मुंबई की साइबर सेल पुलिस ने धोखाधड़ी के एक नए तरीके का खुलासा किया है. अभी तक ये ठग लोगों को लालच देकर ठग रहे थे लेकिन अब इन ऑनलाइन ठगों ने पुलिस के नाम पर लोगों को ठगना शुरू कर दिया है.
मुंबई पुलिस ने एक नए तरह के घोटाले का भंडाफोड़ किया है. रिपोर्ट के मुताबिक, विभिन्न पुलिस स्टेशनों के नाम पर टेलीग्राम चैनल बनाकर लोगों को धोखा दिया जा रहा है।
कैसे हो रहा है फर्जीवाड़ा? पुलिस के मुताबिक साइबर ठग पुलिस स्टेशनों के नाम पर टेलीग्राम ग्रुप और चैनल बना रहे हैं. इसके बाद मैसेज भेजकर लोगों को झूठे केस में फंसा रहे हैं और पैसे ट्रांसफर करवा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है जिसमें एक 70 वर्षीय महिला से फर्जी मामले में 3.5 लाख रुपये की ठगी की गई है.
क्या बात है आ? पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, 70 साल की एक महिला को एक अनजान नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले व्यक्ति ने बताया कि वह लखनऊ कस्टम विभाग से बोल रहा है। फोन करने वाले ने बताया कि उसके नाम पर लखनऊ कस्टम विभाग में एक पार्सल आया है, जिसमें कुछ कपड़े, एक लैपटॉप, 20 पासपोर्ट और 150 ग्राम मेफेड्रोन (ड्रग्स) मिला है। यह पार्सल म्यांमार से आया है.
इसके बाद फर्जी कस्टम अधिकारी ने उसकी बात गोमती नगर थाने के एक फर्जी अधिकारी से कराई. इसके बाद उनसे केस खत्म करने के लिए टेलीग्राम ऐप डाउनलोड करने को कहा गया. ऐप डाउनलोड करने के बाद यूजर की गोमती नगर थाने के नाम की आईडी से वीडियो कॉल पर पुलिस की वर्दी पहने एक शख्स से बात कराई गई, जो फर्जी पुलिसकर्मी था। इसके बदले मामले को खत्म करने के लिए 3.5 लाख रुपये एक बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए गए।
पुलिस ने कहा- ऐसे ग्रुप या चैनल से दूर रहें इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने कहा है कि थाने के नाम से सोशल मीडिया पर चल रहे किसी भी ग्रुप को ज्वाइन न करें और किसी भी मैसेज का रिप्लाई न करें. किसी भी कीमत पर पैसे ट्रांसफर करने की गलती न करें.
मंगलवार को आजसू छात्र संघ के कोल्हान अध्यक्ष हेमंत पाठक अपने छात्र संघ के टीम के साथ आजसू पार्टी के प्रधान महासचिव सह पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस से मिले। इस दौरान उन्होंने छात्र संघ की मजबूती पर चर्चा की और आगामी 10 फरवरी को आजसू छात्र संघ का सम्मलेन आयोजित करने को लेकर रणनीति बनाई। (जारी…)
इस दौरान छात्र संघ की कोल्हान कमेटी, जिला कमेटी, नगर कमेटी को नए सिरे से बनाने पर चर्चा हुई। रामचंद्र सहिस ने इस बाबत महत्वपूर्ण दिशा निर्देश दिए। बैठक के बाद हेमंत पाठक के निर्देश पर कोल्हान महासचिव बिमलेश मंडल ने संघ की कोल्हान विश्वविद्यालय कमेटी, पूर्वी सिंहभूम जिला कमेटी, जमशेदपुर नगर कमेटी को भंग कर दिया। (जारी…)
हेमंत पाठक ने कहा कि आजसू छात्र संघ को पूरे कोल्हान में मजबूत करना है। छात्र संघ से निरंतर दूसरे छात्र संघ के छात्र नेताओं का जुड़ाव हो रहा है। हमारी कमेटी भंग कर दी गई है। अब अगले महीने नई कमेटी का गठन किया जाएगा और हमारी यह प्राथमिकता रहेगी कि नए चेहरे को सामने लाया जाय। दूसरे छात्र संघ से आए हुए छात्र नेताओं को भी उचित सम्मान देने के साथ नए आंदोलन की राह को तेज करने पर बल दिया जाएगा।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने जेएसएससी सीजीएल की परीक्षा में हुई भारी अनियमितता व पेपर लीक का विरोध किया है. इसे लेकर मंगलवार को अभाविप वर्कर्स कॉलेज इकाई के कार्यकर्ताओं ने महानगर सह मंत्री शुभम राज के नेतृत्व में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन किया व विरोध जताया. (जारी…)
