झारखंड के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन की पत्नी और जेएमएम सुप्रीमो शिबू सोरेन की बहू कल्पना सोरेन आज गांडेय विधानसभा उपचुनाव के लिए अपना नामांकन कर दिया है।उनके साथ सीएम चंपई सोरेन, मंत्री बादल पत्रलेख, मिथिलेश ठाकुर, आलमगिर आलम, सत्यानंद भोक्ता, माले विधायक विनोद सिंह, गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू और राज्यसभा सांसद डॉक्टर सरफराज अहमद भी मौजूद रहें।
नॉमिनेशन से पहले रविवार को मोरहाबादी स्थित आवास पर जाकर उन्होंने पार्टी सुप्रीमो शिबू सोरेन और सास रूपी सोरेन से मुलाकात की। उनके पांव छुए और आशीर्वाद लिया।बता दें कि एनडीए की ओर से यहां बीजेपी ने दिलीप वर्मा को कैंडिडेट बनाया है। यहां 20 मई को लोकसभा के पांचवे चरण के साथ-साथ उपचुनाव के लिए भी मतदान होगा।
जमशेदपुर : संत बाबा जगत सिंह की बरसी पंथिक मर्यादा एवं परंपरा के अनुसार बर्मामाइंस गुरुद्वारा में मनाई गई। बैसाखी के मौके पर रखे गए खुले पाठ का भोग रविवार को डाला गया। स्त्री सत्संग सभा ने सुखमणि साहब का पाठ किया। हजूरी ग्रंथी ज्ञानी इकबाल सिंह ने कीर्तन गायन किया।
भाई गगनदीप सिंह और भाई मनदीप सिंह आदि निहंग कविसरी जत्थे ने वीर रस में काव्य पाठ किया। तथा श्री हरमंदिर जी पटना साहिब के महासचिव सरदार इंद्रजीत सिंह एवं सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चेयरमैन सरदार शैलेंद्र सिंह ने अपने विचार रखें तथा स्टेज सचिव सरदार रविंद्र सिंह ने बाबा जी के जीवन पर प्रकाश डाला। उनके अनुसार बाबा जगत सिंह कहां से आए, लोग नहीं जाते थे परंतु उन्होंने संगत को श्री गुरु ग्रंथ साहिब एवं गुरुओं के विचारों के साथ जोड़ा था और उनकी अरदास ऊपर वाले के यहां सुनी जाती थी और लोगों का मनोरथ पूरा होता था। इस मौके पर प्रधान सविंदर सिंह, महासचिव जोगा सिह, सुखपाल सिंह बिरसानगर प्रधान परमजीत सिंह रोशन, सतबीर सिंह सोमू, गुरु दर्शन सिंह, हरभजन सिंह, सुखदेव सिंह, चेयरमैन गुरदयाल सिंह, जसवीर सिंह बीरा, गुरमीत सिंह लखनपाल, लखबीर सिंह, परमजीत सिंह, पलविंदर कौर, राज कौर, सविंदर कौर, चेंचल सिंह सरली, अमरजीत सिंह, अमरीक सिंह आदि ने संगत की सेवा की।
भाजपा जमशेदपुर लोकसभा विशेष संपर्क अभियान के संयोजक श्री राजीव रंजन सिंह जी(सेवानिवृत आई.पी.एस) जमशेदपुर लोकसभा अंतर्गत मानगो आशियाना अनंतरा, सोनारी कागलनगर अटल पार्क,कदमा गणेश पूजा मैदान के समीप प्रबुद्धजनों के साथ संवाद करते हुए मोदी सरकार के 10 वर्षो के जनकल्याण के कार्यों से अवगत कराए एवं मतदान केन्द्र में पहुंच मतदान करने हेतु अपील किए।
मौके पर सह संयोजक श्री सीताराम जी,उलीडीह मंडल अध्यक्ष अमरेंद्र पासवान,राजकुमार सिंह, सोनारी मंडल अध्यक्ष प्रशांत पोद्दार,पूर्व मंडल अध्यक्ष पूरन वर्मा,संजय सिंह,अनिल कुमार सिंह,रिटायर्ड डीएसपी जितेंद्र ठाकुर,बलविंदर कलसी,यशवीर सिंह,आदित्य सिंह एवं अन्य सैकड़ों सम्मानित लोग सम्मिलित थे।
मुंबई पुलिस ने रविवार (28 अप्रैल) को महादेव बेटिंग ऐप केस में कथित संलिप्तता के लिए एक्टर साहिल खान को गिरफ्तार किया. मुंबई साइबर सेल की ‘स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम’ (SIT) ने छत्तीसगढ़ से साहिल को अरेस्ट किया है.इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने साहिल की प्री-अरेस्ट याचिका को भी खारिज कर दिया था.
