एक नई सोच, एक नई धारा

1001940337
12 वैकल्पिक फोटोयुक्त दस्तावेज दिखा कर मतदाता कर सकेंगे मतदान

विधानसभा उप निर्वाचन 2025 के तहत घाटशिला विधानसभा क्षेत्र में 11 नवंबर 2025 को मतदान होगा । ऐसे में मतदाताओं को मतदान करने से पहले मतदाता फोटो युक्त पहचान पत्र (ईपीक) प्रस्तुत करना है। यादि किसी कारणवश मतदाता मतदान केंद्र में ईपीक प्रस्तुत नहीं कर पाते हैं तो ऐसी स्थिति में मतदाता वैकल्पिक फोटो युक्त पहचान पत्र दिखाकर अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकते हैं।

1001940337

मतदान के लिए ईपीक के अलावा 12 अन्य वैकल्पिक दस्तावेज मान्य हैं। इसमें पासपोर्ट, ड्राइविग लाइसेंस, राज्य या केंद्र सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों/पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा अपने कर्मचारियों को जारी किए गए फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र, बैंक या डाकघर द्वारा जारी की गई फोटोयुक्त पासबुक, पेन कार्ड, राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) द्वारा जारी किए गए कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड (श्रम मंत्रालय), फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज,आधार कार्ड,सांसद/विधायक पार्षद को जारी पहचान पत्र एवं विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (यूडीआइडी) शामिल है।

1001990782
भाजपा नेता अप्पा राव के कार्यालय में चोरी, रुपये और दस्तावेज़ की हुई चोरी

गोलमुरी थाना क्षेत्र के टिनप्लेट स्थित संजय सद्भावना मार्केट में बीती रात चोरी की घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। अज्ञात चोरों ने मार्केट के अध्यक्ष एवं भाजपा नेता अप्पा राव के कार्यालय का ताला तोड़कर लगभग 20 से 30 हजार रुपये नकद और कई महत्त्वपूर्ण कागजात चोरी कर लिए।

1001990782

जानकारी के अनुसार, गुरुवार देर रात अप्पा राव कार्यालय बंद करने के बाद कुछ देर वहीं रुके और फिर घर चले गए थे। बताया गया कि नकद राशि कार्यालय की टेबल के दराज में रखी हुई थी। शुक्रवार सुबह आसपास के लोगों ने कार्यालय का ताला टूटा देखा और तुरंत इसकी जानकारी अप्पा राव को दी। जब वे मौके पर पहुंचे तो कार्यालय का सामान बिखरा हुआ मिला।

घटना की सूचना मिलते ही गोलमुरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। अप्पा राव ने इस संबंध में थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। थाना प्रभारी ने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कर जल्द ही आरोपियों को पकड़ा जाएगा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्यालय थाना से कुछ ही दूरी पर स्थित है, इसके बावजूद चोरों ने घटना को अंजाम दे दिया। बताया जा रहा है कि कार्यालय परिसर में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे होने के कारण चोरों को इसका फायदा मिला। फिलहाल पुलिस आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, ताकि चोरों का सुराग लगाया जा सके।

1001987673 scaled
कार्यस्थल पर अजय मुखी का ह्रदय गति रुक जाने पर दर्दनाक मौत

जमशेदपुर : बिरसानगर जोन नंबर 6B मुखी बस्ती निवासी अजय मुखी जो टाटा स्टील के प्रभाग अंतर्गत जुस्को के ठेकेदार अशोक कुमार के अधिन रंग रोगन का कार्य करते थे, आज अचानक सुबह 9:30 से 10 :00 बजे के मध्य कार्यस्थल पर ह्रदय गति रुक जाने से उनकी दर्दनाक मौत हो गई। इसके समाचार मिलते ही बिरसानगर मुखी समाज के मुखिया मनोज मुखी के नेतृत्व में मुखी समाज का प्रतिनिधि मंडल पंहुचें। समाज के पदाधिकारी और ठेकेदार के बीच मध्यस्थता कर तत्काल दाह संस्कार हेतु नगद 15000/ पन्द्रह हजार रुपए अनुदान के रूप में सहयोग किये और श्राद्ध कर्म में भी सहयोग करने का आश्वासन दिया।