शुभम राज ने कहा कि राज्य सरकार पर पहले से ही भ्रष्टाचार के कई गंभीर आरोप लग चुके हैं. अब इस प्रकार इतने बड़े परीक्षा का प्रश्न पत्र का लीक हो जाना पूरे सरकारी तंत्र को संदेह के घेरे में खड़ा करता है. विद्यार्थी कई महीनों से जुट कर अपने भविष्य को संभालने के लिए इस परीक्षा की तैयारी में लगे हुए थे, लेकिन प्रश्न पत्र लीक हो जाने के बाद उनका पूरा भविष्य अधर में लटक गया है. अभाविप सरकार से स्पष्ट रूप से मांग करता है कि इस पूरे घटना की सीबीआई जांच हो और आरोपियों पर कठोर कार्रवाई की जाए. (जारी…)
अभाविप कार्यकर्ता सौरभ ठाकुर ने कहा कि यह सरकार शुरू से ही छात्र विरोधी रवैया के साथ काम करती है. यदि इस बार दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती है तो झारखंडी युवाओं के साथ मिलकर अभाविप प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन खड़ा करेगा और इस छात्र विरोधी सरकार को सत्ता से उखाड़फेंकेगा. विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से अविनाश कुमार ,प्रिंस सिंह, ओम शर्मा, मोनू यादव ,आकाश कुमार, गौरव कुमार सहित कई छात्र-छात्राएं उपस्थित थे.
त्रिकोणाीय प्रेम-प्रसंग में एक शिक्षक और एक शिक्षिका की हत्या कर दी गई. वहीं दोनों को गोली मारने वाले आरोपी शिक्षक ने भी खुद को गोली मार ली. अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई. मामला गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट स्थित उत्क्रमित विद्यालय चतरा की है.यह घटना मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे की है. (जारी…)
घटना को लेकर बताया जा रहा है कि स्कूल के सभी शिक्षक लाइब्रेरी भवन में बैठे हुए थे. अचानक शिक्षक रवि रंजन ने अपने पास से देसी पिस्तौल निकाल कर सबसे पहले शिक्षिका सुजाता कुमारी के ऊपर गोली चलाई. गोली लगते ही सुजाता कुमारी कुर्सी से लुढ़क कर नीचे गिर गई और मौके पर ही उनकी मौत हो गई. जबकि दूसरी गोली आदर्श सिंह पर चलायी गयी. आदर्श सिंह ने कुर्सी पर बैठे-बैठे ही दम तोड़ दिया. इसके बाद आरोपी शिक्षक रवि रंजन ने खुद के सिर में भी गोली मार ली. गोली लगते ही वह जमीन पर गिर पड़ा. घटना की खबर फैलते ही आसपास के सैकड़ों ग्रामीण स्कूल में जमा हो गए. सदर एसडीपीओ जेपीएन चौधरी पोड़ैयाहाट थाना प्रभारी भी मौके पर पहुंचे और घायल शिक्षक को इलाज के लिए अस्पताल भेजा. जहां इलाज के दौरान रवि रंजन की भी मौत हो गई. घटना में मृत शिक्षिका सुजाता कुमारी ग्राम दांडे की निवासी है. जबकि रवि रंजन पोड़ैयाहाट के निवासी हैं. वहीं मृतक आदर्श सिंह यूपी के बताए जा रहे हैं. (जारी…)
बताया जा रहा है कि रवि रंजन का पहले से सुजाता कुमारी के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा था. बाद में सुजाता की नजदीकियां आदर्श सिंह के साथ बढ़ने लगी. यह बात रवि को नागवार गुजरी और उसने पूरे खेल को ही समाप्त कर देने का बड़ा फैसला ले लिया. इसके लिए योजना बनाकर तीन नए-नए देसी रिवॉल्वर की व्यवस्था की और तीनों गोली अलग-अलग रिवॉल्वर से चलायी. पुलिस ने घटना में प्रयुक्त तीनों रिवॉल्वर को बरामद कर लिया है. एक साथ तीन शिक्षकों की लाश स्कूल से निकलने के बाद शिक्षा महकमा में मातम छा गया है. इस घटना को लेकर तरह-तरह की बातें की जा रही है. आखिर शिक्षा के मंदिर में ऐसा घिनौना खेल कैसे खेला जा रहा था. स्कूल प्रबंधन पर भी लोग सवाल उठा रहे हैं. फिलहाल इस विभत्स घटना की सर्वत्र निंदा हो रही है.
