जमशेदपुर : हिन्दू युवा सेना के द्वारा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के द्वारा हिन्दुओं को हिंसक नफरत फैलाने वाले और असत्य बोलने वाले बयान के विरोध में सोनारी राम मंदिर चौक पर राहुल गांधी का पुतला दहन किया गया। जिसमें मुख्य रूप हिन्दू युवा सेना के संस्थापक किशोर ओझा, अध्यक्ष मुरारी लहेरी,सोम, कपूर दास, रवि तिवारी, गौतम दास, राहुल सिंह, देवेन भगत, ओम प्रकाश बंटी, रंजन जी, राजू सिंह, संत किशोर बुद्धेश्वर मुंडा, लोक नाथ साहू, विकास, बुद्धेश्वर कर्मकार, छगन साहू, कालिया, विशाल सिंह, लाल बाबू सोनी, राजेन्द्र चटर्जी दा, भानू शेखर, वीरेंद्र रजक, पुरस्कार सेठ, राजेश बारी, भोला, पंकज, मुकेश, विजय सिंह इत्यादि कार्यकर्ता उपस्थित रहे और राहुल गांधी मुर्दाबाद कोंग्रेस पार्टी मुर्दाबाद, राहुल गांधी हिन्दू विरोधी बयान बंद करो नारे के साथ पुतला दहन किया गया।
जमशेदपुर : भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता अभय सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस के एवं विपक्ष के नेता राहुल गांधी के द्वारा लोकसभा के सदन के अंदर में हिंदुओं को हिंसक प्रवृत्ति बताने का पूर्ण जोर विरोध किया गया। आज इसी संदर्भ में हिंदूवादी नेताओं के द्वारा साकची गोल चक्कर जमशेदपुर में संध्या 6:00 बजे लोकतांत्रिक आंदोलन के तहत कांग्रेस के नेता राहुल गांधी का पुतला जलाया गया। इस दौरान कांग्रेस हाय हाय का नारा लगा, कांग्रेस मुर्दाबाद, हत्यारी कांग्रेस हाय हाय, एवं कांग्रेस के नेता शर्म करो शर्म करो यह नारा सभी कार्यकर्ताओं ने लगाया।
सभा को संबोधित करते हुए अभय सिंह ने कहा कांग्रेस अपने जन्म काल से विदेशी कुचक्र में फंसा रहा है। इनके प्रथम अध्यक्ष विदेशी थे, इसलिए यह भारतीय संस्कृति में कभी घुल मिलकर के काम नहीं किए। जब भी हिंदुत्व की बात आई कांग्रेस सदन के अंदर भी और बाहर भी उनके नेता समय-समय पर हमेशा हिंदुओं को गाली देते रहे। हिंदुओं के हिंसक बताने वाले राहुल गांधी यह बताएं आखिर भारतीय जनता पार्टी जब बहुसंख्यक समाज की चिंतन करती है तब आपको पेट में दर्द क्यों होता है। ?
कश्मीर में लाखों कश्मीरी पंडित को बाहर किया गया लेकिन आज तक एक भी अदना सा कार्यकर्ता उसकी निंदा नहीं किया और ना ही कांग्रेस के लोगों ने कभी धरना प्रदर्शन किया। कश्मीर पर 370 धारा जबरन भारत की एकता खंडिता को प्रभावित करने के लिए लगाया गया और जब 370 धारा भाजपा की सरकार ने हटाया तो सबसे तकलीफ कांग्रेस के लोगों को लगा।
ये कांग्रेसी केवल मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति करते हैं। अभी हाल में ही उनके सहयोगी दल द्रमुक के नेता डी राजा एवं एमके स्टालिन के द्वारा हिंदुओं के विरुद्ध आपत्तिजनक बातें की गई, जिसमें हिंदू समाज को गहरा आघात लगा लेकिन कभी भी कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने इन लोगों को नसीहत नहीं दी बल्कि पीठ थपथपाया । जब भी बांग्लादेशी घुसपैठ की बात होती है बांग्लादेशी शरणार्थी का विरोध भारतीय जनता पार्टी करती है, ये कांग्रेसी लोग बांग्लादेशी शरणार्थी के पक्ष में जाकर के खड़े हो जाते हैं और कभी भी इन लोगों ने बांग्लादेशी शरणार्थी का विरोध नहीं किया ।
यही नहीं काफी ऐसी बात है कि हिंदू समाज को समय-समय पर अपमानित किया जाता रहा लेकिन कांग्रेस के नेता केवल 15% समुदाय को खुश करने के लिए और वोट बैंक की राजनीति करने के लिए 85% समाज को गाली देकर के राजनीति करते हैं। हम सभी हिंदूवादी संगठन इसका विरोध करते हैं। हिंदुओं के साथ हमेशा अत्याचार होता रहा।
70 वर्षों में कांग्रेस के लोगों ने कभी भी हिंदू धर्म के समर्थन की बात नहीं किया बल्कि मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति करते रहे। कभी भी उनके हिंदुओ के पक्ष में खड़े नहीं हुए और आज भी यह कुचक्र जारी है। राहुल गांधी संविधान की बात करते हैं संविधान में लिखा है धर्म परिवर्तन करना गैर कानूनी है लेकिन क्या कभी भी कांग्रेस के संविधान में या कांग्रेस के राजनीतिक एजेंडा में धर्म परिवर्तन को रोकने का कोई भी एक बीड़ा उठाने का कार्य या घोषणा हुई है ?
