एक नई सोच, एक नई धारा

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सुप्रीम कोर्ट में गजब ड्रामा: ‘पत्नी को घर ले जाओ, खाना तो बनाएगी’, 325 रुपये की दिहाड़ी पर जज ने कंपनी की बुलाई शामत

नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी अदालत (सुप्रीम कोर्ट) के गलियारे शनिवार को एक ऐसे ड्रामे के गवाह बने, जिसने न्याय की तराजू पर ‘पति की फकीरी’ और ‘पत्नी के अधिकार’ की जंग को एक नया मोड़ दे दिया। मेंटेनेंस (गुजारा भत्ता) के एक मामले में पति के वकील ने जब मुवक्किल की कमाई का खुलासा किया, तो कोर्ट रूम में सन्नाटा पसर गया।

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कमाई ₹325 और मेंटेनेंस ₹10,000: कोर्ट का सख्त रुख

​’बार एंड बेंच’ की रिपोर्ट के अनुसार, पति के वकील ने दलील दी कि उसका मुवक्किल दिन के मात्र ₹325 कमाता है। वकील का इरादा कोर्ट से सहानुभूति बटोरना था, लेकिन दांव उल्टा पड़ गया। अदालत ने इस आंकड़े को ‘अविश्वसनीय’ बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया।

​जब कोर्ट ने ₹10,000 प्रति माह मेंटेनेंस देने का आदेश दिया, तो वकील ने हाथ खड़े कर दिए। इस पर जज ने बेहद तल्ख लेकिन व्यवहारिक टिप्पणी करते हुए कहा:

“अगर आप पैसे नहीं दे सकते, तो अपनी पत्नी को साथ घर ले जाइए। कम से कम वह आपके लिए खाना तो बनाएगी और बच्चों का ख्याल रखेगी।”

अब फंसी वो कंपनी, जो दे रही है इतनी कम सैलरी

​मामला तब और गंभीर हो गया जब पति के वकील ने हलफनामा देने की बात कही कि उनका मुवक्किल वाकई इतनी कम कमाई करता है। इस पर कोर्ट ने उस कंपनी को ही कटघरे में खड़ा करने के संकेत दिए हैं जहाँ पति कार्यरत है।

  • कोर्ट का सवाल: साल 2026 के दौर में कोई कंपनी अपने कर्मचारी को इतनी कम मजदूरी कैसे दे सकती है?
  • अगला कदम: कोर्ट अब कंपनी से जवाब मांगेगा कि क्या वह कर्मचारियों का शोषण कर रही है या फिर यह कोर्ट को गुमराह करने की कोई चाल है।

रिश्तों की कड़वाहट और कानूनी पेंच

​बहस के दौरान पति के वकील ने सफाई दी कि पत्नी ने पति के माता-पिता पर भी केस कर दिया है, जिससे रिश्ते में सुलह की गुंजाइश खत्म हो चुकी है। वहीं, जब कंपनी को बुलाने की बात हुई, तो वकील ने चुटकी लेते हुए कहा, “हुजूर, यह बाकी कर्मचारियों के लिए भी अच्छा होगा, शायद उनकी सैलरी बढ़ जाए।”

मुख्य बिंदु: एक नजर में

सवालजवाब
दावा की गई कमाई₹325 प्रतिदिन
कोर्ट का आदेश₹10,000 प्रति माह मेंटेनेंस
जज की टिप्पणी‘पैसे नहीं तो पत्नी को घर ले जाओ, खाना बनाएगी’
वर्तमान स्थितिफैसला सुरक्षित (Reserve), कंपनी से मांगा जा सकता है जवाब
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बड़ी खबर: तालिबान का दावा- अफगानिस्तान ने मार गिराया पाकिस्तान का लड़ाकू विमान, पायलट को बनाया बंदी

