बहरागोड़ा : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डाॅ दिनेशानंद गोस्वामी ने आरोप लगाया कि राज्य की हेमन्त सरकार गरीबों तक राशन पहुंचाने में विफल रही है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देश पर केन्द्र सरकार तीन वर्षों से गरीबों के लिए मुफ्त राशन भेज रही है. (जारी…)
बहरागोड़ा प्रखंड के लाभुकों को 2 महीने से राशन नहीं मिल रहा है. लोगों का कहना है कि राज्य सरकार ने दो महीने का राशन गोलमाल कर दिया है. चावल नहीं मिलने के कारण कई लोग भुखमरी के कगार पर हैं. डाॅ गोस्वामी शुक्रवार को बहरागोड़ा प्रखंड के पाथरी पंचायत स्थित बामडोल गांव में ग्रामीणों की एक बैठक को संबोधित कर रहे थे. (जारी…)
इसकी अध्यक्षता भाजपा बहरागोड़ा मंडल के महामंत्री भक्तिश्री पंडा ने किया. ग्रामीणों के बुलावे पर डाॅ गोस्वामी बामडोल गांव पहुंचे थे. डाॅ गोस्वामी ने झारखंड सरकार से गरीबों को शीघ्र राशन वितरित करने का आग्रह किया. ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी तथा बिजली की अनियमित आपूर्ति के संबंध में भी डाॅ गोस्वामी को बताया. बैठक में मुखिया तड़ित मुंडा, तापस पाल, शिव शंकर मदीना, चंदन पांडा, तारापद पांडा, अंबु घोष, मोहनी साव, निखिल घोष, चंद्रशेखर पाल, सत्यवान साव, पीजुश घोष, मानस घोष, परमेश्वर घोष, किरण घोष, गौरा दंडपाट आदि उपस्थित थे.
राँची : झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स के डॉक्टरों ने एक बार फिर सिर में गोली लगे एक 23 साल के युवक मनीष कुमार की जान बचाकर संस्थान के प्रति लोगों का भरोसा बढ़ाया है. सात घंटे के लंबे ऑपरेशन के बाद युवक फिलहाल वेंटिलेटर पर है. बताया जा रहा है कि ये युवक पुलिसकर्मी का पुत्र है. पंडरा का रहने वाला बताया जा रहा है. बताया जा रहा है कि युवक के सिर में गोली लगी थी. (जारी…)
रातभर वह रांची के कटहल मोड़ के पास पड़ा रहा था और सुबह उसे रिम्स लाया गया था. इसके बाद उसके परिजन प्राइवेट हॉस्पिटल ले गए थे, लेकिन इलाज से इनकार करने के बाद वे फिर रिम्स पहुंचे और भर्ती कराया. रिम्स के डॉक्टरों ने लंबे ऑपरेशन के बाद युवक की जान बचा ली है. वह वेंटिलेटर पर है. रिम्स के डॉ सीबी सहाय के नेतृत्व में न्यूरो सर्जरी के डॉक्टरों की टीम ने सात घंटे ऑपरेशन के बाद इस युवक को नई जिंदगी दी है.
सिर में युवक को लगी थी गोली
पुलिसकर्मी के पुत्र व पंडरा निवासी 23 वर्षीय युवक मनीष कुमार के सिर में दो गोली मारी गयी थी. इससे वह रातभर हादसे की जगह (कटहल मोड़, रांची) पड़ा रहा था. सुबह उसे झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स में एडमिट कराया गया था, परंतु उसके परिजन/दोस्त उसे प्राइवेट अस्पताल में ले गए थे. वहां डॉक्टरों ने इसके ऑपरेशन से इनकार कर दिया. इसके बाद इसे फिर से रिम्स आना पड़ा. इस युवक को रिम्स के न्यूरो सर्जरी विभाग में डॉ प्रोफेसर सीबी सहाय की यूनिट में एडमिट किया गया और तत्काल इलाज शुरू कर सर्जरी की व्यवस्था की गयी.
