एक नई सोच, एक नई धारा

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जुगसलाई नगर परिषद चुनाव 2026: चुनावी रंजिश में हमला? प्रत्याशी इन्दु देवी के प्रचार वाहन पर हमला, पोस्टर-बैनर फाड़े; समर्थकों में आक्रोश

जमशेदपुर (जुगसलाई):

जैसे-जैसे 23 फरवरी की तारीख नजदीक आ रही है, जुगसलाई नगर परिषद चुनाव का सियासी पारा अब खतरनाक मोड़ लेने लगा है। मंगलवार को जुगसलाई में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब अध्यक्ष पद की प्रबल दावेदार श्रीमती इन्दु देवी के चुनाव प्रचार वाहन को असामाजिक तत्वों ने निशाना बनाया। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।

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क्या है पूरी घटना?

​जानकारी के अनुसार, इन्दु देवी का प्रचार वाहन रोजाना की तरह वार्डों में घूमकर मतदाताओं को जागरूक कर रहा था। इसी दौरान, कुछ अज्ञात उपद्रवियों ने वाहन को रोककर उस पर लगे मुख्य बैनर और पोस्टरों को बेरहमी से फाड़ दिया। बताया जा रहा है कि हमलावर सुनियोजित तरीके से आए थे और वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद मौके से फरार हो गए।

समर्थकों का फूटा गुस्सा, निष्पक्ष जांच की मांग

​घटना की खबर फैलते ही इन्दु देवी के समर्थक बड़ी संख्या में जमा हो गए और इस कृत्य की कड़ी निंदा की। समर्थकों का आरोप है कि उनकी प्रत्याशी की बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर विपक्षी खेमे के कुछ लोग अब ओछी हरकतों और हिंसा पर उतर आए हैं।

  • मांग: समर्थकों ने स्थानीय प्रशासन और चुनाव आयोग से मांग की है कि दोषियों को चिन्हित कर तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
  • आरोप: यह न केवल एक गाड़ी पर हमला है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और चुनाव की शुचिता पर प्रहार है।

प्रशासनिक सतर्कता पर सवाल

​23 फरवरी को होने वाले मतदान को लेकर शहर में पहले से ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने का दावा किया जा रहा है। ऐसे में दिनदहाड़े एक प्रत्याशी के प्रचार वाहन पर हमला होना, पुलिस की गश्त और खुफिया तंत्र पर सवालिया निशान खड़ा करता है। जुगसलाई की जनता अब यह देख रही है कि क्या पुलिस इन असामाजिक तत्वों पर नकेल कस पाएगी?

विशेष टिप्पणी: जुगसलाई में चुनावी प्रतिस्पर्धा अब वैचारिक न होकर व्यक्तिगत टकराव की ओर बढ़ती दिख रही है। प्रशासन को चाहिए कि वह संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ाए ताकि मतदाता बिना किसी डर के मतदान कर सकें।

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तीसरी धारा विशेष: जमशेदपुर में ‘चुनावी महाकुंभ’ की दस्तक; 23 फरवरी को मतदान, अशोक गुलाटी की अनूठी अपील ने जीता शहरवासियों का दिल

जमशेदपुर (लौहनगरी):

झारखंड में नगर निकाय चुनावों का बिगुल बज चुका है और इसी के साथ जमशेदपुर की गलियों में चुनावी सरगर्मी अपने चरम पर है। 23 फरवरी 2026 को होने वाले मतदान को लेकर जहाँ प्रशासन मुस्तैद है, वहीं शहर के जागरूक नागरिक और समाजसेवी भी लोकतंत्र के इस उत्सव को सफल बनाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं।

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दीवारों पर उकेरी गई लोकतंत्र की आवाज

​शहर की दीवारों पर लगे पोस्टर इन दिनों राहगीरों का ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं। इन पोस्टरों में मतदान की अनिवार्यता को बेहद सरल लेकिन प्रभावशाली ढंग से समझाया गया है:

