एक नई सोच, एक नई धारा

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जमशेदपुर : भाजमो युवा मोर्चा का विस्तार, टेल्को मंडल का गठन

जमशेदपुर : जमशेदपुर के विधायक सरयू राय की पार्टी भारतीय जनतंत्र मोर्चा (भाजमो) के युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष अमित शर्मा ने टेल्को मंडल का विस्तार किया है।(जारी…)

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इसके तहत अध्यक्ष आयुष प्रसाद, कार्यकारी अध्यक्ष पंकज कुमार, महामंत्री रवि सिंह, उपाध्यक्ष सोहित कुमार राकेश कुमार, प्रसाद नायक, चंदन प्रसाद, मंत्री अमन कुमार, स्वर्ण सिंह, राहुल सिंह, कार्यकारिणी सदस्य राहुल कुमार, सूरज कुमार, सौरभ कंसा, विष्णु गोप, आजाद कुमार, संजय कुमार , सौरभ तंटुबाई सहित अन्य बनाये गये है। (जारी…)

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घोषणा बारीडीह स्थित विधानसभा कार्यालय में की गई। इस अवसर पर जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय उपस्थित थे। श्री राय ने सभी पदाधिकारियों को माला पहनाकर उनका स्वागत किया।

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जमशेदपुर की इंटक नेता देविका सिंह बनी महिला इंटक की राष्ट्रीय अध्यक्ष

जमशेदपुर : इंटक की राष्ट्रीय संगठन सचिव देविका सिंह को महिला इंटक का राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोनित किया गया है। इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ जी संजीवा रेड्डी ने देविका सिंह को तत्काल प्रभाव से मनोनित करते हुए केंद्रीय कमेटी का भी गठन करने को कहा है। देविका सिंह ने अपने इस मनोनयन पर राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ जी संजीवा रेड्डी और महामंत्री संजय सिंह के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि जिस आशा और उम्मीद के साथ उनको यह जिम्मेवारी मिली है, उसको वह पूरा करेगी। उन्होंने इंटक के प्रदेश अध्यक्ष राकेश्वर पांडे और मेटल फेडरेशन के पदाधिकारी रघुनाथ पांडेय के प्रति भी आभार प्रकट किया है। (जारी..)

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धनबाद के राजनीतिक परिवार की पृष्ठभूमि की देविका सिंह टाटा ग्रुप में इंजीनियर एसके सिंह से विवाह के बाद जमशेदपुर की हो गई। वर्ष 2000 में इंटक में प्रवेश करने के बाद टीआरएफ यूनियन में कोषाध्यक्ष, बीओसी यूनियन में डिप्टी प्रेसिडेंट, आईएनएमएफ में संगठन सचिव, राष्ट्रीय इंटक में संगठन सचिव, महिला इंटक में राष्ट्रीय कमेटी में उपाध्यक्ष के बाद अब महिला इंटक में सर्वोच्च पद राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेवारी संभालेगी।

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जमशेदपुर : श्रीलेदर्स के मालिक पर दर्ज हुआ केस, गैस लीकेज में झुलसे कर्मचारियों का चल रहा इलाज, जांच में जुटी पुलिस

जमशेदपुर : जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित एम रोड श्रीलेदर्स कंपनी के मालिक शेखर डे के पुत्र सुशांत डे के खिलाफ बिष्टुपुर थाना में एक केस दायर किया गया है। (जारी…)

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सरायकेला-खरसावां जिले के नीमडीह थाना के सिरुम निवासी मनमोहन महतो की ओर से यह केस दायर किया गया है। इसमें बताया गया है कि सुशांत डे की ओर से श्रीलेदर्स के कर्मचारियों को फ्लैट दिया गया था। बिष्टुपुर में दिये गये इस फ्लैट में ज्वलनशील पदार्थ के रख-रखाव में लापरवाही बरतने के कारण गैस सिलेंडर फटने से कमरे में आग फैलने से तीन लोग आग से झुलस गये, जिनको टीएमएच में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। (जारी…)