मुंबई पुलिस ने रविवार (28 अप्रैल) को महादेव बेटिंग ऐप केस में कथित संलिप्तता के लिए एक्टर साहिल खान को गिरफ्तार किया. मुंबई साइबर सेल की ‘स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम’ (SIT) ने छत्तीसगढ़ से साहिल को अरेस्ट किया है. इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने साहिल की प्री-अरेस्ट याचिका को भी खारिज कर दिया था.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, साहिल खान ‘द लोटस बुक ऐप’ नाम के एक एप्लिकेशन में भी पार्टनर हैं. उन्होंने इस ऐप को प्रमोट करने और इसके इवेंट में शामिल होने का काम किया. साथ ही ‘लोटस बुक 247’ नाम के ऐप को पार्टनर के तौर पर लॉन्च किया. ये ऐप भी महादेव बेटिंग ऐप से जुड़ा हुआ है.
मुंबई लाए जाने के दौरान साहिल खान ने कहा, “मुझे देश की न्यायपालिका पर पूरी तरह से भरोसा है.” सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश बंकार ने नवंबर 2023 में साहिल के ऊपर एक एफआईआर दर्ज करवाई थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह ऑनलाइन बेटिंग या कहें सट्टेबाजी ऐप को प्रमोट कर रहे हैं. दरअसल, एसआईटी कुछ फाइनेंशियल और रियल एस्टेट कंपनियों और महादेव सट्टेबाजी ऐप के प्रमोटरों के बीच कथित अवैध लेनदेन की जांच कर रही है. मामले में दर्ज एफआईआर के मुताबिक महादेव बेटिंग ऐप से जुड़ा घोटाला करीब 15,000 करोड़ रुपये का है. इस केस में कई एक्टर्स से भी पूछताछ की गई है.
सट्टेबाजी ऐप के केस में मुंबई पुलिस ने 32 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जसिमें सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल जैसे ऐप के प्रमोटर्स भी शामलि हैं. पुलिस के मुताबिक, इन लोगों के बैंक अकाउंट्स, मोबाइल फोन, लैपटॉप और सभी टेक्निकल डिवाइस की जांच की जा रही है.साहिल खान एक एक्टर और फिटनेस ट्रेनर हैं. वह Style और Excuse Me जैसी फिल्मों में काम भी कर चुके हैं. हालांकि, फिर वह एक्टिंग करियर छोड़कर फिटनेस एक्सपर्ट बन गए. वह अपने यूट्यूब चैनल और इंस्टाग्राम हैंडल्स से फिटनेस से जुड़े वीडियो शेयर करते रहते हैं.
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस में मची घमासान अंततः सड़क पर आ गई। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। कांग्रेस पार्टी ने जब से उत्तर-पश्चिमी दिल्ली से उदित राज और उत्तर-पूर्वी दिल्ली से कन्हैया कुमार को अपना उम्मीदवार बनाया था, उसी समय से पार्टी के अंदर घमासान मच गया था।
पार्टी नेता बाहरी लोगों को लोकसभा उम्मीदवार बनाए जाने के सख्त खिलाफ थे, लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं को अनसुना करते हुए बाहरी चेहरों को टिकट दे दिया गया। कांग्रेस को यह फैसला भारी पड़ गया और अंततः दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने अपना इस्तीफा देकर अपनी नाराजगी जता दी।
दरअसल, अरविंदर सिंह लवली खुद भी उत्तर पूर्वी दिल्ली से मनोज तिवारी के सामने लोकसभा चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन उनकी इच्छाओं को दरकिनार करते हुए पार्टी ने दूसरे चेहरे को लोकसभा चुनाव में उतारने की योजना बनाई। स्वयं जयराम रमेश ने कन्हैया कुमार को उत्तर पूर्वी दिल्ली से टिकट दिलाने के लिए खूंटा गाड़ दिया। इसे देखते हुए लवली ने खुद चुनाव में न उतरने की बात कह दी, लेकिन पार्टी के नेता जानते हैं कि लवली इस फैसले से बिल्कुल भी खुश नहीं थे।
