झारखंड के भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि कल्पना सोरेन को झारखंड का नया मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है. उन्होंने ट्वीट करते हुए बताया कि हेमंत सोरेन ने झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस के विधायकों को रांची बुलाया है.
उन्होंने अपने ट्वीट में कहा कि कल्पना सोरेन झारखंड की नई मुख्यमंत्री बन सकती हैं.
हेमंत सोरेन जी ने अपने यानि झामुमो व कॉंग्रेस तथा सहयोगी विधायकों को राँची समान तथा बैग के साथ बुलाया है ।सूचना अनुसार कल्पना सोरेन जी को मुख्यमंत्री बनाने का प्रस्ताव है ।मुख्यमंत्री ने सूचना दी है कि @dir_ed के पूछताछ के डर से वे सड़क मार्ग से रॉंची पहुँचकर अपने अवतरित होने की…
निशिकांत दुबे ने अपने एक्स अकाउंट से लिखा कि, ‘हेमंत सोरेन जी ने अपने यानि झामुमो व कॉंग्रेस तथा सहयोगी विधायकों को राँची समान तथा बैग के साथ बुलाया है. सूचना अनुसार कल्पना सोरेन जी को मुख्यमंत्री बनाने का प्रस्ताव है. मुख्यमंत्री ने सूचना दी है कि @dir_ed के पूछताछ के डर से वे सड़क मार्ग से रॉंची पहुँचकर अपने अवतरित होने की घोषणा करेंगे.’
सोरेन के दिल्ली आवास पर ईडी का छापा इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय ने झारखंड के मुख्यमंत्री हमंत सोरेन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उनके दिल्ली स्थित आवास पर छापा मारा. इस दौरान ईडी की टीम ने कुछ कागजात और हेमंत सोरेन की BMW गाड़ी जब्त कर ली. ईडी ने लैंड स्कैम से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस की जांच करते हुए 12 घंटे से अधिक समय तक आवास पर डेरा डाले रखा. वहीं सोरेन ने ईडी की कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया है और कहा है कि ईडी राज्य सरकार के कामकाज में बाधा डाल रही है.
जमशेदपुर : भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के झारखंड प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रविंदर सिंह ‘रिंकू’ ने भाजपा के नवनियुक्त हजारीबाग प्रभारी अभय सिंह एवं भाजपा जमशेदपुर महानगर के नव नियुक्त जिला अध्यक्ष सुधांशु ओझा को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने इसके साथ साथ नवनियुक्त सभी जिलाध्यक्षों और प्रभारियों को भी बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आशा है की इस नए नेतृत्व में झारखंड के सभी जिले एक नई ऊंचाई को छुएगा और आने वाले लोकसभा और विधानसभा के चुनाव में पार्टी सभी सीटों पर विजयी होगी। (जारी…)
रविंदर सिंह ने नवनियुक्त जिला अध्यक्ष के विषय मे कहा कि पार्टी ने जिला का दायित्व एक मजबूत कंधे पर दिया है और हमें उम्मीद ही नहीं अपितु यकीन है कि सुधांशु जी के नेतृत्व में कार्यकर्ता और पार्टी दोनों सशक्त होगी। (जारी…)
वहीं हजारीबाग का प्रभार अभय सिंह को सौंपे जाने पर उन्होंने कहा कि अभय सिंह एक कर्मठ और कदावर नेता हैं। उनके दिशा निर्देश से हजारीबाग में ही नहीं अपितु पूरे झारखंड में पार्टी को मजबूती प्रदान होगी साथ ही साथ कार्यकर्ताओं में भी एक नई ऊर्जा का संचार होगा।