“महत्वपूर्ण है आपका योगदान, जरूर करने जाएं मतदान… नहीं करेंगे यदि मतदान, होगा बहुत बड़ा नुकसान।”

​यह नारा शहरवासियों को यह याद दिला रहा है कि एक दिन का आलस अगले 5 साल के विकास को प्रभावित कर सकता है। पोस्टर में 23.02.2026 की तारीख को बड़े अक्षरों में दर्शाया गया है ताकि किसी भी मतदाता से यह महत्वपूर्ण तिथि चूक न जाए।

समाजसेवी अशोक गुलाटी की सराहनीय पहल

​जागरूकता के इस महाभियान के पीछे शहर के जाने-माने समाजसेवी श्री अशोक गुलाटी (कुलर वाले) का नाम प्रमुखता से सामने आया है। ‘निवेदक’ के रूप में उनकी इस पहल की पूरे शहर में सराहना हो रही है। अक्सर व्यापारिक गतिविधियों में व्यस्त रहने वाले अशोक गुलाटी ने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए व्यक्तिगत स्तर पर यह कैंपेन चलाया है।

वीडियो बाइट ने पकड़ा जोर

​पोस्टर के साथ-साथ सोशल मीडिया पर एक वीडियो बाइट भी तेजी से वायरल हो रही है। इस वीडियो में संदेश दिया गया है कि:

  • ​लोकतंत्र केवल भाषणों से नहीं, आपके एक वोट से मजबूत होता है।
  • ​घर से निकलना और कतार में खड़ा होना ही एक जिम्मेदार नागरिक की असली पहचान है।
  • ​वोट डालना सिर्फ अधिकार नहीं, बल्कि शहर के भविष्य के प्रति हमारा कर्तव्य है।

23 फरवरी: जमशेदपुर के लिए बड़ा दिन

​बता दें कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, 23 फरवरी को जमशेदपुर सहित राज्य के विभिन्न निकायों में मतदान होना है। शहर के प्रबुद्ध वर्ग का मानना है कि इस तरह के गैर-राजनीतिक जागरूकता अभियानों से मतदान प्रतिशत में बड़ी वृद्धि देखने को मिल सकती है।

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ओला इलेक्ट्रिक को बड़ा झटका: फाउंडर भाविश अग्रवाल के खिलाफ जमानती वारंट जारी, 23 फरवरी को पेशी का आदेश

नई दिल्ली/गोवा:

भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मार्केट की दिग्गज कंपनी ओला इलेक्ट्रिक (Ola Electric) के फाउंडर और सीईओ भाविश अग्रवाल की कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं। दक्षिण गोवा स्थित जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने बार-बार नोटिस के बावजूद पेश न होने पर भाविश अग्रवाल के खिलाफ जमानती वारंट (Bailable Warrant) जारी किया है।

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क्या है आयोग का आदेश?

​आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए बेंगलुरु पुलिस को निर्देश दिया है कि भाविश अग्रवाल को 23 फरवरी 2023 को सुबह 10:30 बजे आयोग के समक्ष पेश किया जाए।

  • मुचलका: चूंकि यह जमानती वारंट है, इसलिए उन्हें ₹1.47 लाख के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के जमानतदार पर रिहाई मिल सकती है।
  • कारण: 4 फरवरी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश के बावजूद भाविश अग्रवाल आयोग के सामने पेश नहीं हुए थे।

मामले की जड़: खराब स्कूटर और गायब सर्विस

​यह पूरा विवाद गोवा के निवासी प्रीतेश चंद्रकांत घड़ी की शिकायत से शुरू हुआ। मामला कुछ इस प्रकार है:

  1. खरीद: अगस्त 2023 में प्रीतेश ने ₹1.47 लाख में Ola S1 Pro (Second Gen) स्कूटर खरीदा था।
  2. समस्या: कुछ ही समय बाद स्कूटर के मोटर से अजीब आवाजें आने लगीं और टचस्क्रीन ने काम करना बंद कर दिया।
  3. लापरवाही: उपभोक्ता ने वाहन मरम्मत के लिए वास्को (गोवा) स्थित डीलर को दिया, लेकिन लंबे समय तक न तो वाहन ठीक हुआ और न ही कंपनी ने यह बताया कि वाहन वर्तमान में कहाँ है।

आयोग ने व्यक्तिगत पेशी क्यों मांगी?

