जमशेदपुर : भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी के निर्देशानुसार भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अनवर हयात के दिशा निर्देश में आज अल्पसंख्यक मोर्चा का विस्तार एवं उसमें परिवर्तन किया गया। जिसमें भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रविंदर सिंह रिंकू को अल्पसंख्यक मोर्चा का प्रदेश मीडिया प्रभारी नियुक्त किया गया।
प्रदेश मीडिया प्रभारी मनोनीत किये जाने के उपरांत रविंदर सिंह रिंकू ने भाजपा अल्पसंख्यक मोर्च के प्रदेश अध्यक्ष अनवर हयात, महामंत्री ताजदार आलम, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी, संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह इत्यादि का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि संगठन के वरिष्ठ नेताओं ने जो विश्वास मुझ पर दिखाया है उसका मैं शुक्रगुज़ार हूँ और यह यकीन दिलाता हूं कि पार्टी हित में मैं जिस तरह से अभी तक कार्य करते आया हूँ उसे और बेहतरीन तरीके से कर सकूं। प्रदेश अध्यक्ष जी के भरोसे पर खड़ा उतरना और संगठन को आगे बढ़ाना ही मेरा लक्ष्य है और इसी लक्ष्य को लेकर आगे कार्य करूँगा।
गौरतलब हो कि रविंदर सिंह रिंकू विगत 25 साल से भाजपा में सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं और भारतीय जनता पार्टी के लिए लगातार कार्य करते रहे हैं और यही वजह है कि पार्टी स्तर में उनका कद और पद बढ़ता ही जा रहा है। प्रदेश प्रवक्ता से पूर्व वह अल्पसंख्यक मोर्चा में प्रदेश कार्यसमिति के पद पर नियुक्त थे और अभी 2024 के लोकसभा चुनाव में भी उन्हें संगठन की तरफ से जमशेदपुर लोकसभा के लिए अल्पसंख्यक मोर्चा के सहप्रभारी भी बनाया गया था और रविंदर सिंह ने सहप्रभारी के रूप में कठिन परिश्रम करते हुए अल्पसंख्यकों को एकत्रित करके अपने दायित्वों को पूरा किया। शायद यही कारण है कि प्रदेश कमेटी इनके कार्यों को देखते हुए इन्हें प्रदेश मीडिया प्रभारी बनाने का निर्णय लिया।
प्रदेश मीडिया प्रभारी बनाये जाने की खबर मिलते ही उनके समर्थकों, शुभचिंतकों, साथियों और पार्टी के सदस्यों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी। रविंदर सिंह रिंकू ने सभी का धन्यवाद देते हुए कहा कि सभी के स्नेह, प्रेम और अपनत्व से काफी प्रसन्नता हो रही है और इसके लिए मैं सभी का दिल से धन्यवाद देता हूँ।
जमशेदपर : भाई-बहन के असीम प्रेम एवं स्नेह को समर्पित रक्षाबंधन के अवसर पर भाजपा नेता सह पूर्व डीआईजी राजीव रंजन सिंह के हाथों में भाजपा की जिला अध्यक्ष नीलू मछुआ के नेतृत्व में महिला मोर्चा की नेत्रीगण राखी बांधकर आशीर्वाद लिया। श्री सिंह ने सुखी, समृद्धि एवं दीर्घायु की आशीर्वाद देते हुए कहा की आगामी झारखंड में विधानसभा चुनाव में सभी बहनों को साथ लेकर अच्छे परिणाम के लिए योगदान देने को जरूरत है, क्योंकि आधी आबादी महिलाओं की है।
मुख्य रूप से महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष नीलू मछुआ, सीमा जायसवाल प्रभा देवी, पुष्पा सरदार,सविता सिन्हा, लखी कौर,कमलजीत कौर, एवं अन्य महिला सम्मिलित थी।
जमशेदपुर : विश्व हिन्दू परिषद झारखंड प्राँत 16 अगस्त से 18 अगस्त तक तीन दिवसीय कार्यसमिति बैठक कोडरमा, झुमरीतिलैया, शिववाटिका मे विहिप प्रांत अध्यक्ष माननीय चंद्रकांत रायपत जी के अध्यक्षता मे संपन्न हुई। बैठक मे विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय, क्षेत्रीय, प्रांतीय, विभागीय और 28 जिलों से अधिकारीगण व कार्यकर्तागण भाग लेने पहुंचे। तीन दिवसीय चले प्रांत कार्यसमिति बैठक मे विहिप के केंद्रीय अधिकारीगण माननीय अम्बरीष जी, जगन्नाथ शाही जी और पद्मश्री डाॅ आर. एन. सिंह जी का मार्गदर्शन सैकडों कार्यकर्ताओं को प्राप्त हुआ।
