नई दिल्ली | 1 फरवरी, 2026
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने लगातार 9वें बजट में ‘सस्ते और महंगे’ की नई सूची जारी कर दी है। एक तरफ जहां वैश्विक अनिश्चितता और अमेरिकी टैरिफ की चुनौतियां हैं, वहीं दूसरी तरफ सरकार ने घरेलू मैन्युफैक्चरिंग और आम आदमी की बुनियादी जरूरतों को बड़ी राहत दी है।

🏥 सेहत को राहत: कैंसर और शुगर की दवाएं सस्ती
इस बजट का सबसे मानवीय पहलू स्वास्थ्य क्षेत्र में देखने को मिला है। सरकार ने कैंसर की 17 जीवन रक्षक दवाओं पर सीमा शुल्क (Customs Duty) घटा दिया है, जिससे इलाज का खर्च काफी कम हो जाएगा। इसके साथ ही शुगर (Diabetes) की दवाएं भी अब कम कीमत पर उपलब्ध होंगी।
🍳 गैजेट्स और लाइफस्टाइल: क्या सस्ता हुआ?
- रसोई और इलेक्ट्रॉनिक्स: माइक्रोवेव ओवन खरीदना अब सस्ता होगा।
- पहनावा: चमड़े के जूते और कपड़ों के निर्यात पर छूट के चलते इनकी कीमतों में गिरावट आएगी।
- भविष्य की तकनीक: EV बैटरी और सोलर एनर्जी से जुड़े उपकरणों के दाम कम किए गए हैं, जिससे इलेक्ट्रिक गाड़ियाँ और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा मिलेगा।
- हवाई सफर: एयरक्राफ्ट निर्माण से जुड़ी चीजें सस्ती होने से विमानन क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।
📉 क्या सस्ता, क्या महंगा? (Quick List)
| ✅ अब सस्ता (Sasta) | ❌ अब महंगा (Mehenga) |
|---|---|
| कैंसर की 17 दवाएं | शराब (Liquor) |
| माइक्रोवेव ओवन | मिनरल्स (Minerals) |
| जूते और कपड़े | स्क्रैप (Scrap) |
| EV बैटरी और सोलर उपकरण | कुछ आयातित धातुएं |
| बायोगैस मिक्स्ड CNG |
🌍 ग्लोबल मार्केट और ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य
वित्त मंत्री ने साफ किया कि यह बजट ‘विकसित भारत 2047’ की दिशा में एक बड़ा कदम है। बायोगैस मिक्स्ड CNG और सोलर एनर्जी पर जोर देकर भारत अपनी ‘नेट जीरो’ प्रतिबद्धता की ओर बढ़ रहा है। वहीं, चमड़े और कपड़े के निर्यात को बढ़ावा देने से वैश्विक बाजार में भारतीय उत्पादों की पैठ बढ़ेगी।
🎤 विशेषज्ञों की राय
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि दवाओं और रोजमर्रा के इलेक्ट्रॉनिक्स को सस्ता करना एक संतुलित कदम है। इससे न केवल उपभोग (Consumption) बढ़ेगा, बल्कि मध्यम वर्ग को महंगाई के मोर्चे पर बड़ी राहत मिलेगी।










