एक नई सोच, एक नई धारा

चरित्रहीन मंत्री और एक आईपीएस के इशारे पर दर्ज किया गया एफआईआर : निर्भय सिंह

जमशेदपुर : भाजपा नेता अभय सिंह समेत उनके भाई दिलीप सिंह और निर्भय सिंह पर मानगो थाने में रंगदारी का एफआइआर किया गया जिसके बाद अभय सिंह के भाई निर्भय सिंह ने दूसरे दिन शनिवार को अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि यह मामला व्यक्तिगत है और इसके पीछे एक मंत्री और एक आइपीएस अफसर का हाथ है। उन्होंने मंत्री के नाम का खुलासा करते हुए कहा कि उनका नाम बन्ना गुप्ता है और वर्तमान में झारखंड सरकार में स्वास्थ्य मंत्री हैं। उन्हें चरित्रहीन मंत्री बताते हुये कहा कि उनके भाई और चालक पर दुष्कर्म करने का मामला जमशेदपुर शहर के थाने में ही दर्ज है।
निर्भय सिंह ने कहा कि मो. सगीर के पहले उसके पार्टनर शेखर से एक साल पहले साकची थाने में केस कराया गया था। तब 10 लाख की रंगदारी मांगने का आरोप लगाया गया था। इस बार पांच लाख रुपये का आरोप लगाया गया है। पिछले मामले में वे जमानत ले चुके हैं। वे भी इस मामले में एक केस कर चुके हैं। उनके मामले को वर्तमान एसएसपी की ओर से दबाकर रखा गया है।

मंत्री और आईपीएस अफसर मिलकर सरकार को गुमराह कर रहे हैं

निर्भय सिंह ने कहा कि झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता और एक आइपीएस अफसर झारखंड सरकार को गुमराह करके रखे हुए हैं। मंत्री बन्ना गुप्ता की लोकप्रियता घट गयी है। बेवजह अभय सिंह का नाम कदमा में दंगा भड़काने में डाल दिया गया है। लोगों को मैनेज करके आंदोलन होने से रोका गया है। हम डर से भागने वाले नहीं हैं। पूरे मामले में निर्भय सिंह ने कहा कि अभय सिंह को कदमा में दंगा भड़काने का मामला बनाकर बेवजह जेल भेजा गया है। उन्हें जमानत नहीं मिले ऐसा प्रयास पुलिस की ओर से किया जा रहा है। पुलिस मानसिक रूप से तीनों भाइयों को प्रताड़ित करने का काम कर रही है।

लोगों के सामने दूध का दूध और पानी का पानी होगा


मो. सगीर की ओर से बिल्डिंग बनाने के बारे में कहा कि उसे 1.8 में बनाना था, लेकिन उसके स्थान पर 9.8 में बिल्डिंग बना दिया गया है। यह तो जांच का विषय है। इसकी जांच होने पर बिल्डिंग की सच्चाई खुद-ब-खुद सामने आ जायगी और लोगों के सामने दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।

अभय सिंह मामले में आज हाइकोर्ट में भी नहीं हुई सुनवाई, बहुत जल्द दूध का दूध, पानी का पानी होगा- निर्भय सिंह

जमशेदपुर : जमशेदपुर महानगर भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता अभय सिंह की जमानत याचिका पर सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट में टल गयी। इस मामले में सरकार की ओर से अभियोजन पक्ष से महाधिवक्ता खुद कोर्ट में खड़े हुए और जमानत याचिका का विरोध किया। वैसे अमूमन इस तरह की घटनाओं में जमानत के केस में एडवोकेट जेनरल (महाधिवक्ता) खड़े नहीं होते है। लेकिन इस मामले में खुद महाधिवक्ता खड़े हो गये। इस बीच जमानत पर सुनवाई की तिथि आगे बढ़ गयी। अब 12 जून को इसकी अगली सुनवाई होगी।

दूसरी ओर सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मानगो निवासी एक बिल्डर मोहम्मद सागिर ने भी मानगो थाना में अभय सिंह, भाई दिलीप सिंह और निर्भय सिंह के खिलाफ रंगदारी और मकान कब्जा करने की शिकायत दज करा दी है।

