एक नई सोच, एक नई धारा

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भगवान सिंह ने अध्यक्ष पद की बनायी हैट्रिक, मानगो गुरुद्वारा के तीसरी बार प्रधान बने

संगत के सहयोग से गुरुद्वारा के विकास कार्यों में और तेज़ी लायी जायेगी: भगवान सिंह


जमशेदपुर : सीजीपीसी के मौजूदा प्रधान सरदार भगवान सिंह ने मानगो गुरुद्वारा के प्रधान पद पर रहने की हैट्रिक बनाते हुए लगातार तीसरी बार मानगो गुरुद्वारा के प्रधान सर्वसम्मति से चुन लिये गये हैं ।
रविवार को गुरुद्वारा सिंह सभा मानगो में आम सभा बुलायी गई थी जिसमें भगवान सिंह को तीसरी बार मानगो गुरुद्वारा का प्रधान सर्वसम्मति चुना गया। आनंद साहिब के पाठ के बाद श्रीगुरुग्रंथ साहिब के समक्ष अरदास कर अगले तीन साल के लिए प्रधान बनाने की घोषणा की गई। इससे पूर्व गुरुनानक स्कूल व गुरुद्वारा कमिटी के कार्यों का लेखा जोखा आम सभा में पेश किया गया। जिसमें स्कूल के सचिव संतोख सिंह और गुरुद्वारा के महासचिव जसवंत सिंह जासू ने गुरुद्वारा और सिख समाज की भलाई के लिए किए कार्यों का हिसाब दिया। आयोजित आमसभा में चेयरमैन राजेंद्र सिंह भाटिया ने भगवान सिंह के नाम का प्रस्ताव रखा जिसे आम सभा में उपस्थित सदस्यों ने जयकारों के साथ भगवान सिंह के नाम पर मुहर लगा दी। बोले सो निहाल के उद्घोष के साथ भगवान सिंह को सरोपा पहनाकर अगले तीन साल के लिए फिर प्रधान चुन लिया गया। प्रधान बनने के बाद भगवान सिंह ने श्रीगुरुग्रंथ साहिब के समक्ष संगत को विश्वास दिलाया कि जिस तरह से उन्होंने छः साल काम किया है आगे भी गुरु की सेवा में लगे रहेंगे। सरदार भगवान सिंह ने कहा कि जिस तरह से संगत ने उनपर विश्वास जताया है उसे वे शब्दों में बयान नहीं कर सकते। भगवान सिंह ने कहा कि वे प्रधान के रूप में नहीं, मुख्य सेवादार की हैसियत से गुरुघर की सेवा करेंगे।

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प्रधान चुने जाने के बाद मानगो गुरुद्वारा में सीजीपीसी के चेयरमैन सरदार शैलेन्द्र सिंह, महासचिव अमरजीत सिंह व मंच सचिव अमरजीत सिंह भामरा गुरनाम सिंह बेदी और सुखदेव सिंह बिट्टू ने गुरुद्वारा पहुँच कर उन्हें बधाई देते हुये उनका ने उनका स्वागत किया। आम सभा बैठक ट्रस्टी संता सिंह, किरपाल सिंह, प्रीतपाल सिंह के अलावा रक्षपाल सिंह, संतोख सिंह, राजेंद्र सिंह, जसवंत सिंह जस्सू, सुखवंत सिंह सुखू , हीरा सिंह, हरविंदर सिंह, अवतार सिंह, हरदयाल सिंह, दर्शन सिंह, मलकीत सिंह, रवीन्द्र सिंह, हरविंदर सिंह, कुलविंदर सिंह और हरजिंदर सिंह आदि मुख्यरूप से मौजूद थे।

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चैत्र नवरात्रि 2023 : नवरात्रि का आज छठा दिन, करें माँ कात्यायनी की आराधना, जाने पूरी विधि

नवरात्रि के छठवें दिन देवी के कात्यायनी स्वरूप की उपासना की जाती है। इस दिन साधक का मन ‘आज्ञा चक्र’ में स्थित होता है। योग साधना में इस आज्ञा चक्र का महत्वपूर्ण स्थान है। इस चक्र में स्थित मन वाला साधक मां कात्यायनी के चरणों में अपना सर्वस्व निवेदित कर देता है।परिपूर्ण आत्मदान करने वाले ऐसे भक्त को सहज भाव से मां कात्यायनी के दर्शन प्राप्त हो जाते हैं।