1964 मे विहिप के स्थापना के कारणों व मूल लक्ष्य से आरंभ होकर 1992 मे हिंदू समाज के एकजुट आंदोलन ने ही अयोध्या मे श्रीराम मंदिर आंदोलन को सफल बनाने हेतू विवादित बाबरी ढांचा को गिराया और 22 जनवरी 2024 मे अयोध्या मे प्रभू रामलला की स्थापना की गई। यह सनातन धर्म के उत्थान और पुनर्स्थापना के मार्ग मे पहला पडाव हिंदूओं ने त्याग और बलिदान से प्राप्त किया। वर्तमान मे भारत माता की भूमि को खंडित करने के लिए हिंदूओं को जाति मे बांटने के लिए देश और सनातन धर्म विरोधी शक्तियां तरह तरह के षडयंत्र कर हिंदूओं की एकता को कमजोर करने का निरंतर कार्य कर रही है। हमारी लिए चुनौतियां पहले से ज्यादा बढ गई है और इन चुनौतियों से निपटने के विचार विमर्श कर, जातियों को एकजुट कर हिंदुत्व की शक्ति को मजबूत बनाना, हिंदूओं को शत्रुबोध का आभास कराना तथा नये पीढी को समाप्त होते परंपराओं और संस्कार की ओर ध्यान दिलाने के लिए संगठन के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा लोगों के विचार मे परिवर्तन लाने के कार्य को ज्यादा बल दिया गया। बैठक के अंतिम दिन समापन सत्र के दौरान आगामी कार्यक्रम, विहिप स्थापना दिवस की योजना तथा जमशेदपुर महानगर मे रहने निवास करने विहिप के अधिकारियों के दायित्व मे परिवर्तन कर संगठन को मजबूती देने का कार्य किया गया।
विहिप के नवीन दायित्व अनुसार श्री जनार्दन पांडेय को प्रांत बजरंगदल सह संयोजक, श्री अरूण सिंह को सिंहभूम विभाग सहमंत्री, दीपक बजरंगी को बजरंगदल जमशेदपुर महानगर सहसंयोजक, प्रवीण सिंह मौर्या को बजरंगदल सहसंयोजक, सविता सिंह को मातृशक्ति प्रमुख, संगीता दास को दुर्गावाहिनी सह संयोजिका, मनीष सिंह को सह सेवा प्रमुख, आशुतोष काबरा को विशेष संपर्क प्रमुख, समरेश मिश्रा को प्रचार प्रसार सह प्रमुख, सुनील शाह को गौरक्षा सह प्रमुख, विशाल मिश्रा को सत्संग सहप्रमुख के पद पर घोषणा की गई।
जमशेदपुर। बिस्टुपुर स्थित सी.एच एरिया में भाजपा नेता सह पूर्व डीआईजी राजीव रंजन सिंह के द्वारा आवासीय परिसर में श्रावण के पावन अवसर महादेव का रुद्राभिषेक कर समस्त झारखंड के कल्याण के लिए प्रार्थना किया गया। प्रातः काल पूजन ,जलाभिषेक, श्रृंगार एवं आरती के पश्चात दोपहर में महाप्रसाद का आयोजन किया गया था।
महाप्रसाद में सांसद श्री विद्युत वरण महतो ,विधायक सरयू राय,पूर्व विधायक मेनका सरदार एवं भाजपा के जिला एवं मंडल के पदाधिकारी गण, भाजपा के वरिष्ठ नेतागण,सभी समाज के मुखिया वा वरिष्ठ लोग एवं हजारों की संख्या में अतिथि एवं भक्तगण सम्मिलित हुए।
जमशेदपुर : कोशिश एक मुस्कान लाने की संस्था की ओर से महारक्तदान शिविर का आयोजन सिदगोरा सोन मंडप में किया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। जिसमे सभी उम्र वर्ग के महिला, पुरुष, युवक ,युवतियां थे । कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्वी सिंहभूम के सीनियर एस पी श्री कौशल किशोर ने किया। विशिष्ठ अतिथि के नाते मेजर हिमांशु साहू, प्रभात खबर के संपादक संजय मिश्र, चमकता आइना इस्पात मेल के संपादक ब्रजभूषण सिंह, ब्यावसाई कौशल सिंह, दिग्विजय सिंह, पूर्व कमिश्नर विजय सिंह, शिक्षाविद दिवाकर सिंह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत संपर्क प्रमुख राजीव कमल बिट्टू, टाटा वर्कर्स यूनियन के पूर्व अध्यक्ष रघुनाथ पांडे,सरदार शैलेंद्र सिंह, सी जी पी सी के प्रधान भगवान सिंह, जिला परिषद की अध्यक्ष बारी मुर्मू, कुशुम पूर्ति, कविता परमार, युवा नेता अजय सिंह, भाजपा नेता शैलेंद्र सिंह, संजीव सिंह, कमलेश सिंह, भूपेंद्र सिंह, शंभूनाथ सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
