घाटशिला विधानसभा क्षेत्र में चल रहे उपचुनाव के दौरान जुगसलाई विधायक श्री मंगल कालिंदी ने सक्रिय जनसंपर्क अभियान चलाया। इस अभियान के तहत विधायक ने मौ भंडार में मुखी समाज के सम्मानित सदस्यों से मुलाकात कर क्षेत्रीय विकास और समाजिक हितों पर चर्चा की।
इसी उपचुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने दिवंगत मंत्री रामदास सोरेन के सुपुत्र सोमेश सोरेन के पक्ष में समर्थन का ऐलान किया। विधायक के अभियान और जेएमएम के समर्थन को स्थानीय जनता और समर्थकों ने उत्साहपूर्वक स्वीकार किया। यह पहल घाटशिला में जनता और नेतृत्व के बीच मजबूत संवाद का प्रतीक मानी जा रही है।
धनतेरस को लेकर जमशेदपुर का बाजार गुलजार रहा. जीएसटी की दरों में आई कमी का असर धनतेरस के बाजार पर दिखा. वाहनों से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स तक का बाजार अपने पूरे शबाब पर रहा. शनिवार होने के चलते 10 से लेकर 20 फीसदी ग्राहकों ने खरीददारी और डिलीवरी को रविवार तक टाल दिया. फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के रीजनल डायरेक्टर (झारखंड) कृष्णा भालोटिया ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले इस साल धनतेरस पर वाहनों का बाजार काफी अच्छा रहा. एक अनुमान के अनुसार धनतेरस के रोज लगभग 1500 चारपहिया वाहनों की बिक्री होने जा रही है, जो एक रिकॉर्ड है. शनिवार को लगभग 1100 वाहन बिके हैं. रविवार को भी 300-400 वाहन बिकेंगे. यही नहीं 2500 से लेकर 3000 तक दो पहिया वाहन बिके हैं. वाहन बाजार पर जीएसटी का साफ असर दिखा है. कुछ लोगों ने शनिवार होने के चलते अपनी डिलीवरी को रविवार 19 अक्टूबर तक टाल दिया.
टीवी की बिक्री सर्वाधिक
इलेक्ट्रोक्रॉफ्ट के किशोर सिंघानिया ने बताया कि जीएसटी का असर साफ दिख रहा है. सबसे ज्यादा टीवी की बिक्री हो रही है. आलम यह है कि हर ब्रांड के टीवी बिक गये हैं, क्योंकि कंपनी ने जितना उत्पादन किया था, उसके मुकाबले में टीवी की मांग ज्यादा रही. बाकी प्रोडक्ट भी बिक रहे हैं, मगर टीवी की मांग ज्यादा है. शनिवार के चलते अधिकतर लोगों ने अपनी खरीददारी रविवार को टाल दी है. ऐसे में माना जा रहा है कि रविवार को पहले हॉफ में भी जमकर खरीददारी होगी, क्योंकि दोपहर तक धनतेरस है.
आसमान छूती कीमत के बावजूद आभूषण का बाजार भी गुलजार रहा धनतेरस पर आभूषण का बाजार भी गुलजार रहा. जीएसटी की दरों की कमी के दायरे में नहीं आने और सोने-चांदी की आसमान छूती कीमत के बावजूद शहरवासियों ने जमकर खरीददारी की. केशवजी छगनलाल ज्वेलर्स साकची और बिष्टुपुर के बिपीन आदेसरा ने बताया कि सोने और चांदी की कीमत बेहद वोलटाइल हो गई है. आज अन्तर्राष्ट्रीय बाजार बंद होने के चलते कोई बदलाव नहीं रहा. जमशेदपुर का ग्राहक काफी जानकार और मेच्योर्ड है. आजकल सोशल मीडिया से भी लोगों को बहुत कुछ जानकारी मिल जाती है. उन्हें पता है कि बाजार कभी भी ऊपर-नीचे जा सकता है. ऐसे में वे अपनी जरूरतों के हिसाब से खरीददारी करते हैं. उन्होंने कहा कि इस साल भी धनतेरस का बाजार अच्छा रहा. सोने और चांदी की कीमत ज्यादा होने के बावजूद भी खरीददारी पर कोई खास असर नहीं दिखा.