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मां का स्वरूप
मां कात्यायनी अमोघ फलदायिनी हैं,इनका स्वरूप अत्यंत ही भव्य और दिव्य है। इनका वर्ण स्वर्ण के समान चमकीला और भास्वर है। शेर पर सवार मां की चार भुजाएं हैं, इनके बायें हाथ में कमल और तलवार व दाहिनें हाथों में स्वास्तिक व आशीर्वाद की मुद्रा अंकित है। भगवान कृष्ण को पाने के लिए व्रज की गोपियों ने इन्ही की पूजा कालिंदी नदी के तट पर की थी।ये ब्रज मंडल की अधिष्ठात्री देवी के रूप में प्रतिष्ठित हैं।

कौन हैं मां कात्यायनी
कत नामक एक प्रसिद्द महर्षि थे,उनके पुत्र ऋषि कात्य हुए। इन्हीं कात्य के गोत्र में विश्व प्रसिद्द महर्षि कात्यायन उत्पन्न हुए थे। इन्होने भगवती पराम्बा की उपासना करते हुए बहुत वर्षों तक बड़ी कठिन तपस्या की थी। उनकी इच्छा थी कि मां भगवती उनके घर पुत्री के रूप में जन्म लें। मां भगवती ने उनकी यह प्रार्थना स्वीकार कर ली। कुछ काल पश्चात जब दानव महिषासुर का अत्याचार पृथ्वी पर बहुत अधिक बढ़ गया था तब भगवान ब्रह्मा,विष्णु, महेश तीनों ने अपने-अपने तेज़ का अंश देकर महिषासुर के विनाश के लिए एक देवी को प्रकट किया। महर्षि कात्यायन ने सर्वप्रथम इनकी पूजा की और देवी इनकी पुत्री कात्यायनी कहलाईं।

पूजाविधि
दुर्गा पूजा के छठे दिन भी सर्वप्रथम कलश व देवी के स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा कि जाती है। पूजा की विधि शुरू करने पर हाथों में सुगन्धित पुष्प लेकर देवी को प्रणाम कर देवी के मंत्र का ध्यान करना चाहिए। मां को श्रृंगार की सभी वस्तुएं अर्पित करें। मां कात्यायनी को शहद बहुत प्रिय है इसलिए इस दिन मां को भोग में शहद अर्पित करें। देवी की पूजा के साथ भगवान शिव की भी पूजा करनी चाहिए।

पूजा फल
देवी भागवत पुराण के अनुसार देवी के इस स्वरूप की पूजा करने से शरीर कांतिमान हो जाता है। इनकी आराधना से गृहस्थ जीवन सुखमय रहता है। मां कात्यायिनी की भक्ति और उपासना द्वारा मनुष्य को बड़ी सरलता से अर्थ, धर्म, काम,मोक्ष चारों फलों की प्राप्ति हो जाती है। उसके रोग,शोक, संताप और भय आदि सर्वथा नष्ट हो जाते हैं।

किनको होगा लाभ
जिनके विवाह में विलम्ब हो रहा हो या जिनका वैवाहिक जीवन सुखी नहीं है वे जातक विशेष रूप से मां कात्यायिनी की उपासना करें,लाभ होगा।

स्तुति मंत्र
या देवी सर्वभूतेषु माँ कात्यायनी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।

चंद्र हासोज्जवलकरा शार्दूलवर वाहना|
कात्यायनी शुभंदद्या देवी दानवघातिनि||

आरती

जय जय अम्बे जय कात्यानी।
जय जगमाता जग की महारानी।।
बैजनाथ स्थान तुम्हारा।
वहा वरदाती नाम पुकारा।।
कई नाम है कई धाम है।
यह स्थान भी तो सुखधाम है।।
हर मंदिर में ज्योत तुम्हारी।
कही योगेश्वरी महिमा न्यारी।।
हर जगह उत्सव होते रहते।
हर मंदिर में भगत है कहते।।
कत्यानी रक्षक काया की।
ग्रंथि काटे मोह माया की।।
झूठे मोह से छुडाने वाली।
अपना नाम जपाने वाली।।
बृह्स्पतिवार को पूजा करिए।
ध्यान कात्यानी का धरिये।।
हर संकट को दूर करेगी।
भंडारे भरपूर करेगी।।
जो भी माँ को ‘चमन’ पुकारे।
कात्यायनी सब कष्ट निवारे।।

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जमशेदपुर और हजारीबाग के बाद भुरकुंडा में लगता है सबसे बडा रामनवमी मेला