जमशेदपुर : राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर मंगलवार को करनडीह में स्वच्छता सह ट्रैफिक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया. ग्राम पंचायत दक्षिण करनडीह द्वारा आयोजित इस रैली में काफी संख्या में महिलाएं शामिल थी. (जारी…)
इस दौरान महिलाओं ने करनडीह दक्षिण पंचायत भवन से लेकर प्रखंड कार्यालय तक रैली निकाली और जगह-जगह सफाई अभियान भी चलाया. दुकानदारों से अपने आसपास साफ-सफाई रखने की अपील की गई, साथ ही कचड़ा फैलाने वालों पर जुर्माना लगाने का निर्णय लिया गया. महिलाओं ने कई स्थानों को नो पार्किंग जोन के रूप में भी चिन्हित किया और टेंपो व बस चालकों को उक्त स्थान पर वाहन न खड़ा करने के निर्देश दिए. (जारी…)
रैली का नेतृत्व कर रही दक्षिण करनडीह की मुखिया सरस्वती टुडू ने बताया कि महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर स्वच्छता अभियान चलाया जा गया है. राष्ट्रपिता का सपना था कि हमारा देश स्वच्छ रहे उसी के तहत यह यह रैली निकाली गई है. ग्राम सभा करनडीह और दक्षिण करनडीह पंचायत की ओर से ग्राम सभा में यह पारित किया गया है कि पूरे क्षेत्र को स्वच्छ बनाना है. करनडीह चौक में काफी जाम की समस्या बनी रहती थी, उसे देखते हुए कई एक स्थानों को चिन्हित कर नो पार्किंग जोन बनाया गया है.
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मंगलवार 30 जनवरी की दोपहर रांची पहुंचे। रांची पहुंचकर उन्होंने सीएम हाउस में सत्ता पक्ष (JMM, कांग्रेस और आरजेडी) के विधायकों के साथ मीटिंग की। इसके बाद वे अपने पिता शिबू सोरेन से मिलने मोरहाबादी निकल गए, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि (शहीद दिवस) के अवसर पर बापू वाटिका, मोरहाबादी मैदान, रांची में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। (जारी…)
गौरतलब हो कि इस से पहले झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी के सामने मनी लॉन्ड्रिंग के केस में पूछताछ के लिए पेश न होने के बाद से राज्य में हलचल तेज़ हो गई। सोमवार को उनकी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा ने कहा था कि मुख्यमंत्री निजी काम से दिल्ली में हैं लेकिन ईडी की टीम जब उनके दिल्ली आवास पर पहुंची तो वहां भी हेमंत सोरेन नहीं मिले थे।
जमशेदपुर के सिदगोड़ा थाना अंतर्गत बाबूडीह निवासी सरस्वती देवी ने पारिवारिक विवाद के कारण फिनाइल पीकर आत्महत्या का प्रयास किया. तबीयत बिगड़ने पर पति संजय तियु ने सरस्वती को इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल पहुंचाया. वहां उसका इलाज चल रहा है. (जारी…)
पति संजय ने बताया कि वे लोग सिदगोड़ा के बाबूडीह में रहते है. सरस्वती का किसी से कोई विवाद नहीं हुआ था. घर के काम को लेकर अक्सर मां और बहन से बकझक होती थी. मंगलवार को भी घरेलू काम को लेकर बकझक हुई जिसके बाद गुस्से में आकर सरस्वती ने घर पर रखा फिनाइल पी लिया. फिलहाल सरस्वती की स्थिति बेहतर बताई जा रही है.