कन्हैया कुमार की उम्मीदवारी के खिलाफ संदीप दीक्षित भी थे, जो स्वयं उत्तर पूर्वी दिल्ली से लोकसभा चुनाव लड़ना चाहते थे। एक बैठक के दौरान कन्हैया कुमार और उनके बीच बहस भी हो गई थी। लेकिन इसके बाद भी पार्टी ने कन्हैया कुमार की उम्मीदवारी को ही सही ठहराया। इसी प्रकार, उदित राज को उत्तर पश्चिम दिल्ली से उम्मीदवार बनाए जाने का राजकुमार चौहान लगातार विरोध कर रहे थे। जिस दिन उम्मीदवारों का मीडिया के सामने परिचय सम्मेलन करवाया जा रहा था, उस दिन भी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय के सामने कार्यकर्ता लगातार उदित राज और कन्हैया कुमार की उम्मीदवारी का विरोध कर रहे थे। इससे यह साफ था कि कार्यकर्ताओं का इन उम्मीदवारों को सहयोग नहीं मिलने वाला था। इसका असर लोकसभा चुनाव में देखने को मिलना तय था।
केजरीवाल से समझौते का विरोध अरविंदर सिंह लवली शुरुआत से ही आम आदमी पार्टी के साथ कांग्रेस से समझौते के सख्त खिलाफ थे। उनका कहना था कि जिस केजरीवाल ने तमाम झूठे आरोप लगाकर कांग्रेस को बदनाम करने का काम किया और उसे सत्ता से बाहर करने में अपनी बड़ी भूमिका निभाई, आज उसी केजरीवाल के साथ में समझौता करना पार्टी के लिए किसी भी तरह से ठीक नहीं है। उच्च स्तर पर बैठे नेताओं ने भी इस निर्णय के खिलाफ आवाज उठाई थी। निचले स्तर के कार्यकर्ता भी इस निर्णय से खुश नहीं थे।
दिल्ली कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, अरविंदर सिंह लवली ने पार्टी आला कमान के सामने यह प्रस्ताव रखा था कि जिस तरह पंजाब में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस अलग-अलग चुनाव लड़ रही हैं, उसी तरीके से दिल्ली में भी दोनों पार्टियों को अलग-अलग चुनाव लड़ना चाहिए। आम आदमी पार्टी के इंडिया गठबंधन में रहने से उन्हें कोई आपत्ति नहीं थी, लेकिन उनके साथ चुनावी मैदान में जाना उन्हें घाटे का सौदा लग रहा था। उन्होंने कहा था कि यदि केजरीवाल के साथ दिल्ली का चुनाव लड़ा जाएगा तो विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस को मजबूत करना कठिन हो जाएगा क्योंकि पार्टी उस समय केजरीवाल के खिलाफ कोई मजबूत स्टैंड नहीं ले सकेगी। इस बात की जानकारी उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेताओं को भी दे दी थी, लेकिन उनकी नाराजगी को दरकिनार करते हुए पार्टी ने केजरीवाल के साथ चुनाव में जाने का फैसला कर लिया।
लवली ने आरोप लगाया है कि पार्टी के उच्च पदों पर बैठे शीर्ष नेताओं (कांग्रेस महासचिव और दिल्ली प्रभारी) ने उनके काम करने के लिए कोई जगह नहीं छोड़ी थी। उनकी हर फैसले में टांग अड़ाई जा रही थी। यहां तक कि लवली अपनी चहेते कार्यकर्ता को पार्टी के मीडिया सेल का प्रमुख तक नहीं बना सके थे। इससे भी लवली की पार्टी वाला कमान से नाराजगी बढ़ती चली गई।
अरविंदर सिंह लवली ने अपने इस्तीफे में भी कहा है कि लगभग आठ महीने पहले जब उनको अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी गई थी, पार्टी बहुत संकट से गुजर रही थी। पार्टी का कोई बड़ा कार्यक्रम तक नहीं हो रहा था, कार्यकर्ता बिखरे हुए थे। लेकिन पार्टी की जिम्मेदारी संभालते ही उन्होंने सब को एक साथ जोड़ने की कोशिश की। लेकिन पार्टी के महासचिव और दिल्ली प्रभारी उनके काम में लगातार टांग अड़ाते रहे। अभी तक डेढ़ सौ से ज्यादा ब्लॉक स्तर पर कार्यकर्ताओं को उनके पदों पर नियुक्त नहीं किया जा सका है।
बड़ी खबर गोपालगंज से है जहां गोपालगंज से सुपौल जा रही सुरक्षा बलों की तीन बसें दुर्घटनाग्रस्त हो गयी हैं. इस हादसे में एक बस के ड्राइवर और कांस्टेबल की मौत हो गयी है जबकि आधा दर्जन से अधिक जवान गंभीर रूप से घायल हैं.