रामगढ़ जिला अंतर्गत भुरकुंडा के लक्ष्मी टॉकीज मैदान में आठ दशक से अधिक समय से रामनवमी का मेला लगता आ रहा है. मेला में हजारों की संख्या में लोग जुटते हैं।इस मेले की भव्यता ऐसी है कि इसे हजारीबाग और जमशेदपुर के बाद राज्य का तीसरा सबसे बड़ा रामनवमी मेला माना जाता है।

1940 में मेले की शुरुआत

लक्ष्मी टॉकीज मैदान में मेले की शुरुआत 1940 में हुई थी. इससे पूर्व, 1939 तक भुरकुंडा कोयलांचल व भदानीनगर क्षेत्र के लोग महावीरी झंडे के साथ वर्तमान भुरकुंडा बाजार के खोपड़िया बाबा धर्मशाला के समीप जुटते थे. अब तक यहां भीड़ बढ़ने लगी थी। मैदान में जगह की कमी के कारण समितियों ने सर्वसम्मति से लक्ष्मी टॉकीज मैदान में मेला लगाने का निर्णय लिया। यह परंपरा आज तक चल रही है। हजारों लोगों की भीड़ के बावजूद आज तक यहां किसी प्रकार का कभी भी सांप्रदायिक उन्माद नहीं हुआ। लोग सौहार्द्रपूर्ण माहौल में रामनवमी मनाते रहे हैं।

दो दर्जन समितियों द्वारा निकाली जाती है भव्य झांकी

मेला के इतिहास के बारे में क्षेत्र के लोग बताते हैं कि उस वक्त के प्रधान बाबू चंद्रमोहन सिंह, सरपंच बालेश्वर तिवारी, खेमलाल साव, श्याम लाल, रामलाल साव, इंद्रनाथ साव, मुन्ना महतो, लेदर सिंह ने मेले को भव्यता देने की शुरुआत की थी। आज इस मेला में क्षेत्र के करीब दो दर्जन समितियों द्वारा भव्य झांकी निकाली जाती है, ऊंचे-ऊंचे महावीरी झंडे लेकर लोग पहुंचते हैं. यही वजह है कि मेल में हर वर्ष लोगों की भीड़ बढ़ती जा रही है।

हर साल आकर्षक का केंद्र होता है यहां का रामनवमी मेला

अखाड़ों के खिलाड़ी पारंपरिक शस्त्र से खेल का प्रदर्शन करते हैं. मेला में हर वर्ष आकर्षक झांकी, ऊंचे व बड़े झंडे, अनुशासन, बेहतर खेल के लिए निर्णायक मंडली द्वारा समितियों को पुरस्कृत किया जाता है. इस वर्ष भी करीब दो दर्जन समितियों द्वारा झांकी निकालने की तैयारी चल रही है. इसमें कुरसे, देवरिया, मतकमा, लादी, चिकोर, लपंगा, रेलवे स्टेशन, महुआ टोला, चौकिया टांड़, सलगा गोला, जवाहर नगर, तीन नंबर चीफ हाऊस, नीचे धौड़ा, हुरूमगढ़ा, पटेल नगर, भुरकुंडा बाजार, हनुमानगढ़ी समिति द्वारा झांकी निकाली जायेगी।

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देश में 34 हवाई अड्डों का होंगे विकसित, उड्डयन छेत्र में रोजगार की काफी संभावनाएं

भारत सरकार 2025 तक उड़ान योजना के तहत पूरे देश में 34 हवाई अड्डों का विकास करेगी. इसके बाद देश में हवाई अड्डों की संख्या भी बढ़कर 250 हो जायेगी।उक्त बातें एनआइटी, जमशेदपुर में एमएसएमइ मंत्रालय के पांच दिवसीय उन्नत प्रबंधन विकास कार्यक्रम के अंतिम दिन छात्रों, शोधार्थियों व उद्यमियों के मार्गदर्शन के लिए आये एयर इंडिया एयरपोर्ट सर्विसेज (एआइएएस) के सीइओ रामबाबू एसएच ने मीडिया से कही।