कहीं भी धर्म परिवर्तन होता है ये लोग उनके पक्ष में खड़े हो जाते हैं, इसलिए ऐसे नेता का विरोध सारा हिंदू समाज करता है। कांग्रेस की नीति ही हमेशा हिंदुओं के विरोध की राजनीति रही है। राम जन्मभूमि के मसले पर भी यह लोग प्रभु राम का विरोध किया क्योंकि हिंदू समाज प्रभु राम को अपने आदर्श मानता था इसलिए यह लोग हमेशा हिंदुओं का विरोध किए हैं। कांग्रेस के नेता अभी भी चेत जाएं अन्यथा एक समय ऐसा होगा कि कांग्रेस का नाम लेने वाला कोई नहीं होगा।
आज के इस पुतला दहन कार्यक्रम में प्रमुख रूप से पप्पू सिंह, ललन चौहान, राहुल सिंह, विद्या शंकर गुप्ता ,वीरेंद्र सिंह, किशोर ओझा, रवि सिंह अंकित शुक्ला, अजीत चंद्रवंशी, कन्हैया पुष्टि ,रविंद्र सिंह रिंकू, लव सिंह, आलोक बाजपेई, राम प्रकाश सिंह अशोक, ओम प्रकाश शर्मा ताराचंद्र कामत, भूषण दीक्षित, अशोक सिंह ,चंद्रशेखर सिंह, अरुण तिवारी, गंगा प्रसाद साहू सूर्यकांत झा शेखर राव ऐश्वर्या सिंह , बबलू नायक, किशोर ओझा, अमरेंद्र पासवान संदीप शर्मा, रॉकी सिंह, विकास जायसवाल, हेमंत साहू, देव भंडारी, लोकनाथ त्रिपाठी, ललन चौहान, अमरिंदर मालिक, अशोक दुबे, जुगनू वर्मा, सरदार रिंकू सिंह, मनोज गुप्ता, विक्की सिंह, कन्हैया पुष्टि, अमर सिंह, गिरधारी सिंह, अंकित मोदी, अरुण सिंह, राजीव मिश्रा, सुदीप्तो नदी सुबोध ठाकुर, नरेश अग्रवाल, अमित सिंह, अनूप सिंह, सहित सैकड़ो कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी के साथ में पुतला जलाकर विपक्ष के नेता श्री राहुल गांधी के प्रति आक्रोश जताया।
जमशेदपुर : बारीडीह गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान एवम अधिवक्ता सरदार कुलविंदर सिंह ने कांग्रेस पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी के हिंसक हिंदू पर दिए गए बयान की आलोचना की है। कुलविंदर सिंह के अनुसार भारतीय जनता पार्टी के समर्थक हिंदुओं पर उनका दिया गया बयान वास्तव में उन्हें आईना दिखा रहा है। अतीत में कांग्रेस पार्टी ने जो कुछ किया है उसका अध्ययन कर लें और अपनी पुरानी पीढ़ी के नेताओं के साथ बैठकर इतिहास का मूल्यांकन करें।
यह कांग्रेस की हिंसक हिंदूवादी नीति थी। जिसके कारण 1937 में इस देश में फिरकापरस्त सांप्रदायिकता का जन्म हुआ। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस नेताओं ने वायदे के मुताबिक मुस्लिम लीग के साथ सत्ता की साझेदारी नहीं की और मोहम्मद अली जिन्ना के इस आरोप को बल मिल गया कि यह अर्थात कांग्रेस केंद्र एवं प्रांतीय विदाई मंडल में बहुमत में आए तो मुसलमान को दोयम दर्जे का नागरिक बना देंगे। फिर यह देखें कि अपनी नेतागिरी चमकाने के लिए सरकार बनाने के लिए 1947 के विभाजन में कांग्रेस के हिंदुओं ने क्या किया था।
विभाजन का दंश इस देश में पंजाब के हिंदू सिख एवं बंगाल के हिंदू भाइयों को झेलना पड़ा। लाखों मुस्लिम हिंदू सिखों की हत्या हुई इसका जिम्मेदार कौन ? सिखों के साथ कांग्रेस में 1947 में किए गए वायदे को पूरा नहीं किया बल्कि देश में सिखों के खिलाफ नफरत का माहौल बनाती रही। यह कांग्रेस के नफरत की हिंदू नेताओं की देन है कि पूर्वी पंजाब का बटवारा हमें हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के रूप में देखना पड़ रहा है। चंडीगढ़ अबोहर फाजिल्का को लेकर क्या स्थिति है किसी भारतीय नागरिक से छिपी नहीं है।