कल 31 जनवरी से शुरू होने वाले संसद के बजट सत्र से पहले सभी सांसदों का निलंबन रद्द किया जाएगा। संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शीतकालीन सत्र के दौरान निलंबित विपक्षी सांसदों का निलंबन रद्द किया जाएगा।
इस दौरान सभी 11 राज्यसभा सांसदों का निलंबन रद्द कर दिया गया है। बता दें कि पिछले साल शीतकालीन सत्र के दौरान 146 सांसदों को निलंबित कर दिया गया था। विपक्षी सांसद लोकसभा में सुरक्षा उल्लंघन को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री से बयान की मांग कर रहे थे। भारी हंगामे के बीच इन सांसदों को निलंबित किया गया था।
निलंबित सांसदों के निलंबन को रद्द करने के बारे में पूछे जाने पर संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा, “सभी (निलंबन) रद्द किए जाएंगे। मैंने (लोकसभा) अध्यक्ष और (राज्यसभा) सभापति से बात की है। मैंने सरकार की ओर से भी उनसे अनुरोध किया है…यह अध्यक्ष और सभापति का अधिकार क्षेत्र है। इसलिए, हमने उन दोनों से अनुरोध किया है कि वे संबंधित विशेषाधिकार प्राप्त समितियों से बात करें, निलंबन रद्द करें और उन्हें सदन में आने का अवसर दें। दोनों राजी हो गए हैं।” जब उनसे पूछा गया कि क्या निलंबित सांसद कल से सदन में आएंगे तो उन्होंने कहा, “हां।”
146 में से 132 सांसदों को संसद के केवल शीतकालीन सत्र तक के लिए ही निलंबित किया गया। इसलिए जब दोनों सदन के सत्र फिर से शुरू होंगे तो उनका निलंबन रद्द कर दिया जाएगा। बाकी बचे हुए 14 सांसदों में 11 राज्यसभा से और 3 लोकसभा से हैं। इनके मामले को संसद की विशेषाधिकार समितियों के पास भेजा गया था और कहा गया था कि समिति का फैसला आने तक उन्हें निलंबित कर दिया गया है। अब इन सांसदों का निलंबन भी वापस ले लिया गया है। लोकसभा की विशेषाधिकार समिति ने जहां 11 जनवरी को 11 लोकसभा सांसदों का निलंबन रद्द कर दिया था, वहीं 2 राज्यसभा सांसदों का निलंबन आज रद्द कर दिया गया।
इससे पहले बजट सत्र के मद्देनजर सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में मंगलवार को विभिन्न दलों के नेता शामिल हुए। रक्षा मंत्री और लोकसभा में सदन के उपनेता राजनाथ सिंह, संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी और संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बैठक में सरकार का प्रतिनिधित्व किया। संसद भवन परिसर में हुई इस बैठक में उपस्थित नेताओं में कांग्रेस के नेता कोडिकुनिल सुरेश, तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंदोपाध्याय, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेता टी आर बालू, शिवसेना के राहुल शेवाले, समाजवादी पार्टी के नेता एस टी हसन, जनता दल (यूनाइटेड) के नेता राम नाथ ठाकुर और तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के जयदेव गल्ला शामिल थे।
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का बैठक में प्रतिनिधित्व करने वाले कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि उन्होंने असम में राहुल गांधी के नेतृत्व वाली ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ पर ‘‘हिंसक हमले’’ और उस पर राज्य सरकार द्वारा लगाई गई पाबंदियों का मुद्दा उठाया। उच्च सदन में कांग्रेस के उप नेता तिवारी ने संवाददाताओं से कहा कि देश में ‘‘अघोषित तानाशाही’’ कायम है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद जैसे विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए सीबीआई और ईडी का दुरुपयोग कर रही है।
तिवारी ने कहा कि उन्होंने विपक्षी दलों से सलाह के बाद ये मुद्दे उठाए हैं। प्रत्येक सत्र से पहले एक बैठक बुलाने की प्रथा है । बैठक में विभिन्न दलों के नेता उन मुद्दों को उजागर करते हैं जिन्हें वे संसद में उठाना चाहते हैं, और सरकार उन्हें अपने एजेंडे की एक झलक बताती है और उनका सहयोग मांगती है। संसद के प्रत्येक सत्र से पहले बैठक बुलाने की एक पंरपरा है जिसमें विभिन्न दलों के नेता उन मुद्दों को सामने रखते हैं जिन्हें वे संसद में उठाना चाहते हैं और सरकार उन्हें अपने एजेंडे के बारे में जानकारी प्रदान करती है और सदन चलाने में उनका सहयोग मांगती है।
लोकसभा चुनाव से कुछ महीने पहले, 31 जनवरी से शुरू हो रहे संसद के बजट सत्र के मद्देनजर सरकार ने मंगलवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई थी जिसमें विभिन्न दलों के नेता शामिल हुए। इस बार 31 जनवरी से 9 फरवरी के बीच संसद सत्र होगा जिसमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा चुनाव से पहले अंतरिम बजट पेश करेंगी। पूर्ण बजट नयी सरकार पेश करेगी। सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संबोधन से होगी।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। हेमंत सोरेन के खिलाफ ईडी की जांच के बीच बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने बड़ा दावा किया है।