1001987673

इस दौरान अनुसूचित जाति जिला महामंत्री सह भालूबासा के मुखिया पोरेश मुखी, सुरेश मुखी बर्मा माइंस के मुखिया, संदीप मुखी टिनपलेट के मुखिया, राकेश मुखी, मनोज मुखी, सुरज मुखी उपस्थित थे।

1001987656
बिहार चुनाव सर्वे में जनता ने बताया अपना मत, जाने जनता की पसंद

राजनीति में समय सबसे बड़ी कसौटी है और बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार ने दो दशक इस कसौटी पर खड़े होकर गुजारे हैं. लेकिन सवाल यह है-क्या जनता भी अब उन्हें उतना ही भरोसेमंद मानती है जितना पहले?

बिहार विधानसभा चुनाव को लेकरआए तीन सर्वे इस सवाल का जवाब देने की कोशिश कर रहे हैं. बिहार चुनाव के पहले चरण के मतदान से पहले आई तीन प्रमुख सर्वे रिपोर्ट्स ने जो तथ्य सामने लाए हैं वो काफी चौंका रहे है. चाणक्य, पोलस्ट्रैट और आईएएनएस-मैटराइज… तीनों एजेंसियों के आंकड़ों का निचोड़ ऐसा है जो बिहार चुनाव को लेकर जनता क्या सोचती है, यह स्पष्ट रूप से जाहिर हो रहा है. दरअसल, विपक्ष जहां नीतीश कुमार को ‘थका हुआ’ नेता बता रहा है, वहीं सर्वे के नतीजे किसी और कहानी की ओर इशारा करते हैं.

1001987656

बिहार चुनाव को लेकर तीन सर्वे एजेंसियों- चाणक्य, पोलस्ट्रैट और आईएएनएस-मैटराइज ने अपने आंकड़े सार्वजनिक किए हैं, और वो इतना तो साफ-साफ बता रहे हैं कि 20 वर्षों के शासन के बावजूद नीतीश कुमार अब भी बिहार की जनता के सबसे भरोसेमंद चेहरा बने हुए हैं.खास बात यह है कि ऐसा तब है जब बीते दो-तीन वर्षों से विपक्ष लगातार उन्हें ‘थका हुआ’ और ‘रिटायरमेंट के लायक’ बताता रहा है, लेकिन सर्वे यह संकेत दे रहे हैं कि बिहार की जनता उन्हें अब भी ‘स्थिरता, सुशासन और भरोसे’ के प्रतीक के रूप में देखती है.

नीतीश लोकप्रिय, 46% की अब भी पहली पसंद

आईएएनएस-मैटराइज सर्वे के अनुसार, 46 प्रतिशत लोगों ने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री के रूप में पहली पसंद बताया है, जबकि तेजस्वी यादव को केवल 15 प्रतिशत समर्थन मिला है. इस सर्वे में 73 प्रतिशत जनता ने माना कि नीतीश कुमार के शासनकाल में कानून-व्यवस्था बेहतर रही है, जबकि लालू यादव के दौर को केवल 12 प्रतिशत लोगों ने अच्छा माना. यह आंकड़ा दर्शाता है कि दो दशक पुराने ‘सुशासन बाबू’ का टैग आज भी जनता के मन में कायम है.