मृतक जवान की पहचान पवन कुमार के रुप में हुई है. मृतक बगहा का निवासी था. बस दुर्घटना सिधवलिया थाना क्षेत्र के बरहिमा मोड़ के पास एनएच-27 के पास की है. बताया जा रहा है कि पुलिस लाइन से तीन बसों में 242 महिला व पुरुष जिला बल के जवान चुनाव कराने के लिए सुपौल जा रहें थे.
इसी दौरान ये घटना हुई. बीच रास्ते में बरहिमा मोड़ के पास बस रोककर सभी नाश्ता कर रहे थे तभी तेज रफ्तार में आई कंटेनर ने पीछे से टक्कर मार दी. इस हादसे में अशोक उरांव नाम के ड्राइवर की मौत हो गई है, जबकि आधा दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी गंभीर रूप से जख्मी हैं. स्वास्थ्य विभाग की ओर से पांच एंबुलेंस और डॉक्टरों की टीम को मौके पर भेजा गया है.
इस हादसे के बाद सदर अस्पताल को अलर्ट करते हुए घायलों का इलाज के लिए एंबुलेंस अस्पताल लाया जा रहा है. बताया जा रहा की हादसा इतना दर्दनाक था कि दो बसों के बीच में कई पुलिस के जवान फंस गए और उन्हें निकालने की कोशिश घंटे तक होती रही. गोपालगंज के एसपी स्वर्ण प्रभात और डीएम मोहम्मद मकसूद आलम ने घटना का जायजा लिया और मौके पर राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर होने की बात कही है. डीएम और एसपी घायलों के इलाज की लगातार मॉनिटरिंग कर रहें हैं.
राँची:- लोअर बाजार थाना क्षेत्र के आजाद बस्ती हामिद स्ट्रीट निवासी मो फिरोज अख्तर (56 वर्ष) को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में लोअर बाजार पुलिस ने शनिवार को केस दर्ज कर लिया है.यह केस मो इमरोज की शिकायत पर दर्ज किया गया है.
मो फिरोज अख्तर को आत्महत्या के लिए उकसाने और दबाव देने का आरोप मृतक के बड़े पुत्र और बहू पर लगाया गया है. शिकायतकर्ता के अनुसार मो फिरोज अख्तर ने 13 अप्रैल 2024 की सुबह घर में रखी बैट्री का पानी और चूहा मारने की दवा खा ली थी. इस कारण उन्हें इलाज के लिए रिम्स में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के क्रम में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. शिकायतकर्ता के अनुसार मृतक का बड़ा पुत्र अपनी पत्नी के साथ मिलकर हमेशा पिता के साथ संपत्ति बंटवारे को लेकर लड़ाई-झगड़ा करते थे. इस कारण मो फिरोज अख्तर हमेशा परेशान रहते थे. इसे लेकर मृतक ने आत्महत्या से पहले सुसाइड नोट भी लिखा था.
स्कूल प्रबंधन ने 23 शिक्षकों को नौकरी से निकाला था, श्रमायुक्त ने सौंपा चेक जमशेदपुर . जमशेदपुर के कदमा स्थित वाल्डवीन फार्म एरिया उच्च विद्यालय के 14 शिक्षकों को शनिवार को ग्रेच्युटी (उपदान) की 23 लाख 81 हजार 817 रुपये मिली.उप श्रमायुक्त राकेश कुमार ने सभी शिक्षकों को ग्रेच्युटी (उपदान) की राशि का चेक सौंपा. कोरोना संक्रमण के दौर और उसके पूर्व स्कूल प्रबंधन ने 23 शिक्षकों को कार्य से बैठा दिया था.
