घाटशिला उपचुनाव में सोमेश सोरेन की धमाकेदार और ऐतिहासिक जीत ने पूरे इलाके में उत्साह का माहौल बना दिया है। कदमा–सोनारी कांग्रेस के अध्यक्ष अभिषेक मोहंती ने इस प्रचंड बहुमत को जनता के भरोसे और महागठबंधन की एकजुटता की जीत बताया है।
अभिषेक मोहंती ने कहा कि — “यह सिर्फ एक चुनावी जीत नहीं, बल्कि झारखंड की जनता के विश्वास, अधिकार और विकास की राजनीति का प्रचंड संदेश है। यह जीत स्वर्गीय रामदास सोरेन को सच्ची श्रद्धांजलि है और महागठबंधन के सामूहिक संघर्ष का प्रतिफल है।”
उन्होंने आगे कहा कि घाटशिला की यह जीत साफ़ दर्शाती है कि जनता नफरत की राजनीति को नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, विकास और भाईचारे के रास्ते को चुन रही है।
अंत में अभिषेक मोहंती ने झामुमो परिवार, महागठबंधन के सभी कार्यकर्ताओं और घाटशिला की सम्मानित जनता को धन्यवाद देते हुए कहा— “हम सब मिलकर झारखंड को नए विकास की दिशा देंगे… घाटशिला की जीत महागठबंधन की ताकत की जीत है, और सोमेश सोरेन की जीत जनता की उम्मीदों की जीत है।”
जमशेदपुर : भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश मंत्री अमित अग्रवाल ने बिहार विस चुनाव में भाजपा गठबंधन की प्रचंड जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह जीत केवल राजनीतिक परिणाम नहीं, बल्कि बिहार की जनता द्वारा विकास, स्थिरता और सुशासन के प्रति अभूतपूर्व विश्वास का प्रतीक है. अमित ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने धरातल पर जो विकास कार्य किए, उनकी वास्तविक गूंज जनता तक पहुंची और जनता ने उसी विश्वास को जनादेश की सुनामी में बदल दिया. आज बिहार की जनता ने यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि जो विकास करेगा, वही शासन करेगा.
उन्होंने कहा कि सरकार ने गरीबों, किसानों, युवाओं, महिलाओं और वंचित समाज के लिए अभूतपूर्व योजनाएँ चलाईं. हर वर्ग की आवाज़ को सुना, हर दरवाज़े तक सेवा पहुंचाई, और इसी सेवा भाव ने जनता के दिल में गहरी जगह बनाई. बिहार ने जंगलराज को सदा के लिए समाप्त करने का संकल्प लिया है. यह चुनाव परिणाम अपराध और अराजकता की राजनीति के खिलाफ जनता का कठोरतम निर्णय है.
जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के नौगाम पुलिस स्टेशन में शुक्रवार देर रात एक भीषण धमाका हुआ, जिसमें 7 लोगों की मौत हो गई और 27 लोग घायल हुए। अधिकारियों का कहना है कि घायलों में 5 की हालत बेहद गंभीर है, इसलिए मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
कैसे हुआ धमाका?
नौगाम थाना परिसर में जब्त किए गए विस्फोटकों का बड़ा जखीरा रखा गया था। फॉरेंसिक टीम और पुलिसकर्मी इन विस्फोटकों की जांच और सैंपलिंग कर रहे थे तभी अचानक भारी धमाका हो गया। धमाका इतना तेज था कि पुलिस स्टेशन की इमारत का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। पुलिस स्टेशन के अंदर आग लग गई और दूर तक धुआं फैल गया।
कौन-कौन हुए प्रभावित?
मारे गए लोगों में ज्यादातर पुलिसकर्मी और फॉरेंसिक विशेषज्ञ शामिल हैं। एक नायब तहसीलदार और प्रशासन के एक अन्य अधिकारी की भी मौत हुई है। घायलों को सेना के 92 बेस अस्पताल और SKIMS अस्पताल में भर्ती कराया गया है
बड़ी आतंकी साजिश का खुलासा
यह वही नौगाम थाना है जिसने हाल ही में जैश-ए-मोहम्मद के पोस्टर मॉड्यूल का पर्दाफाश किया था। इन पोस्टरों में कश्मीर में सुरक्षा बलों और बाहरी लोगों पर बड़े हमले की धमकी दी गई थी।
‘टेरर डॉक्टर’ का नेटवर्क सामने आया
जांच में पता चला कि यह मॉड्यूल उच्च शिक्षित प्रोफेशनल्स चला रहे थे,इन्हें पुलिस ने ‘व्हाइट-कॉलर टेरर मॉड्यूल’ नाम दिया है।
अब तक गिरफ्तार किए गए प्रमुख लोग:
डॉ. अदील अहमद राथर – अनंतनाग मेडिकल कॉलेज में कार्यरत
डॉ. मुज़म्मिल शकील – हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह मेडिकल कॉलेज में कार्यरत
डॉ. शाहीन सईद – उसी कॉलेज से गिरफ्तार
इन डॉक्टरों के ठिकानों से पुलिस ने करीब 3,000 किलो अमोनियम नाइट्रेट,हथियार और कई डिजिटल उपकरण जब्त किए थे।
दिल्ली ब्लास्ट से कनेक्शन
कुछ दिन पहले दिल्ली में लाल किले के पास हुई कार ब्लास्ट (जिसमें 13 लोग मारे गए) की जांच ने इस पूरे मॉड्यूल को बेनकाब किया। NIA के अनुसार हॉरर कार ब्लास्ट वाली Hyundai i20 डॉक्टर उमर नबी चला रहा था। संदिग्धों ने संभवतः घबराहट में IED गलत तरीके से असेंबल किया, इसलिए विस्फोट अत्यधिक विनाशकारी नहीं हो पाया।
विस्फोटक कहां से आया?