काबुल/इस्लामाबाद: डूरंड रेखा पर जारी तनाव अब एक पूर्ण सैन्य संघर्ष में बदलता नजर आ रहा है। अफगान मीडिया आउटलेट ‘टोलो न्यूज’ ने सुरक्षा सूत्रों के हवाले से एक सनसनीखेज दावा किया है कि तालिबान सेना ने नंगरहार प्रांत में पाकिस्तान के एक लड़ाकू विमान (Fighter Jet) को मार गिराया है।

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पायलट को जिंदा पकड़ने का दावा

​रिपोर्ट्स के मुताबिक, विमान गिरने के बाद पाकिस्तानी पायलट को तालिबान सैनिकों ने जिंदा पकड़ लिया है। हालांकि, अभी तक पकड़े गए पायलट के नाम या विमान के मॉडल की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि तालिबान ने इस आधुनिक जेट को किस हथियार (मिसाइल या एंटी-एयरक्राफ्ट गन) से निशाना बनाया।

तोर्खम बॉर्डर बना युद्ध का मैदान

​अफगान मीडिया और स्थानीय रिपोर्टरों के अनुसार, तोर्खम सीमा पर दोनों देशों की सेनाओं के बीच भीषण जंग छिड़ गई है।

  • हमले की तीव्रता: तोर्खम के कमिश्नर मुल्ला ताज मोहम्मद नक्शबंदी ने बताया कि अफगान सेना ने पाकिस्तानी सेना के सप्लाई डिपो, सैन्य ठिकानों और तीन महत्वपूर्ण टावरों को पूरी तरह तबाह कर दिया है।
  • बड़ा नुकसान: तालिबान का दावा है कि इन हमलों में पाकिस्तानी सैनिकों को जान-माल का भारी नुकसान हुआ है।

तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद का कड़ा रुख

​कंधार में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए तालिबान के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा:

​”पाकिस्तान में एक विशेष गुट पूरे इलाके को अस्थिर करने की साजिश रच रहा है। हमने कई बार बातचीत के जरिए मुद्दों को सुलझाने की कोशिश की, लेकिन इस्लामाबाद शांति नहीं चाहता। पाकिस्तान लगातार युद्ध के बहाने ढूंढ रहा है और अपने आंतरिक संकट का दोष अफगानिस्तान पर मढ़ रहा है।”

​मुजाहिद ने पुष्टि की कि अफगानिस्तान की एयर फोर्स ने पाकिस्तान के सैन्य केंद्रों को निशाना बनाया है। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि पाकिस्तानी विमान लगातार अफगानिस्तान की हवाई सीमा (Airspace) का उल्लंघन कर रहे थे।

क्यों भड़की यह आग?

​तनाव की शुरुआत तब हुई जब गुरुवार रात पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के काबुल, कंधार और पक्तिया प्रांतों में हवाई हमले किए थे। तालिबान ने इसे अपनी संप्रभुता पर हमला बताया और जवाबी कार्रवाई शुरू की।

क्षेत्रीय स्थिरता पर खतरा

​विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संघर्ष तुरंत नहीं रुका, तो यह पूरे दक्षिण एशिया की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच यह टकराव ऐसे समय में हो रहा है जब दोनों ही देश आर्थिक और आंतरिक सुरक्षा की चुनौतियों से जूझ रहे हैं।

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मिडिल ईस्ट में महायुद्ध की आहट: इजराइल और अमेरिका का ईरान पर भीषण मिसाइल हमला, तेहरान में हड़कंप

तेहरान/तेल अवीव: मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। शनिवार तड़के संयुक्त राज्य अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई रणनीतिक ठिकानों पर भीषण मिसाइल हमला किया है। इस हमले के बाद पूरे तेहरान में जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई, जिससे इलाके में भारी तनाव फैल गया है।

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राष्ट्रपति भवन के पास धमाके, सुरक्षित स्थान पर भेजे गए खामेनेई