तीन सर्वे, एक नतीजा-बिहार में एनडीए को बढ़त

बिहार के तीनों प्रमुख सर्वे एनडीए को स्पष्ट बढ़त दे रहे हैं. आईएएनएस-मैटराइज के ओपिनियन पोल में एनडीए 153-164 सीटें तो इंडिया गठबंधन 76-87 सीटें दी गई हैं. वहीं, पोलस्ट्रैट के सर्वे में एनडीए 133-143 सीटें और इंडिया गठबंधन 93-102 दी जा रहीं हैं. जबकि चाणक्य के सर्वे आंकड़ों के अनुसार, एनडीए 128-134 सीटें जीत रहा है तो इंडिया गठबंधन 102-108 सीटों पर बढ़त प्राप्त करेगा. इन तीनों रिपोर्टों में एनडीए को बहुमत और नीतीश कुमार को लोकप्रिय नेता बताया गया है. इसका मतलब साफ है-जनता के लिए बिहार में अभी भी ‘परिवर्तन’ से ज्यादा ‘स्थिरता’ अहम है.

‘थके हुए नेता’ की राजनीति बनाम जनता की धारणा

बता दें कि तेजस्वी यादव और प्रशांत किशोर लगातार नीतीश कुमार की उम्र और सेहत पर तंज कसते रहे हैं. तेजस्वी प्राय: कहते हैं कि अब उन्हें (नीतीश कुमार) विश्राम लेना चाहिए और प्रशांत किशोर कहते हैं कि नीतीश कुमार राजनीति के अंत की ओर बढ़ रहे हैं. दोनों यही संकेत देने की कोशिश करते रहे हैं कि बिहार की जनता बदलाव चाहती है. लेकिन, सियासी सच्चाई यही है कि सर्वे इसके विपरीत तस्वीर पेश कर रहे हैं. वोटर नीतीश कुमार के अनुभव, स्थिरता और विकास के प्रतीक के तौर पर अब भी उन्हें प्राथमिकता दे रहे हैं.

मोदी फैक्टर और बिहार में एनडीए गठबंधन का लाभ

सर्वे में यह भी जाहिर होता है कि लोग अनुभव को अधिक वरीयता दे रहे हैं. दरअसल, इन्हीं सर्वे रिपोर्ट्स में बताया गया है कि 63 प्रतिशत लोगों ने माना कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता का बिहार चुनाव पर सीधा असर पड़ेगा. ऐसे में एनडीए को इसका सीधा लाभ मिल रहा है. नीतीश कुमार का संगठनात्मक नेटवर्क और पीएम मोदी की लोकप्रियता, दोनों मिलकर विपक्ष के लिए मुश्किल खड़ी कर रहे हैं.
यही वजह है कि पोलस्ट्रैट के सर्वे में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर रही है, लेकिन जनता मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में नीतीश कुमार को ही प्राथमिकता दे रही है.

जनता बदलाव नहीं, बल्कि बिहार में स्थिरता चाहती है

दरअसल, बिहार में नीतीश कुमार के लंबे कार्यकाल पर लोग थकान से ज़्यादा भरोसे और निरंतरता की भावना से देख रहे हैं. महिलाओं की भागीदारी, शराबबंदी, पंचायत सशक्तिकरण और कानून-व्यवस्था में सुधार जैसे मुद्दे अब भी उनकी पहचान बने हुए हैं. युवाओं में बेरोजगारी जैसे सवाल जरूर हैं, लेकिन सर्वे बताते हैं कि 26 से 59 वर्ष आयु वर्ग के मतदाता अब भी एनडीए के समर्थन में झुके हुए हैं.

नीतीश ‘एंटी-इनकंबेंसी’ के बावजूद ‘प्रो-स्टेबिलिटी’ का चेहरा

तीन अलग-अलग एजेंसियों के सर्वे में समान निष्कर्ष उभरना यह दिखाता है कि बिहार में नीतीश कुमार के प्रति नाराजगी नहीं, बल्कि भरोसे की भावना ज्यादा मजबूत है. विपक्ष भले उन्हें ‘थका हुआ’ बताने की कोशिश कर रहा हो, लेकिन जनता अब भी मानती है कि नीतीश कुमार शासन का ऐसा चेहरा हैं, जिन पर संकट के समय भरोसा किया जा सकता है. कह सकते हैं कि- विपक्ष को नीतीश शायद थके हुए लगें, लेकिन बिहार की जनता अब भी उन्हीं के साथ चलने को तैयार दिखती है.