दिल्ली और मुंबई में बनने वाले हैं अत्याधुनिक हवाई अड्डे

उन्होंने बताया कि इस समय भारत में 110 हवाई अड्डे हैं. उनमें से 35 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे हैं. उन्होंने बताया कि जहां पूरे साल यात्रियों की संख्या बनी रहती है, वहां हवाई अड्डा के विकास के लिए सरकार धन मुहैया करा रही है. अधिकांश हवाई अड्डों का संचालन प्राइवेट-पब्लिक पार्टनरशिप में किया जा रहा है। इस क्षेत्र में सरकार पर निर्भरता समाप्त हो रही है. प्राइवेट कंपनियां नियमों का पालन करते हुए तकनीकों का उपयोग कर रही है। दिल्ली व मुंबई में अत्याधुनिक हवाई अड्डे बनने वाले हैं।

उड्डयन के क्षेत्र में रोजगार की काफी संभावनाएं

सीइओ रामबाबू ने बताया कि उड्डयन के क्षेत्र में रोजगार की विशाल संभावनाएं हैं. इसमें प्रशिक्षित पाइलट, केबिन क्रू व इंजीनियरोंं के अलावा कई प्रकार के अन्य कामों से संबंधित व्यक्तियों के लिए रोजगार के अवसर हैं।एविएशन इंडस्ट्रीज में कई ऐसे काम हैं, जिसमें हम आगे बढ़ सकते हैं। एनआइटी में आयोजित कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के प्रतिभागियों ने एविएशन इंडस्ट्रीज के बारे में काफी उत्सुकता दिखायी। उनके कई शंकाओं का समाधान करते हुए उन्होंने उनके प्रश्नों के उत्तर दिये और बताया कि इस क्षेत्र में क्या-क्या अवसर हो सकते हैं. पांच दिनों में विशेषज्ञों के 18 व्याख्यान हुए।

सीटीटीसी से समझौता करेगा संस्थान

एनआइटी जमशेदपुर सेंट्रल टूल रूम एंड ट्रेनिंग सेंटर (सीटीटीसी) उद्यमिता कौशल विकास कार्यक्रम के माध्यम से नये उद्यमियों या स्टार्टअप के प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के लिए समझौता करेगा। इसके लिए दोनों पक्ष एमओयू पर हस्ताक्षर के लिए सहमत हो गये हैं। क्लस्टर संगठन का हिस्सा बनेगा एनआइटी : एनआइटी जमशेदपुर पांच अप्रैल को एनआइटी राउरकेला, वीएसएसयूटी बुर्ला, एनआइएएमटी रांची व टाटा स्टील के सहयोग से विज्ञान व प्रौद्योगिकी विभाग भारत सरकार के प्रमुख कार्यक्रम के तहत क्लस्टर संगठन का हिस्सा बनेगा। यह संगठन शिक्षा, स्टार्टअप, निर्माण, उद्योग, अनुसंधान, व विकास प्रयोगशालाओं की सुविधा उपलब्ध करायेगा। यह ऊर्जा, पर्यावरण प्रदूषण, जल, वायु व मिट्टी प्रबंधन आधारभूत ढांचा विकसित करेगा।

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हिन्दुओं के त्योहार पर प्रतिबंध लगाना उचित नहीं, जिला प्रशासन से आग्रह पुनः विचार करें- अभय सिंह, देखें वीडियो

जमशेदपुर : जमशेदपुर प्रशासन द्वारा रामनवमी को लेकर कल (25 मार्च, शनिवार) दिशा निर्देश दी गयी थी। जिसमें डीजे बजाने और ट्रैलर का प्रयोग करने पर भी प्रतिबंध लगाया गया था। जिसके विरुद्ध में भाजपा के धनबाद जिला प्रभारी और केंद्रीय रामनवमी अखाड़ा समिति के संरक्षक अभय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जिला प्रशासन से पुनः विचार करने का आग्रह किया।

