तेहरान/दुबई: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष अब अपने चौथे दिन में प्रवेश कर चुका है और यह आधुनिक इतिहास के सबसे भयावह मानवीय संकट में बदल गया है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच सीधी जंग में अब तक 787 लोगों की जान जा चुकी है। इस संघर्ष ने तब सबसे भीषण मोड़ लिया जब ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की उनके परिवार सहित हत्या कर दी गई।

ईरान का ‘ऑपरेशन प्रतिशोध’: अमेरिकी ठिकानों पर प्रहार
खामेनेई की हत्या के बाद ईरान ने भीषण जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है।
- सैन्य ठिकानों पर हमला: बहरीन, इराक, कुवैत और यूएई में स्थित कम से कम 6 अमेरिकी सैन्य ठिकानों को मिसाइलों और सुसाइड ड्रोनों से निशाना बनाया गया है।
- रियाद में दूतावास पर हमला: मंगलवार सुबह सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर भी हमला हुआ। हालांकि, यहाँ किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन सैटेलाइट तस्वीरों में ठिकानों को भारी नुकसान पहुँचते देखा जा सकता है।
दुबई और अबू धाबी में गिरी मिसाइलें; एयरस्पेस बंद
जंग की आग अब शांत माने जाने वाले खाड़ी देशों (Gulf Countries) तक पहुँच गई है। दुबई और अबू धाबी जैसे आधुनिक शहरों में मिसाइलों के मलबे गिरने से नागरिकों की मौत हुई है। सुरक्षा के मद्देनजर यूएई सहित कई देशों ने अपना हवाई क्षेत्र (Airspace) बंद कर दिया है, जिससे वैश्विक विमानन सेवाएं ठप हो गई हैं और लाखों यात्री फंसे हुए हैं।
दुनिया की ‘लाइफलाइन’ पर नाकेबंदी: तेल संकट गहराया
ईरान ने रणनीतिक रूप से दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह बंद कर दिया है।
तेहरान की चेतावनी: “इस मार्ग से गुजरने वाले किसी भी जहाज को निशाना बनाकर नष्ट कर दिया जाएगा।”
इस नाकेबंदी से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में हड़कंप मच गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मार्ग बंद रहा, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था चरमरा जाएगी और ईंधन की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच जाएँगी।
मिनाब में मातम: 165 मासूमों को दी गई अंतिम विदाई
शनिवार को मिनाब शहर के एक बालिका विद्यालय पर हुए हमले ने मानवता को शर्मसार कर दिया है। इस हमले में मारी गईं 165 छात्राओं और स्टाफ का मंगलवार को सामूहिक अंतिम संस्कार किया गया। हजारों की भीड़ के बीच गम और गुस्से का माहौल था। ईरान ने इस ‘कत्लेआम’ के लिए सीधे तौर पर अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है।
तीसरी धारा न्यूज विश्लेषण: क्या विश्व युद्ध की आहट है?
अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र लगातार युद्धविराम की अपील कर रहे हैं, लेकिन दोनों पक्षों के तेवर नरम नहीं पड़ रहे। कूटनीतिक रास्ते बंद होते दिख रहे हैं और तनाव का स्तर यह संकेत दे रहा है कि यदि तुरंत हस्तक्षेप नहीं हुआ, तो यह एक विनाशकारी क्षेत्रीय युद्ध में तब्दील हो जाएगा।
तीसरी धारा न्यूज की अपील: खाड़ी देशों में रह रहे भारतीय नागरिक दूतावास के निर्देशों का पालन करें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।