​20 जनवरी को हुई पिछली सुनवाई में आयोग ने कड़ी टिप्पणी की थी। आयोग का कहना है कि चूंकि वाहन की वर्तमान स्थिति (Location) स्पष्ट नहीं है और कंपनी उपभोक्ता को कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे रही है, इसलिए सीईओ भाविश अग्रवाल को खुद आकर यह स्पष्ट करना होगा कि ग्राहक का वाहन कहाँ है और उसे अब तक वापस क्यों नहीं किया गया।

ओला के लिए बढ़ता संकट

​यह पहली बार नहीं है जब ओला इलेक्ट्रिक अपनी आफ्टर-सेल्स सर्विस (After-sales Service) को लेकर विवादों में है। सोशल मीडिया से लेकर उपभोक्ता अदालतों तक, कंपनी के खिलाफ सर्विस और रिपेयरिंग में देरी की हजारों शिकायतें लंबित हैं। अब सीधे फाउंडर के खिलाफ वारंट जारी होना कंपनी की ब्रांड इमेज के लिए बड़ा सेटबैक माना जा रहा है।

अगली सुनवाई: अब सबकी नजरें 23 फरवरी पर टिकी हैं। देखना यह होगा कि क्या भाविश अग्रवाल आयोग के समक्ष उपस्थित होते हैं या कंपनी इस मामले में कोई अन्य कानूनी रास्ता अपनाती है।

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बॉलीवुड में शोक की लहर: सिद्धार्थ मल्होत्रा के पिता सुनील मल्होत्रा का निधन, दिल्ली पहुंचे सिद्धार्थ और कियारा

नई दिल्ली/मुंबई:

बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा के सिर से पिता का साया उठ गया है। उनके पिता, सुनील मल्होत्रा का हाल ही में निधन हो गया, जिससे पूरे मल्होत्रा और आडवाणी परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है। दुख की इस घड़ी में सिद्धार्थ अपनी पत्नी और अभिनेत्री कियारा आडवाणी के साथ तुरंत दिल्ली पहुंचे, जहां उन्होंने अपने पिता को अंतिम विदाई दी।

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भावुक क्षण: पिता को दी अंतिम विदाई

​सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में सुनील मल्होत्रा का अंतिम संस्कार पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। सिद्धार्थ अपने पिता के बेहद करीब थे, इसलिए यह समय उनके लिए भावनात्मक रूप से काफी चुनौतीपूर्ण है। अंतिम रस्में पूरी होने के बाद भी सिद्धार्थ और कियारा दिल्ली में ही रुके हुए हैं ताकि वे अपनी मां और परिवार के अन्य सदस्यों को इस कठिन समय में सहारा दे सकें।

“मेरे पापा ही मेरे असली हीरो हैं”

​सिद्धार्थ मल्होत्रा ने अक्सर सार्वजनिक मंचों और इंटरव्यू में अपने पिता के प्रति अपने प्रेम और सम्मान को व्यक्त किया है। उन्होंने एक बार बेहद भावुक होकर कहा था, “मेरे पापा ही मेरे असली हीरो हैं, मेरे सबसे पसंदीदा हीरो।” * अनुशासन की सीख: सुनील मल्होत्रा मर्चेंट नेवी में कैप्टन रह चुके थे। उन्होंने सिद्धार्थ को बचपन से ही अनुशासन, ईमानदारी और कड़ी मेहनत का महत्व सिखाया।

  • जमीन से जुड़ाव: सिद्धार्थ के अनुसार, उनके माता-पिता ने ही उन्हें सिखाया कि सफलता के शिखर पर पहुँचने के बाद भी इंसान को अपनी जड़ों और जमीन से जुड़े रहना चाहिए।