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कर्मचारी मनमोहन महतो के अलावा सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल के गागोडीह निवासी महाबीर सिंह सरदार और चांडिल गागोडीह निवासी राजकुमार गोराई भी इस घटना में झुलस गये है। बिष्टुपुर पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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सरयू राय ने झारखण्ड के सिखों के मताधिकार का मामला विधान सभा में उठाया

झारखण्ड : बुधवार को जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने तख्त श्री हरमंदिर साहिब, पटना की 15सदस्यीय समिति में झारखण्ड का स्थान सुरक्षित करने का मामला शून्यकाल के दौरान विधानसभा में जोरदार ढंग से उठाया तथा सभा अध्यक्ष से इस बारे में सरकार को संज्ञान लेने का निर्देश देने का आग्रह किया।

झारखण्ड सिखों के अधिकार सुरक्षित रखने के लिए हरसंभव प्रयास करेगा सीजीपीसी: भगवान सिंह

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इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी (सीजीपीसी) के प्रधान सरदार भगवान सिंह ने कहा कि झारखण्ड के सिख अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाना जानते है तथा झारखण्ड सिखों के अधिकार सुरक्षित रखने के लिए सीजीपीसी हरसंभव प्रयास करेगी। झारखण्ड सिखों के अधिकार पक्ष का मुद्दा सदन में उठाने के लिए उन्होंने सरयू राय का धन्यवाद भी किया।

विधान सभा में मामला उठना शुरुआती जीत है, सीजीपीसी विधायक का धन्यवाद करती है: शैलेन्द्र सिंह

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वहीँ झारखण्ड राज्य गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के प्रधान सरदार शैलेन्द्र सिंह ने इसे शुरुआती जीत करार देते हुए झारखण्ड सिखों के मौलिक और धार्मिक अधिकारों के लिए लड़ाई जारी रखने की बात कही। सरदार भगवान सिंह और सरदार शैलेन्द्र सिंह ने एक सुर में कहा कि तख्त श्री हरमंदिर साहिब, पटना की सदस्य समिति में झारखण्ड का स्थान सुरक्षित करने के लिए वे क़ानूनी सहारा भी ले सकते हैं। (जारी…)

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गौरतलब है कि आज शून्यकाल में के दौरान जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने झारखण्ड विधान सभा में वक्तव्य रखते हुए कहा कि सिखों के दसवें गुरू, गुरू गोविंद सिंह जी की जन्मस्थली पटना साहिब में स्थित तख्त श्री हरमंदिर साहिब जी का प्रबंधन 15 सदस्यीय समिति करती है। इसका संचालन 1955 में बने संविधान और नियामवाली के तहत होता है। प्रबंधन समिति में अमृतसर, कोलकाता, लखनऊ, दिल्ली सहित उत्तर एवं दक्षिण बिहार का प्रतिनिधित्व है। बिहार का पुनर्गठन होकर झारखण्ड राज्य बना है।

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अभी तक दक्षिण बिहार के साथ झारखण्ड था। दक्षिण बिहार और झारखण्ड का संयुक्त प्रतिनिधित्व तख्त श्री हरमंदिर साहिब, पटना के प्रबंधन की 15 सदस्यीय समिति में रहता था।
परन्तु किन्ही लोगों द्वारा अब यह साजिश हो रही है कि झारखण्ड को दक्षिण बिहार के प्रतिनिधि से अलग कर दिया जाय और इसके लिए तख्त श्री हरमंदिर साहिब, पटना समिति के संविधान में संशोधन किया जाय। जबकि दक्षिण बिहार में केवल 15 गुरूद्वारा है और झारखंड में 120 के करीब गुरूद्वारा है। इस तरह झारखण्ड को प्रतिनिधित्व से वंचित करने की साजिश चल रही है। जब अमृतसर, कोलकाता, लखनऊ, दिल्ली के सिख प्रतिनिधि तख्त हरमंदिर साहेब की 15सदस्यीय समिति में है तो झारखण्ड को इसमें प्रतिनिधित्व नहीं देना कहीं से भी उचित नहीं है।
इसी प्रकरण पर सरयू राय ने सरकार से मांग की है कि बिहार की सरकार के साथ वार्ता कर तख्त श्री हरमंदिर साहिब प्रबंधन समिति में झारखण्ड का स्थान सुरक्षित कार्यवाया जाये।