कर्मचारियों के समर्थन में यूथ इंटक के प्रदेश संयुक्त सचिव राज किशोर प्रसाद मामले को तत्कालीन उप श्रमायुक्त राजेश प्रसाद के समक्ष ले गये. मामले की सुनवाई के दौरान तत्कालीन उप श्रमायुक्त राजेश प्रसाद ने स्कूल प्रबंधन को सभी शिक्षक और शिक्षिकाओं को ग्रेच्युटी की राशि का भुगतान करने का आदेश दिया. उप श्रमायुक्त के फैसले के खिलाफ स्कूल प्रबंधन ने लेबर कमिश्नर कार्यालय रांची में फैसले के खिलाफ अपील की. उप श्रमायुक्त के आदेश को लेबर कमिश्नर ने रखा बहाल लेबर कमिश्नर रांची ने सुनवाई के उपरांत जमशेदपुर के उप श्रमायुक्त के आदेश को बहाल रहते हुए स्कूल प्रबंधन को ग्रेच्युटी (उपदान) की राशि का भुगतान करने का आदेश दिया. शनिवार को स्कूल के 14 शिक्षकों को उप श्रमायुक्त राकेश कुमार ने चेक के माध्यम से राशि सौंप दी. स्कूल के नौ शिक्षकों का मामला झारखंड उच्च न्यायालय में विचाराधीन है. इंटक नेता राजकिशोर प्रसाद ने ग्रेच्युटी की राशि मिलने पर कर्मचारियों की जीत बतायी है. उन्होंने कहा कि झारखंड उच्च न्यायालय से भी सभी शिक्षकों के पक्ष में जल्द निर्णय आयेगा. इन 14 शिक्षकों को मिली ग्रेच्युटी : रीना कुमारी सिंकु, सुजाता चौधरी, रतन राहा, कुमकुम सेन गुप्ता, भूपेश कुमार शर्मा, विभा सिन्हा, रूमा डे, एमडी लेजारस, प्रमिला तिर्की, पापीया सेन, सुनीता चौधरी, सेंड्रा जोसेफ, नीलम हेरेंज, जोयता मित्रा इन 9 शिक्षकों का हाइकोर्ट में मामला विचाराधीन : काकुली बनर्जी, विजेता कुमार, सुमित कुमारी नंदा, नीनालाल, सुमन कुमारी झा, सुमित्रा बाजपेई, रंजीता सतपति, पायल भट्टाचार्य, अर्चना कुमारी
सुप्रीम कोर्ट ने वोटर वेरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल (VVPAT) के साथ इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) पर डाले गए वोटों के पूर्ण सत्यापन की मांग के मामले में बड़ा फैसला सुनाया. कोर्ट ने VVPAT पर्ची के मिलान से जुड़ी सभी याचिका शुक्रवार (26 अप्रैल, 2024) को खारिज कर दी.
कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि रिजल्ट घोषित होने के 7 दिनों के भीतर उम्मीदवार दोबारा जांच की मांग कर सकता है. माइक्रो कंटोलर की मेमोरी की जांच इंजीनियर करेंगे. इस जांच का खर्च उम्मीदवार को उठाना होगा. कोई भी गड़बड़ी साबित होने की स्थिति में खर्च किया गया पैसा वापस किया जाएगा.
फैसला सुनाते हुए जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की पीठ ने चुनाव आयोग को अहम सुझाव भी दिया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “भविष्य में VVPAT पर्ची में बार कोड पर विचार किया जाना चाहिए.” बेंच के सामने जो याचिकाएं दी गई थीं, उसमें बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग भी की गई थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है. पिछली सुनवाई के दौरान ही अदालत ने इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था.
पिछली सुनवाई में क्या हुआ था? सुप्रीम कोर्ट में हुई पिछली सुनवाई में जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की पीठ ने EVM के जरिए डाले गए वोटों का VVPAT के साथ वेरिफिकेशन करने संबंधी वाली याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रख लिया था. बेंच ने चुनाव आयोग की आयोग की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल एश्वर्या भाटी से कहा था, ‘‘ हम गलत साबित नहीं होना चाहते, बल्कि अपने निष्कर्षों को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त होना चाहते हैं. इस कारण हमने स्पष्टीकरण मांगने का सोचा..’ वीवीपीएटी के जरिए वोटर यह जान सकते हैं कि उनका वोट उसी व्यक्ति को गया है या नहीं जिन्हें उन्होंने वोट दिया है.