इस बार झारखंड में मनमाने तरीके से पटाखे नहीं छोड़ सकेंगे। नियमों का पालन करना जरूरी होगा, इसे लेकर जिला पशासन ने एडवाइजरी जारी की है। इसमें पटाखा विक्रेताओं से लेकर आम नागरिकों तक के लिए विस्तृत गाइडलाइन दी गई है, ताकि आगजनी, दुर्घटनाओं और आपातकालीन स्थितियों से बचा जा सके। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने पटाखा विक्रेताओं से अपील की है कि वे केवल पूर्व निर्धारित स्थलों पर ही पटाखों की बिक्री करें और आवश्यक अनुमति या अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना सुनिश्चित करें।जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो भी विक्रेता या व्यक्ति इन दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आपात स्थिति में नागरिक जिला नियंत्रण कक्ष से संपर्क कर सकते हैं — दूरभाष संख्या: 0651-2215855, 8987790664, 7667985619 और 7070440888
पटाखा विक्रेताओं के लिए प्रमुख निर्देश:
• पटाखों की बिक्री केवल प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थानों पर ही की जाए।
• बिक्री से पहले अग्निशमन विभाग और प्रशासन से अनुमति पत्र लेना अनिवार्य है।
• बाजार, सड़क किनारे, पेट्रोल पंप, गैस गोदाम या भीड़भाड़ वाले इलाकों में बिक्री सख्त वर्जित है।
• केवल पर्यावरण-अनुकूल और कम ध्वनि वाले पटाखे ही बेचें (ध्वनि स्तर 125 डेसिबल से अधिक न हो)।
• नाबालिगों को बिक्री कार्य में शामिल न करें।
• बिजली की वायरिंग प्रशिक्षित इलेक्ट्रिशियन से कराएं और ISI मार्क वाले कॉपर तारों का ही उपयोग करें।
• पंडाल के पास पानी, बालू और अग्निशमन यंत्र की पर्याप्त व्यवस्था रखें।
• पंडाल में ज्वलनशील पदार्थों (डीजल, पेट्रोल, केरोसिन आदि) को रखने की मनाही है।
• पंडाल में प्राथमिक उपचार किट और प्रशिक्षित स्टाफ की उपस्थिति सुनिश्चित करें।
नागरिकों के लिए सुरक्षा सलाह:
• पटाखे अधिकृत विक्रेताओं या मान्यता प्राप्त निर्माताओं से ही खरीदें।
• रात 10:00 बजे से सुबह 6:00 बजे तक पटाखे न जलाएं।
• घरों के अंदर, सड़कों या भीड़ वाले क्षेत्रों में पटाखे न जलाएं।
• पटाखे फोड़ने के लिए लंबी लकड़ी या फुलझड़ी का प्रयोग करें — माचिस का सीधा प्रयोग न करें।
• अधजले पटाखों को हाथ से उठाने के बजाय उन पर पानी डालकर निष्क्रिय करें।
• पटाखे छोड़ते समय ढीले कपड़े न पहनें और पास में कंबल, पानी और बालू रखें।
• अगर कपड़ों में आग लगे तो जमीन पर लेटकर उलट-पलट कर आग बुझाने की कोशिश करें।
• बहुमंजिला मकानों में खिड़कियां-दरवाजे बंद रखें ताकि जलते हुए पटाखे घर में प्रवेश न करें।
• पास में प्राथमिक चिकित्सा किट अवश्य रखें और गंभीर स्थिति में तत्काल अस्पताल पहुंचें।
रांची जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति इन दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने अपील की है कि सभी नागरिक सुरक्षित, जिम्मेदार और पर्यावरण के अनुकूल तरीके से दीपावली मनाएं, ताकि त्योहार खुशियों के साथ-साथ सुरक्षित भी बना रहे।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा ने गठबंधन से अलग होकर 6 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। इन सीटों पर जेएमएम अपने उम्मीदवार उतारेगा —
JMM का यह फैसला सिर्फ बिहार की राजनीति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका असर झारखंड की सियासत पर भी गहराई से पड़ने वाला है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बिहार में गठबंधन से अलग चुनाव लड़ने का मतलब राजद और कांग्रेस से बढ़ती दूरी का संकेत है। यह कदम झारखंड में महागठबंधन के अंदर नए समीकरणों और अविश्वास की स्थिति को जन्म दे सकता है।
JMM सूत्रों के अनुसार, पार्टी संथाल परगना से सटे इन सीमावर्ती इलाकों में अपना संगठन और जनाधार दोनों मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।
राजनीतिक पर्यवेक्षक कह रहे हैं , “यह सिर्फ बिहार का फैसला नहीं, बल्कि JMM की भावी रणनीति का हिस्सा है, जो झारखंड की सत्ता के समीकरणों को भी हिला सकता है।” रिपोर्ट —टीम तीसरी धारा, रिपोर्ट अंकित सिन्हा द्वारा
घाटशिला विधानसभा उपचुनाव अब बेहद दिलचस्प और गरम होता जा रहा है। जहां एक ओर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों अपनी-अपनी ताकत झोंक चुके हैं, वहीं अब झारखंड लोकतांत्रिक मोर्चा (JLM) के मैदान में उतरने से मुकाबला पूरी तरह त्रिकोणीय हो गया है।
झामुमो ने दिवंगत शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के सुपुत्र सोमेश सोरेन को प्रत्याशी बनाकर भावनात्मक जुड़ाव पर दांव लगाया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पूर्व मुख्यमंत्री चम्पई सोरेन के पुत्र बाबूलाल सोरेन को टिकट देकर राजनीतिक अनुभव और संगठन शक्ति पर भरोसा जताया है। वहीं जयराम महतो की पार्टी झारखंड लोकतांत्रिक मोर्चा (JLM) ने रामदास मुर्मू को अपना उम्मीदवार घोषित कर मैदान में उतरते ही दोनों प्रमुख दलों की चिंता बढ़ा दी है।
अब घाटशिला का रण केवल दो दलों का नहीं, बल्कि तीन शक्तियों के बीच प्रतिष्ठा की जंग बन चुका है। हर पार्टी अपने-अपने प्रत्याशी के समर्थन में जनसंपर्क अभियान तेज कर रही है, गांव-गांव और पंचायत-पंचायत तक माहौल गरम है।
कहा जा रहा है कि इस बार का उपचुनाव सिर्फ एक सीट का नहीं, बल्कि जनभावनाओं और जनसमर्थन की दिशा तय करेगा। घाटशिला बोले — इस बार कौन करेगा बाज़ी अपने नाम?