करियर और व्यक्तिगत जीवन

​सिद्धार्थ मल्होत्रा ने 2012 में फिल्म ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ से बॉलीवुड में कदम रखा था। इसके बाद उन्होंने ‘एक विलेन’, ‘मिशन मजनू’ और विशेष रूप से ‘शेरशाह’ जैसी फिल्मों के जरिए दर्शकों के दिलों में अपनी खास जगह बनाई। साल 2023 में उन्होंने कियारा आडवाणी के साथ शादी की थी, जो इस दुखद समय में उनके साथ ढाल बनकर खड़ी हैं।

श्रद्धांजलि: सोशल मीडिया पर सिद्धार्थ के प्रशंसकों और बॉलीवुड की कई हस्तियों ने सुनील मल्होत्रा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है और मल्होत्रा परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं।

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तीसरी धारा विशेष: जुगसलाई की चुनावी जंग हुई तेज, डॉली मल्लिक ने फूंका बिगुल; ‘चूड़ी छाप’ के लिए घर-घर जाकर मांगा समर्थन

जमशेदपुर (जुगसलाई):

नगर परिषद चुनाव की सरगर्मी के बीच अध्यक्ष पद की सशक्त दावेदार डॉली मल्लिक ने मंगलवार को जुगसलाई के विभिन्न क्षेत्रों में तूफानी जनसंपर्क कर चुनावी माहौल को गरमा दिया है। गौशाला चौक से लेकर पुरानी बस्ती तक, डॉली मल्लिक ने न सिर्फ घर-घर जाकर वोट मांगे, बल्कि विरोधियों पर कड़ा प्रहार करते हुए जनता को “डर के साये” से बाहर आने का आह्वान किया।

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“डर के आगे जीत है”: डॉली मल्लिक का हुंकार

​विभिन्न मोहल्लों में आयोजित नुक्कड़ सभाओं को संबोधित करते हुए डॉली मल्लिक ने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता को किसी भी प्रकार के दबाव या डर में आने की जरूरत नहीं है। उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा, “जुगसलाई की जनता सच्चाई को जानती है। डर के आगे ही जीत होती है। मेरा रिश्ता चुनाव का नहीं, बल्कि पिछले 15 वर्षों के सुख-दुख का है।”

चुनावी मेंढकों से सावधान रहने की अपील

​डॉली मल्लिक ने मतदाताओं को उन प्रत्याशियों से सावधान रहने की सलाह दी जो केवल चुनाव के समय नजर आते हैं। उन्होंने कहा:

  • मौसमी राजनीति: कई लोग चुनाव आते ही बड़े-बड़े वादे करते हैं और फिर 5 साल के लिए गायब हो जाते हैं।
  • विभाजनकारी राजनीति: समाज को बांटकर वोट लेने वालों को जुगसलाई की जनता इस बार सबक सिखाएगी।
  • लक्ष्य: मेरा एकमात्र लक्ष्य राजनीति नहीं, बल्कि हर वर्ग और समाज को साथ लेकर जुगसलाई का सर्वांगीण विकास करना है।

‘चूड़ी छाप’ पर मुहर लगाने की अपील

​जनसंपर्क के दौरान उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे क्रम संख्या 3 पर अंकित ‘चूड़ी छाप’ का बटन दबाकर उन्हें भारी मतों से विजयी बनाएं, ताकि क्षेत्र के रुके हुए विकास कार्यों को नई गति दी जा सके।

समर्थकों का भारी हुजूम

​इस अभियान में डॉली मल्लिक को भारी जनसमर्थन मिलता दिखा। उनके साथ मुख्य रूप से:

  • ​जिला परिषद सदस्य पूर्णिमा मल्लिक एवं गीतांजलि महतो (बोड़ाम)
  • ​वरिष्ठ नेता माणिक महतो, दिनेश जायसवाल और विक्की सोनकर
  • ​ममता, रिमा, अंकुश साहनी, मुकेश शर्मा समेत सैकड़ों कार्यकर्ता और स्थानीय महिलाएं शामिल रहीं।
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जुगसलाई नगर परिषद: वार्ड संख्या 8 में निताई चंद्र सासमल का तूफानी जनसंपर्क, ‘साइकिल पंप’ के लिए मांगा समर्थन