जमशेदपुर : भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार ने भाजपा जमशेदपुर महानगर के नव नियुक्त जिला अध्यक्ष सुधांशु ओझा को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आशा है की सुधांशु ओझा के नेतृत्व में जमशेदपुर महानगर अपनी नई ऊंचाई को छुएगा और आने वाले लोकसभा और विधानसभा के चुनाव में हम सभी सीटों पर विजयी होंगे। नए अध्यक्ष पुराने कार्यकर्ता है, कार्यकर्ताओं की भावना को समझेंगे और क्षेत्र की समस्याओं को उचित मंच पर उठा कर जमशेदपुर में विपक्ष की जो भूमिका होनी चाहिए उसमें अपनी मजबूत उपस्थिति प्रदान करेंगे।
जमशेदपुर : भारतीय जनता पार्टी के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने आज नव नियुक्त जिला अध्यक्षों और जिला प्रभारियों की घोषणा की है। जिसमें भाजपा के वरिष्ठ नेता अभय सिंह को हजारीबाग का प्रभार सौंपा गया और जमशेदपुर महानगर के नए अध्यक्ष सुधांशु ओझा को बनाया गया। वहीं राँची महानागर का जिला अध्यक्ष वरुण साहू को बनाया गया और राँची ग्रामीण में सुरेंद्र महतो को जिला अध्यक्ष के रूप में मनोनीत किया गया। (जारी…)
खूंटी के जिला अध्यक्ष चंद्रशेखर गुप्ता, गुमला के जिला अध्यक्ष शिव प्रसाद साहू, सिमडेगा के जिला अध्यक्ष लक्ष्मण बड़ाईक, वहीं लोहरदगा में मनीर उडाँव को जिला अध्यक्ष बनाया गया। जमशेदपुर महानगर के प्रभारी के रूप में डॉ जीतू चरण राम को बनाया गया और सरायकेला-खरसांवा के जिला अध्यक्ष उदय सिंह देव और प्रभारी सुबोध कुमार सिंह “गुड्डू” को बनाया गया है। निवर्तमान जिलाध्यक्षों को फिलहाल प्रदेश कार्यसमिति में जगह दी गयी है।
अभय सिंह ने दी सुधांशु ओझा को बधाई
सुधांशु ओझा को जमशेदपुर महानगर के अध्यक्ष बनाये जाने के बाद भाजपा नेता अभय सिंह ने बधाई दी। उन्होंने कहा कि अब एक नई पारी को शुरुआत होगी और नए अध्यक्ष के दिशा निर्देश से पार्टी के कार्यकर्ताओं को एक नई ऊर्जा और दिशा मिलेगी जिससे पार्टी और मजबूत होगी। मुझे पूर्ण उम्मीद है कि सुधांशु जी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी आगामी चुनाव में जमशेदपुर महानगर में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विजयी ध्वज लहराएगा।
दिल्ली में सीएम आवास पर ईडी की कार्रवाई के बाद झारखंड में पूरा प्रशासनिक अमला हाई अलर्ट पर है. इस दौरान राजधानी रांची समेत अन्य जिले में किसी प्रकार की विधि-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न नहीं हो.
इसको लेकर स्पेशल ब्रांच के द्वारा अलर्ट जारी किया गया है. स्पेशल ब्रांच के द्वारा सोमवार को झारखंड के सभी जिले के डीसी एसपी को पत्र लिखा गया है. लिखे पत्र में कहा गया है, कि ईडी के द्वारा सीएम हेमंत सोरेन को बार-बार समन भेजे जाने और बेवजह परेशान करने को लेकर जेएमएम और उनके घटक दल के कार्यकर्ताओं, समर्थकों द्वारा विरोध स्वरूप झारखंड राज्य के सभी जिलों में पार्टी कार्यालय, विभिन्न चौक-चौराहों पर धरना-प्रदर्शन, जुलूस निकाले जाने की सूचना है. जिसको लेकर राज्य के विभिन्न जिलों में स्थित विपक्षी दलों के पार्टी कार्यालय, आवास, वाहनों के साथ-साथ केन्द्र सरकार के कार्यालयों पर हमला कर क्षति पहुंचायी जा सकती है. जिससे विधि-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो सकती है.