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उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा जुलूस में मोटर साइकल स्टंट करने वालों के ऊपर कारवाई करने का स्वागत करते है यह जोखिम है किसी के जीवन से खिलवाड़ नहीं होनी चाहिए। डीजे पर फिल्मी गीत, फूहड़ गीत, अश्लील गीत न बजे अगर बजते है तो उस पर भी कारवाई होनी चाहिए। सारे अखाड़ा कमेटी जल्दी विसर्जन हो प्रयास भी करेगी, किन्तु ट्रेलर में कोई झांकी या कुछ चीजों पर प्रतिबंध करना उचित नहीं । देश में दो कानून नहीं होने चाहिए। उन्होंने कुछ उदाहरण देते हुए कहा कि हाल ही में 3 मार्च को टाटा स्टील द्वारा झांकी निकाली गई क्या तब वह जायज था। 15 अगस्त में दिल्ली के परेड में ट्रेलर में झांकी प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की मौजूदगी निकाली जाती है तो क्या वह गलत है।
मैं जिला प्रशासन को जानकारी देना चाहता हूं कि पहले जमशेदपुर में बैल गाड़ियों से अखाड़ा जुलूस निकाला जाता था, बैल गाड़ियों से झांकी बनाई जाती थी लेकिन बैल गाड़ियों की परंपरा खत्म हुई तो लोग छह छक्के ट्रक में झांकियां बनाई जाने लगी। अब जमशेदपुर में 6 चक्का ट्रक का अभाव है, तब मजबूरन वर्तमान व्यवस्था में लोगों ने ट्रेलर में झांकी बनाना शुरू किया अगर ट्रेलर इतनी पाबंदी है तो यह शहर में भीड़भाड़ वाले जगह में ट्रेलर घुसना ही नहीं चाहिए। यह परंपरा सबों के लिए करनी होगी। इस शहर में केवल ट्रैफिक व्यवस्था के कारण 6 वर्ष के अंदर लगभग 1000 लोग मारे गए उन पर अंकुश नहीं लगा और हिंदुओं की परंपरा पर अंकुश लगाना उचित नहीं है।

हिन्दू विरोधी सरकार अपने वोट बैंक के लिए यह कर रही है

झारखंड सरकार पर निशाना साधते हुए अभय सिंह ने कहा कि डीजे पर फिल्मी, अश्लील, फूहड़ गीत बजाने वालों पर कार्रवाई हो, इसका मैं भी स्वागत करता हूँ, लेकिन हिंदुओ द्वारा अपने इष्ट देव, अपने भगवान का भजन बजाने पर रोक नहीं लगनी चाहिए। हाँ डीजे एक उचित ध्वनि में बजनी चाहिए जिससे आम जन को परेशानी नहीं हो। परन्तु यह सरकार बड़ी अजीब है जब भी हिंदुओ का त्योहार आता है तब ही यह परंपरा की दुहाई दी जाती है। यदि डीजे से इतनी ही समस्या है तो इस सरकार को किसी भी तरह के शादी,ब्याह,फंक्शन में डीजे बजने पर हमेशा के लिए प्रतिबंध लगा देना चाहिए। प्रशासन किंकर्तव्यविमूढ़ की स्थिति में है, जब से यह सरकार बनी है अपने वोट बैंक की राजनीति करने के लिए और दूसरे समुदाय को खुश करने के लिए जानबूझकर रामनवमी हो या दुर्गा पूजा इस पर एकतरफा कार्रवाई करने की बाध्यता पैदा करती है, जो उचित नहीं है।

अभय सिंह ने आश्वासन देते हुए कहा कि जिला प्रशासन इस मामले को संवेदनशीलता के साथ पुनर्विचार करें। जिस प्रकार दुर्गापूजा में शांति के साथ कार्य हुआ उसी प्रकार रामनवमी भी बीतेगा, यह आश्वासन है। यह शहर अच्छे कार्यों का समर्थन करेगी और कोई भी गलत होगा उसका लोकतांत्रिक ढंग से विरोध करेगी।

अखाड़ा समिति वालों से भी उन्होंने कहा कि शांति और सद्भाव के साथ यह पूजा संपन्न हो यह प्रशासन की ही नहीं बल्कि सबकी जिम्मेदारी है, जिसे अखाड़ा समिति वालों को कठोरता के साथ पालन करना होगा।

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टिनप्लेट गुरुद्वारा चुनाव : काँटे के टक्कर में 11 वोटों से सरदार सुरजीत सिंह की हुई जीत