जमशेदपुर (जुगसलाई):

नगर परिषद चुनाव की सरगर्मी के बीच वार्ड संख्या 8 से प्रत्याशी और प्रमुख समाजसेवी निताई चंद्र सासमल ने मंगलवार को अपने समर्थकों के साथ सघन जनसंपर्क अभियान चलाया। इस दौरान उन्होंने मतदाताओं के बीच चुनाव पर्चियों का वितरण किया और अपने चुनाव चिन्ह ‘साइकिल पंप छाप’ पर मुहर लगाकर भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की।

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प्रमुख क्षेत्रों में किया दौरा

​निताई सासमल ने अपने समर्थकों की भारी फौज के साथ वार्ड के विभिन्न हिस्सों का दौरा किया, जिसमें मुख्य रूप से शामिल थे:

  • एम.ई. स्कूल रोड
  • हरिजन बस्ती
  • राजस्थान सेवा सदन अस्पताल परिसर
  • कुम्हारपाड़ा

विकास का ‘संकल्प पत्र’: क्या हैं वादे?

​जनसंपर्क के दौरान मतदाताओं को संबोधित करते हुए निताई सासमल ने वार्ड के सर्वांगीण विकास के लिए अपनी प्राथमिकताओं को साझा किया। उन्होंने वादा किया कि यदि जनता का आशीर्वाद मिला तो वे निम्नलिखित कार्यों पर विशेष ध्यान देंगे:

  1. महिला सम्मान और सुरक्षा: महिलाओं के सशक्तिकरण के साथ पूरे वार्ड में सुरक्षा हेतु CCTV कैमरा लगवाना।
  2. शिक्षा और रोजगार: युवाओं के लिए बेहतर शिक्षा की व्यवस्था और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना।
  3. बुनियादी सुविधाएं: नालियों की नियमित सफाई, गलियों में स्ट्रीट लाइट और संक्रामक रोगों से बचाव हेतु नियमित दवा का छिड़काव।
  4. दिव्यांग सहायता: विकलांगों के लिए उनकी जरूरत के सहायक उपकरणों की व्यवस्था सुनिश्चित करना।

समाज सेवा ही मुख्य आधार

​निताई सासमल ने कहा कि वे राजनीति में पद के लिए नहीं, बल्कि सेवा के लिए आए हैं। उन्होंने याद दिलाया कि वे वर्षों से समाज के वंचित वर्गों की सेवा करते आ रहे हैं और जुगसलाई की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं में सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं। उन्होंने जनता से भावुक अपील करते हुए कहा, “मैं आपका प्रतिनिधि नहीं, बल्कि एक भाई बनकर वार्ड की सेवा की मिसाल पेश करूँगा।”

समर्थकों का भारी हुजूम

​आज के जनसंपर्क अभियान में युवाओं और स्थानीय लोगों का भारी समर्थन देखने को मिला। उनके साथ मुख्य रूप से लिप्पू शर्मा, नारायण सिंह, सतीश जायसवाल, अमर सिंह, सतीश गोयल, मंगलू प्रजापति, गणेश रविदास, श्याम बिहारी और अनूप खान सहित बड़ी संख्या में युवा शामिल थे।

चुनावी चर्चा: वार्ड नंबर 8 के मतदाताओं के बीच निताई सासमल की स्वच्छ छवि और उनके पुराने सेवा कार्यों को लेकर काफी सकारात्मक माहौल देखा जा रहा है।

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जमशेदपुर: टाटा चिड़ियाघर में गूंजेगी नए शेरों की दहाड़, हैदराबाद से पहुंची ‘मनोहर और श्रीदेवी’ की जोड़ी

जमशेदपुर (बिष्टुपुर):