मुख्य सचिव एल ख्यांग्ते ने राज्य के आला अधिकारियों के साथ बैठक की
दिल्ली में सीएम आवास पर ईडी की कार्रवाई के बीच झारखंड के मुख्य सचिव एल ख्यांग्ते ने सोमवार को राज्य के आला अधिकारियों के साथ बैठक की. मुख्य सचिव आवास पर हुई बैठक में डीजीपी और गृहसचिव मौजूद थे. करीब एक घंटे तक हुई इस बैठक में कानून व्यवस्था को लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए. मुख्य सचिव ने राजधानी रांची और दुमका को लेकर विशेष नजर रखने का निर्देश दिया. दिल्ली में चल रही ईडी की कार्रवाई पर नजर रखने का निर्देश अधिकारियों को दिया और किसी भी हालत में विधि-व्यवस्था ना बिगड़े, इसके लिए सतर्क रहने को कहा. मौके पर मौजूद गृह सचिव अविनाश कुमार और डीजीपी अजय कुमार सिंह ने विधि-व्यवस्था को लेकर की गई. तैयारी से मुख्य सचिव को अवगत कराया. राजधानी में मुख्यमंत्री आवास, राजभवन और बीजेपी कार्यालय के समीप सुरक्षा बढ़ाये जाने के निर्देश के बाद रांची पुलिस के द्वारा एहतियाती कदम उठाया गया है.
पूर्व विधायक और झारखंड भाजपा के तेजतर्रार प्रवक्ता कुणाल षाडंगी अमेरिका के शिकागो में अंतराष्ट्रीय यूथ आईकॉन अवार्ड से सम्मानित हुए. फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोशिएशन (एफआईए) की ओर से आयोजित गणतंत्र दिवस महोत्सव समारोह के दौरान सोमवार को कुणाल सम्मानित हुए.
शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाज कल्याण की दिशा में उल्लेखनीय और अनुकर्णीय योगदान के लिए कुणाल षाडंगी को यह सम्मान मिला है. शिकागो के मैट्रिक्स क्लब में आयोजित सम्मान समारोह में भारतीय दूतावास में भारत के राजदूत कंसोलेट जेनरल सोमनाथ घोष ने यह सम्मान उन्हें प्रदान किया. मौके पर फेडरेशन ऑफ इंडियन ऐसोसिएशन 2024 के चेयरमैन सुनील शाह, अध्यक्ष प्रतिभा जयरथ एवं विनीता गुलाबनी सहित अन्य मौजूद थे.
समारोह में शिकागो शहर में रहने वाले सैकड़ों प्रबुद्ध भारतीय उपस्थित थें. मौके पर विभिन्न क्षेत्रों में प्रभावशाली उपलब्धि हासिल करने वाले भारतीय मूल के वैज्ञानिकों, डॉक्टरों, खिलाड़ियों, संगीतकारों और कई अन्य विधा में प्रसिद्धि और उपलब्धि हासिल करने वाले भारत के कई लोगों को सम्मानित किया गया. विभिन्न देशों में रह रहे दर्जनों प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप भी प्रदान की गई. कुणाल षाडंगी ने कहा कि मेरा दृढ़ विश्वास है कि आने वाले समय में युवाओं की सहभागिता अमेरिका की राजनीति में भी बढ़ेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था भारत बन चुका है.