उन्होंने दावा किया कि हेमंत सोरेन के भाई-भाभी मेरे संपर्क में हैं।
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे का दावा
निशिकांत दुबे ने कहा कि सीएम सोरेन के भाई और भाभी ने उनसे बात की है। उन्होंने कहा कि सोरेन के भाई और भाभी इस बात से दुखी हैं कि JMM का गठन शिबू सोरेन और दुर्गा सोरेन ने किया था, लेकिन वह अपनी पत्नी को सीएम पद की जिम्मेदारी देना चाहते हैं। कोई भी इससे सहमत नहीं है।
निशिकांत दुबे ने की राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग
उन्होंने आगे कहा कि मैं राज्यपाल से संविधान के अनुच्छेद 355 के तहत एक रिपोर्ट भेजने का अनुरोध करता हूं। मुझे लगता है कि झारखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने का यह सबसे सही अवसर है।
मेरा सिर शर्म से झुक गया- निशिकांत दुबे
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ ईडी की जांच पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि वह फरार हैं और एजेंसी का सामना नहीं कर रहे। एक मतदाता, सांसद और झारखंड का नागरिक होने के नाते मेरा सिर शर्म से झुक गया है।
सोरेन परिवार के पास हैं 82 संपत्तियां- निशिकांत दुबे
उन्होंने कहा- ‘मैंने लोकपाल से शिकायत की थी और सीबीआई ने इसकी प्रारंभिक जांच की थी। आपको जानकर हैरानी होगी कि सोरेन परिवार के पास 82 संपत्तियां हैं। उन्होंने न तो आयकर के समक्ष और न ही अपने चुनावी हलफनामे में इस संपत्ति का कोई जिक्र किया है। उन्होंने दो साल तक लोकपाल जांच को रोक दिया था। अगर यह मामला 2024 में खुलता है तो सोरेन परिवार में कोई भी चुनाव लड़ने के योग्य नहीं होगा।’
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की तलाश में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कई जगह छापे मारे, लेकिन वह नहीं मिले। एक शीर्ष सरकारी अधिकारी ने कहा कि राज्य में अभूतपूर्व स्थिति पैदा हो गई है।
मुख्यमंत्री कहां हैं, यह किसी को नहीं मालूम है। मौजूदा हालात में किसी भी घटना की स्थिति में कानून-व्यवस्था पर नजर रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।
वहीं, झारखंड के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि संविधान के संरक्षक होने के नाते मैं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ईडी के समन के मद्देनजर राज्य के हालात पर नजर रखे हुए हूं। यह राज्यपाल का कर्तव्य है। जरूरत पड़ने पर मैं सीमा लांघूंगा। राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की संभावनाओं को उन्होंने खारिज किया और कहा कि ये बस अटकलें हैं। सोरेन को ईडी के समन पर उन्होंने कहा कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। मुख्यमंत्री आज जवाब नहीं दे रहे हैं, तो उन्हें कल जवाब देना होगा। इस बीच सोरेन ने जांच एजेंसी को ईमेल कर 31 जनवरी को दोपहर एक बजे रांची में सीएम आवास में पूछताछ के लिए आने को कहा है।
शक्तियों का दुरुपयोग : सोरेन ईडी को रविवार को लिखे खत में सोरेन ने जांच एजेंसी पर राज्य सरकार के कामकाज को बाधित करने के लिए राजनीतिक एजेंडे से प्रेरित होने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि 31 जनवरी या उससे पहले उनका बयान फिर से दर्ज करने का आग्रह दुर्भावनापूर्ण है। उन्हें समन जारी करना पूरी तरह से परेशान करने वाला और कानून से मिली शक्तियों का दुरुपयोग है।
घर में न होने का मतलब भागना नहीं : परिवार पहचान जाहिर किए बिना हेमंत के परिजन ने कहा, घर में नहीं होने का मतलब भागना नहीं है। यह कोई वारंट नहीं है कि उन्हें उपलब्ध रहना होगा। वह दिल्ली में हैं और जल्द रांची पहुंचेंगे। उनकी तबीयत ठीक है और वह दिल्ली में अपने काम में व्यस्त थे।
डर से हो गए फरार : भाजपा झारखंड प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने दावा किया कि ईडी के डर के मारे हेमंत सोरेन दिल्ली वाले आवास से फरार होकर भूमिगत हो गए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि मीडिया सूत्रों के अनुसार, रविवार देर रात सीएम सोरेन हवाई चप्पल पहने चादर से मुंह ढककर चोरों की तरह आवास से पैदल निकल कर भागे हैं। उनके साथ दिल्ली गए विशेष शाखा का सुरक्षाकर्मी अजय सिंह भी गायब है।