टिनप्लेट गुरुद्वारा के प्रधान पद के लिए रविवार को मतदान हुआ। शाम 6.20 बजे रिजल्ट आया। जिसमें शेर छाप सुरजीत सिंह खुशीपुर गरज गए, जबकि तराजू झूल गया। सुरजीत को 548 मत मिले, जबकि गुरदयाल को 533 मत मिले। सुरजीत 11 मतों से विजयी हुए। सुबह 8 बजे से शाम 4.40 बजे तक छिटपुट हंगामे के बीच मतदान चलता रहा। उम्मीदवार गुरदयाल सिंह मानावाल (तराजू छाप) और सुरजीत सिंह खुशीपुर ने सबसे पहले मतदान किया। उसके बाद धीरे धीरे वोटर उत्साह के साथ मतदान करने पहुंचते रहे। मतदान स्थल से गुरदयाल सिंह के समर्थक कुलवंत सिंह खलेरा बाहर निकल गए, जिसके बाद दूसरे गुट ने हंगामा कर दिया और वोटिंग बंद करनी पड़ी। 1483 वोट से 1128 मतदाताओं ने मत का प्रयोग किया। 15 रिजेक्ट जबकि 28 ब्लैक घोषित किये गए। शांति पूर्ण मतदान कराने के लिए जिला प्रशासन की ओर से जेएनएसी के नगर प्रबंधक जॉय गुड़िया की प्रतिनियुक्ति की गई थी, जबकि सिदगोड़ा थाना से दारोगा रवि रंजन कुमार समेत अन्य पदाधिकारी और जवानों ने मोर्चा संभाल रखा था। वहीं, मुख्य चुनाव पदाधिकारी की भूमिका टिनप्लेट वर्कर्स यूनियन के डिप्टी प्रेसिडेंट परविंदर सिंह सोहल निभा रहे थे। उनके साथ दस सदस्यीय टीम चरणजीत सिंह गांधी, सुखदेव सिंह मल्ली, सुरजीत सिंह छितते, सुखविंदर सिंह राजू, परमजीत सिंह, सुखदेव सिंह, सरबजीत सिंह, मंजीत सिंह संधू, कश्मीर सिंह शेरों, कश्मीर सिंह चीमा, बलविंदर सिंह आदि सहयोग कर रहे थे।

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सुरजीत समर्थकों ने मनाई दिवाली

रिजल्ट की घोषणा के बाद सुरजीत के समर्थकों ने दिवाली मनाई। आतिशबाजी करते हुए सुरजीत, बिल्ले को समर्थकों ने उठा लिया और विजयी रैली निकालने लगे। वहीं गुरदयाल समर्थक निराश होकर अंत वेला घर चल दिए।

उम्मीदवारों के तम्बू में डटे रहे समर्थक

सुबह से ही उम्मीदवारों के तम्बू में समर्थक डटे रहे, जो मतगणना होने तक डटे रहें। खुशीपुर की ओर से बिल्ला, कुलदीप ज्ञानी, करमजीत कम्मे, शिंदे आदि ने मोर्चा संभाला हुआ था, जबकि गुरदयाल की ओर से जसबीर पदरी, दलजीत सिंह दल्ली, प्रताप सिंह, नानक सिंह, मलकीत सिंह आदि ने मोर्चा संभाल रखा था. लोगों के खाने पीने की सेवा भी रखी गई थी।

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जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति के उड़नदस्ता दल द्वारा हटाया गया अतिक्रमण

आगामी पर्व त्यौहार के मध्यनजर जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति के विशेष पदाधिकारी श्री संजय कुमार के निदेशानुसार शहर में विभिन्न रास्तों का अतिक्रमण एवं हवा में अवैध बैनर पोस्टर को हटाने के लिए उड़नदस्ता दल के द्वारा बड़ी करवाई की गई ।
ज्ञात हो की इस प्रकार से अवैध रूप से प्रचार प्रसार के लिए पेड़, दीवार, पोल एवं हवा में लटकाने से राजस्व की नुकसान के साथ साथ दुर्घटना की संभावनाएं बनी रहती है ।


रामनवमी के जुलूस में झंडा निकालने में भी परेशानी नहीं हो इसको ध्यान रखते हुए आज साकची तिनकोनिया, हांडी लाइन, हार्डवेयर लाइन, मोहमंडन लाइन, शीतला मंदिर, टैंक रोड, भुइयांडीह बस स्टैंड, भुइयाडीह लकड़ी टाल, लिट्टी चौक, एग्रिको सिग्नल, सिदगोड़ा बाजार, बारीडीह चौक, बारीडीह पेट्रोल पंप, काली मंदिर टिंपलेट, डी वी सी मोड़, ट्यूब डिवीजन, बर्मामाइंस, आर डी टाटा, गोलमुरी केरला पब्लिक स्कूल तक
तक 500 से ज्यादा बैनर पोस्टर हटाया गया । इसके साथ ही बारीडीह में अतिक्रमण कर बनाए गए बांस बल्ली के संरचनाओं को भी हटाया गया । डी वी सी मोड़ के पास फल एवं सब्जी वालो के द्वारा अतिक्रमण करते हुए मुख्य सड़क पर दुकान सजाने से रास्ते पर जाम होने एवं दुर्घटनाएं होने की संभावनाएं को देखते हुए पीछे हट कर दुकान लगाने का निर्देश दिया गया इस संदर्भ में बर्मामाइंस थाना को भी स्थल से सूचना देते हुए कार्यवाई करने हेतु आग्रह किया गया । अवैध बैनर पोस्टर एवं अतिक्रमण हटाने का अभियान प्रातः 8:00 से 12:00 बजे तक नगर प्रबंधक रवि भारती के नेतृत्व में क्षेत्रीय कर्मी कृष्णा राम , प्रकाश भगत गणेश राम के साथ उड़न दस्ता दल जवान शामिल रहे।