आनंदपुर प्रस्ताव कहीं से भी देश विरोधी नहीं था बल्कि संघीय भावना और संविधान के दायरे के अनुरूप था। यह कांग्रेस के हिंदू नफरत की सोच का नतीजा है कि ऑपरेशन ब्लू स्टार हुआ। श्रीमती इंदिरा गांधी की शहादत हुई और हजारों सिखों का पूरे देश में कत्लेआम किया गया।
अधिवक्ता कुलविंदर सिंह ने कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे एवं उनके थिंक टैंक को सलाह दी है कि वह नेता विपक्ष एवं सांसद राहुल गांधी के लिए विशेष कक्षा का संचालित करें। जहां वे भारत की विविधता परंपरा संस्कृति को अच्छी तरह से समझ सकें। कम से कम राहुल गांधी अपने परनाना और देश के पहले प्रधानमन्त्री जवाहरलाल नेहरू द्वारा लिखी पुस्तक “भारत की एक खोज” के साथ इस देश के उपनिषद, वेदों और भक्ति आंदोलन के संतों की जीवनी का अच्छी तरह से अध्ययन कर लें। ऐसा करने पर नफरत का सामान उनकी प्रेम की दुकान में नहीं रहेगा।
जमशेदपुर : सोमवार से पूरे देश में लागू हो रहे तीनों कानून संहिता को वापस लेने की मांग झारखंड के जमशेदपुर से अधिवक्ता एवम समाजवादी चिंतक सुधीर कुमार पप्पू ने की है। उन्होंने इसे काला कानून की संज्ञा दी है और कहा कि नरेंद्र मोदी की सरकार ने अपने छुपे एजेंडे के तहत देश पर इसे थोपा है। संसद में यह कानून सर्वसम्मति से पारित नहीं हुआ है। बहुमत का आंकड़ा के बल पर जबरन पास किया गया है और संवैधानिक प्रावधान के कारण महामहिम राष्ट्रपति जी को हस्ताक्षर करना पड़ा है।
इस तीनों कानून संहिता के कारण देश में पूंजीपति प्रकाशकों की चांदी कट रही है। मनमाने दाम पर पुस्तक बेची जा रही है। देश के लाखों वकीलों के साथ लाखों पुलिस कर्मियों अदालत कर्मियों और कानून की पढ़ाई पढ़ रहे विद्यार्थियों पर आर्थिक मार पड़ी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार को बताना चाहिए आखिरकार इस तीनों नए कानून संहिता में नया क्या है? बस जिस तरह से प्रतियोगी परीक्षाएं होती हैं और उसमें ए बी सी और डी समूह के परीक्षार्थी होते हैं। प्रश्न सभी समूह के समान रहते हैं परंतु उनका क्रम अलग-अलग समूह में अलग-अलग रहता है। बस यही बाजीगरी इस नए न्याय संहिता में भी की गई है।
भारतीय दंड संहिता 1860 के अनुसार हत्या के लिए धारा 302 का प्रयोग होता था और अब भारतीय न्याय संहिता 2023 में धारा 100 का प्रयोग होगा। भारतीय दंड संहिता 1860 में 511 धारा थी जिसे घटाकर 358 कर दिया गया है। वहीं भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 में 167 धारा थी जिसे बढ़ाकर भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 में 170 कर दिया गया है। दंड प्रक्रिया संहिता 1973 में 484 धारा थी जिसे भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 में बढ़ाकर धारा 531 कर दिया गया है।