गोली लगने से आंख हो गयी डैमेज
रिम्स के डॉक्टर बताते हैं कि पहली गोली सिर के पिछले हिस्से से घुसी थी और ब्रेन को डैमेज करते हुए सिर के सामने की हड्डी में जाकर टकरा गई थी. वहीं दूसरी गोली सिर के पीछे से बाएं कान और ब्रेन को डैमेज करते हुए उसकी बायीं आंख में जाकर फंस गई थी. इस हादसे में मनीष कुमार की आंख पूरी तरह डैमेज हो गयी है.
ऑपरेशन के बाद वेंटिलेटर पर है युवक
रिम्स के डॉ सीबी सहाय के नेतृत्व में न्यूरो सर्जरी के डॉ सौरभ बेसरा, डॉ दीपक, डॉ विकास, डॉ रवि, डॉ मयंक और नेत्र विभाग के डॉ दीपक लकड़ा, डॉ शहनाज, डॉ कुलदीप, डॉ धीरज, एनेस्थेसिया टीम की डॉ अर्चना, डॉ कार्तिक, डॉ प्रियदर्शनी, ओटी टेक्नीशियन और स्टाफ नर्स सुनील आनंद, प्रभात, मंटू, सरोज, मधु, दीपा, विनीता के सहयोग इस युवक का सफल ऑपरेशन किया गया और दोनों गोलियां निकली गयीं. युवक के ब्रेन के सूजन को कम करने के लिए अभी युवक को वेंटिलेटर पर रखा गया है.
जमशेदपुर : यदि आप ओला गाड़ी से यात्रा करते हैं तो हो जायें सावधान! क्योंकि यह आपके लिए जानलेवा साबित हो सकता है। बुधवार देर रात को एक ओला ड्राइवर पर बदमाश द्वारा उस्तरा से हमला कर कार लूट ली गयी जिसे गुरुवार को सोनारी पुलिस द्वारा सिदगोड़ा से लावारिश हालत में बरामद कर लिया गया। ड्राइवर संजीत दीप गंभीर रूप से घायल हो गया। ड्राइवर संजीत दीप ने इस घटना की लिखित शिकायत सोनारी थाना में की है। (जारी…)
प्राप्त जानकारी के अनुसार इस लूट कांड में एक गिरफ्तारी की भी सुचना आ रही है। भुक्तभोगी घायल ड्राइवर संजीत दीप ने अपनी लिखित शिकायत में सोनारी थाना को सूचित किया है कि दिनांक 27 सितम्बर को रात 10:30 से 11:00 बजे के बीच में दो युवको द्वारा उनकी आल्टो कार जिसका गाड़ी नंबर– JH05BV7594 है ओला एप्प के माध्यम से बुक किया गया, ड्राइवर ने एक युवक को तनिष्क शोरूम के पास से गाड़ी में बैठाया तथा दूसरा युवक बिष्टुपुर टाउन ऑफिस गोलचक्कर के पास से सोनारी एरोड्रम के पास जाने के लिए गाड़ी में बैठा। (जारी…)
इसके बाद एक युवक जो बिष्टुपुर टाउन ऑफिस गोलचक्कर के पास से बैठा तथा वह लिंक रोड गोलचक्कर के पास उतर गया तथा दूसरा युवक गाड़ी में बैठा रहा जैसे ही कार सोनारी एरोड्रम के पास पहुंची तो वह यवक ड्राइवर को बाराताल्ला फ्लैट के पास चलने की मिन्नत करने लगा। जिसके बाद में उसको बाराताल्ला फ्लैट के पास छोड़ दिया। इसके बाद उस युवक ने गाड़ी का भाडा दिया और ड्राइवर के पास चिल्लर न होने के कारण UPI के माध्यम से उनको पैसे वापस करने लगा। (जारी…)
तभी वह युवक जिसको ड्राइवर ने ड्राप किया था, उसने किसी धारधार हथियार से ड्राइवर की गर्दन पर हमला कर दिया | अपने आप को बचाने के क्रम में ड्राइवर के दोनों हाथ की उंगलिया भी घायल हो गयीं। जिसका फायदा उठा कर वह कार, पर्स (जिसमे मेरे सभी डाक्यूमेंट्स और 4000 रूपए कैश) और ओप्पो कंपनी का जिओ सिम लगा मोबाइल जिसका नंबर 7857867320 था, ले कर भाग गया।