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भोजपुरी एक्ट्रेस आकांक्षा दुबे ने सुसाइड,बनारस के होटल में मिला शव

भोजपुरी इंडस्ट्री से एक बेहद बुरी खबर सामने आई है। भोजपुरी एक्ट्रेस आकांक्षा दुबे ने सुसाइड कर लिया है। इस बात पर किसी को भी विश्वास नहीं हो रहा है। आकांक्षा दुबे का नाम भोजपुरी इंडस्ट्री की खूबसूरत व टैलेंटिड एक्ट्रेसेस में शुमार था। ऐसे में उनके सुसाइड करने की खबर पर विश्वास करना वाकई मुश्किल है। हालांकि इसके पीछे कि क्या वजह रही इस बारे में कुछ भी कहना काफी मुश्किल है।

सोशल मीडिया क्वीन थीं आकांक्षा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आकांक्षा ने वाराणसी के एक होटल में फांसी लगा ली। जानकारी के मुताबिक बनारस के सारनाथ में स्थित शैलेंद्र होटल में एक्ट्रेस ने फांसी लगाई है। हालांकि इस बारे में भी तक आधिकारिक तौर पर कोई खबर सामने नहीं आई है। आकांक्षा दुबे सोशल मीडिया पर खूब एक्टिव रहती थीं और अक्सर अपने फोटोज और वीडियोज शेयर करती थीं। आकांक्षा दुबे के इंस्टाग्राम पोस्ट्स पर फैन्स प्यार लुटाते थे। आकांक्षा दुबे के इंस्टाग्राम पर 1.7 मिलियन फॉलोअर्स हैं। वहीं आकांक्षा दुबे का आखिरी पोस्ट भी करीब 15 घंटे पुराना है करीब, जिस में वो डांस करते नजर आ रही हैं। देखें पोस्ट…

उत्तर प्रदेश की थीं आकांक्षा दुबे…
inhindibio की एक रिपोर्ट के मुताबिक आकांक्षा का जन्म, मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश) में हुआ था। आकांक्षा का मन हमेशा से ही ग्लैमर वर्ल्ड की ओर लगता था और ऐसे में उन्होंने टिक टॉक के टाइम से ही वीडियोज बनाना शुरू कर दिए थे। मॉडलिंग के बाद आकांक्षा ने बतौर एक्ट्रेस अपनी किस्मत आजमाई और धीरे धीरे सफलता की सीढ़ी चढ़ती गईं। आकांक्षा दुबे के कई गानों और फिल्मों को दर्शकों ने काफी पसंद किया जिन में तू जवान हम लैका, काशी हिले पटना हिले, नमरिया कमरिया में घोस देब, बहुरिया, मेरा जंग मेरा फैसला, मुझसे शादी करोगी, वीरो की वीर, फाइटर किंग आदि शामिल हैं। आकांक्षा का कई बार नाम भोजपुरी सिंगर समर सिंह के साथ जुड़ा था।

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भारतीय जोड़ी ने चीन के टैंग क्वियान और रेन यू जियांग की जोड़ी को मात

भारत के सात्विकसाईराज रंकिरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी ने स्विस ओपन में पुरुष युगल का खिताब जीत लिया है। फाइनल में भारतीय जोड़ी ने चीन के टैंग क्वियान और रेन यू जियांग की जोड़ी को मात दी।

सात्विक और चिराग ने जीनी जोड़ी को सीधे सेटों में 21-19 और 24-22 से मात दी। स्विस ओपन सुपर सीरीज 300 बैडमिंटन टूर्नामेंट में पुरुष युगल के खिताबी मुकाबले में भारतीय जोड़ी शुरुआत से ही शानदार लय में थी। सात्विक-चिराग ने पहला गेम 21-19 के करीबी अंतर से अपने नाम किया, लेकिन दूसरे गेम में दोनों जोड़ियों के बीच कांटे की टक्कर हुई। हालांकि, भारतीय जोड़ी ने अंत में 24-22 के अंतर से गेम जीता और खिताब भी अपने नाम कर लिया।