1001985673
बिहार में 18 जिलों की 121 सीटों पर मतदान आज, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में आज 18 जिलों की 121 सीटों पर वोटिंग हो रही है। इसके मद्देनजर सुरक्षा कड़ी कई गई है, हर बूथ पर सशस्त्र बल तैनाती और वेबकास्टिंग व्यवस्था है। बिहार के पहले चरण में मिथिलांचल, कोसी, मुंगेर डिवीजन और भोजपुर बेल्ट की 121 सीटों पर चुनाव है।

इस फेज के कुल 1314 उम्मीदवारों में 122 महिला प्रत्याशी मैदान में हैं। आरजेडी सबसे ज्यादा सीटों पर चुनाव मैदान में है तो जेडीयू अपने कोटे की आधे से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ रही है।

पहले चरण में वर्तमान सरकार के दोनों डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, राजद नेता तेजस्वी यादव, उनके बड़े भाई तेज प्रताप यादव, बाहुबली अनंत सिंह समेत कई दिग्गज चुनावी मैदान में हैं।

1001985673

दरभंगा, बिहार- पीठासीन अधिकारी शशि कुमार ने कहा, “हम पूरी तरह तैयार हैं, एजेंट आ चुके हैं… अभी तक हमें कोई समस्या नहीं हुई है… सुरक्षा के पूरे इंतजाम हैं।”

कौन सी पार्टी कितनी सीटों पर लग रही है चुनाव

बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में महागठबंधन की तरफ आरजेडी 72 सीट पर चुनाव लड़ रही है तो उसके सहयोगी कांग्रेस 24 और सीपीआई माले 14 सीट पर किस्मत आजमा रहे हैं। वीआईपी और सीपीआई छह-छह सीट पर चुनाव लड़ रही हैं, जबकि सीपीएम तीन और आईपी गुप्ता की इंडियन इंक्लूसिव पार्टी (आईआईपी) ने दो सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। इस तरह छह सीटों पर महागठबंधन की फ्रेंडली फाइट है।

वहीं, एनडीए की तरफ से जेडीयू पहले फेज में 57 सीट पर किस्मत आजमा रही है तो बीजेपी ने 48 सीट पर उम्मीदवार उतारे हैं। चिराग पासवान की एलजेपी (रामविलास) ने 13 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी आरएलएम के दो प्रत्याशी मैदान में हैं और जीतनराम मांझी की हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) भी एक सीट पर चुनाव लड़ रही है।

असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम भी पहले चरण की 8 सीटों पर किस्मत आजमा रही है। साथ ही उनके सहयोगी चंद्र शेखर और स्वामी प्रसाद मौर्य की पार्टी ने भी उम्मीदवार उतारे हैं।

121 सीटों पर कैसा रहा था पिछला चुनाव

121 विधानसभा सीटों पर पिछली बार हुए चुनाव के नतीजे देखें तो महागठबंधन और एनडीए में कांटे की फाइट रही थी। महागठबंधन ने 61 सीटों पर जीत दर्ज की थी जबकि एनडीए को 59 सीटें मिली थीं। एलजेपी पिछली बार अकेले चुनाव मैदान में उतरी थी और उसे सिर्फ एक सीट मिली थी। पहले चरण की जिन 121 सीटों पर चुनाव हो रहे हैं, उसमें सबसे ज्यादा सीटें आरजेडी ने 42 सीटों पर जीत का परचम फहराया था जबकि 32 सीटें बीजेपी ने जीती थीं। जेडीयू के 23 विधायक जीतकर आए थे और कांग्रेस के 8 विधायक थे। इसके अलावा माले के 7, वीआईपी के चार, सीपीआई और सीपीएम के दो-दो विधायक जीते थे। इसके अलावा एलजेपी एक सीट जीती थी।

1001985115 scaled
बिष्टुपुर में नशे में धुत युवक ने मचाया उत्पात, लोगों ने पीटा, पुलिस ने लिया हिरासत में