फरीदाबाद के एक घर से बरामद भारी मात्रा में विस्फोटक (3000 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट) का हिस्सा जांच के लिए श्रीनगर लाया गया था। इसी की सैंपलिंग के दौरान नौगाम पुलिस स्टेशन में घातक विस्फोट हो गया।
घाटशिला उपचुनाव में झामुमो उम्मीदवार सोमेश चंद्र सोरेन ने 20वें राउंड की गिनती के बाद 38,524 वोटों से जीत दर्ज की. उन्हें कुल 1,04,794 वोट मिले.
बीजेपी उम्मीदवार बाबूलाल सोरेन को 66,270 वोट और जेएलकेएम के रामदास मुर्मू को 11,542 वोट मिले. बीजेपी को मिली इस हार के बाद पार्टी नेता और प्रदेश के पूर्व सीएम चंपई सोरेन की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफा़ॅर्म एक्स पर लिखा-झारखंड में हमारी लड़ाई घुसपैठियों की वजह से बदलती डेमोग्राफी एवं धर्मांतरण के खिलाफ, तथा आदिवासी समाज की भाषा, संस्कृति, परंपरा एवं अस्तित्व को बचाने के लिए है.
यह रास्ता काफी जटिल है, बोले चंपई सोरेन
आगे चंपई सोरेन ने लिखा, ”मुझे पता है कि यह रास्ता काफी जटिल है, और इसमें कई बाधाएं आयेंगी, लेकिन हम झुकेंगे नहीं. घाटशिला विधानसभा क्षेत्र के सभी समर्थकों को धन्यवाद. इस बार, शायद हम जनता को अपनी बातें समझाने में सफल नहीं हो पाये, इसीलिए… मेरा स्पष्ट तौर पर मानना है कि चुनाव आते-जाते रहेंगे, हार- जीत होती रहेगी, लेकिन हमारा समाज बचना चाहिए, हमारा अस्तित्व बचे रहना चाहिए, आदिवासियत बची रहनी चाहिए, नहीं तो सब कुछ खत्म हो जायेगा.”
….उस दिन हम हार जायेंगे
उन्होंने आगे लिखा, ”जिस दिन हम पाकुड़, साहिबगंज समेत कई जिलों में अल्पसंख्यक हो चुके आदिवासी समाज एवं भूमिपुत्रों की जमीनों और वहां रहने वाली बहू-बेटियों की अस्मत की रक्षा ना कर सके, उस दिन हम हार जायेंगे. झारखंड के आदिवासियों एवं मूलवासियों की जमीन एवं धर्म- संस्कृति की रक्षा के लिए हमारा संघर्ष जारी रहेगा. जब कभी भी इस राज्य में आदिवासियों पर अत्याचार होगा, उनके अधिकार छीने जायेंगे, हर बार हम विरोध करते रहेंगे.जय झारखंड!
मतगणना 20 चरणों में हुई घाटशिला सीट पर
घाटशिला सीट पर 11 नवंबर को हुए उपचुनाव में 74.63% मतदान हुआ था. पूर्वी सिंहभूम के जिला निर्वाचन अधिकारी कर्ण सत्यार्थी ने बताया कि मतगणना 20 चरणों में हुई. इस सीट से 13 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला झामुमो के सोमेश चंद्र सोरेन और बीजेपी उम्मीदवार बाबूलाल सोरेन (पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पुत्र) के बीच देखा गया.
रांची : सुप्रियो भट्टाचार्य शुक्रवार को हरमू स्थित पार्टी के कैंप कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि विनाश काले विपरीत बुद्धि, किसी का दुर्घटना में घायल हो जाना अलग बात है, उसका इलाज हो सकता है, लेकिन कोई आत्महत्या ही कर ले तो क्या उपाय है, उसी तरह चंपई सोरेन ने भाजपा में जाकर अपनी राजनीतिक आत्महत्या कर ली.