इस टूर्नामेंट में सात्विक और चिराग ने हर मैच में पूरी मेहनत के बाद जीत हासिल की है। इससे पहले भारतीय जोड़ी ने जेपे बे और लेसे मोल्हेडे की डेनमार्क की जोड़ी को 54 मिनट तक चले मुकाबले में 15-21, 21-11, 21-14 से हराया था। वहीं, क्वार्टर फाइनल में भी सात्विक-चिराग ने 84 मिनट तक कड़ा मुकाबला खेला था।

इस टूर्नामेंट में भारत के बाकी खिलाड़ी पहले ही बाहर हो गए थे। महिला एकल में पीवी सिंधू और पुरुष एकल में एच एस प्रणय, लक्ष्य सेन, किदांबी श्रीकांत, मिथुन मंजूनाथ अपने-अपने मुकाबले हारकर बाहर हो गए थे। ऐसे में यह जोड़ी ही भारत की तरफ से एकमात्र चुनौती पेश कर रही थी और इन दोनों ने चैंपियन बनने के बाद ही राहत की सांस ली है।

भारतीयय जोड़ी के लिए यह सत्र का पहला खिताब था। इस जीत के साथ ही सात्विक और चिराग ने पिछले हफ्ते ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप में मिली हार को भुलाया, जहां वे दूसरे दौर में बाहर हो गए थे। कुल मिलाकर, यह भारतीय जोड़ी के लिए करियर का पांचवां वर्ल्ड टूर खिताब था, जिसने पिछले साल इंडिया ओपन और फ्रेंच ओपन जीता था, इसके अलावा 2019 में थाईलैंड ओपन और 2018 में हैदराबाद ओपन में जीत हासिल की थी। सात्विक और चिराग ने 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल भी जीता था।

भारत की शीर्ष पुरुष युगल बैडमिंटन जोड़ी इससे पहले ओंग यू सिन और टियो ई यी की मलेशियाई जोड़ी को हराकर टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची थी। दुनिया की छठे नंबर की भारतीय पुरुष युगल जोड़ी ने बेहद रोमांचक सेमीफाइनल मैच में दुनिया की आठवें नंबर की जोड़ी को 21-19, 17-21, 21-17 से हराया था।

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गोल्डेन बेबी लीग 2023 के 5वे सप्ताह में 115 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा

जमशेदपुर गोल्डन बेबी लीग 2023 में जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के तीरंदाजी मैदान में आयोजित टूर्नामेंट के पांचवें सप्ताह में कुल 115 खिलाड़ियों ने भाग लिया। यह अब तक की सबसे बड़ी उपस्थिति रही। इस लीग की शुरूआत के बाद यह सबसे व्यस्त दिन था। जमीनी स्तर के कार्यक्रम के लिए पहले कुछ हफ्तों के सफल होने के बाद टूर्नामेंट के लिए अधिक टीमों के पंजीकरण हुए, जिसकी वजह से मैचों की संख्या में वृद्धि हुई है । जमशेदपुर पब्लिक स्कूल (जेपीएस) भी पिछले हफ्ते गोल्डन बेबी लीग में लोयोला स्कूल और कार्मेल स्कूल जैसे अन्य सहयोगी स्कूलों के साथ शामिल हुआ था । झारखंड फुटबॉल एसोसिएशन (जेएफए) और झारखंड स्पोर्टिंग एसोसिएशन (जेएसए) के साथ मिलकर जमशेदपुर एफसी ने जमशेदपुर गोल्डन बेबी लीग 2023 के दूसरे संस्करण में शहर भर के बच्चों को अंडर 5,7,9,11 और अंडर-13 श्रेणियों में विभाजित किया।5वें सप्ताह में अंडर13 श्रेणी में सबसे अधिक संख्या देखी गई, जिसमें 36 छात्रों ने इस आयु वर्ग में दो अलग-अलग मैचों में भाग लिया। रविवार की गर्म सुबह में एक्शन की शुरुआत पहले से कहीं अधिक उत्साह के साथ

हुई, जहां बच्चों के माता-पिता भी मौजूद थे, जो बच्चों का समर्थन करने के लिए बड़ी संख्या में आए थे।10 महीने तक चलने वाला यह टूर्नामेंट हर रविवार सुबह जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के आर्चरी ग्राउंड में आयोजित किया जाता है, ताकि विकास को बढ़ावा दिया जा सके।

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