🛑 जमशेदपुर ब्रेकिंग न्यूज़ | बिष्टुपुर अपडेट 🛑

बिष्टुपुर स्थित मिर्ची रेस्टोरेंट के पास देर रात एक युवक ने नशे की हालत में जमकर उत्पात मचाया। काले रंग की कार (JH05ED 5860) में सवार युवक ने सड़क के बीचोंबीच गाड़ी रोक दी, जिससे ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई।

1001985115

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक शराब के नशे में धुत था और आने-जाने वाले लोगों से बदसलूकी व झगड़ा करने लगा। भीड़ ने जब उसे समझाने की कोशिश की तो उसने गाली-गलौज शुरू कर दी। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने आक्रोश में आकर युवक की पिटाई कर दी।

सूचना मिलते ही बिष्टुपुर थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और हालात पर काबू पाया। पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में लेकर थाने ले गई है। फिलहाल उससे पूछताछ जारी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय ऐसे शराबी तत्व अक्सर इस क्षेत्र में उत्पात मचाते हैं, जिससे परिवारों और राहगीरों को परेशानी होती है। लोग पुलिस से ऐसे तत्वों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

1001985344
गम्हरिया : गोदाम अग्निकांड जांच में टीम ने किया बड़ा खुलासा- “हादसा नहीं, सुनियोजित साजिश थी”

जिले के गम्हरिया प्रखंड परिसर स्थित एसएफसी गोदाम में 28 अक्तूबर की रात लगी भीषण आग ने अब सनसनी फैला दी है. जिला उपायुक्त द्वारा गठित जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि यह कोई सामान्य दुर्घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश थी.

जांच टीम के नेतृत्वकर्ता जिला परिवहन पदाधिकारी गिरिजा शंकर महतो ने बताया कि गोदाम को जलाने के लिए पेट्रोलियम पदार्थों का इस्तेमाल किया गया था. मौके से लाइटर और माचिस बरामद होने से शक गहराया है कि आगजनी की पूरी पटकथा पहले से तैयार की गई थी. टीम ने अपनी रिपोर्ट में दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की अनुशंसा की है.

1001985344

हालांकि आग लगाने वालों की पहचान और एजीएम अभिषेक हजारा तथा ट्रांसपोर्टर राजू सेनापति के झुलसने की असल वजह का खुलासा फोरेंसिक रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही संभव होगा. गौरतलब है कि इस अग्निकांड में दोनों गंभीर रूप से झुलस गए थे. राजू सेनापति की मौत सोमवार को, जबकि अभिषेक हजारा ने मंगलवार को टीएमएच के बर्न यूनिट में दम तोड़ दिया था.

भोला तिवारी का नाम चर्चा में- डीलरों में खौफ, घटना के बाद से भूमिगत

जांच जैसे- जैसे आगे बढ़ रही है, एक नाम तेजी से सुर्खियों में है वो नाम हरिदत्त तिवारी उर्फ़ भोला तिवारी का है. डीलरों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर यह सामने आया है कि भोला तिवारी पीडीएस खाद्यान्न का कुख्यात माफिया है, जिसका लंबा आपराधिक इतिहास रहा है. सूत्रों के अनुसार, भोला तिवारी पहले एक राशन डीलर था, लेकिन कालाबाजारी और अनियमितताओं के आरोप में उसका लाइसेंस निरस्त कर दिया गया था. इसके बाद उसने सूचना का अधिकार (RTI) कानून का दुरुपयोग कर ब्लैकमेलिंग का धंधा शुरू कर दिया. बताया जाता है कि कोरोना काल में उसने एक महिला डीएसओ अधिकारी को भी ब्लैकमेल करने का प्रयास किया था, जिसके बाद आरआईटी पुलिस ने 2022 में उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था.