इससे ड्राइवर गम्भीर रूप से लहूलुहान हो गया और वह किसी प्रकार से वहां से एमजीएम अस्पताल पंहुचा और अपना इलाज करवाने के बाद घटना की जानकारी सोनारी थाने को दी |
जमशेदपुर : कोल्हान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमजीएम में अव्यवस्था और लापरवाही की खबरें आम हैं. कमियों और लापरवाही के कारण मरीजों की मौत जैसे सामान्य सी बात हो गई है. ताजा मामले में सड़क दुर्घटना में घायल एक मरीज की मौत समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण हो गई. दरअसल बर्मामाइंस बिनोवा भावे आश्रम निवासी गणेश गोप सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे. घटना के बाद परिजनों ने उन्हें इलाज के लिए एमजीएम में भर्ती कराया था. स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टरों ने गणेश को रिम्स ले जाने की सलाह दी. हालांकि, अस्पताल में चार घंटे तक इंतजार करने के बाद भी एंबुलेंस नहीं मिला, जिससे गणेश की मौत हो गई. (जारी…)
इधर, मामले को लेकर मृतक की बेटी ने बताया कि वे लोग बिनोवा भावे आश्रम में रहते है. उनके पिता आदित्यपुर में मजदूरी करते है. किसी ने फोन कर जानकारी दी कि उनके पिता गणेश गोप सड़क दुर्घटना में घायल हो गए है. उन्हें तत्काल एमजीएम में भर्ती कराया गया था. रिम्स ले जाने के लिए सरकारी एंबुलेंस 108 पर कई बार फोन भी किया. चार घंटे बाद भी एंबुलेंस नहीं आया. अंत में उनके पिता ने दम तोड़दिया.गुड़िया ने पिता की मौत का जिम्मेदार अस्पताल प्रबंधन को बताया है. (जारी…)
इस मामले में अधीक्षक से लिखित शिकायत की गई है. इधर, सूचना पाते ही भाजपा नेता विमल बैठा भी मौके पर पहुंचे और घटना की निंदा की. उन्होंने बताया कि बीते कुछ दिनों में एमजीएम अस्पताल की लापरवाही सामने आ रही है. इसको लेकर अधीक्षक से शिकायत कर उचित कार्रवाई की मांग की जाएगी.
झारखण्ड : झारखंड के रांची जिले में अपराध थमने का नाम नहीं ले रहा है. एक वारदात की गुत्थी सुलझती नहीं, कि दूसरी घटना को अंजाम देकर अपराधी पुलिस के समक्ष चुनौती पेश कर देते हैं. इसके बाद पुलिस जांच में जुट जाती है. पुलिस और अपराधियों के बीच यही खेल चल रहा है. एक बार फिर दिनदहाड़े अपराधियों ने झामुमो नेता व पूर्व मुखिया फलिंद्र मुंडा को गोली मारी, लेकिन वे बाल-बाल बच गए. पुलिस जांच में जुट गयी है. पुलिस ने घटनास्थल से एक जिंदा कारतूस बरामद किया है. (जारी…)
वारदात की सूचना जैसे ही मिली, ठाकुरगांव थाना प्रभारी अमरेंद्र कुमार ने घटनास्थल पहुंचे और पीड़ित फलिंद्र मुंडा से घटना की जानकारी ली. इसके साथ ही उन्होंने आसपास मौजूद लोगों से भी पूछताछ की. थाना प्रभारी ने कहा कि पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है. जल्द ही अपराधी पुलिस की गिरफ्त में होंगे. इधर, झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रखंड अध्यक्ष जावेद अख्तर ने कहा कि प्रशासन जल्द घटना में शामिल अपराधियों का खुलासा करे. अन्यथा पार्टी उग्र आंदोलन को विवश होगी.