रक्तदाताओं का हौसला बढ़ाने के लिए प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा एवम जमशेदपुर पूर्व के विधायक सरयू राय भी उपस्थित हुए । मंचीय कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था के संरक्षक शिव शंकर सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत और रक्तदाताओं का अभिनंदन कर किया । उन्होंने कहा की आज रक्तदान कर ऐसे सभी क्रांतिकारियों को हम सब नमन करेंगे। इससे अच्छी श्रद्धांजलि और कुछ नही सकती। आज कुल 832 यूनिट रक्त संग्रह हुआ।
उपस्थित लोगों को सीनियर एस पी कौशल किशोर, प्रभात खबर के संपादक संजय मिश्र ने भी किया और विशेष रूप से सूखे नशे के खिलाफ भी अभियान छेड़ने का आग्रह किया। इस कार्यक्रम की विशेषता यह रही की रक्तदाताओं के साथ बड़ी संख्या में बड़े बुजुर्ग भी उत्साहवर्धन के लिए उपस्थित थे। इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में कोशिश के सभी कार्यकर्ताओं ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।
जमशेदपुर : जमशेदपुर को-ऑपरेटिव लॉ कॉलेज में एक अवेयरनेस कैंप आयोजित किया गया। जिसका मुख्य विषय नए कानून के बारे में जानकारी देना था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अधिवक्ता अमित कुमार सिंह एवं संगीता झा उपस्थित हुए। यह कार्यक्रम कॉलेज प्रांगण में संपन्न हुआ। जिसे सफल बनाने में मुख्य भूमिका संजीव कुमार बिरूली, आनंद कुमार एवं प्रिंसिपल जितेंद्र कुमार का मुख्य योगदान रहा। कार्यक्रम में मुख्य विषय भारत न्याय संहिता, भारत नागरिक सुरक्षा, भारत साक्ष्य अधिनियम था। इसमें मुख्य रूप से फर्स्ट सेमेस्टर २२-२५ 4th सेमेस्टर २१-२४ को प्रेम कुमार ने जानकारी की प्राप्त कराया।
जमशेदपुर : भाजयुमो जमशेदपुर महानगर अंतर्गत गोलमुरी मंडल में दीवार लेखन कर युवा आक्रोश रैली में शामिल होने के लिए छात्रों से आव्हान किया। आज के इस दीवार लेखन कार्यक्रम में मुख्य रूप से भाजयुमो प्रदेश मंत्री अमित अग्रवाल जी, गोलमुरी भाजपा मंडल अध्यक्ष पप्पू उपाध्याय जी, भाजयूमो जमशेदपुर महानगर ज़िला महामंत्री अभिमन्यु सिंह जी, ज़िला उपाध्यक्ष सह मंडल प्रभारी शशांक शेखर जी, गोलमुरी युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष नवजोत सिंह सोहल जी, ज़िला सोशल मीडिया राकेश कुमार जी, मंडल महामंत्री अमरेन्द्र कुमार जी मुख्य रूप से उपस्थित थे।
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के बारे में हाल ही में काफी अटकलें लगाई जा रही थीं कि वह झारखंड मुक्ति मोर्चा छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो सकते हैं।
इन अफवाहों के बीच, चंपई सोरेन ने ट्विटर पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है और अपने भविष्य को लेकर जानकारी दी है। आपको बता दें कि चंपई सोरेन ने अब सार्वजनिक रूप से झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) और पार्टी नेतृत्व के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने अपने समर्थकों के लिए एक भावुक संदेश जारी किया, जिसमें उन्होंने पार्टी से मिले अपमान और दर्द को शब्दों में बयां किया है।