घाटशिला उपचुनाव के नतीजों पर उन्होंने कहा कि वहां की जनता ने भारी मतों से झामुमो प्रत्याशी सोमेश सोरेन को विजयी बनाकर सीएम हेमंत सोरेन के नेतृत्व पर मुहर लगाई है और दिशोम गुरु शिबू सोरेन तथा रामदास सोरेन को श्रद्धांजलि दी है.
भट्टाचार्य ने कहा कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने जिस प्रकार की नकारात्मक राजनीति वहां की, प्रपंच किया, उसका करारा जवाब घाटशिला की जनता ने दिया है. अब भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को विचार करना होगा कि ऐसी नकारात्मक राजनीति करने वाले को संगठन से विदाई दें.
उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव के नतीजे जनादेश नहीं, ज्ञानादेश हैं. यह लोकतंत्र की हत्या है. वहां का कोई भी मतदाता इस नतीजे को पचा ले, यह असंभव है. हमने कभी नहीं देखा कि कोई पार्टी 100 सीटों पर लड़े और 95 सीटें हासिल कर ले.
उन्होंने कहा कि यदि झामुमो महागठबंधन के साथ बिहार चुनाव में लड़ी होती तो निश्चित रूप से महागठबंधन मजबूत होता. कांग्रेस, राजद और वाम दलों को आदिवासी, दलित और शोषित के संघर्ष की पूरी जानकारी नहीं है. इसलिए ऐसे नतीजे आए हैं, यदि उन्हें समझ होती तो हम उस चुनाव का हिस्सा होते.
उन्होंने कहा कि उपचुनाव के नतीजे के बाद हम समीक्षा करेंगे. यदि उपचुनाव से पहले रांची आकर तेजस्वी यादव हेमंत सोरेन से बात कर लेते तो नतीजे कुछ और होते. हारे का हेमंत सोरेन है सहारा यह, मंत्र कांग्रेस और राजदवालों को जपना चाहिए.
कल्पनापुरी कॉलोनी, आदित्यपुर के रिहायशी इलाके में आज दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कॉलोनी के रोड नंबर-2 स्थित एक मकान में भीषण आग लग गई. घटना शाम लगभग 3:45 बजे की बताई जा रही है. जानकारी के अनुसार, रोड नंबर-02 के मकान संख्या 139/88, जो अक्षय कुमार का है, उसकी तीसरी मंजिल पर बने कपड़ों के गोदाम में आज दोपहर के समय अचानक आग भड़क उठी.
देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया. स्थानीय लोगों ने छत से उठते घने धुएं और आग की लपटों को देखा तो आदित्यपुर नगर निगम को इसकी सूचना दी. सूचना मिलने पर नगर निगम की टीम वहां पहुंची तथा उसके बाद नगर निगम की टीम ने पास स्थित छत की टंकी से पानी निकालकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया.
हालांकि आग इतनी तेज थी कि स्थानीय प्रयास पर्याप्त नहीं हो सके. उसके बाद फायर ब्रिगेड की टीम को बुलाया गया. मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. परन्तु तब-तक गोदाम में रखा पूरा रेडीमेड कपड़ों का स्टॉक जलकर राख हो चुका था. बताया जा रहा है कि अक्षय कुमार पहले दिल्ली में रेडीमेड गारमेंट का कारोबार करते थे. परन्तु लॉकडाउन के बाद कल्पनापुरी स्थित अपने घर लौटकर वे इसी मकान की छत पर कपड़ों का छोटा गोदाम बनाकर व्यवसाय कर रहे थे.
वहीं, आगजनी की इस घटना से पूरी कॉलोनी में हड़कंप मचा गया. आस-पास के लोग भी अपने-अपने मकान से बाहर निकल आए. घटना में लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है. समाचार लिखे जाने तक फायर ब्रिगेड की टीम गोदाम में धधक रहे हिस्सों को पूरी तरह ठंडा करने में लगी हुई थी.