वास्तव में इन तीनों संहिता को भाजपा एवं इसके मास्टरमाइंड नागपुर वाले लिटमस पेपर टेस्ट की तरह देख रहे हैं। वह यह देखना चाहते हैं कि भारतीय जनता में कितनी सहनशक्ति है अथवा आक्रोश है जो इसका विरोध कर सके। विरोध नहीं होने पर धीरे-धीरे उनकी कोशिश संविधान परिवर्तन करने की होगी। देश के इतिहास के साथ छेड़छाड़ हो रहा है और नरेंद्र मोदी एवं राज्य की भाजपा सरकारें जमकर इसे से बढ़ावा दे रही हैं। नई पीढ़ी इतिहास के काले पन्नों की सच्चाई से अवगत नहीं हो पूरे देश में इतिहास के पाठ्यक्रम से छेड़छाड़ की जा रही है और नए पाठ्यक्रम देश के विद्यार्थियों पर लादे जा रहे हैं। जिससे उनके मानसिक पटल पर एक खास विचारधारा को लेकर जज्बा हो और जर्मन के हिटलर ने यहूदी समाजवादियों कम्युनिस्टों के प्रति नागरिकों में नफरत के जहर बो दिए थे इसी प्रकार से देश में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ों एवं अल्पसंख्यकों के प्रति नफरत की दीवार खड़ी की जा रही है।
अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू के अनुसार झारखंड के राज्य सरकार की संवैधानिक अपनी मजबूरी हो परंतु पूरे देश के अधिवक्ताओं को देश हित में पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और महाराष्ट्र के वकीलों के साथ खड़े होकर इस काले कानून का विरोध करना चाहिए। असल में अंग्रेजों के भक्ति करने वाले एवं पेंशन पाने वाले यह लोग देश में नई प्रकार की राष्ट्रभक्ति का वातावरण बनाना चाहते हैं। जिससे नई पीढ़ी उनके इतिहास से अवगत नहीं हो सके और इन्हें देशभक्त समझे। जो अंग्रेजों की गुलामी से मुक्ति दिलाने का प्रयास कर रहे हैं।
जमशेदपुर : साकची गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने रविवार को आल इंडिया स्मॉल मीडियम जर्नलिस्ट एसोसिएशन का शहरी अध्यक्ष बनाये जाने पर फतेह लाइव के चीफ एडिटर सह प्रोपराइटर चरणजीत सिंह को सम्मानित किया. साकची गुरुद्वारा कमेटी के कार्यालय में चरणजीत सिंह को गुरु घर की बख्शीश शॉल आर्शीवाद स्वरूप प्रदान किया गया. इस दौरान बोले सोनिहाल के उदघोष से कार्यालय गूंज उठा.
सिख समाज के लिए मिसाल कायम की : निशान सिंह
मौके पर गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान सरदार निशान सिंह ने कहा कि चरणजीत सिंह अपनी कड़ी मेहनत से आज मुकाम तक पहुंचे कि उन्होंने फतेह लाइन को केवल जमशेदपुर ही नहीं झारखंड बिहार के साथ दिल्ली, पंजाब जैसे शहरों में भी पहुंच बनाई है. उनकी इसी लगन के पलस्वरूप पत्रकारों के हितैषी संगठन AISMJWA ने उन्हें शहरी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है. यह सिख समाज के लिए भी गर्व की बात है. इस दौरान चरणजीत सिंह ने भी गुरुद्वारा कमेटी के ओहदेदारों को भरोसा दिया कि वे पत्रकारिता के माध्यम से समाज हित में कार्य करते रहेंगे.
इस सम्मान समारोह में मुख्य रूप से महासचिव परमजीत सिंह काले, जसबीर सिंह गांधी, बलबीर सिंह, सुरजीत सिंह छित्ते, अजायब सिंह, हरविंदर सिंह, दलजीत सिंह, त्रिलोचन सिंह तोची, अमन सिंह, बलजीत सिंह सनसोआ, ज्ञानी मनप्रीत सिंह आदि शामिल थे.