जमीन घोटाले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूछताछ के लिए दिल्ली स्थित उनके आवास पर ईडी की टीम पहुंची हुई है, लेकिन मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात नहीं हो सकी है।
सीएम सोरेन कहां गए हैं इसके बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही है। हालांकि, रांची में मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से ईडी को भेजे गए पत्र में 31 जनवरी को पूछताछ के लिए समय की जानकारी दी गई है।
हेमंत सोरेन ईडी से डर गए हैं: बाबूलाल मरांडी
राज्य में भाजपा के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने इसे लेकर सीएम सोरेन पर निशाना साधा है। उन्होंने न्यूज रिपोर्ट का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री के लापता होने की बात कही है। बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि सीएम सोरेन ईडी के अधिकारियों से डर गए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को भगोड़ा कहते हुए यह तक कह दिया है कि हेमंत सोरेन ने अपनी हरकतों से आदिवासी समाज की प्रतिष्ठा और गौरव को मिट्टी में मिलाने का काम किया है।
ईडी अधिकारियों के डर से मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM जी के लापता होने की सूचना न्युज चैनलों के माध्यम से प्राप्त हो रही है।
अगर इस खबर में सत्यता है तो, यह झारखंड के लिए संवैधानिक संकट की स्थिति है। महामहिम @CPRGuv जी से निवेदन है कि वो मामले का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री को… https://t.co/60uzoo03Cl
इधर, रांची में ईडी की कार्रवाई को लेकर जगह-जगह झामुमो कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे हैं। इसे देखते हुए शहर भर में पुलिस की तैनाती कर दी गई है। मुख्यमंत्री आवास सहित ईडी कार्यालय की भी सुरक्षा बढ़ाई गई है।
राजभवन के सामने भी पुलिस बल तैनात हैं। इस पर राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि ईडी अपना काम कर रही है और मुझे व्यक्तिगत तौर पर लगता है किसी भी राजनीतिक दल को इसमें हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।
उन्होंने आगे यह भी कहा कि मुख्यमंत्री को आज नहीं तो कल जवाब देना होगा। एक सच्चे नागरिक के रूप में हमें कानून की बात माननी चाहिए। राज्यपाल ने यह भी कहा कि झारखंड में विधि व्यवस्था संतोषजनक नहीं है। कार्रवाई करनी पड़ेगी।
एक फरवरी को देश का अंतरिम बजट पेश होना है। देश में कुछ महीनों बाद ही लोकसभा के चुनाव होने हैं।
ऐसे में माना जा रहा है कि यह बजट मतदाताओं को लुभाने वाला होगा। चुनाव से पहले का आखिरी बजट ऐसा होगा जिससे राजकोषीय घाटा कम हो और समाज के सभी वर्गों को साधने की कोशिश हो सकती है। किसनों, युवाओं, महिलाओं और गरीबों पर पर्याप्त ध्यान देने से बनियादी ढ़ांचे पर भी उतना खर्च कर पाना मुश्किल होगा।
बजट को लोकलुभावन बनाने में विकास की बातों से समझौता करना पड़ सकता है। ऐसे में देखना होगा कि यह बजट दूरगामी परिणामों को देखकर बनाया जाता है या कुछ अलग होने वाला है। अर्थव्यवस्था का विकास तेज गति से हो रहा है। ऐसे में सरकार की कमाई भी बढ़ी है। कई अर्थशास्त्री खर्च बढ़ने की उम्मीद न करें। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने पहले ही कह दिया है कि बजट में कोई बड़ा ऐलान नहीं होगा।
क्या कहना है जानकारों का
इकोनॉमिक टाइम्स ने ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स के अभिषेक गुप्ता की एक रिपोर्ट के हवाले से बताया है कि सरकार पर आने वाले चुनावों में लोकलुभावन कदम उठाने का दबाव कम होगा। एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड की अर्थशास्त्री माधवी अरोड़ा ने कहा है कि राजकोषीय समेकन की गति और आगे की नीतिगत प्राथमिकताओं पर नजर रखी जा सकती है।