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झारखंड के सिखों के प्रतिनिधित्व अधिकारों की रक्षा के लिए अंतिम सांस तक लड़ूंगा – सेठी

झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष गुरविंदर सिंह सेठी ने हरमंदिर जी, पटना साहिब में सिखों के जनसांख्यिक प्रतिनिधित्व में प्रस्तावित परिवर्तनों पर नाराजगी व्यक्त की है। श्री सेठी ने कहा के तक़त श्री हरमंदिर जी, पटना साहिब प्रबंधन समिति के संविधान का अस्तित्व 1955-56 से है, और हमारे समुदाय के सदस्य दक्षिण बिहार निर्वाचन क्षेत्र में अपना संविधानिक अधिकार व्यय कर रहे हैं।हाल ही में, कुछ नेताओं ने झारखंड राज्य के सिख संगत और गुरुद्वारों के प्रतिनिधित्व को दक्षिण बिहार निर्वाचन क्षेत्र की वोटिंग प्रक्रिया से बाहर करने की कोशिश की है, यह दावा करते हुए कि झारखंड बिहार से अलग हो चुका है और इसलिए हमारा वोट देने का अधिकार समाप्त होना चाहिए।

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श्री सेठी ने बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार से झारखंड के सिखों के अधिकार सुनिश्चित करने के लिए पत्र लिखा है, श्री सेठी ने कहा के झारखंड में सिख समुदाय बिहार के तुलना में अधिक है। बिहार पुनर्गठन अधिनियम और तखत श्री हरमंदिर जी, पटना साहिब के बायलॉज की प्रावधानों का उल्लंघन करने वाली इस कदम को रोकने का मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अनुरोध किया है जब तक बायलॉज में कोई संशोधन नहीं किया गया है।

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जमशेदपुर में बाढ़ के हालात,डीसी ने की आम लोगो को सतर्क रहने की अपील, जाने क्या करना है
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जमशेदपुर : जमशेदपुर ज़िलें मे हो रही लगातार बारिश से आम जनजीवन पर असर पड़ा है. इस बीच जमशेदपुर के डीसी मंजूनाथ भजन्त्री ने अपने अधीनस्थ अधिकारियो को सतर्क कर दिया है. डीसी के निर्देश के बाद पूरा अमला रेस हो गया है. लोगो को निचले इलाके से हटाकर ऊपरी इलाके शिफ्ट होने की हिदायत दी जा रही हैं. वही कई इलाका को खाली भी कराया जा रहा है. दूसरी ओर, बरसात के मौसम को देखते हुए जिलेवासियों को बिजली के कारण जानमाल का नुकसान नहीं हो इसके लिए उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा अपील जारी की गई है. उन्होने कहा कि बरसात के दिनों में तेज हवा के कारण किसी खेत में पोल गिरे हों या पेड़ की टहनी बिजली के तार को छू रहे हों तो तत्काल पूर्वी सिंहभूम जिला अंतर्गत जमशेदपुर, मानगो, घाटशिला विद्युत आपूर्ति प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को सूचना दें. बारिश के दौरान बिजली लाइन, ट्रासंफॉर्मर व पोल आदि से दूर रहें. उक्त के संपर्क में आने से करंट इंसान के शरीर में प्रवाहित हो सकता है, क्योंकि बारिश में अर्थिंग मिलता है. बिजली लाइन या ट्रांसफॉर्मर से छेड़छाड़ नहीं करें. विद्युत लाइन के नीचे न बैठें न खड़े रहें. कहीं पर भी चिंगारी उठ रही हो या कोई तार टूट जाए या किसी पोल या अर्थिंग सेट में करंट आ रहा हो तो तुरंत संबंधित अभियंता या विद्युत उपकेन्द्र पर सूचना दें.