बाल-बाल बच गए फलिंद्र मुंडा
रांची जिले के कांके प्रखंड झामुमो कमेटी के उपाध्यक्ष सह उरुगुट्टू पंचायत के पूर्व मुखिया फलिंद्र मुंडा को गुरुवार की सुबह अज्ञात अपराधियों ने गोली मार दी, हालांकि इस वारदात में पूर्व मुखिया बाल-बाल बच गए. ठाकुरगांव थाना प्रभारी अमरेंद्र कुमार ने घटनास्थल पहुंचकर पीड़ित फलिंद्र मुंडा से घटना की जानकारी ली. इसके साथ ही उन्होंने आसपास मौजूद लोगों से भी पूछताछ की. थाना प्रभारी ने कहा कि अपराधी जल्द सलाखों के पीछे होंगे.
घर के बाहर पढ़ रहे थे अखबार
जानकारी के अनुसार गुरुवार की सुबह लगभग 6 बजे फलिंद्र मुंडा उरुगुट्टू स्थित अपने घर के सामने अखबार पढ़ रहे थे. इसी बीच बाइक से पहुंचे दो अज्ञात अपराधियों ने झामुमो नेता की कनपट्टी में रिवॉल्वर सटाकर मारने का प्रयास किया, लेकिन फायर नहीं होने से वे बच गए. इसके बाद एक अपराधी को उन्होंने पकड़ने का प्रयास किया लेकिन अपराधी किसी तरह छूटकर बाइक में बैठा और दूसरे अपराधी के साथ फरार हो गया.
घटना स्थल से कारतूस बरामद
पुलिस ने घटनास्थल से एक जिंदा कारतूस बरामद किया है. ठाकुरगांव थाना प्रभारी अमरेंद्र कुमार ने घटनास्थल पहुंचकर पीड़ित फलिंद्र मुंडा से घटना की जानकारी ली. इसके साथ ही उन्होंने आसपास मौजूद लोगों से भी पूछताछ की. थाना प्रभारी ने कहा कि पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है. जल्द ही अपराधी पुलिस की गिरफ्त में होंगे.
जमशेदपुर : मानगो पुलिस ने एक देसी पिस्तौल और कारतूस के साथ सद्दाम हुसैन उर्फ बाबू को गिरफ्तार किया है. मानगो गोलचक्कर के पास से काले रंग की पल्सर बाइक पर वह घूम रहा था. वह किसी बड़े आपराधिक वारदात को अंजाम देने के फिराक में था. (जारी…)
इस सूचना पर वरीय पुलिस अधीक्षक के दिशा निर्देश में पुलिस की एक छापेमारी टीम का गठन किया गया. उस टीम ने मौके पर पहुंचकर युवक को धर-दबोचा. तलाशी के दौरान उसके पास से एक लोहा का देशी निर्मित पिस्टल मैगजीन सहित तथा 7.65 एमएम का जिंदा कारतूस बरामद किया गया. साथ ही पुलिस ने एक काले रंग का पल्सर मोटरसाइकिल भी बरामद किया. पुलिस की गिरफ्त में आया युवक सद्दाम हुसैन उर्फ बाबू आजादनगर रोड नंबर-3, क्रॉस रोड नंबर-9 का रहनेवाला है.