पार्टी के लिए अपनी पूरी जिंदगी समर्पित कर दी
चंपई सोरेन ने कहा कि उन्होंने पार्टी के लिए अपनी पूरी जिंदगी समर्पित कर दी, लेकिन इसके बावजूद उन्हें उचित सम्मान नहीं मिला। उन्होंने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि इस सबके बावजूद पार्टी ने उन्हें उनकी सेवाओं का उचित मूल्य नहीं दिया। इस दर्द को व्यक्त करते हुए, चंपई ने यह भी बताया कि पार्टी छोड़ने के बाद उनके पास कौन-कौन से विकल्प खुले हैं और वे क्या कदम उठाने पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ समय से जो हालात बन गए हैं, उन्होंने उन्हें भीतर से तोड़ दिया है। उन्होंने आत्ममंथन के बाद यह निर्णय लिया कि अब उनके लिए नई दिशा चुनने का समय आ गया है। चंपई ने अपने समर्थकों से अपील की है कि वे इस कठिन समय में उनका समर्थन करें और उनके फैसले का सम्मान करें।
मेरे जीवन का नया अध्याय शुरू हो रहा
चंपई सोरेन ने ट्वीट करते हुए कहा, ‘इतने अपमान और तिरस्कार के बाद, मुझे एक वैकल्पिक रास्ता खोजने के लिए मजबूर होना पड़ा है। विधायक दल की बैठक में मैंने भारी मन से यह घोषणा की कि ‘आज से मेरे जीवन का नया अध्याय शुरू हो रहा है।’ इस नए अध्याय में मेरे सामने तीन प्रमुख विकल्प थे। पहला, राजनीति से पूरी तरह संन्यास ले लेना; दूसरा, एक अलग राजनीतिक संगठन स्थापित करना; और तीसरा, अगर किसी साथी का साथ मिले, तो उसके साथ मिलकर इस यात्रा को जारी रखना।’
जोहार साथियों,
आज समाचार देखने के बाद, आप सभी के मन में कई सवाल उमड़ रहे होंगे। आखिर ऐसा क्या हुआ, जिसने कोल्हान के एक छोटे से गांव में रहने वाले एक गरीब किसान के बेटे को इस मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया।
अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत में औद्योगिक घरानों के खिलाफ मजदूरों की आवाज…
उन्होंने आगे कहा, ‘ये विकल्प मेरे लिए अभी भी खुले हैं और झारखंड विधानसभा चुनाव तक ये स्थिति बनी रहेगी। इसका मतलब यह है कि मैं किसी भी दिशा में आगे बढ़ सकता हूँ और राजनीति में अपनी भूमिका को लेकर किसी भी निर्णय पर पहुंच सकता हूँ।’ इस तरह, चंपई सोरेन ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी राजनीतिक यात्रा को लेकर अभी किसी ठोस निर्णय पर नहीं पहुंचे हैं और भविष्य में किस दिशा में जाएंगे, यह विधानसभा चुनावों तक अनिश्चित रहेगा।
4 दशकों के बेदाग राजनीतिक सफर के बारे में बात की
चंपई सोरेन ने अपने हालिया ट्वीट में अपने चार दशकों के बेदाग राजनीतिक सफर के बारे में बात की है, जिसमें उन्होंने कहा कि इस दौरान वह पहली बार भीतर से टूट गए हैं। उन्होंने लिखा है कि हाल की घटनाओं ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया है और उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि आगे क्या कदम उठाएं। उन्होंने खुलासा किया कि वह दो दिन तक चुपचाप बैठकर आत्म-मंथन करते रहे और पूरे घटनाक्रम में अपनी गलती की खोज में लगे रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें सत्ता का कोई लोभ नहीं था, लेकिन आत्म-सम्मान पर लगी चोट ने उन्हें आहत किया। सोरेन ने यह भी बताया कि अपनों द्वारा दिए गए दर्द और अपमान को कैसे व्यक्त करें, यह सवाल उनके सामने खड़ा था। उनके इस बयान में भावनात्मक गहराई और व्यक्तिगत संघर्ष को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, जो उनके राजनीतिक जीवन की कठिनाइयों और चुनौतियों को दर्शाता है।