बहुत जल्द ही दूध का दूध, पानी का पानी होगा- निर्भय सिंह

जिसके बाद निर्भय सिंह से बात करने पर उन्होंने कहा कि यह सब शासन और प्रशासन के मिली भगत से एक राजनीतिक साजिश के तहत अभय सिंह और उनके परिवार पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। निर्भय सिंह ने कहा कि काशीडीह मकान संख्या 256 के मालिक चंद्रशेखर और बिल्डर मोहम्मद सागिर ने मिलकर निर्भय सिंह को ठगने का कार्य किया था। बिल्डर मोहम्मद सागिर पूरी तरह से 420 व्यक्ति है और उसके द्वारा किया गया केस भी बेबुनियाद है। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द ही दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।

शुकराना यात्रा पर पटना साहिब पंहुचा सीजीपीसी का जत्था

जमशेदपुर : सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी (सीजीपीसी) के प्रधान सरदार भगवान सिंह ने अगुवाई में सीजीपीसी सदस्यों का 55-सदस्यीय जत्था गुरु गोबिंद सिंह जी की नगरी तख्त श्री हरमंदिर साहिब (पटना) साहिब पंहुचा।
शुक्रवार को सीजीपीसी कार्यालय से पटना साहिब रवाना होने से पूर्व श्रद्धालु सदस्यों ने यात्रा की सफलता के लिए अरदास की। इस बाबत प्रधान भगवान सिंह ने बताया की प्रधानगी की जिम्मेदारी मिलने के बाद वे सभी सदस्यों के साथ गुरु महाराज का शुकराना अदा करने के लिए पटना साहिब में माथा टेकने के लिए जाना चाह रहे थे।
उन्होंने कहा कि पटना साहिब गुरुद्वारा में वे गुरु महाराज से असीम कृपा और मेहर भरा हाथ हमेशा सीजीपीसी और उसके सदस्यों के सर पर बनाये रखने की अरदास करेंगे जिससे वे और अधिक नेक कार्य करने की ऊर्जा से सराबोर रहें। जत्था पटना में विभिन्न गुरुद्वारों के भी दर्शन करेगा।
यात्रा जत्थे में प्रधान भगवान सिंह के अलावा चेयरमैन शैलेंदर सिंह, गुरमीत सिंह तोते, साकची गुरुद्वारा के प्रधान निशान सिंह, कुलविंदर सिंह, ज्ञानी कुलदीप सिंह, हरविंदर सिंह, चंचल सिंह, परमजीत सिंह काले, गूरुचरण सिंह बिल्ला, सुखदेव सिंह बिट्टू, हरदीप सिंह छनिया, परबिंदर सिंह सोहल, परमजीत सिंह विकी, जगजीत सिंह गाँधी, जसवंत सिंह, गुरनाम सिंह बेदी, सुरेंद्र सिंह छिंदे, जसबीर सिंह गाँधी, रघुवीर सिंह, जसवंत सिंह जस्सू, आर एस मठारु, दमनप्रीत सिंह, जगदीप सिंह, सुखविंदर सिंह राजू, सुरजीत सिंह खुशीपुर, बीबी कमलजीत कौर, बीबी जसविंदर कौर, बीबी स्वर्ण कौर व बीबी सुरेंद्र कौर मुख्यरूप से शामिल थे।
सड़क मार्ग से रवाना हुए जत्थे में 12 वाहनों में कुल 55 सदस्य यात्रा करते हुए पटना साहिब पहुंचे। जत्था 5 जून को जमशेदपुर वापस लौटेगा।

जयराम सिंह हत्याकांड में 15 साल बाद कोर्ट ने सुनाया फैसला, गैंगस्टर आखिलेश सिंह और विक्रम शर्मा बरी

झारखंड के जमशेदपुर स्थित टाटा स्टील सिक्युरिटी हेड रहे जयराम सिंह की हत्या के मामले में आरोपित गैंगस्टर अखिलेश सिंह और विक्रम शर्मा को बुधवार को अपर जिला व सत्र न्यायाधीश संजय कुमार उपाध्याय के न्यायालय ने बरी कर दिया।