जमशेदपुर : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास ने झारखंड के माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर स्थापित रीति रिवाज, पारंपरिक वेशभूषा और परंपराओं को माननेवाले अनुसूचित समाज के लोगों को ही ST जाति प्रमाण पत्र निर्गत करने का अनुरोध किया है। केरल हाई कोर्ट के निर्णय का हवाला देते हुए दास ने माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कार्मिक विभाग को इस संबंध में पत्र जारी करने संबंधी निर्देश देने का आग्रह किया है। (जारी…)
उन्होंने लिखा कि आप अनुसूचित जनजाति समाज से आते हैं। जनजातीय समाज ने बड़े भरोसे के साथ आपको मुख्यमंत्री के पद पर बैठाया था, लेकिन अब वो छला महसूस कर रहे हैं। जनजातीय समाज आप से अपेक्षा करता है कि उसके साथ न्याय हो, लेकिन अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि मुख्यमंत्री बनने के साथ सबसे अधिक विश्वासघात आपने जनजातीय समाज के साथ ही किया है। ये बात किसी से छिपी नहीं है कि जनजातीय समाज को आज झारखंड में किस खराब दौर से गुजर रहा है। (जारी…)
झारखंड में जनजातीय समाज की परंपरा और पहचान आपकी सरकार की वजह से संकट में आ गयी है। पर्दे के पीछे से आपकी सरकार चलानेवाले चाहते हैं कि यहां का अनुसूचित जनजाति समाज मांदर की जगह गिटार पकड़ ले। उन्होंने अनुरोध करते हुए लिखा कि माननीय मुख्यमंत्री से अनुरोध है कि सरना कोड के नाम पर आप जनजातीय समाज विशेष कर सरना समाज को गुमराह करने की बजाय जो आपके हाथ में हैं कम से कम उसे तो लागू कर दें। (जारी…)
अनुसूचित जनजाति समाज की सालों पुरानी मांग है कि स्थापित रीति रिवाज, पारंपरिक वेशभूषा और परंपराओं को माननेवालो को ही एसटी जाति प्रमाण पत्र निर्गत किया जाये। 1997 में केरल राज्य एवं एक अन्य बनाम चन्द्रमोहनन् मामले में केरल हाईकोर्ट ने स्पष्ट फैसला सुनाया था कि अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र निर्गत करने का क्या-क्या आधार होना चाहिए। लेकिन आपकी सरकार इस अहम मुद्दे पर मौन है। (जारी…)
माननीय मुख्यमंत्री जी आपसे अनुरोध है कि अनुसूचित जनजाति समाज के हित में केरल हाईकोर्ट के फैसले को झारखंड में उतारने का काम करें। केरल हाईकोर्ट के निर्णय का सार इस प्रकार है-
आवेदक के माता एवं पिता दोनों ही अनुसूचित जनजाति के सदस्य होने चाहिए। उनके माता-पिता का विवाह संबंधित जनजाति के रूढ़ियों एवं परंपरा के अनुसार किया गया होना चाहिए। उनका विवाह जनजाति समाज द्वारा किया गया हो एवं उसे समाज के द्वारा मान्यता दी गई हो। आवेदक एवं उसके माता-पिता के द्वारा जातिगत रूढ़ियों, परंपराओं एवं अनुष्ठान का पालन किया जा रहा है। आवेदक एवं उसके माता-पिता के द्वारा अपने पूर्वजों की विरासत एवं उत्तराधिकार के नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं। इन सब मामलों की जांच के पश्चात् ही जाति प्रमाण पत्र निर्गत किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री जी आपसे आग्रह है कि कार्मिक विभाग से अविलंब निर्देश जारी करायें कि जो व्यक्ति जनजाति समाज के रिति रिजाव नहीं मानते हों, उनका जाति प्रमाण पत्र निर्गत न किया जाये।