रिपोर्ट — टीम तीसरी धारा, रिपोर्ट अंकित सिन्हा घाटशिला
बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों के नजदीक आते आते गठबंधन में दरार बढ़ती जा रही है. पहले 10 सीट पर कांग्रेस-राजद में लड़ाई शुरू हुई और अब झामुमो ने अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया. गठबंधन में कोई तरजीह नहीं मिलने के बाद झामुमो ने अपना रुख साफ कर दिया है. अब देर शाम 6 बजे झामुमो इस मामले में प्रेस वार्ता कर पूरी जानकारी भी साझा कर सकती है. सूत्रों के मुताबिक पाँच से 6 सीट पर झामुमो चुनाव लड़ने की तैयारी में है.
बता दे कि झारखंड मुक्ति मोर्चा की ओर से बिहार में इंडिया गठबंधन के साथ चुनाव लड़ने का मन बना चुकी थी. कई राउंड की बैठक भी हुई लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला. जिसके बाद आखिर में झामुमो ने अकेले ही चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. अब गठबंधन की बढ़ती दरार से झारखंड में भी रजनीतिक तपिश बढ़ने के आसार है.
बागबेड़ा थाना क्षेत्र से 17 वर्षीय एक किशोरी के अपहरण का मामला सामने आया है. परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने दो आरोपियों -लाल बाबू चंद्रवंशी (40) और दीपू चंद्रवंशी उर्फ रवानी, दोनों निवासी गाराबासा (गोवर्धन बाबा मंदिर के पास) के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. घटना के बाद से ही दोनों आरोपी फरार हैं.
जानकारी के अनुसार, यह घटना 16 अक्टूबर की सुबह करीब 11.30 बजे की है. बताया गया कि किशोरी घर से किसी काम से बाहर निकली थी, जिसके बाद वह लापता हो गई. परिजनों ने खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला. अगले दिन, 17 अक्टूबर को परिवारजन बागबेड़ा थाना पहुंचे और अपहरण की लिखित शिकायत दर्ज कराई.
परिवार के अनुसार, आरोपियों ने किशोरी का अपहरण गाली-गलौज और जान मारने की नीयत से किया है. साथ ही, उन्होंने छेड़खानी और धमकी देने का भी आरोप लगाया है. घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है.