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दोनों को 25-25 हजार का बांड भरने का न्यायालय ने आदेश दिया। इसकी जानकारी दोनों के अधिवक्ता विद्या सिंह ने दी। अखिलेश सिंह दुमका जेल में बंद है।

इससे पहले हत्या मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे मनोरंजन सिंह को उच्च न्यायालय ने वर्ष 2014 में रिहा कर दिया था। जुबेनाइल होने का लाभ उसे मिला, जबकि मामले में सजा काट रहे ओम प्रकाश उर्फ बंटी जायसवाल जमानत पर था।

क्या है पूरा मामला

सिक्युरिटी हेड जयराम सिंह की बिस्टुपुर थाना क्षेत्र बागे जमशेदपुर के समीप चार अक्टूबर 2008 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। गंभीर अवस्था में उन्हें टीएमएच में भर्ती किया गया था, जहां उनकी मौत हो गई थी।

पुलिस ने मनोरंजन को गिरफ्तार कर नवंबर 2008 में जेल भेज दिया था। उस वक्त मनोरंजन की उम्र कम थी। 29 जुलाई 2010 को जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय से मनोरंजन सिंह और ओम प्रकाश को उम्र कैद की सजा सुनाई गई।

उच्च न्यायालय से मिली राहत

सजा के विरोध में उच्च न्यायालय में अपील पर चले गये, जहां से मनोरंजन रिहा हो गया। हत्या मामले में अखिलेश सिंह और विक्रम शर्मा के विरुद्ध अलग से सुनवाई चल रही थी। घटना के समय दोनों फरार थे।

धालभूमगढ़ से ही विमान उड़ाना चाहता है अथॉरिटी

एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया धालभूमगढ़ से ही विमान उड़ाना चाहता है. इसके लिए एक बार फिर हवाई अड्डा के प्रस्ताव को कई मुद्दे पर सुधार के साथ झारखंड वन विभाग में भेजा गया है.

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क्षेत्रीय उड़ान सेवा के तहत एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की 26 मई के प्रस्ताव को अगर वन विभाग ने मंजूर कर लिया तो धालभूमगढ़ में हवाई अड्डा बनाने का रास्ता साफ हो जाएगा. राज्य स्तर पर भी धालभूमगढ़ हवाई अड्डा के लिए भूमि हस्तांतरण की कागजी कार्रवाई जारी है. इसकी सभी कार्रवाई परिवेश पोर्टल में 16 मई तक अपडेट किया गया है. धालभूमगढ़ में हवाई अड्डा बनने से जमशेदपुर के लोगों को विमान यात्रा के लिए रांची या कोलकाता नहीं जाना पड़ेगा. समय व पैसे की बचत होगी.
प्रस्ताव की मंजूरी के बाद विमान कंपनियों से होगी बात एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर सिविल एविएशन धालभूमगढ़ से उड़ान सेवा शुरू करने के लिए विमान कंपनियों से भी संपर्क करेगी. मालूम हो कि धालभूमगढ़ हवाई अड्डे को लेकर एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया व झारखंड सरकार के बीच जुलाई 2019 से पत्राचार हो रहा है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी हवाई अड्डे योजना को मंजूरी दी थी. एलिफेंट कॉरिडोर का हवाला देकर वन विभाग ने एनओसी नहीं दिया. इससे एक बार हवाई अड्डा का प्रस्ताव यहां रद्द हो चुका है. वहीं, जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो लगातार केंद्रीय उड्डयन मंत्री व प्रधानमंत्री के समक्ष धालभूमगढ़ में हवाई अड्डा बनवाने का प्रयास कर रहे हैं. वहीं, सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स और छोटा नागपुर पैसेंजर एसोसिएशन समेत अन्य संगठन वर्षों से जमशेदपुर में हवाई अड्डा की मांग कर रहे हैं.