चंपई सोरेन का निजी संघर्ष और राजनीतिक दृष्टिकोण
चंपई सोरेन ने हाल ही में अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर अपने निजी संघर्ष के बारे में खुलासा किया और अपनी राजनीतिक प्रतिबद्धता को स्पष्ट किया। उन्होंने लिखा कि यह व्यक्तिगत संघर्ष उनकी खुद की है, और उन्होंने किसी भी पार्टी सदस्य या संगठन को इसमें शामिल करने का कोई इरादा नहीं किया है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन परिस्थितियों में उन्होंने अपने जीवन को समर्पित किया है, उस पार्टी का नुकसान करने के बारे में सोचना भी उनके लिए असंभव है।
जन-सरोकार की राजनीति पर चंपई सोरेन का दृष्टिकोण
चंपई सोरेन ने अपनी सार्वजनिक राजनीति की शुरुआत से लेकर अब तक की यात्रा के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा जन-सरोकार की राजनीति की है, चाहे वह औद्योगिक घरानों के खिलाफ मजदूरों की आवाज उठाना हो या झारखंड आंदोलन में हिस्सा लेना हो। सोरेन ने अपने प्रयासों को रेखांकित किया कि उन्होंने राज्य के आदिवासियों, मूलवासियों, गरीबों, मजदूरों, छात्रों और पिछड़े वर्गों को उनके अधिकार दिलाने की निरंतर कोशिश की है। उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन में किसी भी पद पर रहते हुए, जनता के मुद्दों को उठाने का दावा किया है और झारखंड राज्य के बेहतर भविष्य के लिए काम करने की प्रतिबद्धता जताई है।
सत्ता में रहते हुए नैतिकता पर चंपई सोरेन का दावा
चंपई सोरेन ने अपनी सत्ता की अवधि के दौरान अपने कार्यों के बारे में भी स्पष्टता प्रदान की। उन्होंने कहा कि जब उन्हें सत्ता मिली, तो उन्होंने बाबा तिलका मांझी, भगवान बिरसा मुंडा और सिदो-कान्हू जैसे वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित की और राज्य की सेवा करने का संकल्प लिया। सोरेन ने जोर देते हुए कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान उन्होंने कभी भी किसी के साथ गलत व्यवहार नहीं किया और न ही किसी को ऐसा करने दिया। उनका दावा है कि राज्य के हर नागरिक को उनके कार्यकाल के दौरान उनकी सेवा और निष्ठा का पूर्ण विश्वास है।
आपको बता दें कि चंपई सोरेन, जो झारखंड के कोल्हान क्षेत्र से आते हैं, को “कोल्हान टाइगर” के नाम से भी जाना जाता है। कोल्हान में विधानसभा की 14 और लोकसभा की 2 सीटें हैं। अगर पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन बीजेपी में शामिल होते हैं, तो यह झारखंड में सत्तारूढ़ जेएमएम के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है, खासकर विधानसभा चुनावों से पहले।
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेने को लेकर चल रही सियासी अटकलों के बीच बड़ी खबर सामने आ रही है. सीएम सोरेन दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं. सूत्रों के मुताबिक, चंपई सोरेन केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ लगातार संपर्क में बने हुए हैं और उनके साथ 6 विधायक भी दिल्ली आ रहे हैं.
इन सभी विधायकों से झारखंड मुक्ति मोर्चा नेतृत्व का संपर्क नहीं हो पा रहा है. कहा जा रहा है कि ये सभी विधायक भी बीजेपी का दामन थाम सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक, जेएमएम के जिन विधायकों से नेतृत्व का संपर्क नहीं हो पा रहा है, उनमें दशरथ गगराई, रामदास सोरेन, चमरा लिंडा, लोबिन हेमब्रोम, समीर मोहंती शामिल हैं.