चाईबासा, 26 अप्रैल : जनता 400 पार के झांसे में नहीं आयेगी, सीधे तड़ीपार करेगी। जनता को रोटी, कपड़ा, मकान, नौकरी, रोजगार चाहिए। इस पर भाजपा नहीं बोलेगी, भाजपा के प्रत्याशी श्रीमती गीता कोड़ा झामुमो को बेवजह बदनाम करने की कोशिश कर रही है। यह बातें टोन्टो प्रखंड 20 सूत्री कार्यक्रम के अध्यक्ष मुन्ना सुंडी ने टोन्टो प्रखंड के ग्राम टोन्टो के रोयागुटू में जगन्नाथपुर और चाईबासा विधासभा छेत्र बुंडू, रेनग्राहातु और टोन्टो पंचायत स्तरीय ग्राम के प्रतिनिधियों की बैठक को संबोधित करते हुए कही।
श्री सुंडी ने कहा कि श्रीमती कोड़ा को यह बताना चाहिए कि अपने विधायक, सांसद और अपने पति मधु कोड़ा के मुख्यमंत्री कार्यकाल में सिंहभूम की जनता के लिए क्या क्या कार्य किया है। इसी काम के ऐवज में जनता से वोट मांगना चाहिए। परंतु ऐसा न कर प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी की तरह उल्टी सीधी बातें कह कर जनता को मूर्ख बनाने का काम कर रही है। श्री सुंडी ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना को बंद कर झारखंड की गरीब जनता का हक मारने का काम किया। वहीं झारखंड सरकार ने जनता को 20 लाख आबुआ आवास देकर गरीबों को राहत देने का काम कर रही है।
संविधान बदलने और देश में महंगाई-बेरोजगारी के लिए 400 पार है : बुधराम लागुरी
इस मौके पर झामुमो के पूर्व जिला प्रवक्ता बुधराम लागुरी ने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में फर्क है। चुनाव के दौरान जनता को दिए गए वादा को पूरा नहीं करती है, जिसका कई उदहारण है किसे यहां की जनता बखुबी जानती है। भाजपा के प्रत्याशी श्रीमती गीता कोड़ा बताएं लोकसभा में 272 के आंकड़ा से सरकार बनती है या 400 पार से बनती है। जिसका नारा दिया जा रहा है की अबकी बार 400 पार, इसका मतलब स्पष्ट है कि की संविधान को बदलने के लिए संविधान के अनुच्छेद 368 के तहत लोकसभा सदन में संविधान में संशोधन होता है। इसके लिए 2/3 बहुमत की जरूरत होती है। इसलिए भाजपा ने एक षडयंत्र के तहत लोकसभा में 400 पार का नारा दिया है, ताकि संविधान को बदला जा सके।
देश की सुरक्षा के लिए इंडिया गंठबंधन को वोट करें : तबारक खान
इस मौके झामुमो नेता तबारक खान ने कहा कि भाजपा ने अपने 10 साल के शासन में जनता को गरीबी, बेरोजगारी और सरकारी संपत्ति को बेचने का काम किया। गत लोकसभा के चुनाव में श्रीमती गीता कोड़ा को भाजपा दुश्मन लगती थी और आज प्यारी लग रही है। इस तरह के दलबदलु नेताओं को जनता सबक सिखाएगी। सिंहभूम की जनता देश की सुरक्षा के लिए इंडिया गंठबंधन को वोट करेगी। इसके लिए श्रीमती जोबा मांझी को तीर धनुष छाप पर मोहर लगाकर भारी मतों से विजय बनावे।
बैठक को पूर्व प्रमुख मंगल तुबिद, जिला परिषद के पूर्व सदस्य व जगनाथपुर विधनसभा के प्रभारी बामिया मांझी, पूर्व मुखिया कपलेश्वर डोंगो, झामुमो नेता तुरम बिरूली, संजय दास, नोआमुंडी प्रखंड झामुमो अध्यक्ष चुमनलाल लागुरी, सचिव मनोज लागुरी ने भी सम्बोधित किया। इस बैठक में पुखरीबुरू के मुंडा आनंद तुबिद, चोकरो सिद्धू, फ्रांसिस सुरीन, रामराई, दोराईबुरु, विक्रम लागुरी समेत काफी संख्या में प्रतिनिधि मौजूद थे।