधा जा सकता है। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या यह किसी की शरारत है या इसके पीछे कोई गहरी बड़ी साजिश है।

​केंद्रीय मंत्री को मिली इस धमकी के बाद उनकी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है और अलर्ट जारी कर दिया गया है।

ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

1002529315
गैस की बढ़ती कीमतों के खिलाफ कांग्रेस का ‘अनोखा’ विरोध: नाली की गैस से चाय और पकौड़े बनाने का किया प्रयास

जमशेदपुर। रसोई गैस की बढ़ती कीमतों और किल्लत के खिलाफ पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी ने केंद्र की मोदी सरकार के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है। साकची स्थित ‘प्रेस क्लब ऑफ जमशेदपुर’ के समक्ष जिलाध्यक्ष परविंदर सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक अनोखा प्रदर्शन कर सरकार की नीतियों पर तीखा प्रहार किया।

1002529315

नाली के पाइप से गैस निकालने का ‘सत्यापन’

​प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नाली में पाइप लगाकर गैस निकालने और उससे चूल्हा जलाकर चाय-पकौड़े बनाने का प्रतीकात्मक प्रयास किया। जिलाध्यक्ष परविंदर सिंह ने तंज कसते हुए कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दावा किया था कि नाली की गैस से चूल्हा जल सकता है। आज जब गैस के दाम आसमान छू रहे हैं और आम जनता किल्लत से जूझ रही है, तो हमने उनके इसी ‘फॉर्मूले’ को आजमाने की कोशिश की, जो पूरी तरह मिथ्या साबित हुई।”

सरकार की नीतियों को बताया ‘छलावा’

​संबोधन के दौरान जिला अध्यक्ष ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि:

  • नोटबंदी: काला धन पकड़ने का दावा विफल रहा।
  • कोरोना काल: ताली और थाली बजवाकर जनता को गुमराह किया गया।
  • विदेशी नीति: सरकार हर मोर्चे पर विफल नजर आ रही है।

​सिंह ने आगे कहा कि देश की जनता ने तीन बार पूर्ण समर्थन देकर सरकार बनवाई, लेकिन बदले में उन्हें केवल महंगाई और छल मिला है। अब समय आ गया है कि जनता सजग हो और इस कुव्यवस्था से निजात पाए।

दिग्गज नेताओं की रही मौजूदगी

​इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। मुख्य रूप से प्रदेश महामंत्री विजय खान, कार्यकारी अध्यक्ष अवधेश सिंह, केके शुक्ला, जसवंत सिंह जस्सी, और कार्यालय प्रभारी संजय सिंह आजाद सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।

​महिलाओं की भागीदारी भी प्रमुख रही, जिसमें नलिनी सिन्हा, सुनीता ओझा, चंद्रावती पाल और अन्य ने बढ़ती रसोई गैस की कीमतों पर अपनी नाराजगी जाहिर की।

ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

1002529387
NIT जमशेदपुर के छात्र तेजावत मनोज कुमार ने रचा इतिहास: GATE 2026 में हासिल की ऑल इंडिया रैंक-1

जमशेदपुर। लौहनगरी स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) जमशेदपुर ने एक बार फिर राष्ट्रीय पटल पर अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता का लोहा मनवाया है। संस्थान के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के छात्र तेजावत मनोज कुमार ने गेट (GATE) 2026 की परीक्षा में पूरे देश में प्रथम स्थान (AIR 1) प्राप्त कर संस्थान और शहर का नाम रोशन किया है।

1002529387

100 में से 92 अंक और परफेक्ट स्कोर

​इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (EE) पेपर में शामिल हुए मनोज कुमार (रोल नंबर: 2021UGEE095) ने अपनी मेधा का परिचय देते हुए 100 में से 92 अंक अर्जित किए हैं। इस शानदार प्रदर्शन के साथ उन्होंने 1000 का अधिकतम GATE स्कोर प्राप्त किया, जो इंजीनियरिंग की इस कठिनतम परीक्षा में एक दुर्लभ उपलब्धि मानी जाती है।

निदेशक ने दी बधाई: संस्थान के लिए गर्व का क्षण

​एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. (डॉ.) गौतम सुत्रधार ने छात्र की इस सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने कहा, “यह असाधारण उपलब्धि पूरे संस्थान के लिए अत्यंत गर्व का विषय है। श्री मनोज कुमार की मेहनत और समर्पण एनआईटी जमशेदपुर की उच्च स्तरीय शिक्षा और वातावरण को दर्शाता है। मैं उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना करता हूँ।”