कोलकाता में रूके थे चंपई
सूत्रों के मुताबिक, चंपई सोरेन कल रात कोलकाता के एक होटल में ठहरे हुए थे जहां उन्होंने बीजेपी नेता शिवेंदु अधिकारी से भी मुलाकात की. आज सुबह की फ्लाइट से वह दिल्ली के लिए रवाना हुए. उन्होंने अपने निजी स्टाफ के साथ सुबह की फ्लाइट से उड़ान भरी. ऐसी अटकलें हैं कि दिल्ली दौरे के दौरान वह भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेताओं से भी मुलाकात कर सकते हैं.
वहीं सूत्रों के मुताबिक, उनके कोलकाता से असम भी निकलने की भी संभावना जताई जा रही है. असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा बीजेपी के झारखंड प्रभारी है.
क्या बोले थे चंपई सोरेन
शुक्रवार को जब चंपई सोरेन से बीजेपी में शामिल होने की अटकलों के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने मुस्कुराते हुए सिर्फ इतना कहा, “आप लोग ऐसा सवाल कर रहे हैं पर, इस पर क्या बोलें, हम तो आपके सामने हैं.” इतना बोलते ही वह गाड़ी में बैठ गए. बता दें कि, हेमंत सोरेन के जेल से वापस आने के बाद चंपई सोरेन को सीएम पद से इस्तीफा देना पड़ा था. इसके बाद से ही उनके नाराज होने की चर्चा उठती रही है.
बीजेपी की प्रतिक्रिया
झारखंड बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने कहा, ‘चंपई सोरेन का एक बड़ा व्यक्तित्व हैं. उन्होंने कहा कि झारखंड की 3.5 करोड़ जनता उनके काम से खुश थी, लेकिन जिस हिसाब से उन्हें सीएम पद से हटाया गया, वो दुर्भाग्यपूर्ण था. उन्होंने कहा कि यह एक बड़ा सेटबैक था कि उन्हें सीएम पोस्ट से हटाया गया. आखिर उनकी क्या गलती थी?’
जुलाई में चंपई सोरेन ने दिया था इस्तीफा
बता दें कि झारखंड में चंपई सोरेन ने बीते महीने जुलाई में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद पूर्व सीएम हेमंत सोरेन ने सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया था और हेमंत सोरेन एक बार फिर झारखंड के सीएम बन गए थे. चंपई सोरेन 2 फरवरी 2024 से 3 जुलाई 2024 तक झारखंड के मुख्यमंत्री रहे और राज्य के सातवें सीएम के रूप में रहे. चंपई सोरेन की गिनती झामुमो के सीनियर नेताओं में होती है.
चंपई सोरेन सात बार के विधायक हैं. 2005 से वो लगातार सरायकेला विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. 1991 में पहली बार सरायकेला सीट से ही विधायक बने थे. हेमंत सोरेन ने 2019 में चंपई सोरेन को कैबिनेट मंत्री भी बनाया था. उन्हें परिवहन, अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग कल्याण का जिम्मा दिया गया था.
हर वर्ग को झारखंड में प्रतिनिधित्व मिले, प्रदेश कमेटी एवं विधान सभा चुनाव में सिख एवं मुस्लिम समुदाय को मिले समुचित भागीदारी
नई दिल्ली : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता इंद्रजीत सिंह कालरा ने बिरसा वाणी से बातचीत में कहा कि काग्रेस पार्टी ने ज़मीन से जुड़े एक सच्चे कांग्रेसी सिपाही को झारखंड की कमान सौंपी है। श्री कालरा ने कहा कि कुर्मी समुदाय के किसी नेता को पहली बार कांग्रेस ने अध्यक्ष बनाया है जिसके लिए कांग्रेस प्रभारी गुलाम अहमद मीर, महासचिव वेणु गोपाल, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे एवं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का झारखंड की समस्त जनता आभार प्रकट करती है।
श्री कालरा ने कहा कि अब पार्टी में हर वर्ग को झारखंड में प्रतिनिधित्व मिलेगा, प्रदेश कमेटी एवं विधान सभा चुनाव में सिख एवं मुस्लिम समुदाय सहित ओबीसी वर्ग को समुचित भागीदारी मिलेगी, आज पूरा देश की उम्मीद कांग्रेस पर टिकी हुई है लोग अपनी भूल को सुधार करने के लिए बेताब हैं।