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कार्यपालक अभियंता का फोन नंबर : 

कार्यपालक अभियंता, विद्युत प्रमंडल, जमशेदपुर- 9431135915
कार्यपालक अभियंता, विद्युत प्रमंडल, मानगो- 9431135905
कार्यपालक अभियंता, विद्युत प्रमंडल, घाटशिला- 9431135917

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वज्रपात से बचाव के लिए क्या करें –

जब आप घर के भीतर हों

बिजली से संचालित उपकरणों से दूर रहें, तार वाले टेलीफोन का उपयोग न करें.
ऐसी वस्तुएं जो बिजली के सुचालक हैं, उनसे दूर रहे, धातु से बने पाइप, नल, फव्वारा, वॉशबेसिन आदि से दूर रहें.
कपड़े सुखाने के लिए तार का प्रयोग न कर जूट या सुत की रस्सी का प्रयोग करें.
जब आप खेल, खलिहान में काम कर रहे हैं
गीले खेतों में हल चलाते, रोपनी या अन्य कार्य कर रहे किसान तथा मजदूर या तालाब में कोई कार्य कर रहे व्यक्ति तुरंत सूखे या सुरक्षित स्थान पर जायें.
धातु से बने कृषि यंत्र या डंडा से अपने आप को दूर कर लें.
जब आप जंगल में हों
छोटे या घने पेड़ों की शरण में चले जायें.
जब आप घर के बाहर हों
ऊंचे वृक्ष बिजली को आकर्षित करते हैं, कृप्या उनके नीचे न खड़े रहें. समूह में न रहें बल्कि अलग-अलग हो जायें.
किसी पक्के मकान में आश्रय लेना बेहतर है. सफर के दौरान अपने वाहन में ही बने रहें. खुली छत वाले वाहन की सवारी न करें.
बाहर रहने पर धातु से बनी वस्तुओं का उपयोग न करें. बाईक, बिजली या टेलीफोन का खंभा, तार की बाड़, मशीन आदि से दूर रहें.
तालाब और जलाशयों से दूर रहें. यदि आप पानी के भीतर हैं अथवा किसी नाव में हैं तो तुरंत बाहर आ जाएं.
अगर किसी सुरक्षित स्थान पर शरण ले पाने में असमर्थ हों
जहां हैं वहीं रहें हो सके तो पैरों के नीचे सूखी चीजें जैसे लकड़ी, प्लास्टिक, बोरा या सूखे पत्ते रख लें.
जमीन पर बिल्कुल नहीं लेटें.
दोनों पैरों को आपस में सटा लें एवं दोनों हाथों को घुटनों पर रखकर अपने सिर को जमीन की तरफ यथोसंभव झुका लें तथा सिर को जमीन से न छूने दें.
वज्रपात का झटका लगने पर ये करें
वज्रपात के झटका लगने पर जरूरत के अनुसार व्यक्ति को सीपीआर यानी कृत्रिम श्वास देनी चाहिए. तत्काल प्राथमिक चिकित्सा प्रदान करने की व्यवस्था करें. वज्रपात से प्रभावित व्यक्ति की सूचना अपने अंचलाधिकारी या जिले के जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी अथवा उपायुक्त को तत्काल दें.

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“हम दिल दे चुके सनम” के डायरेक्टर नितिन देसाई ने दे दी जान, स्टूडियो में कई आत्महत्या, जांच में जुटी पुलिस

मुंबई : जानेमाने आर्ट डायरेक्टर नितिन देसाई ने बुधवार को खुदकुशी कर ली, उन्होंने मुंबई में एनडी स्टूडियो में आत्महत्या की है। नितिन देसाई पर कुछ दिन पहले 51 लाख की धोखाधड़ी का आरोप लगा था। मीडिया में आई खबरों के मुताबिक कर्जत के पास नितीन देसाई ND स्टूडियो में फांसी लगाकर अपनी जिंदगी खत्म कर ली है और सुबह सुबह सफाई कर्मचारी ने उन्हें इस अवस्था में पाया है।