इसी महीने झारखंड को वंदेभारत की सौगात, इन स्टेशनों में होगा ठहराव; 6 घंटे में तय होगी पटना की दूरी

झारखंड की इसी महीने वंदेभारत ट्रेन की सौगात मिलने वाली है। रांची से पटना के बीच चलने वाली वंदेभारत एक्सप्रेस का शुभारंभ 10-20 जून के बीच कभी भी हो सकता है।

इसकी तैयारियां जोरों पर है। झारखंड में वंदेभारत ट्रेन का ठहराव हटिया रेलवे स्टेशन पर होगा। बताया जा रहा है कि ट्रेन का रैक पटना स्थित राजेंद्र नगर कोच कॉम्प्लेक्स में आएगा। इसके बाद यह जल्दी ही पटना पहुंच जाएगा। कहा जा रहा है कि राजेंद्र नगर कोच कॉम्प्लेक्स के पिट नंबर-5 में ओवरहेड तार लगाने का काम तकरीबन पूरा हो चुका है। बता दें कि इसके जरिए ही कोई ट्रेन स्टेशन से कोचिंग यार्ड तक पहुंचती है।

वंदेभारत एक्सप्रेस में फिलहाल 18 बोगियां
गौरतलब है कि रांची से पटना के बीच शुरू होने जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन में फिलहाल 18 बोगियां होगी। इसकी अधिकतम स्पीड 130-160 किमी के बीच होगी। कर्मचारियों की ट्रेनिंग भी तकरीबन पूरी हो चुकी है। सप्ताह में 6 दिन ट्रेन चलेगी। रांची से पटना के बीच चलने जा रही वंदेभारत एक्सप्रेस ट्रेन गया, हजारीबाग और कोडरमा सहित कुल 5 स्टेशनों में रूकेगी। कहा जा रहा है कि जून के दूसरे या तीसरे हफ्ते में ट्रेन का परिचालन शुरू हो जाएगा। गौरतलब है कि हाल ही में प्रधानमंत्री ने पूर्वोत्तर राज्य असम को वंदेभारत ट्रेन की सौगात दी है। कहा जा रहा है कि झारखंड के रांची से बिहार के पटना के बीच वंदेभारत ट्रेन का शुभारंभ खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं है लेकिन इसकी प्रबल संभावना है।

अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है वंदेभारत
बता दें कि वंदेभारत एक्सप्रेस एक हाईस्पीड ट्रेन है। इसकी सभी बोगियां वातानुकूलित है। इसमें शयनयान नहीं है बल्कि यात्रियों के बैठने के लिए अत्याधुनिक कुर्सियां लगी है। वाईफाई युक्त कोच सभी सुविधाओं से युक्त हैं। यात्रियों को हवाई यात्रा जैसी फीलिंग देने के लिए इसमें भी भोजन सर्व करने जैसी सुविधा है।

व्हाट्सएप में आये नए फीचर्स, जानकर खुश हो जाएगा दिल

बहुचर्चित सोशल मीडिया मैसेजिंग ऐप व्हाट्सएप आये दिन अपने यूजर की सहूलियत के लिए नए नए फीचर्स अपडेट करते रहता है और यूजर इसका लाभ उठाते रहते हैं। इस बार भी यूजर के लिए व्हाट्सएप ने कुछ नए फीचर्स को अपडेट किया है, जिसे जानकर यूजर काफी खुश हैं और उन्हें यह काफी उपयोगी भी लग रहा है। आईये जानते हैं नयना भारद्वाज के इस रिपोर्ट में

क्या आया है नया फीचर्स

व्हाट्सएप ने दो नए फीचर्स दिए हैं जिसमें एक फीचर्स चैट से संबंधित है और दूसरा स्टेटस से संबंधित है। व्हाट्सएप स्टेटस आज के दिन में अपने मूड, भावनाओं को व्यक्त करने का एक बेहतरीन जरिया बन गया है और लोग इसका खुलकर उपयोग कर रहे हैं। अब तक स्टेटस में आप फ़ोटो, वीडियो और टेक्स्ट लगा सकते थे लेकिन अब आप अपने भावनाओं को अपनी आवाज़ में भी स्टेटस में लगा सकते हैं। अब वॉइस स्टेटस का फीचर्स आपको दे रहा है व्हाट्सएप। इसके लिए आपको स्टेटस के ऑप्शन में जाकर टेक्स्ट टाइपिंग वाले ऑप्शन में जाना होगा वहाँ वॉइस के लिए आपको माइक का सिंबल मिलेगा, जिससे आप अपनी आवाज में वॉइस स्टेटस लगा सकेंगे।