​सूत्रों के मुताबिक, इस जवाबी कार्रवाई में ईरान के बेहद सुरक्षित माने जाने वाले ‘राष्ट्रपति भवन परिसर’ को भी निशाना बनाया गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ईरान के सर्वोच्च नेता, अयातुल्ला अली खामेनेई को आनन-फानन में किसी अज्ञात और सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है। यह हमला उस समय हुआ है जब तेहरान और वाशिंगटन के बीच पर्दे के पीछे राजनयिक बातचीत के प्रयास जारी थे।

इजराइल के रक्षा मंत्री का बड़ा बयान: ‘प्रीएम्प्टिव स्ट्राइक’ की शुरुआत

​तनावपूर्ण स्थिति के बीच इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल कैट्ज ने आधिकारिक घोषणा करते हुए इसे एक ‘प्रीएम्प्टिव स्ट्राइक’ (निवारक हमला) करार दिया है। कैट्ज ने कहा:

​”इजराइल के खिलाफ पैदा हो रहे खतरों को जड़ से मिटाने के लिए हमने ईरान पर सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है। हमें अंदेशा है कि इजराइल के नागरिकों पर जल्द ही मिसाइल और ड्रोन हमले हो सकते हैं, इसलिए पूरे देश में तत्काल प्रभाव से ‘स्पेशल इमरजेंसी’ लागू कर दी गई है।”

​रक्षा मंत्री ने ‘होम फ्रंट’ पर विशेष आदेशों पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसका अर्थ है कि इजराइल अब किसी भी बड़े जवाबी हमले के लिए पूरी तरह तैयार है।

बातचीत की मेज से युद्ध के मैदान तक: क्यों बिगड़े हालात?

​हैरानी की बात यह है कि फरवरी 2026 में अमेरिका और ईरान ने अपने पुराने विवादों को सुलझाने के लिए बातचीत की पहल की थी। दोनों देश एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध से बचना चाहते थे। लेकिन इजराइल इस बातचीत से संतुष्ट नहीं था।

  • इजराइल की मांग: किसी भी समझौते में ईरान का न्यूक्लियर फ्यूल बनाने का प्रोसेस रुकने के साथ-साथ उसकी न्यूक्लियर फैसिलिटी पूरी तरह खत्म होनी चाहिए।
  • मिसाइल प्रोग्राम पर विवाद: इजराइल ने अमेरिका पर दबाव बनाया था कि समझौते में ईरान के मिसाइल प्रोग्राम पर भी पाबंदी लगाई जाए।
  • ईरान का रुख: ईरान आर्थिक पाबंदियां हटने की शर्त पर न्यूक्लियर लिमिट्स पर तो विचार करने को तैयार था, लेकिन उसने अपने मिसाइल प्रोग्राम को समझौते का हिस्सा बनाने से साफ इनकार कर दिया था।

जून से ही सुलग रही थी चिंगारी

​बता दें कि जून 2026 में ही हालात तब बिगड़ने लगे थे जब अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरानी न्यूक्लियर साइट्स पर बमबारी की थी। ईरान ने पहले ही चेतावनी दी थी कि यदि उसके पड़ोसी देशों में स्थित अमेरिकी बेस का इस्तेमाल उसके खिलाफ हुआ, तो वह उन देशों और अमेरिकी ठिकानों पर भीषण पलटवार करेगा।

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नगर निकाय चुनाव: “जनता ने बैलेट पेपर से भाजपा के ‘ध्रुवीकरण’ को नकारा” – कांग्रेस नेता संजीव रंजन

जमशेदपुर/कोल्हान: झारखंड नगर निकाय चुनाव के परिणामों के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता संजीव रंजन ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसके सहयोगी दलों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इन परिणामों ने साबित कर दिया है कि झारखंड की जनता अब जाति और धर्म की राजनीति को स्वीकार करने के मूड में नहीं है।

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ईवीएम बनाम बैलेट पेपर पर तंज

​संजीव रंजन ने भाजपा की हार (विपक्षी दृष्टिकोण से) को बैलेट पेपर की जीत बताया। उन्होंने कहा:

“लगातार ईवीएम (EVM) से चुनाव कराने की मांग करने वाली भाजपा आज बैलेट पेपर से हुए इस चुनाव में चारों खाने चित हो गई है। जब जनता को निष्पक्ष माध्यम मिला, तो उन्होंने भाजपा और उसके सहयोगियों को सिरे से नकार दिया।”

काम और विकास की हुई जीत

​कांग्रेस नेता ने कोल्हान समेत पूरे झारखंड के चुनावी रुझानों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि भाजपा ने समाज को बांटने की कोशिश की, लेकिन जनता ने काम और विकास को प्राथमिकता दी। उन्होंने कोल्हान के परिणामों को भाजपा के लिए एक ‘सबक’ करार दिया।

बयान के मुख्य बिंदु:

  • जाति-धर्म की राजनीति विफल: संजीव रंजन के अनुसार, जनता ने ध्रुवीकरण की राजनीति को दरकिनार कर दिया है।
  • जनता का जवाब: निकाय चुनाव के परिणाम भाजपा की नीतियों के खिलाफ जन-आक्रोश हैं।
  • बधाई संदेश: उन्होंने कोल्हान और राज्य भर से विजयी हुए सभी प्रत्याशियों को जीत की शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि वे जनभावनाओं के अनुरूप विकास करेंगे।

राजनीतिक गलियारों में हलचल

​संजीव रंजन का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भाजपा कुछ क्षेत्रों में अपनी जीत का जश्न मना रही है (जैसे आदित्यपुर में संजय सरदार की जीत)। ऐसे में कांग्रेस नेता का यह प्रहार आने वाले दिनों में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग को और तेज कर सकता है।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज

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IPL 2026: फैंस को करना होगा थोड़ा और इंतज़ार, देरी से शुरू हो सकता है क्रिकेट का महाकुंभ

नई दिल्ली/मुंबई: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के आगाज़ का इंतज़ार कर रहे क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक बड़ी अपडेट सामने आ रही है। क्रिकबज की रिपोर्ट के अनुसार, टूर्नामेंट की शुरुआत में दो दिनों की देरी हो सकती है। जहाँ पहले इसके 26 मार्च से शुरू होने की संभावना थी, वहीं अब माना जा रहा है कि आईपीएल का 19वां सीजन 28 या 29 मार्च से शुरू होगा।

क्यों हो रही है देरी?

​दिसंबर में अबू धाबी में हुए मिनी ऑक्शन के बाद से ही 26 मार्च की तारीख चर्चा में थी, लेकिन अब इसमें बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। देरी का मुख्य कारण चार राज्यों (तमिलनाडु, केरल, असम और पश्चिम बंगाल) में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव बताए जा रहे हैं। बीसीसीआई (BCCI) सुरक्षा इंतजामों और चुनावी तारीखों के टकराव से बचने के लिए सावधानी बरत रहा है।

शेड्यूल को लेकर ‘दो भागों’ वाली रणनीति

​बीसीसीआई पर फ्रेंचाइजियों का दबाव बढ़ता जा रहा है, जिसके चलते बोर्ड एक विशेष रणनीति अपना सकता है:

  1. आंशिक शेड्यूल (Partial Schedule): मार्च के पहले सप्ताह में बीसीसीआई आईपीएल के शुरुआती मैचों का कार्यक्रम जारी कर सकता है।
  2. पूर्ण शेड्यूल (Full Schedule): चुनाव आयोग द्वारा विधानसभा चुनाव की तारीखों के आधिकारिक ऐलान के बाद, टूर्नामेंट के दूसरे हिस्से का कार्यक्रम घोषित किया जाएगा।

फ्रेंचाइजियों में अनौपचारिक चर्चा तेज़

​हालांकि अभी तक बीसीसीआई ने फ्रेंचाइजियों को कोई लिखित सूचना नहीं दी है, लेकिन टीमों के बीच अनौपचारिक तौर पर कार्यक्रम में बदलाव की चर्चा शुरू हो चुकी है। सबसे बड़ा सवाल अब भी बरकरार है कि क्या ओपनिंग की तारीख बढ़ने से फाइनल मुकाबले की तारीख को भी आगे बढ़ाया जाएगा या नहीं।