लौहनगरी के पर्यटकों और वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक शानदार खबर है। टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क (Tata Zoo) के पशु कुनबे में एक नया और गौरवशाली आकर्षण जुड़ गया है। हैदराबाद के नेहरू जूलॉजिकल पार्क से अफ्रीकी शेरों की एक युवा जोड़ी, ‘मनोहर’ (नर) और ‘श्रीदेवी’ (मादा), सुरक्षित रूप से जमशेदपुर पहुँच चुकी है।

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पशु आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत हुआ ट्रांसफर

​यह महत्वपूर्ण बदलाव सेंट्रल जू ऑथोरिटी (CZA) द्वारा स्वीकृत पशु आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत हुआ है। इसके बदले जमशेदपुर से दो नर मैनड्रिल बंदरों को हैदराबाद भेजा गया है।

  • उम्र: मनोहर और श्रीदेवी की आयु लगभग 9 वर्ष है।
  • प्रजनन क्षमता: अपनी प्रजनन आयु के सर्वोत्तम चरण में होने के कारण, प्रबंधन को उम्मीद है कि आने वाले समय में इनके सफल प्रजनन से पार्क में शेरों की आनुवंशिक विविधता और आबादी को मजबूती मिलेगी।

एक सप्ताह का सफर और कड़ी सुरक्षा

​पशुओं के सुरक्षित परिवहन के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए वाहनों की एक टीम 11 फरवरी को हैदराबाद रवाना हुई थी। विशेषज्ञों और पशु चिकित्सकों की कड़ी निगरानी में सभी स्वास्थ्य औपचारिकताओं को पूरा करते हुए, यह टीम 16 फरवरी 2026 की आधी रात को शेरों को लेकर वापस लौटी।

40 दिनों का होगा ‘क्वारंटीन’

​चिड़ियाघर के प्रोटोकॉल के अनुसार, मनोहर और श्रीदेवी को सीधे दर्शकों के सामने नहीं लाया जाएगा। उन्हें 40 दिनों की अनिवार्य क्वारंटीन अवधि में रखा गया है। इस दौरान:

  1. ​विशेषज्ञ पशु चिकित्सक उनके स्वास्थ्य और खान-पान की निगरानी करेंगे।
  2. ​नए वातावरण में सामंजस्य स्थापित करने (Acclimatization) में उनकी मदद की जाएगी।
  3. ​क्वारंटीन सफल रहने के बाद ही उन्हें मुख्य बाड़े (Enclosure) में छोड़ा जाएगा।

युवा जोश से बढ़ेगी चिड़ियाघर की रौनक

​वर्तमान में चिड़ियाघर में तीन अफ्रीकी शेर—जंबो, एड और जोया हैं, जिनकी उम्र लगभग 14.5 वर्ष हो चुकी है। ये शेर 2012 में यहाँ लाए गए थे। अब मनोहर और श्रीदेवी के आगमन से पार्क के पास एक युवा और आनुवंशिक रूप से सशक्त शेरों की आबादी होगी, जो दर्शकों के अनुभव को और भी रोमांचक बना देगी।

पार्क प्रबंधन का बयान: “इन नए सदस्यों का स्वागत करते हुए हमें गर्व है। यह न केवल दर्शकों के लिए आकर्षण बढ़ाएगा, बल्कि हमारे संरक्षण और प्रजनन प्रयासों (Conservation Breeding) की दिशा में भी एक मील का पत्थर साबित होगा।”

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जमशेदपुर: गोविंदपुर में बोरिंग के दौरान बड़ा हादसा, ट्राइपॉड गिरने से मजदूर की मौत, एक गंभीर रूप से घायल

जमशेदपुर (गोविंदपुर):

लौहनगरी के गोविंदपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मंगलवार की सुबह एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ आरएसओ (RSO) गेट के भीतर बोरिंग कार्य के दौरान मशीन का ट्राइपॉड अचानक गिर जाने से एक मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया है।

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कैसे हुआ हादसा?

