लखनऊ | ब्यूरो रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का दूसरा दिन मंगलवार को शोक और अनुशासन के नाम रहा। सदन ने अपने दो वरिष्ठ सदस्यों, फरीदपुर (बरेली) के विधायक प्रो. श्याम बिहारी लाल और दुद्धी (सोनभद्र) के विधायक विजय सिंह के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित सत्ता पक्ष और विपक्ष के तमाम नेताओं ने दोनों दिवंगतों के योगदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया।

श्रद्धांजलि: ‘जमीन से जुड़े’ और ‘जनजातीय समाज की आवाज’ का विदाई
सदन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक प्रस्ताव रखा और दोनों नेताओं के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला:
- प्रो. श्याम बिहारी लाल: 2 जनवरी को इनका निधन हुआ। फरीदपुर से दो बार विधायक रहे प्रो. श्याम को मुख्यमंत्री ने एक मिलनसार और शिक्षित नेता बताया।
- विजय सिंह: 8 जनवरी को इनका निधन हुआ। 8 बार विधायक और पूर्व मंत्री रहे विजय सिंह को जनजातीय समाज की सबसे प्रखर आवाज माना जाता था। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने उनकी सादगी का जिक्र करते हुए कहा कि वे राजनीतिक चमक-दमक से हमेशा दूर रहे।
सदन में मोबाइल बजा, तो अध्यक्ष ने दिखाया कड़ा रुख
श्रद्धांजलि सभा के दौरान सदन में उस वक्त असहज स्थिति पैदा हो गई जब फतेहपुर सीकरी से भाजपा विधायक चौधरी बाबूलाल का मोबाइल फोन बज उठा।
- तत्काल कार्रवाई: विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना ने इस अनुशासनहीनता पर सख्त नाराजगी जताई और तत्काल सुरक्षाकर्मियों को भेजकर विधायक का मोबाइल जब्त करा लिया।
- माफी के बाद वापसी: सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद, जब विधायक ने अपनी गलती के लिए माफी मांगी, तब जाकर अध्यक्ष ने उनका फोन वापस किया।
विपक्ष और अन्य दलों ने जताया शोक
रालोद के राजपाल बालियान, सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर, कांग्रेस की आराधना मिश्रा ‘मोना’ और जनसत्ता दल के विनोद सरोज सहित सभी दलों ने दोनों नेताओं को अविस्मरणीय बताया। विधान सभा अध्यक्ष ने घोषणा की कि पूरा सदन इन परिवारों के साथ खड़ा है। शोक प्रकट करने के बाद सदन की कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।











