जमशेदपुर: लौहनगरी से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ 11 वर्षीय अंकुश कालिंदी नदी के गहरे पानी में डूब गया। इस हादसे के 9 घंटे बीत जाने के बाद भी बचाव कार्य (Rescue Operation) शुरू नहीं हो पाने के कारण प्रशासन के प्रति स्थानीय लोगों और परिजनों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।






लापरवाही के गंभीर आरोप
पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों पर सुस्ती का आरोप लगाते हुए कहा कि घटना की जानकारी तुरंत दिए जाने के बावजूद घंटों तक कोई मदद नहीं पहुँची। परिजनों का कहना है:
“अगर प्रशासन ने समय रहते तत्परता दिखाई होती और गोताखोरों की टीम भेजी होती, तो शायद अंकुश की जान बचाई जा सकती थी। अधिकारियों की अनदेखी ने हमारी उम्मीदें तोड़ दी हैं।”
सुरक्षा इंतज़ामों पर उठे सवाल






यह घटना केवल एक हादसा नहीं, बल्कि शहर में आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर भी एक बड़ा सवालिया निशान है।
- देरी का कारण: सूचना मिलने के बावजूद रेस्क्यू टीम का मौके पर न पहुँचना चर्चा का विषय बना हुआ है।
- तैयारियों की कमी: नदी तटीय क्षेत्रों में सुरक्षा घेरा या चेतावनी बोर्ड न होना भी हादसों को दावत दे रहा है।
प्रशासन का आश्वासन
काफी देर बाद हरकत में आए पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों ने अब आश्वासन दिया है कि रेस्क्यू टीम पूरी सक्रियता के साथ अंकुश की तलाश करेगी। प्रशासन ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम करने का दावा भी किया है।






समुदाय से अपील
अंकुश के परिवार ने इस कठिन घड़ी में समाज से समर्थन की अपील की है। वहीं, स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि नदी किनारे सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए जाएं ताकि फिर किसी और घर का चिराग न बुझे।