तीसरी धारा न्यूज की नज़र: मार्च के पहले सप्ताह में बीसीसीआई द्वारा आंशिक या अस्थायी कार्यक्रम जारी किए जाने की प्रबल संभावना है। क्रिकेट जगत की हर छोटी-बड़ी अपडेट के लिए जुड़े रहें हमारे साथ।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज

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आदित्यपुर नगर निगम: संजय सरदार की प्रचंड जीत, 7795 मतों के अंतर से झामुमो को दी पटखनी

आदित्यपुर: नगर निगम चुनाव के बहुप्रतीक्षित परिणामों ने शहर की राजनीतिक दिशा साफ कर दी है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समर्थित प्रत्याशी संजय सरदार ने एकतरफा मुकाबले में शानदार जीत हासिल की है। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) समर्थित प्रत्याशी भुगलू सोरेन को एक बड़े अंतर से पराजित कर भगवा परचम लहराया है।

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चुनावी आंकड़ों का गणित

​मतगणना के अंतिम आंकड़ों के अनुसार, यह मुकाबला पूरी तरह से संजय सरदार के पक्ष में नजर आया। आंकड़ों पर एक नजर:

प्रत्याशीपार्टी समर्थनप्राप्त मत
संजय सरदारभाजपा24,615
भुगलू सोरेनझामुमो16,820
जीत का अंतर7,795

यह विशाल अंतर क्षेत्र में भाजपा की मजबूत पकड़ और वर्तमान नेतृत्व पर जनता के भरोसे को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

“यह जनता और कार्यकर्ताओं की जीत है” – संजय सरदार

​अपनी जीत की आधिकारिक घोषणा के बाद नवनिर्वाचित प्रतिनिधि संजय सरदार ने अत्यंत विनम्रता दिखाई। उन्होंने इस सफलता का श्रेय आदित्यपुर की जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं को दिया।

​”यह मेरी व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि आदित्यपुर के प्रत्येक नागरिक की जीत है। भाजपा नेतृत्व ने मुझ पर जो विश्वास जताया है, मैं उसका पूरी ईमानदारी से निर्वहन करूँगा। मेरा प्राथमिक लक्ष्य नगर निगम क्षेत्र में रुके हुए विकास कार्यों को गति देना है।”

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विकास का नया रोडमैप

​संजय सरदार ने पदभार संभालने से पहले ही अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दी हैं। उन्होंने संकल्प लिया कि आने वाले समय में निम्नलिखित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा:

  • बुनियादी ढांचा: जर्जर सड़कों की मरम्मत और नई सड़कों का निर्माण।
  • जल निकासी: जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए ड्रेनेज सिस्टम में सुधार।
  • स्वच्छ पेयजल: हर घर तक शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करना।
  • पारदर्शिता: नगर निगम के कार्यों में भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी कार्यप्रणाली।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज

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BREAKING: कोलकाता में भूकंप के तेज झटके, रिक्टर स्केल पर 5.0 रही तीव्रता

कोलकाता | पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता और आसपास के इलाकों में आज दोपहर अचानक धरती कांपने से हड़कंप मच गया। दोपहर करीब 1:30 बजे आए भूकंप के तेज झटकों ने लोगों को दहशत में डाल दिया।

दफ्तरों और घरों से बाहर निकले लोग

​जैसे ही भूकंप के झटके महसूस किए गए, ऊंची इमारतों और रिहायशी सोसायटियों में रहने वाले लोग आनन-फानन में अपने घरों और दफ्तरों से बाहर खुले मैदान की ओर भागने लगे। कोलकाता के व्यस्त इलाकों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल देखा गया।

जान-माल के नुकसान की खबर नहीं

​राहत की बात यह है कि शुरुआती जानकारी के अनुसार, भूकंप के कारण अभी तक कहीं से भी किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान या बड़ी क्षति की खबर नहीं है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रहने को कहा गया है।