बागबेड़ा थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम गठित की गई है. मोबाइल लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की तलाश की जा रही है. पुलिस का दावा है कि जल्द ही दोनों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
घाटशिला उपचुनाव के नामांकन दिवस पर झारखंड मुक्ति मोर्चा की एक ऐतिहासिक सभा देखने को मिली। माननीय विधायक श्री मंगल कालिन्दी जी के नेतृत्व में जुगसलाई के युवा समाजसेवी एवं झामुमो के ऊर्जावान नेता आकाश सिंह उर्फ गट्टू अपने समर्थकों के साथ घाटशिला पहुँचे। सभा स्थल पर झामुमो कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ उमड़ी रही। “झामुमो ज़िंदाबाद, मंगल कालिंदी ज़िंदाबाद, झामुमो फिर से!” के नारों से पूरा मैदान गूंज उठा।
युवा नेता आकाश सिंह ने कहा
घाटशिला झारखंड मुक्ति मोर्चा का गढ़ रहा है और आगे भी रहेगा जनता का विश्वास झामुमो के साथ अटूट है। इस बार जनता फिर झामुमो को भारी मतों से विजय दिलाकर इतिहास दोहराएगी।” सभा में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने कहा कि झामुमो ने हमेशा जनता के हक़ की लड़ाई लड़ी है और विकास को प्राथमिकता दी है। जनता अब एक बार फिर अपने पुराने प्रतिनिधि पर भरोसा जताने को तैयार है।
जमशेदपुर: शहर के वरीय अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने कहा कि बार और बेंच के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध समाज और देश – दोनों के हित में हैं। इनके बीच टकराव की स्थिति उत्पन्न ही नहीं होनी चाहिए।
झारखंड हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति राजेश कुमार की पीठ में जो कुछ हुआ, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। वरीय अधिवक्ता महेश तिवारी के पक्ष को धैर्यपूर्वक सुना जाना चाहिए था।
सुधीर कुमार पप्पू ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि अधिवक्ताओं को अपने पेशे में अनेक प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। न्यायालय में लोग राहत पाने की उम्मीद लेकर जाते हैं, और वहां उनके प्रतिनिधि के रूप में बार, अर्थात अधिवक्ता ही होता है।
हर व्यक्ति में व्यक्तिगत विशेषताएँ होती हैं, और अधिवक्ता पर मुवक्किल को राहत दिलाने का मानसिक, पेशागत और आर्थिक दबाव भी होता है। प्रत्येक वकील का अपने पक्ष को रखने का तरीका अलग और विशिष्ट होता है। संभवतः बेंच ने इस पहलू को अन्यथा में लिया होगा।
उन्होंने कहा कि बेंच की तीखी टिप्पणियों को बार सामान्य रूप से सीख के रूप में स्वीकार करता है, जिससे अधिवक्ता की कार्यशैली में निखार और प्रैक्टिस में परिपक्वता आती है। इसके विपरीत, बेंच हर प्रकार के बाहरी दबाव से मुक्त होता है।
ऐसे में, इस विवाद का सर्वमान्य और सौहार्दपूर्ण पटाक्षेप करने के लिए झारखंड राज्य बार काउंसिल तथा बार काउंसिल ऑफ इंडिया को आगे आना चाहिए। बेंच को भी उदारता दिखाते हुए अवमानना प्रकरण के समापन की दिशा में कदम उठाना चाहिए।
सुधीर कुमार पप्पू के अनुसार, यदि इस प्रकरण का पटाक्षेप शीघ्र नहीं होता है, तो झारखंड राज्य बार काउंसिल को पेशे की मर्यादा एवं सम्मान की रक्षा के लिए ठोस निर्णय लेना चाहिए।
जमशेदपुर: समाजवादी चिंतक एवं वरीय अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने देश के बाजारों में चीन निर्मित वस्तुओं की बिक्री पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि यह केंद्र की भाजपा सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के फर्जी देशप्रेम एवं फर्जी राष्ट्रवाद के ढोंग की पोल खोल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हर दिवाली से पहले इनके स्वदेशी आंदोलन से जुड़े समूह चीनी लाइट और चीनी वस्तुओं के बहिष्कार का ढोंग करते हैं, लेकिन इस साल तो दिखावे की औपचारिकता निभाने की भी हिम्मत नहीं जुटा सके हैं। क्यों? देश की जनता को खुलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तथा अन्य भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के फर्जी नारे “वोकल फॉर लोकल” का विरोध करना चाहिए।
सुधीर कुमार पप्पू ने कहा कि जब भाजपा और संघ विपक्ष में थे, तब इनके संगठन बड़ी-बड़ी देशभक्ति की बातें करते थे। मगर बीते 11 वर्षों से देश में भाजपा की सरकार होने के बावजूद चीन के साथ व्यापार घाटा लगातार बढ़ रहा है। आज देश के व्यापारी—जो तथाकथित देशभक्त संगठनों से जुड़े हैं—महिलाओं की टिकुली-बिंदी, सूत, इलेक्ट्रॉनिक सामान और घरेलू उत्पाद तक चीन से मंगा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि देश के कुटीर और लघु उद्योग लगातार बंद हो रहे हैं, बेरोजगारी बढ़ रही है, और न तो सरकार को इसकी चिंता है, न व्यापारियों को। भारत का निर्माण उद्योग अब केवल “असेंबल उद्योग” के रूप में सिमट कर रह गया है, और केंद्र व राज्य सरकारें देश की भोली-भाली जनता को बेवकूफ बना रही हैं।
सुधीर कुमार पप्पू ने नरेंद्र मोदी सरकार से सवाल किया कि आखिर चीन की वस्तुएं भारतीय सीमा में प्रवेश कैसे कर रही हैं और क्यों?
उन्होंने देशवासियों से अपील की है कि वे चीनी वस्तुओं का बहिष्कार करें और इस दीपावली अपने घरों में मिट्टी के दीप जलाएं, जिससे वंचित वर्ग—विशेष रूप से कुम्हार भाइयों—के घरों में भी उजाला और विकास की किरणें पहुंचें। दीप जलाना ही भारतीय संस्कृति और परंपरा का अनन्य हिस्सा है।