फांसी लगाकर की आत्महत्या

यह बात सामने आई है कि नितिन देसाई ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। यह जानने के बाद कि स्टूडियो स्टाफ ने आत्महत्या कर ली है, उन्होंने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित किया। अब पुलिस उसके अनुसार आगे की कार्रवाई कर रही है। नितिन देसाई की आत्महत्या के पीछे की वजह अभी तक सामने नहीं आई है।

80 के दशक में हुई करियर की शुरूआत

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नितिन देसाई ने कला निर्देशन जैसे अलग क्षेत्र में बहुमूल्य काम किया है। नितिन देसाई ने पिछले 30 वर्षों में कई फिल्मों का कला निर्देशन संभाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर महाराष्ट्र के सभी राजनेताओं से नितिन देसाई के अच्छे संबंध थे। नितिन देसाई इंडस्ट्री में एक बड़ा नाम हैं। नितीश देसाई ने अपने करियर की शुरुआत 80 के दशक में की थी। नितिन देसाई को असली ब्रेक फिल्म ‘1942 ए लव स्टोरी’ से मिला। बाद में उन्होंने कई लोकप्रिय निर्देशकों के साथ काम किया।

बॉलीवुड को दिए हैं कई यादगार सेट

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नितिन देसाई ने हम दिल दे चुके सनम, लगान, देवदास, जोधा अकबर, मिशन काश्मीर, खारी, स्वदेश और प्रेम रतन धन पायो जैसी फिल्मों का सेट डिजाइन किया था, उन्हें चार बार बेस्ट आर्ट डायरेक्शन का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था। 2000 में हम दुल दे चुके सनम और 2003 में देवदास के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ कला निर्देशक के राष्ट्रयी पुरस्कारी से सम्मानित किया गया है। इतना ही नहीं नितिन को फिल्म ‘हिरश्रंद फैक्ट्री’ के लिए सर्वश्रष्ठ कला नर्धेशक के रूप में महाराष्ट राज्य फिल्म पुरस्कार मिला है।

एडवर्टाइजिंग एजेंसी ने लगाया था धोखाधड़ी का आरोप

मई में एक एडवर्टाइजिंग एजेंसी ने देसाई पर 51.7 लाख रुपए की धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। एजेंसी ने कहा था कि 3 महीने तक काम करवाने के बावजूद देसाई ने पैसा नहीं दिया था। हालांकि, नितिन देसाई ने इन आरोपों का खंडन किया था,उन्होंने कहा था कि एजेंसी पहले भी उन पर इस तरह के आरोप लगा चुकी है।

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कपाली में बच्चों के झगड़े को लेकर घर में घुस कर मारपीट, परिवार के छह लोग जख्मी, दो की हालत गंभीर, एमजीएम में भर्ती

जमशेदपुर : जमशेदपुर से निकट सरायकेला जिले के कपाली ओपी क्षेत्र के इस्लामनगर मजार लाइन में बच्चों के विवाद में कुछ लोगों ने एक घर पर हमला बोल दिया हमलावरों ने घर के लोगों को मारपीट कर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया, जबकि 4 लोगों को मामूली चोटें आई हैं। सभी को इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। (जारी…)

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इस मारपीट में जख्मी जमाल अंसारी और आयशा खातून की हालत गंभीर बताई जा रही है। जमाल अंसारी और आयशा खातून का सर फट गया है। जबकि बाकी 4 लोगों को हल्की चोटें आई हैं। इनमें जमाल अंसारी का बेटा साहिल अंसारी, उनकी दो बेटियां और बहू शमीमा खातून शामिल हैं। शमीमा खातून ने बताया कि उनकी बेटी के साथ पड़ोसी की बेटी का झगड़ा हुआ था। इसी को लेकर पड़ोसियों ने यह मारपीट की है। कपाली ओपी पुलिस को सूचना दे दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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बीमार रिश्तेदार से फोन पर हिन्दी में की बात, तो नौकरी से हुआ बर्खास्त, अदालत पहुंचा भारतीय इंजीनियर

अमेरिका में रह रहे भारतीय मूल के 78 वर्षीय इंजीनियर को नौकरी से सिर्फ इसलिए निकाल दिया गया, क्योंकि वह भारत में मरणासन्न अपने एक रिश्तेदार से वीडियो कॉल पर हिंदी में बात कर रहा था.