भूकंप की तीव्रता और केंद्र

​भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता करीब 5.0 मापी गई है। विशेषज्ञ अभी इसके केंद्र (Epicenter) और गहराई का सटीक आकलन कर रहे हैं।

तीसरी धारा न्यूज की अपील: भूकंप के झटके महसूस होने पर घबराएं नहीं, लिफ्ट का प्रयोग न करें और सुरक्षित खुले स्थान पर शरण लें।

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आदित्यपुर नगर निगम चुनाव: शुरुआती रुझानों में चौंकाने वाले परिणाम, वार्ड 1 से 7 के विजेताओं की घोषणा

आदित्यपुर | आदित्यपुर नगर निगम चुनाव की मतगणना आज सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुई। प्रशासन द्वारा घोषित शुरुआती परिणामों के अनुसार, पहले सात वार्डों की तस्वीर साफ हो चुकी है। इन वार्डों में प्रत्याशियों ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़कर जीत का परचम लहराया है।

विजयी प्रत्याशियों की सूची (वार्ड 1 से 7)

​प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, नवनिर्वाचित वार्ड पार्षदों का विवरण इस प्रकार है:

वार्ड संख्याविजयी प्रत्याशी का नाम
वार्ड 1वनमाली महतो
वार्ड 2सुप्रिया महतो
वार्ड 3पिंकी चौधरी
वार्ड 4शुभम् पांडेय
वार्ड 5विनीता कुमारी
वार्ड 6धनंजय गुप्ता
वार्ड 7परितोष बैज

बाकी वार्डों में कांटे की टक्कर, दोपहर तक स्थिति होगी साफ

​नगर निगम के कुल 35 वार्डों में से शेष वार्डों की गिनती अभी युद्धस्तर पर जारी है। मुख्य मुकाबला उन वार्डों में देखा जा रहा है जहाँ पूर्व पार्षदों और दिग्गज नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। मतगणना केंद्र के बाहर समर्थकों की भारी भीड़ जुटी हुई है और हर राउंड के बाद उत्साह का माहौल बदल रहा है।

​उम्मीद जताई जा रही है कि दोपहर बाद तक सभी 35 वार्डों की अंतिम तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी। निर्वाचन अधिकारी पल-पल की रिपोर्ट अपडेट कर रहे हैं ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

​मतगणना केंद्र के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। बिना पास के किसी भी व्यक्ति को अंदर जाने की अनुमति नहीं है। पुलिस प्रशासन स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है ताकि जीत के जश्न के दौरान शांति व्यवस्था बनी रहे।

आदित्यपुर नगर निगम चुनाव की हर छोटी-बड़ी अपडेट के लिए जुड़े रहिए ‘तीसरी धारा न्यूज’ के साथ।

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चक्रधरपुर निकाय चुनाव: वार्ड 10 में ‘कमलदेव गिरी’ की विरासत की ऐतिहासिक जीत, बहन ने रचा कीर्तिमान

चक्रधरपुर | पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर नगर परिषद क्षेत्र से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। वार्ड संख्या 10 के चुनाव परिणामों ने न केवल सबको चौंका दिया है, बल्कि एक नया इतिहास रच दिया है। हिंदू वीर स्वर्गीय कमलदेव गिरी की छोटी बहन ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़ते हुए एकतरफा और प्रचंड जीत हासिल की है।

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आंकड़ों में जीत का तूफान: 95% से ज्यादा वोट मिले

​चुनाव आयोग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, वार्ड संख्या 10 में कुल 846 मतदान हुए थे। इनमें से स्वर्गीय कमलदेव गिरी की बहन के पक्ष में अविश्वसनीय रूप से 810 वोट पड़े। विरोधियों के खाते में मात्र नाममात्र के वोट ही जा सके। इतने बड़े अंतर (Margin) से मिली यह जीत चक्रधरपुर के चुनावी इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी जीत मानी जा रही है।