जमशेदपुर : अवैध रूप से भागकर पाकिस्तान गए मोहम्मद हसनैन और उसके पुत्र के भारत में धार्मिक आधार पर उत्पीड़न के आरोपों से मुस्लिम पड़ोसी भी सहमत नहीं हैं। मुस्लिम बहुल गौतमपुरी में रहने वाले हसनैन के आरोपों से पड़ोसी हैरान हैं। उनका दावा है कि हसनैन के बताए अनुसार कोई घटना उनके संज्ञान में नहीं है। लोग संदेह जता रहे हैं कि हसनैन और उसका पुत्र इसहाक आमिर किसी षड्यंत्र के तहत देश को बदनाम करने के लिए अनर्गल आरोप लगा रहे हैं।
हसनैन का जमशेदपुर से गहरा है नाता
हसनैन का झारखंड के जमशेदपुर से नाता रहा है। वह मूल रूप से गोलमुरी का रहने वाला है। वह 10 वर्ष पूर्व पत्नी को तलाक देकर अपने बेटे के साथ दिल्ली चला गया था, जहां मुस्लिमों के बीच अपनी पैठ को मजबूत करने के लिए कौमी पार्टी आफ इंडिया बनाई थी। इस पार्टी से वह लोकसभा से लेकर मुस्लिम बहुल सीलमपुर क्षेत्र से विधायक का चुनाव लड़ चुका है। दोनों चुनाव में उसे नोटा से भी कम वोट मिले थे।
पड़ोसियों को हसनैन के आरोपों में नजर आता षड़यंत्र
हसनैन से जुड़े जाहिद खान ने बताया कि हसनैन ने 2008 में सीलमपुर से विधायक और 2014 में उत्तर पूर्वी जिले से मनोज तिवारी के खिलाफ सांसद का चुनाव लड़ा था। उसके बयानों में कट्टरता साफ झलकती थी। हसनैन गौतमपुरी के जिस टी ब्लाॅक में रहता था, उसकी 99 प्रतिशत आबादी मुस्लिम है।
बमुश्किल एक-दो हिंदू दुकानदार मिल जाएंगे। स्थानीय लोग बताते हैं कि पहले यहां हिंदुओं की अच्छी खासी तादात थी, लेकिन वे यहां से धीरे-धीरे चले गए। पड़ोसी एवं फिजिशयन मुशारिफ राईन कहते हैं कि हसनैन के आरोपों में षड्यंत्र नजर आता है। करीब 50 सालों से वहां रह रहे हाजी अब्दुला कहते हैं कि उन्होंने कभी धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं देखा।
रहस्यमय है हसनैन का जीवन
लोगों के बीच हसनैन का व्यक्तिगत जीवन भी रहस्यमय है। उसकी पत्नी के बारे में लोगों को जानकारी नहीं है। कोई कहता है कि काफी पहले पत्नी को तलाक दे दिया था। कोई रिश्तेदार भी आता-जाता नहीं है। 31 वर्ष होने पर भी बेटे की शादी नहीं हुई थी। उनका खर्च कैसे चलता था, इसका भी पता नहीं है।
मकान नंबर टी-659 के दूसरे तल के फ्लैट में पेशे से दर्जी मोहम्मद आजाद खान के साथ वह रहता था। वह कहते हैं कि आठ हजार रुपये किराये वाले दो कमरे के फ्लैट के एक कमरे में पत्नी व बेटी के साथ वह और दूसरे कमरे में बेटे के साथ हसनैन रहता था। बदले में चार हजार रुपये देता था। पांच सितंबर को दोनों यह कहकर दुबई के लिए निकले कि बेटे की नौकरी लग गई है।
हसनैन का बड़ा भाई इबरार भी पाकिस्तान भागा था
पाकिस्तान भागने वाले हसनैन का झारखंड के जमशेदपुर से नाता रहा है। लगभग 38 वर्ष पहले भ्रष्टाचार का आरोप लगने के बाद हसनैन का बड़ा भाई इबरार भी जमशेदपुर से पाकिस्तान भाग गया था। हसनैन भी पहले टाटा स्टील में कार्यरत था। वह कदमा स्थित टीएस 4 फ्लैट के सामने रहता था।