अमेरिकी मीडिया ने यह खबर देते हुए बताया कि अलाबामा में मिसाइल डिफेंस कॉन्ट्रैक्टर के साथ लंबे समय से अनिल वार्ष्णेय काम कर रहे थे और नौकरी से निकाले जाने के फैसले को उन्होंने अदालत में चुनौती दी है.

वार्ष्णेय हंट्सविली मिसाइल डिफेंस कांट्रैक्टर पार्सन्स कॉरपोरेशन में बतौर वरिष्ठ सिस्टम इंजीनियर काम करते थे. उन्होंने संघीय अदालत में दाखिल वाद में आरोप लगाया है कि उनके साथ व्यवस्थागत भेदभाव किया गया, जिसकी वजह से पिछले साल अक्टूबर में उन्हें बेरोजगार होना पड़ा.

‘मरने से पहले आखिरी बार बात करना चाहते थे रिश्तेदार’

एएल डॉट कॉम ने सोमवार को खबर दी कि श्वेत सहकर्मी ने वार्ष्णेय को भारत में मरणासन्न अपने रिश्तेदार से फोन पर हिंदी में बात करते हुए सुना. वार्ष्णेय को 26 सितंबर 2023 को ‘उनके मरणासन्न रिश्तेदार केसी गुप्ता का भारत से फोन आया जो अंतिम बार वार्ष्णेय से बात करना चाहते थे.

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धनबाद में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का सपना टूटा, यहां की अत्याधुनिक मशीनें भेजी जायेंगी एम्स कल्याण व जबलपुर

शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसएनएमएमसीएच) परिसर में बने सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के शुरू होने का सपना टूटता दिख रहा है. इस सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए मंगायी गयीं मशीनें दूसरी जगह ले जाने की तैयारी है. अस्पताल के अब तक शुरू नहीं होने और इसके लिए चिकित्सक नहीं मिलने के कारण ऐसा निर्णय किया गया है. यहां अत्याधुनिक मशीनें उपलब्ध कराने वाली एजेंसी हाइट्स ने इस संबंध में मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को जानकारी दी है.

एजेंसी ने कहा है कि इस सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के शुरू होने की संभावना नहीं दिख रही है. ऐसे में यहां रखे-रखें इन अत्याधुनिक मशीनों के खराब होने की संभावना है. इस वजह से मशीनों को दूसरी जगह भेजना आवश्यक है. जब सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल शुरू होगा, तो दूसरी मशीनें धनबाद के लिए मुहैया करायी जायेगी. याद रहे कि एसएनएमएमसीएच कैंपस में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनकर तैयार है, पर चिकित्सक नहीं मिलने के कारण इसे शुरू नहीं किया जा सका है. हाल ही में रांची में इसके लिए साक्षात्कार का आयोजन किया गया था, पर एक भी चिकित्सक उसमें शामिल होने नहीं आया.

187 करोड़ खर्च के बाद भी सुविधाएं मयस्सर नहीं

चार बार निकली वैकेंसी, पर नहीं मिले चिकित्सक : सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए चिकित्सक नहीं मिल रहे हैं. सरकार ने यहां चिकित्सकों के 94 पद स्वीकृत किये हैं. अब तक चार बार चिकित्सकों की बहाली के लिए वैकेंसी भी निकाली गयी, लेकिन साक्षात्कार के लिए एक भी डॉक्टर नहीं पहुंचा. इसके लिए एमसीएच और इससे समतुल्य पद के डॉक्टरों की बहाली होनी हैं. इसके अलावा प्रशिक्षित कर्मचारियों की भी बहाली होनी है. इसके लिए 300 से ज्यादा कर्मचारियों के पद सृजित किये गये हैं. पर तमाम कोशिशों के बाद भी कुछ नहीं हुआ.