​मिली जानकारी के अनुसार, गोविंदपुर आरएसओ गेट के अंदर बोरिंग का काम चल रहा था। काम के दौरान लोहे का भारी-भरकम ट्राइपॉड (Tripod) अचानक संतुलन खोकर मजदूरों पर गिर पड़ा। हादसे की चपेट में आने से एक मजदूर ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, उसके बगल में काम कर रहा दूसरा साथी बुरी तरह दब गया और गंभीर रूप से जख्मी हो गया।

मृतक और घायल की पहचान

  • मृतक: राम हरिदास (56 वर्ष), निवासी दीघा।
  • घायल: एक अन्य मजदूर (नाम स्पष्ट नहीं), जिसे घटना के तुरंत बाद ठेकेदार द्वारा टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) पहुँचाया गया। डॉक्टरों के अनुसार घायल की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है और उसका सघन इलाज जारी है।

पुलिस और परिजनों को सूचना

​हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों और सहकर्मियों ने घटना की सूचना पुलिस और मृतक के परिजनों को दी। सूचना मिलते ही गोविंदपुर थाना पुलिस मौके पर पहुँची और शव को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

सुरक्षा मानकों पर सवाल

​आरएसओ गेट जैसे संवेदनशील क्षेत्र में काम के दौरान हुए इस हादसे ने एक बार फिर कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों (Safety Standards) को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या बोरिंग के दौरान सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे या नहीं।

अपडेट: पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

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भारत-फ्रांस संबंधों में नया अध्याय: पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने किया टाटा-एयरबस हेलीकॉप्टर असेंबली लाइन का उद्घाटन

मुंबई/वेमगल:

भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी को एक नई ऊंचाई देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने द्विपक्षीय संबंधों को ‘स्पेशल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप’ का दर्जा दिया है। दोनों नेताओं ने मंगलवार को कर्नाटक के वेमगल में टाटा-एयरबस की H125 लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर फाइनल असेंबली लाइन (FAL) का वर्चुअली उद्घाटन किया।

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एवरेस्ट की ऊंचाइयों तक उड़ेगा ‘मेड इन इंडिया’ हेलीकॉप्टर

​साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का बड़ा विजन पेश किया। उन्होंने कहा, “भारत और फ्रांस मिलकर अब भारत में एक ऐसा हेलीकॉप्टर बनाएंगे जो माउंट एवरेस्ट जैसी दुर्गम ऊंचाइयों तक उड़ान भरने में सक्षम होगा। हम न केवल अपनी जरूरतों को पूरा करेंगे, बल्कि इन हेलीकॉप्टरों का दुनिया भर में निर्यात (Export) भी करेंगे।”

मुंबई: भारत का प्रवेश द्वार और मित्रता का गवाह

​पीएम मोदी ने राष्ट्रपति मैक्रों का मुंबई में गर्मजोशी से स्वागत करते हुए मार्सिले (फ्रांस) की अपनी पिछली यात्रा को याद किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह मार्सिले यूरोप का गेटवे है, वैसे ही मुंबई भारत का गेटवे है। उन्होंने प्रथम विश्व युद्ध में भारतीय सैनिकों के बलिदान को याद करते हुए दोनों देशों के भावनात्मक जुड़ाव को भी रेखांकित किया।

प्रमुख घोषणाएं और रणनीतिक समझौते

​वार्ता के बाद निकले कुछ मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन: दोनों देशों ने इनोवेशन के क्षेत्र में ‘पार्टनरशिप ऑफ द पीपल’ बनाने का संकल्प लिया। पीएम मोदी ने कहा कि इनोवेशन अकेले में नहीं, बल्कि मिलकर काम करने से होता है।
  • रक्षा सहयोग का विस्तार: राष्ट्रपति मैक्रों ने राफेल जेट से लेकर पनडुब्बियों तक के सफल सहयोग को दोहराते हुए कहा कि रक्षा क्षेत्र में यह साझेदारी भरोसे और खुलेपन की है।
  • आतंकवाद पर कड़ा प्रहार: फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि दोनों देश आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई और कानून के शासन को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे।
  • ग्लोबल इनिशिएटिव: इंटरनेशनल सोलर अलायंस (ISA), AI इम्पैक्ट समिट और इंडिया-मिडल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEC) जैसे वैश्विक प्रोजेक्ट्स पर दोनों देश मिलकर काम करते रहेंगे।