कमलदेव गिरी की शहादत और सामाजिक कार्यों का असर

​स्थानीय मतदाताओं का कहना है कि यह जीत केवल एक राजनीतिक सफलता नहीं, बल्कि स्वर्गीय कमलदेव गिरी के प्रति जनता का अपार प्रेम और सम्मान है। उनके द्वारा किए गए सामाजिक कार्यों और संघर्ष की छवि आज भी लोगों के दिलों में जीवित है। मतदाताओं ने उनकी बहन को भारी बहुमत देकर यह स्पष्ट कर दिया है कि वे कमलदेव गिरी की विरासत को आगे बढ़ते देखना चाहते हैं।

जश्न में डूबा वार्ड, ढोल-नगाड़ों से गूंजा इलाका

​जीत की आधिकारिक घोषणा होते ही समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखा गया। पूरे वार्ड में जश्न का माहौल है। समर्थकों ने गुलाल उड़ाकर और ढोल-नगाड़ों के साथ अपनी खुशी का इजहार किया। नवनिर्वाचित पार्षद को फूल-मालाओं से लाद दिया गया और ‘कमलदेव गिरी अमर रहें’ के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।

विकास की नई उम्मीद

​अब चक्रधरपुर की जनता की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नई वार्ड पार्षद अपने भाई के पदचिह्नों पर चलते हुए वार्ड संख्या 10 के विकास को किस ऊंचाई पर ले जाती हैं। इस ऐतिहासिक जनादेश ने उनके कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी डाल दी है।

तीसरी धारा न्यूज के लिए चक्रधरपुर से ब्यूरो रिपोर्ट।

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मुजफ्फरनगर: नशे में गाड़ी चलाने वालों पर चला ‘हंटर’, यातायात पुलिस ने ‘ब्रेथ एनालाइजर’ से की सघन चेकिंग

मुजफ्फरनगर | जिले की सड़कों पर सुरक्षित सफर सुनिश्चित करने और सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए मुजफ्फरनगर पुलिस पूरी तरह एक्शन मोड में है। एसएसपी संजय कुमार वर्मा के निर्देशन और एसपी यातायात अतुल चौबे के नेतृत्व में यातायात पुलिस ने शहर के विभिन्न चौराहों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया।

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नशेबाजों की खैर नहीं: मौके पर ही कटे चालान

​यातायात प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार सिंह और उनकी टीम ने अभियान के दौरान अत्याधुनिक ‘ब्रेथ एनालाइजर’ मशीनों का उपयोग किया। चेकिंग के दौरान संदिग्ध वाहन चालकों को रोककर उनके शराब के सेवन की जांच की गई। इस दौरान कई ऐसे चालक पकड़े गए जो शराब के नशे में वाहन चलाकर अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डाल रहे थे। पुलिस ने इनके खिलाफ तत्काल चालानी कार्रवाई की और सख्त चेतावनी दी।

जागरूकता और कार्रवाई साथ-साथ

​यातायात प्रभारी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना है।

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​”सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नियमों का पालन अनिवार्य है। हम लगातार वाहन स्वामियों से अपील कर रहे हैं कि वे शराब पीकर वाहन न चलाएं और सुरक्षा मानकों का पालन करें। यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।”

राकेश कुमार सिंह, यातायात प्रभारी

यातायात पुलिस की अपील

​चेकिंग के दौरान पुलिस टीम ने चालकों को यातायात नियमों की बारीकियां भी समझाईं। सीट बेल्ट बांधने, हेलमेट पहनने और ओवरस्पीडिंग से बचने के लिए लोगों को प्रेरित किया गया। इस दौरान तस्लीम बेनक़ाब और पुलिस टीम के अन्य सदस्य सक्रिय रहे।

​शहर के नागरिकों ने पुलिस की इस मुस्तैदी की सराहना की है, क्योंकि शराब पीकर वाहन चलाने वालों के कारण आए दिन गंभीर सड़क हादसे होते रहते हैं।

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