ब्लैकमेलिंग से खड़ी की स्कॉर्पियो- अफसरों और डीलरों पर था दबदबा

स्थानीय डीलरों के अनुसार, भोला तिवारी ने ब्लैकमेलिंग से हुई कमाई से हाल ही में एक नई स्कॉर्पियो खरीदी थी, हालांकि वाहन किसके नाम पर है, यह अब भी जांच का विषय है. बताया जा रहा है कि उसका प्रभाव जिले के कई प्रखंडों में था और कई अधिकारियों से करीबी संबंध भी थे. सूत्रों के मुताबिक, भोला तिवारी एजीएम अभिषेक हजारा को भी लगातार ब्लैकमेल कर रहा था. वह बिना वेतन सरकारी गोदाम में ‘अवैध कार्यकर्ता’ की तरह सक्रिय रहता था और पीडीएस से जुड़ी कई गड़बड़ियों में उसकी भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है. यहां तक कि हाजरा के साथ हुए हादसे के बाद उसने प्रभारी एमओ के साथ मिलकर डीलरों से चंदा वसूली की योजना बनाई थी इसकी भनक मिडिया को लगते ही दोनों सावधान हो गए थे. मिली जानकारी के अनुसार भोला के इशारे पर ही विभागीय अधिकारी अब कंप्यूटर ऑपरेटर अशोक शर्मा को फसाने की साजिश रच रहे हैं. बुधवार को भोला तिवारी द्वारा यह भ्रम फैलाया गया कि पुलिस अशोक शर्मा को कभी भी गिरफ्तार कर सकती है ताकि अशोक भूमिगत हो जाए और पुलिस एवं परिजनों का शक अशोक को लेकर गहरा जाए.

अब पुलिस पर सबकी निगाहें- क्या खुलेगा गम्हरिया आगकांड का राज़

अब प्रशासन और पुलिस दोनों की जांच का फोकस इस भयावह आग के साजिशकर्ता और उसके मकसद को उजागर करने पर है. यह मामला केवल सरकारी संपत्ति के नुकसान का नहीं, बल्कि दो लोगों की जान लेने वाली सुनियोजित साजिश का प्रतीत होता है. जिला प्रशासन ने बताया कि भोला तिवारी की पृष्ठभूमि और नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है. स्थानीय डीलरों और आम लोगों में चर्चा है कि यदि पुलिस ने निष्पक्ष जांच की, तो यह मामला पूरे पीडीएस तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार का पर्दाफाश कर सकता है.

1001985170
घाटशिला उपचुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने चलाया जनसंपर्क अभियान

घाटशिला उपचुनाव को लेकर जादूगोड क्षेत्र में आज भाजपा प्रत्याशी श्री बाबूलाल सोरेन के समर्थन में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने जनसंपर्क अभियान चलाया। इस दौरान उन्होंने सिदो-कान्हू जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

1001985170

जनसंपर्क के दौरान स्थानीय लोगों ने भाजपा नेताओं का जोरदार स्वागत किया। लोगों ने अपनी समस्याएं साझा करते हुए कहा कि हेमंत सरकार पूरी तरह विफल रही है और अब क्षेत्र की जनता परिवर्तन के मूड में है।

रघुवर दास ने कहा कि जनता इस बार विकास और सुशासन के पक्ष में मतदान करेगी और घाटशिला की धरती पर कमल खिलेगा। उन्होंने बजरंग बली का दर्शन-पूजन कर क्षेत्र की शांति, समृद्धि और जनता के कल्याण की कामना की।

📍 रिपोर्ट: टीम तीसरी धारा, अंकित सिन्हा

1001985340
मोस्ट वॉन्टेड दाऊद इब्राहिम की संपत्ति की नीलामी में नहीं लगी बोली, सरकार की कोशिश नाकाम

मुंबई: अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के देश छोड़ने के कई दशक बाद भी उसका आतंक और डर आज भी कायम है। इसका ताजा उदाहरण रत्नागिरी जिले के खेड़ तालुका के मुंबके गांव में स्थित उसकी जब्त की गई संपत्ति की नीलामी में देखने को मिला, जहां किसी ने भी बोली लगाने की हिम्मत नहीं की।