छात्रों के लिए बने प्रेरणा स्रोत

​मनोज कुमार की इस सफलता ने न केवल एनआईटी जमशेदपुर के छात्रों, बल्कि देश भर के इंजीनियरिंग परीक्षार्थियों के लिए प्रेरणा का एक नया मानक स्थापित किया है। संस्थान के शिक्षकों और सहपाठियों ने भी मनोज को इस ऐतिहासिक जीत पर बधाई दी है।

​यह उपलब्धि दर्शाती है कि सही मार्गदर्शन और कठोर परिश्रम से किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

1002206715
मजदूर मशीन नहीं इंसान हैं: 8 घंटे के कार्य पर पूर्ण वेतन के ऐतिहासिक फैसले का सुमन कारूवा ने किया स्वागत

सरायकेला-खरसावां। श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा की दिशा में सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) द्वारा दिए गए एक ऐतिहासिक फैसले का मानवाधिकार सहायता संघ (अंतर्राष्ट्रीय) ने पुरजोर समर्थन किया है। सरायकेला-खरसावां जिला महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष श्रीमती सुमन कारूवा ने इस निर्णय को श्रम जगत में एक नई क्रांति करार दिया है।

1002206715

क्या है फैसला?

​सुप्रीम कोर्ट के ताजा निर्देशानुसार, अब सभी फैक्ट्रियों और संस्थानों में कार्यरत मजदूरों को 12 से 16 घंटे तक काम कराने के बजाय, मानक 8 घंटे के कार्य दिवस के आधार पर ही पूरा वेतन देना अनिवार्य होगा। यह फैसला उन मजदूरों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जिन्हें लंबे समय तक काम करने के बावजूद उचित पारिश्रमिक के लिए संघर्ष करना पड़ता था।

“मजदूर मशीन नहीं, इंसान हैं”

​इस फैसले का स्वागत करते हुए श्रीमती सुमन कारूवा ने कहा, “मजदूर कोई निर्जीव मशीन नहीं, बल्कि एक हाड़-मांस का इंसान है। उसे भी आराम और अपने परिवार के साथ समय बिताने का अधिकार है। 12-16 घंटे काम लेना मानवाधिकारों का उल्लंघन है। कोर्ट के इस आदेश से मजदूरों के शोषण पर लगाम लगेगी और उनकी कार्यक्षमता के साथ-साथ जीवन स्तर में भी सुधार होगा।”

8 घंटे के कार्य दिवस का गौरवशाली इतिहास

​श्रीमती कारूवा ने इस दौरान श्रमिक अधिकारों के इतिहास पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि:

  • 1817: रॉबर्ट ओवेन ने सबसे पहले इस विचार को जन्म दिया था।
  • 1886 (अमेरिका): मजदूर संघों ने 8 घंटे की शिफ्ट के लिए जोरदार आंदोलन किया, जिसके परिणामस्वरूप 1 मई को ‘मजदूर दिवस’ के रूप में पहचान मिली।
  • 1914: हेनरी फोर्ड ने अपनी कंपनी में पहली बार इसे प्रभावी रूप से लागू किया था।
  • भारत: ‘द फैक्ट्री एक्ट’ के तहत कानूनी रूप से 8 घंटे की शिफ्ट निर्धारित है, जिसे अब सर्वोच्च न्यायालय ने और भी मजबूती प्रदान की है।

श्रमिकों में खुशी की लहर

​जिले के औद्योगिक क्षेत्रों में इस फैसले और श्रीमती कारूवा के समर्थन के बाद मजदूरों के बीच सकारात्मक माहौल देखा जा रहा है। मानवाधिकार सहायता संघ ने स्पष्ट किया है कि वे जमीनी स्तर पर यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी संस्थान में मजदूरों का आर्थिक या शारीरिक शोषण न हो।

ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

1002529069
टाटा मोटर्स में ऐतिहासिक वेतन समझौता: कर्मचारियों और परिजनों में उत्साह की लहर, यूनियन नेतृत्व का जताया आभार

जमशेदपुर (तीसरी धारा न्यूज):

1002529069

टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन द्वारा मजदूरों के हित में किए गए ऐतिहासिक वेज रिवीजन (वेतन समझौता) के बाद कर्मचारियों और उनके परिवारों में जश्न का माहौल है। इस समझौते को मजदूर एकता और बेहतर प्रबंधन-यूनियन समन्वय की जीत के रूप में देखा जा रहा है।

नेतृत्व पर अटूट विश्वास का परिणाम

​आज पूरे शहर और कंपनी परिसर में टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष शशि भूषण प्रसाद और महामंत्री आर.के. सिंह के प्रति कर्मचारियों ने अपना प्यार और अटूट विश्वास प्रकट किया। कर्मचारियों का कहना है कि यूनियन नेतृत्व ने उनकी मांगों को मजबूती से प्रबंधन के समक्ष रखा, जिसका सुखद परिणाम आज सबके सामने है।