सरकार राजकोषीय घाटा लगातार कम कर रही है ताकि खर्च कंट्रोल में रहे। ब्लूमबर्ग द्वारा सर्वे किए गए अर्थशास्त्रियों के अनुसार, मार्च में समाप्त होने वाले चालू वित्तीय वर्ष के लिए 5.9 प्रतिशत घाटे का लक्ष्य पूरा हो सकता है और अगले वित्तीय वर्ष में इसे और कम करके 5.3% कर दिया जाएगा।
पेश होगा अंतरिम बजट
कुछ ही महीनों में लोकसभा के चुनाव होने हैं। इस वजह से इस साल पूरे साल का बजट नहीं बल्कि अंतरिम बजट पेश किया जाएगा। क्या आपको पता है कि अंतरिम बजट क्या होता है और यह रेग्युलर बजट या आम बजट से अलग कैसे है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को देश का अंतरिम बजट पेश करेंगी। चुनावी साल में सरकार शुरू के कुछ महीनों का ही बजट पेश करती है जिसे अंतरिम बजट कहा जाता है। यह आम बजट से कई मायनों में अलग होता है।
क्या है अंतरिम बजट का मकसद
चुनाव जब खत्म हो जाता है तब नई सरकार पूर्ण बजट पेश करती है। इसकी वजह यह है कि चुनावी साल में सरकार पूरे साल का बजट पेश करेगी तो कई ऐसे ऐलान कर सकती है जिससे उसे चुनाव में फायदा हो। अंतरिम बजट का मकसद सरकार का वित्त प्रबंधन करना है। इसे वोट ऑन अकाउंट के रूप में जाना जाता है। इसका मतलब है कि अप्रैल और मई में कितना पैसा खर्च होगा उसका सरकार पहले ही अनुमान बता देगी और उसे एडवांस में ही सरकार को दे दिया जाएगा। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि इन दो महीनों में सरकार के पास खर्च करने के लिए पैसे की कमी न हो।
नई सरकार पेश करती है पूर्ण बजट
अंतरिम बजट में सिर्फ वित्तीय वर्ष के शुरुआती महीनों के खर्चे ही कवर होते हैं। एक अप्रैल से नए वित्तवर्ष की शुरुआत होती है और यह 31 मार्च तक चलता है। मई और जून के बीच सरकार पूर्ण बजट पेश कर सकती है। चूंकि चुनाव इसबार इसबार मई-जून में होने हैं, इस वजह से सिर्फ अप्रैल और मई के लिए बजट पेश होगा। चुनावी साल में सरकार और मंत्रियों के बदलने की संभावना की वजह से भी सिर्फ 2 या तीन महीने का डेटा दिया जाता है। नई सरकार बनने के बाद एक पूर्ण बजट तैयार होगा।
झारखंड के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन का कहना है कि सीएम हेमंत सोरेन को ईडी का समन मिलने के बाद वह राज्य के हालात पर नजर बनाए हुए हैं.
सीएम सोरेन 27 जनवरी की रात को दिल्ली रवाना हो गए हैं. जबकि राज्य में सीएम सोरेन के निर्धारित कार्य़क्रम को बिना किसी स्पष्टीकऱण दिए रद्द कर दिया गया है. राज्यपाल ने कहा, ”मैं संविधान के संरक्षक के रूप में पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. यह राज्यपाल का काम है, मैं कर रहा हूं. ”
पत्रकारों ने राज्यपाल राधाकृष्णन से पूछा कि राज्य में जो हालात हैं ऐसे में क्या राजभवन के लिए सभी विकल्प खुले हैं? राज्यपाल ने कहा कि जब जरूरत होगी हम उस पुल को पार कर लेंगे. वहीं, झारखंड राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की संभावना के बारे में पूछने पर राधाकृष्णन लने कहा कि यह केवल अनुमान है और राजनीतिक दलों को इसमें नहीं पड़ना चाहिए. सीएम सोरेन द्वारा ईडी की पूछताछ से बचने के सवालों पर राज्यपाल ने कहा कि ”मैं केवल इतना कहना चाहूंगा कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है. हमें ऐसी स्थिति बनने नहीं देनी चाहिए कि हम कानून से बड़े बन जाएं. अगर वह आज जवाब नहीं दे रहे हैं तो कल जवाब देना होगा.” राज्यपाल ने झारखंड की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा, ” राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बहुत संतोषजनक नहीं हैं, मैं यह कई बार जाहिर कर चुका है. कदम उठाने की जरूरत है.”