झारखंड में कल स्कूल-कालेज और दफ्तर बंद रहेंगे। राज्य सरकार ने कल छुट्टी का ऐलान किया है। इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिया गया है। जारी आदेश के मुताबिक सरकार ने भगवान बिरसा मुंडा जयंती और राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर 15 नवंबर 2025 (शनिवार) को छुट्टी घोषित की है। कार्मिक विभाग के संयुक्त सचिव आसिफ हसन द्वारा 14 नवंबर को जारी किया है।
एन.आई. एक्ट के तहत भी घोषित हुआ अवकाश आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कार्मिक विभाग की पूर्व अधिसूचना संख्या-6776, दिनांक 14.10.2024 के तहत 15 नवंबर 2025 को कार्यपालक आदेश के आधार पर अवकाश निर्धारित किया गया था। अब इस अवकाश को एन.आई. एक्ट (Negotiable Instruments Act) के अंतर्गत भी वैध सार्वजनिक अवकाश के रूप में शामिल कर लिया गया है।
इसका अर्थ है कि इस दिन सरकारी कार्यालयों के साथ-साथ बैंक और अन्य वित्तीय संस्थान भी बंद रहेंगे। आदेश में आगे कहा गया है कि कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग की अधिसूचना संख्या-6778, दिनांक 14.10.2024 को इस आदेश के अनुरूप संशोधित समझा जाए।
राज्य स्थापना दिवस और भगवान बिरसा मुंडा का योगदान
आपको बता दें कि 15 नवंबर झारखंड के लिए बेहद महत्वपूर्ण दिन है। इसी दिन वर्ष 2000 में झारखंड राज्य का गठन हुआ था। इसके अलावा यह तारीख भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के रूप में पूरे राज्य में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई जाती है।भगवान बिरसा मुंडा ने उन्नीसवीं सदी में अंग्रेजों और जमींदारी शोषण के खिलाफ उलगुलान आंदोलन का नेतृत्व किया था। उनकी विरासत और संघर्ष आज भी आदिवासी समाज और पूरे झारखंड के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
सरकार द्वारा इस दिन को एन.आई. एक्ट के तहत अवकाश घोषित किए जाने से यह और अधिक प्रभावी तरीके से पूरे प्रदेश में मनाया जा सकेगा।
सरकारी कार्यक्रम और तैयारियां राज्य सरकार हर वर्ष की तरह इस बार भी 15 नवंबर को विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करेगी। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर रांची में मुख्य समारोह आयोजित होने की संभावना है, जिसमें मुख्यमंत्री, मंत्रिमंडल के सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।
झारखंड की चर्चित घाटशिला विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने एक बार फिर अपनी चुनावी ताकत का प्रदर्शन किया है. दिवंगत विधायक रामदास सोरेन के पुत्र सोमेश सोरेन ने भारी मतों से जीत दर्ज कर पहली बार झारखंड विधानसभा में प्रवेश करने की राह पर हैं.
रामदास सोरेन: जमीन से जुड़े नेता, जनता का गहरा विश्वास दिवंगत रामदास सोरेन घाटशिला की राजनीति में एक सरल व लोकप्रिय जननेता के रूप में स्थापित रहे. आदिवासी समाज की आवाज उठाने, स्थानीय विकास को गति देने और खनन प्रभावित क्षेत्रों में जनसुरक्षा सुनिश्चित करने के कारण उन्होंने एक मजबूत जनाधार तैयार किया था.
उनके असामयिक निधन के बाद उपचुनाव में जनता ने भावनात्मक समर्थन और विश्वास के साथ उनके पुत्र सोमेश को आगे बढ़ने का मौका दिया.
पहली बार विधानसभा पहुँचने जा रहे सोमेश सोरेन—युवा नेतृत्व की नई उम्मीद उपचुनाव में सोमेश सोरेन ने पहली बार चुनावी मैदान में उतरते हुए बेहद सादगीपूर्ण और जमीनी अभियान चलाया. गांव–गांव जाकर जनता से संवाद करने और अपने पिता के अधूरे कार्यों को पूरा करने के संकल्प ने उन्हें अपार समर्थन दिलाया.
युवा और साफ छवि वाले सोमेश को विशेषकर आदिवासी समुदाय, खनन क्षेत्रों के मजदूरों, ग्रामीण महिलाओं और युवाओं का भारी समर्थन मिला., अब तक की मतगणना ने साबित कर दिया कि जनता ने अपने नए प्रतिनिधि के रूप में उन्हें पूरी तरह स्वीकार करने का मन लगभग बना लिया है.
झामुमो का दबदबा बरकरार, विपक्ष की रणनीति फेल घाटशिला उपचुनाव झामुमो के लिए उत्साहजनक संदेश लेकर आया है. यह साबित करता है कि पार्टी की संगठनात्मक मजबूती और क्षेत्रीय नेतृत्व पर जनता का भरोसा अभी भी कायम है.
वहीं दूसरी ओर भाजपा सहित विपक्षी दलों के लिए यह मतगणना का अब तक का रुझान निराशाजनक रहा, जो पूरी ताकत के साथ इस उपचुनाव में उतरे थे.
मतगणना- राउंड 20 (अंतिम राउंड)
1. बाबूलाल सोरेन, भाजपा- 66270
2. सोमेश चंद्र सोरेन, झामुमो- 104794
3. पंचानन सोरेन, भारत आदिवासी पार्टी (BAP) – 1047
4. पार्वती हांसदा, पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया(डेमोक्रेटिक) – 386