विशेष रणनीतिक साझेदारी का नया स्टेटस

​राष्ट्रपति मैक्रों ने पीएम मोदी का धन्यवाद करते हुए कहा कि पिछले 8 वर्षों में हमने इंडो-पैसिफिक रीजन से लेकर टेक्नोलॉजी तक कई नए रास्ते बनाए हैं। इसी भरोसे के आधार पर आज इस रिश्ते को ‘स्पेशल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप’ का नया और विशेष दर्जा दिया गया है।

विशेष टिप्पणी: टाटा और एयरबस की यह असेंबली लाइन भारत के निजी क्षेत्र में हेलीकॉप्टर निर्माण की पहली बड़ी परियोजना है, जो ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को वैश्विक पहचान दिलाएगी।

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एमजीएम अस्पताल: मरीज बनकर आया पॉकेटमार धराया, होमगार्ड के जवानों ने खदेड़कर पकड़ा; आजाद नगर का पता निकला फर्जी

जमशेदपुर (साक्षी):

शहर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमजीएम (MGM) के रजिस्ट्रेशन काउंटर पर मंगलवार को भारी भीड़ का फायदा उठाकर चोरी करने वाले एक शातिर पॉकेटमार को रंगे हाथों पकड़ा गया। आरोपी ने खुद को मरीज बताकर पर्ची भी कटवाई थी, ताकि किसी को उस पर शक न हो।

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भीड़ में हाथ साफ, फिर फिल्मी स्टाइल में पकड़ाया

​घटना के अनुसार, आदित्यपुर निवासी शैलेन्द्र गोप रजिस्ट्रेशन काउंटर पर टोकन लेने के लिए लाइन में लगे थे। इसी दौरान भीड़ का फायदा उठाकर चोर ने उनकी जेब से पर्स निकाल लिया। जैसे ही शैलेंद्र को अपनी जेब कटने का अहसास हुआ, उन्होंने शोर मचा दिया। शोर सुनकर पॉकेटमार भागने लगा, लेकिन अस्पताल की सुरक्षा में तैनात होमगार्ड के जवानों ने मुस्तैदी दिखाई और उसे दौड़ाकर दबोच लिया।

जांच में फर्जी निकला पता

​सूत्रों के अनुसार, पकड़े गए आरोपी की पहचान तौसीफ अली के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान उसके पास से शैलेंद्र गोप का पर्स बरामद हुआ, जिसमें:

  • ₹5,000 नकद राशि
  • ​आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस
  • ​गाड़ी की आरसी बुक एवं अन्य जरूरी दस्तावेज मौजूद थे।

​हैरानी की बात यह है कि आरोपी ने पकड़े जाने से बचने के लिए तौसीफ अली के नाम से अस्पताल का टोकन भी कटवाया था और अपना पता आजाद नगर बताया था, जो पुलिस की प्रारंभिक जांच में फर्जी पाया गया।

थाना हाजत में आरोपी, प्राथमिकी दर्ज

​घटना की सूचना मिलते ही साकची (एमजीएम थाना) पुलिस मौके पर पहुँची और आरोपी को हिरासत में लेकर थाने ले गई। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि वह पहले भी ऐसी घटनाओं में शामिल रहा है या नहीं। भुक्तभोगी शैलेन्द्र गोप की लिखित शिकायत पर पुलिस प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की कार्रवाई कर रही है।

सुरक्षा पर सवाल: एमजीएम अस्पताल में भीड़ के दौरान पॉकेटमारी और मोबाइल चोरी की शिकायतें अक्सर आती रहती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि होमगार्ड के जवानों की आज की मुस्तैदी सराहनीय है, लेकिन अस्पताल प्रशासन को भीड़भाड़ वाले इलाकों में सीसीटीवी (CCTV) और सुरक्षा और सख्त करने की जरूरत है।

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