सीएम आवास, राजभवन की बढ़ाई गई सुरक्षा इस बीच सीएम सोरेन के आवास, राजभवन और केंद्र सरकार के कार्यालयों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) अविनाश कुमार ने बताया कि राजभवन, ईडी दफ्तर, केंद्री कार्यालय और मुख्यमंत्री आवास पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. रांची में सुरक्षा बढ़ाई गई है ताकि भीड़ से बचा जा सके. मौजूदा स्थिति को देखते हुए सावधानी बरती जा रही है. उधर, सोमवार को ईडी की टीम दिल्ली स्थित सीएम के आवास पहुंची है. ईडी ने उन्हें समन जारी कर पूछा था कि वह 29 या 31 को उपलब्ध होंगे या नहीं. सोरेन ने इसका जवाब नहीं दिया था जबकि वह 27 तारीख को दिल्ली पहुंच गए. दूसरी तरफ उनकी पार्टी जेएमएम के कार्यकर्ता ईडी के समन के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं.
आम आदमी पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने रविवार (28 जनवरी) को बड़ा एलान किया. केजरीवाल ने घोषणा की है कि आप हरियाणा में होने वाले विधानसभा चुनाव में अकेले लड़ने वाली है.
उन्होंने कहा कि हरियाणा की 90 विधानसभा सीटों पर पार्टी भले ही अकेले चुनाव लड़ेगी, लेकिन इस साल होने वाले लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन के साथ चुनावी मैदान में उतरा जाएगा. केजरीवाल के एलान ने सभी को हैरान कर दिया ह।
केजरीवाल ने क्या कहा?तीन राज्यों में पहले ही इंडिया के लिए बिगड़ चुकी है बात?
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तरफ से इस तरह की घोषणा ऐसे समय पर की गई है, जब पंजाब में पार्टी अकेले लोकसभा चुनाव लड़ने का एलान कर चुकी है. सिर्फ इतना ही नहीं, बल्कि इंडिया गठबंधन को झटका देते हुए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी भी पश्चिम बंगाल में अकेले लोकसभा चुनाव लड़ेंगी. बिहार में नीतीश कुमार की जेडीयू भी इंडिया गठबंधन से बाहर हो गई है. हालांकि, केजरीवाल ने हरियाणा में लोकसभा चुनाव के लिए दरवाजे खुले रखे हैं।
केजरीवाल ने क्या कहा?
हरियाणा के जींद में आप के ‘बदलाव जनसभा’ को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘आज लोगों को सिर्फ एक ही पार्टी पर भरोसा है, वह है आम आदमी पार्टी. एक तरफ उन्हें पंजाब दिखता है और दूसरी तरफ दिल्ली में हमारी सरकार. आज हरियाणा एक बड़ा परिवर्तन चाह रहा है. पहले दिल्ली और पंजाब में लोगों ने ये बड़ा बदलाव किया और अब वहां लोग खुश हैं. आप सभी 90 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और हम हरियाणा में अगली सरकार बनाएंगे. इसे देश का नंबर 1 राज्य बनाएंगे।
तीन राज्यों में पहले ही इंडिया के लिए बिगड़ चुकी है बात?
केजरीवाल के हरियाणा विधानसभा चुनाव में अकेले लड़ने के एलान ने इंडिया गठबंधन के लिए परेशानी खड़ी कर दी है. एक तरफ गठबंधन सभी राज्यों में एकजुट होने की कोशिश कर रहा है, तो दूसरी तरफ इसमें शामिल दल एक-एक करके उससे अलग होते जा रहे हैं. पश्चिम बंगाल उन पहले राज्यों में से है, जहां इंडिया गठबंधन में शामिल टीएमसी ने सभी सीटों पर लोकसभा चुनाव लड़ने का ऐलान किया. टीएमसी ने ये जरूर कहा है कि वह बाकी राज्यों में गठबंधन के साथ है।
पश्चिम बंगाल के बाद पंजाब में भी आप एलान कर चुकी है कि वह कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं करने वाली है. पार्टी का कहना है कि 2024 लोकसभा चुनाव में सभी 13 सीटों पर वह अकेले लड़ने वाली है. बिहार में लोकसभा की 40 सीटें हैं और यहां पर भी गठबंधन में दरार पड़ गई. नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जेडीयू इंडिया से बाहर हो गई है. इस वजह से अब इंडिया गठबंधन के लिए बिहार में लोकसभा चुनाव में अच्छा प्रदर्शन काफी मुश्किल होने वाला है।