1001985340

सरकार ने इन जमीनों की कीमत में 30 प्रतिशत तक की कटौती कर इन्हें नीलामी के लिए रखा था। बावजूद इसके, 4 नवंबर को हुई नीलामी में एक भी खरीदार सामने नहीं आया। इन चार कृषि भूखंडों के लिए कुल आरक्षित मूल्य 20 लाख रुपये तय किया गया था।

ये सभी संपत्तियां दाऊद की बहन हसीना पारकर के नाम पर पंजीकृत हैं और इन्हें SAFEMA (Smugglers and Foreign Exchange Manipulators Act) के तहत जब्त किया गया है। चारों प्लॉटों का कुल क्षेत्रफल लगभग 21,784 वर्ग मीटर है — जिसमें क्रमशः 171, 10,420, 8,953 और 2,240 वर्ग मीटर के भूखंड शामिल हैं।

नीलामी एजेंसियों के अनुसार, दाऊद के नाम से जुड़ी इन संपत्तियों में निवेश करने से लोग भय और विवादों के कारण दूर रहते हैं। सरकार अब इन संपत्तियों को दोबारा नीलामी के लिए लाने की संभावना पर विचार कर रही है।

📍रिपोर्ट: टीम तीसरी धारा, अंकित सिन्हा

1001985185
प्रिंस खान गिरोह के 4 लोग गिरफ्तार, हथियार सहित लाखों बरामद

धनबाद पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए हैदर अली उर्फ प्रिंस खान गैंग के चार सक्रिय अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से ₹17 लाख 34 हजार 900 रुपये नगद, एक 6-चक्रीय पिस्टल, 47 जिंदा गोलियां, 70 से अधिक जमीन के डीड और एग्रीमेंट पेपर, 18 एटीएम कार्ड, 5 पासबुक और 1 चेकबुक बरामद किया है।

1001985185

गुप्त सूचना के आधार पर वरीय पुलिस अधीक्षक धनबाद के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण व नगर) के नेतृत्व में 6 डीएसपी, 7 इंस्पेक्टर, 36 सब-इंस्पेक्टर और 60 पुलिसकर्मियों की टीम गठित कर छापेमारी की गई।
यह छापेमारी 4 नवंबर की सुबह बैंकमोड़, वासेपुर और भुली इलाके में की गई, जहां से आरोपितों के घरों से भारी मात्रा में नगद व दस्तावेज बरामद हुए।

गिरफ्तार अपराधियों में शामिल हैं —
1️⃣ परवेज खान (55 वर्ष) — नया बाजार, कबाड़ी पट्टी, धनबाद
2️⃣ सैफ आलम उर्फ राशिद (31 वर्ष) — कमरमखदुमी रोड, वासेपुर
3️⃣ तौशिफ आलम उर्फ मुसा (33 वर्ष) — मंदिर ग्राउंड, नवीनगर, वासेपुर
4️⃣ इम्तियाज अली उर्फ लाडले (46 वर्ष) — शमशेर नगर, भुली ओपी

पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि ये चारों प्रिंस खान गिरोह के स्लीपर सेल के रूप में काम करते थे। वे गिरोह के लिए व्यापारियों व पेट्रोल पंप संचालकों से रंगदारी वसूली, जानकारी एकत्र करने, और गैंग के सदस्यों को ठहराने व सुविधाएं देने का काम करते थे।

पुलिस के अनुसार, वसूली की रकम को हवाला और क्रिप्टोकरेंसी (USDT) के जरिए प्रिंस खान तक पहुंचाया जाता था, जबकि कुछ राशि को जमीन कारोबार में निवेश कर वैध बनाया जाता था।

इस मामले में बैंकमोड़ थाना कांड संख्या 279/25 दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब तकनीकी और वैज्ञानिक जांच के जरिये गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश में जुटी है।

📍रिपोर्ट: टीम तीसरी धारा, अंकित सिन्हा

error: Content is protected !!