वहीं दूसरी फीचर्स व्हाट्सएप के चैट में आया है जिसे लोग खासा पसंद कर रहे हैं। अब आपको अपने पर्सनल चैट को छुपाने के लिए पूरे व्हाट्सएप को लॉक करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, आप किसी एक व्यक्ति के चैट को लॉक कर सकते हैं और बाकी व्हाट्सएप ओपन रख सकते हैं। इसके लिए आपको जिस व्यक्ति की चैट छुपानी है उसके प्रोफाइल को ओपन करे और स्क्रोल करके नीचे जाएं, वहाँ आपको चैट लॉक का ऑप्शन दिखेगा, इसे ऑन कर दें। ऑन करने के बाद व्हाट्सएप चैट में सबसे ऊपर लॉक चैट का एक ऑप्शन दिखेगा, जिसे खोलने पर आपको लॉक किये हुए व्यक्ति का चैट दिखने लगेगा। अब आप बिना टेंशन अपने व्हाट्सएप को ओपन रख सकते हैं।

जोड़ाघर के सेवादार लखविंदर सिंह का हेमकुण्ड साहिब गए जत्थेदारों ने ऋषिकेश में किया अंतिम संस्कार

जमशेदपुर : टेल्को गुरुद्वारा जोड़ाघर के सेवादार सरदार लखविंदर सिंह का अंतिम संस्कार आज ऋषिकेश में सम्पन्न हुआ। जमशेदपुर से सोमवार को हेमकुण्ड साहिब गए जत्थेदारों ने मिलकर उनका अंतिम संस्कार किया। गौरतलब हो कि टेल्को रोड नम्बर 2 निवासी सरदार लखविंदर सिंह का निधन सोमवार को उत्तराखंड के हेमकुण्ड साहिब में हो गया था, जिसके बाद उनके शव को 1 जून को जमशेदपुर लाने की प्रक्रिया की जा रही थी, किन्तु सोमवार को जमशेदपुर से हेमकुण्ड साहिब के लिए श्री हेमकुण्ड साहिब सेवक जत्था के नेतृत्व में रवाना हुए जत्थेदारों ने उनका अंतिम संस्कार ऋषिकेश में ही कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद स्वर्गीय लखविंदर सिंह का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान उनके बेटे भी वहाँ पहुँच गए थे और सभी के सहमति से उनका संस्कार किया गया।

इस दुःखद मौके पर जत्थे के हरजीत सिंह, इंदरजीत सिंह, गुरमीत सिंह, रॉकी सिंह, रंजोत सिधु, सन्नी सिंह बरियार, मनप्रीत सिंह मन्नी, उपकार सिंह बंटू, युवराज सिंह इत्यादि शामिल थे।

एक चतुर नार: अनेक गीतों से प्रेरणा लेकर पड़ोसन का बहुचर्चित क्लासिक बना, जाने इसकी मज़ेदार कहानी को