  • 2012 में बनी थी कार्ययोजना
  • 2015 में राज्य व केंद्र सरकार के बीच एमओयू
  • 2016 में शुरू हुआ निर्माण कार्य
  • 2017 दिसंबर की जगह इस साल पूरा हुआ कार्य
  • 80 करोड़ रुपए भवन निर्माण पर खर्च
  • 87 करोड़ रुपये मशीन व उपकरण की खरीदारी पर खर्च
  • 25 एकड़ जमीन पर बना है अस्पताल
  • जमीन विवाद के कारण काम पर असर पड़ा, तो 2020 में कोरोना महामारी ने डाला व्यवधान

यह भी जानें

  • पीएसएसवाइ के तहत मिली राशि का 85% केंद्र सरकार व 15% राज्य सरकार ने किया वहन
  • केंद्र सरकार ने सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए 167 करोड़ रुपये आवंटित किये
  • अस्पताल की क्षमता 200 बेड की है. इसमें 160 जनरल और 40 आइसीयू बेड हैं
  • आठ माड्यूलर ऑपरेशन थियेटर अस्पताल में स्थापित किये गये हैं
  • अस्पताल में अलग से रेडियोलॉजी और पैथोलॉजी की भी तैयारी है

इस कारण नहीं आना चाहते हैं चिकित्सक

एयरपोर्ट नहीं होना : धनबाद में एयरपोर्ट नहीं होना सुपर स्पेशियलिटी के लिए ग्रहण साबित हो रहा है. एयरपोर्ट नहीं होने के कारण बाहर के चिकित्सक धनबाद आना नहीं चाहते हैं. धनबाद के चिकित्सक भी इस बात को मानते हैं.

सुरक्षा की गारंटी नहीं : सुरक्षा को लेकर भी चिकित्सक धनबाद आने से परहेज करते हैं. हाल के कुछ वर्षों में यहां चिकित्सकों पर हमले तेज हुए हैं. यहां के चिकित्सक गैंस्टरों की रडार पर हैं. चिकित्सकों से रंगदारी मांगने की बात भी सामने आ चुकी है. यही वजह है कि सुरक्षा की गारंटी नहीं मिलने के कारण बाहर के चिकित्सक धनबाद आने से परहेज कर रहे हैं.

मंगवाई गयी हैं 87 करोड़ की मशीनें

बता दें कि सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए लगभग 87 करोड़ रुपये की लागत से मशीनें मंगवायी गयीं हैं. इनमें से कई मशीनों को एजेंसी ने इंस्टॉल भी कर दिया गया है. मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के अनुसार यहां लगने वाली सभी मशीनें अत्याधुनिक हैं.

एजेंसी हाइट्स ने कही मशीनें शिफ्ट करने की बात

मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के अनुसार सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए मशीनें उपलब्ध कराने वाली एजेंसी हाइट्स ने यहां की मशीनों को एम्स, कल्याणपुर व जबलपुर शिफ्ट करने की बात कही है.

पहले ही छीना जा चुका है एम्स

धनबाद में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बदहाल है. यहां एकमात्र सरकारी अस्पताल एसएनएमएमसीएच है. इस अस्पताल में अभी भी कॉर्डियोलॉजी, नेफरोलॉजी, न्यूरोलॉजी जैसी बीमारियों के उपचार की व्यवस्था नहीं है. यहां बीच में एम्स लाने की बात हुई थी. प्रस्ताव भी बना था. लेकिन, एम्स का निर्माण देवघर में हो गया. उसके विकल्प के रूप में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल को पेश किया जा रहा था. लेकिन अब इस पर भी ग्रहण लग रहा है.डॉ ज्योति रंजन प्रसाद, प्राचार्य, एसएनएमएमसीएच, धनबादसुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए मशीन मुहैया कराने वाली एजेंसी हाइट्स ने मशीनों को दूसरी जगह शिफ्ट करने संबंधित जानकारी दी है. हालांकि, अबतक मशीनों को दूसरी जगह शिफ्ट करने संबंधित कोई लिखित निर्देश केंद्रीय स्वास्थ्य मुख्यालय से प्राप्त नहीं हुआ है. मुख्यालय से जैसा निर्देश मिलेगा, उसी मुताबिक कार्य किया जायेगा.

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