कमेटी मेंबर संजीव रंजन ने दी बधाई

​कांग्रेस नेता सह कमेटी मेंबर संजीव रंजन ने इस समझौते पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि एक-एक कमेटी मेंबर और कर्मचारी साथियों की उम्मीदों को पूरा करने का काम किया गया है। उन्होंने कहा:

​”आज टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन का हर कर्मचारी और उनका परिवार हर्षोत्साहित है। अध्यक्ष शशि भूषण प्रसाद और महामंत्री आर.के. सिंह के कुशल नेतृत्व का ही परिणाम है कि कर्मचारियों की जायज मांगों को प्रबंधन के साथ मिलकर पूरा किया गया है। हम समस्त मजदूर साथियों की ओर से यूनियन नेतृत्व और प्रबंधन का हृदय से आभार व्यक्त करते हैं।”

मजदूर हित में बड़ा कदम

​इस नए समझौते से न केवल कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि टाटा मोटर्स में औद्योगिक शांति और बेहतर कार्य संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा। शहर के विभिन्न हिस्सों में कर्मचारियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर इस ऐतिहासिक निर्णय का स्वागत किया।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज डेस्क

1002528673
SNS इंडस्ट्रीज के मजदूर की मौत के बाद विधायक पूर्णिमा दास साहू की बड़ी पहल, परिजनों को मिलेगा 13 लाख मुआवजा और बेटे को नौकरी

जमशेदपुर (तीसरी धारा न्यूज):

टाटा स्टील के अंतर्गत कार्यरत वेंडर कंपनी SNS इंडस्ट्रीज में कार्यरत एक ठेका मजदूर की ड्यूटी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने और फिर अस्पताल में मौत होने का मामला प्रकाश में आया है। इस दुखद घटना के बाद बर्मामाइंस के भक्तिनगर निवासी मृतक मजदूर सत्य नारायण निषाद के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए जमशेदपुर पूर्व की विधायक श्रीमती पूर्णिमा दास साहू ने कड़ा रुख अपनाया, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।

1002528673

घटना का विवरण

​जानकारी के अनुसार, विगत मंगलवार को सत्य नारायण निषाद ‘बी’ शिफ्ट की ड्यूटी समाप्त कर कंपनी गेट से आउट पंच करके बाहर निकल रहे थे। इसी दौरान वे अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। कंपनी के सुरक्षाकर्मियों और अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें तत्काल टी.एम.एच (TMH) पहुँचाया, लेकिन दुर्भाग्यवश डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

विधायक की त्वरित कार्रवाई और प्रबंधन से वार्ता

​घटना की सूचना मिलते ही विधायक पूर्णिमा दास साहू ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने तत्काल SNS इंडस्ट्रीज के प्रबंधन से टेलीफोनिक वार्ता की और स्पष्ट शब्दों में मांग रखी कि मृतक के परिजनों को सम्मानजनक मुआवजा, आर्थिक सहयोग और भविष्य की सुरक्षा प्रदान की जाए।

बैठक में हुआ बड़ा फैसला: मुआवजा और नौकरी पर बनी सहमति

​विधायक के निर्देशन में आज भक्तिनगर, बर्मामाइंस में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में SNS इंडस्ट्रीज प्रबंधन के प्रतिनिधि, मृतक के परिजन, बस्तीवासी, पूर्व जिला अध्यक्ष रामबाबू तिवारी, और मंडल अध्यक्ष रितेश झा उपस्थित रहे।

1002528671

बैठक के मुख्य निर्णय:

  • 13 लाख रुपये की कुल सहायता राशि मृतक के परिजनों को प्रदान की जाएगी।
  • ​दाह संस्कार और श्राद्धकर्म के लिए तत्काल आर्थिक सहयोग दिया गया।
  • ​मृतक के पुत्र को SNS इंडस्ट्रीज में स्थायी नौकरी देने पर प्रबंधन ने सहमति जताई है।

क्षेत्र में विधायक की सराहना

​मजदूर की असामयिक मृत्यु से बस्ती में शोक की लहर थी, लेकिन विधायक की सक्रियता से पीड़ित परिवार को त्वरित न्याय मिलने पर बस्तीवासियों ने राहत की सांस ली है। स्थानीय नेताओं ने कहा कि विधायक के हस्तक्षेप के कारण ही प्रबंधन इतनी जल्दी सम्मानजनक मुआवजे के लिए तैयार हुआ।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज डेस्क

error: Content is protected !!