हर कृति के पीछे उसकी एक अंतर्कथा उपलब्ध है। अपने देश के क्लासिक्स यूं ही नहीं बनते, उनके पीछे ढेर सारा परिश्रम और थोड़ी प्रेरणा अवश्य रहती है। अब बॉलीवुड को अक्सर ही हम “कॉपीवुड” कहते हैं, क्योंकि या तो वह विदेशी गीतों से ट्यून उठाता है या अपने ही किसी क्लासिक गीत का अस्थि पंजर कर देता है। परंतु अगर कोई विभिन्न स्त्रोतों से प्रेरणा लेकर एक अद्भुत रत्न उत्पन्न करें, तो? इस लेख में हम जानेंगे कि कैसे पड़ोसन के सबसे अद्भुत गीतों में से एक को तीन विभिन्न गीतों से प्रेरित होकर पिरोया गया था।
जिसने “पड़ोसन” नहीं देखी,वह भारतीय सिनेमा का जानकार होने का दावा बिल्कुल नहीं कर सकता। 1968 में प्रदर्शित इस ब्लॉकबस्टर में सुनील दत्त और सायरा बानू प्रमुख भूमिकाओं में थे और उनका साथ देने के लिए महमूद से लेकर मुकरी, केष्टो मुखर्जी यहां तक कि किशोर कुमार जैसे हास्य कलाकार उपलब्ध थे। इसके अधिकतम गीत बहुत लोकप्रिय हुए, परंतु जो गीत आज भी इस फिल्म की पहचान है, वो है “एक चतुर नार करके श्रृंगार”!
इस गीत को राजेंद्र कृष्ण ने अपने शब्दों में पिरोया और सुर लगाए आर डी बर्मन ने। कर्नाटक एवं हिन्दुस्तानी संगीत का ऐसा प्रचुर मिश्रण इससे पूर्व किसी हिन्दी फिल्म में बहुत कम ही देखने को मिला था और किशोर कुमार एवं मन्ना डे की यह जुगलबंदी अपने आप में इस गीत को अलग स्तर पर ले गई। परंतु क्या आपको पता है कि ये गीत पूर्णत्या मौलिक नहीं है?

3 गानों को मिलाकर बनाया गया

1941 में एक फिल्म आई थी “झूला”, जो अशोक कुमार की सर्वप्रथम सफलताओं में से एक थी, वो भी लीड अभिनेता के रूप में। उन्होंने इस फिल्म में कुछ गीतों को अपना स्वर भी दिया था, जिसमें एक “एक चतुर नार” भी था। इसी को 27 वर्ष बाद पड़ोसन में विस्तार दिया गया और इस बार भी गीतकार मूल गीत के लेखक राजेंद्र कृष्ण ही थे।

परंतु बात यहीं तक सीमित नहीं थी। इस फिल्म के दो छंद ऐसे थे, जो दो अन्य फिल्मों से लिए गए थे। 1939 के आसपास आई थी संत तुलसीदास, जिसका एक गीत लोकप्रिय हुआ, “बन चले राम रघुराई”। अगर आप किशोर दा का वो छंद सुने, “अरे देखी, अरे देखी चतुराई”, तो आपको आश्चर्य होगा कि दोनों की धुन लगभग एक ही है।

इसके अतिरिक्त जब किशोर कुमार ने “ज़िद्दी” फिल्म से डेब्यू किया था, तो उसमें एक गीत था “चन्दा रे जा रे जा रे”। उसकी धुन को “एक चतुर नार” के उस छंद से मिला कर देखिए, जहां किशोर कुमार गाते हैं, “काला रे, जा रे जा रे”। यहां भी आपको कोई अंतर नहीं स्पष्ट होगा।

तो एक गीत को एक्सटेंड करके, उसमें दो अन्य गीतों के स्वर मिलाकर एक क्लासिक बनाना शायद आज असंभव लगे, परंतु उस समय ऐसा भी होता था, क्योंकि रचनात्मकता के लिए भी परिश्रम चाहिए। बस आवश्यकता है इसी कला को सही दिशा में मोड़ने की, जो पड़ोसन के कलाकारों ने सफलतापूर्वक करके दिखाया।

चक्रधरपुर : ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस से गिरकर यात्री घायल, चल रहा इलाज

चक्रधरपुर : पश्चिम सिंहभूम के चक्रधरपुर के लोटापहाड़ के समीप सोनू शाह नामक यात्री ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस से मंगलवार सुबह गिर गया। इससे वह गंभीर रुप से घायल हो गया है। पुलिस इंस्पेक्टर चंद्र शेखर कुमार इधर रेल सुरक्षा बल के पदाधिकारी इंद्रजीत कुमार के सहयोग से घायल को एंबुलेंस से लेकर अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
जहां उसका इलाज हो रहा है। समाजिक कार्यकर्ता सदानंद होता भी यात्री को देखने अनुमंडल अस्पताल पहुंचे है। वहीं यात्री परिवार के साथ सफर कर रहा था। यात्री सोनु खड़गपुर से रायपुर जा रहा था।

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