2013-14 में रिटायर होने के बाद वह दिल्ली शिफ्ट हो गया था। इबरार का पूरा परिवार जमशेदपुर के गोलमुरी मुस्लिम बस्ती में रहता था। वह टाटा स्टील के वित्त विभाग में कार्यरत था। टाटा स्टील में नौकरी मिलने के बाद वह कदमा स्थित बीएच एरिया के रोड नंबर छह में शिफ्ट हो गया।
1985 में उसने अपनी बेटी की शादी की थी। तब मेहमानों को चांदी की तस्तरी में खाना परोसा गया था। टाटा स्टील के अधिकारियों को जब इसका पता चला तो उन्होंने सवाल उठाया कि वित्त विभाग का एक कर्मचारी इतना अधिक खर्च कैसे कर सकता है। जांच शुरू हुई तो इबरार के घोटाला किए जाने का पता चला, लेकिन जब तक कंपनी शिकंजा कसती, तब तक इबरार पूरे परिवार के साथ पाकिस्तान भाग गया।
जमशेदपुर : एमजीएम के गायनिक वार्ड में भर्ती स्लैग रोड निवासी मालती देवी की मौत की जांच शुरू हो गई है। अधीक्षक डॉ. रवींद्र कुमार और उपाधीक्षक डॉ. नकुल प्रसाद चौधरी खुद इसकी जांच कर रहे हैं। जांच में डॉक्टर और नर्स की लापरवाही साबित नहीं हो पाई है। महिला के इलाज में भी लापरवाही नहीं हुई है। दोनों अधिकारियों ने उसका बीएचटी भी देखा। (जारी…)
पल्मोनरी एम्बोलिज्म से प्रसूता की मौत होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है, जिसके बाद मौत की सही वजह का पता चलेगा। डॉ. नकुल प्रसाद चौधरी ने बताया कि पल्मोनरी इमोजियम के कारण ही महिला का शुगर लेबल और बीपी डाउन होने लगा था। इस दौरान उसे लाइफ सेविंग सारी दवा और इंजेक्शन सही तरीके से दी गई। परिजनों का आरोप गलत है कि सुई देने के बाद महिला की मौत हुई है। बता दें कि महिला का एमजीएम में सिजेरियन हुआ था, जिसके बाद उसने एक बच्ची को जन्म दिया था। प्रसव के पांचवें दिन उसकी मौत हो गई।परिजनों ने आरोप लगाया कि सुई लगाने के बाद मौत हुई है। (जारी…)
क्या है पल्मोनरी एम्बोलिज्म
पल्मोनरी एम्बोलिज्म आमतौर पर खून के थक्के के कारण होता है। इसके कारण आर्टरी ब्लॉक हो जाती है। हर मरीज में इसके लक्षण अलग-अलग होते हैं, लेकिन आमतौर पर सांस लेने में परेशानी सामान्य लक्षण है। सर्जरी के दौरान मरीजों की इसके कारण मौत तक हो सकती है।
जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिला (जमशेदपुर) प्रशासन ने दीपावली के अवसर पर खुले मैदान में अस्थायी पटाखा अनुज्ञप्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं. इच्छुक व्यक्ति दिनांक 27 सितंबर से 14 अक्टूबर तक विहित प्रपत्र (एइ-5) में आवेदन दो स्वयं अभिप्रमाणित पासपोर्ट साईज फोटोग्राफ, 500 रूपये अनुज्ञप्ति शुल्क का चालान, पहचान पत्र, स्वहस्ताक्षरित शपथ पत्र ( शपथ पत्र में अधिवक्ता व नोटरी पब्लिक के हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है) एवं स्थायी पटाखा अनुज्ञप्तिधारी द्वारा निर्गत सहमति पत्र के साथ समाहरणालय के सामान्य शाखा में जमा कर सकते हैं. निर्धारित तिथि के पश्चात प्रस्तुत आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा.