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विक्रम शर्मा हत्याकांड: दुमका जेल में रची गई थी ‘गुरु’ के अंत की साजिश, अखिलेश सिंह के गुर्गों पर कसता शिकंजा

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देहरादून/जमशेदपुर: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में हुए सनसनीखेज विक्रम शर्मा हत्याकांड की जांच अब सीधे झारखंड की दुमका जेल तक जा पहुंची है। दून पुलिस की जांच में यह साफ हो गया है कि इस पूरे हत्याकांड का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि विक्रम शर्मा का ही ‘शागिर्द’ रहा कुख्यात गैंगस्टर अखिलेश सिंह है।

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वर्चस्व और रुपयों के विवाद में ‘गुरु’ की हत्या

​पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अखिलेश सिंह और विक्रम शर्मा के बीच वर्चस्व और रंगदारी के पैसों के बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। कभी अखिलेश के मार्गदर्शक रहे विक्रम शर्मा ने हाल के वर्षों में देहरादून में अपना बड़ा रियल एस्टेट और खनन कारोबार फैला लिया था। अखिलेश को शक था कि विक्रम उसकी गैर-मौजूदगी में गैंग के वित्तीय संसाधनों पर कब्ज़ा कर रहा है।

जांच में हुए चौंकाने वाले खुलासे

  • स्थानीय मददगारों की पहचान: पुलिस ने उन संदिग्धों की पहचान कर ली है जिन्होंने शूटर्स को देहरादून में पनाह दी, हथियार मुहैया कराए और जिम के आसपास की रेकी की।
  • दुमका जेल कनेक्शन: जांच में मिले सुराग बताते हैं कि हत्या की पूरी पटकथा दुमका जेल की सलाखों के पीछे लिखी गई। शूटर्स को झारखंड से विशेष रूप से इस काम के लिए भेजा गया था।
  • फरार शूटर्स की तलाश: हालांकि साजिशकर्ता पुलिस की रडार पर हैं, लेकिन मुख्य शूटर अब भी फरार हैं। पुलिस और एसटीएफ (STF) की तीन टीमें झारखंड से लेकर नेपाल सीमा तक उनकी तलाश में छापेमारी कर रही हैं।

रेकी के बाद मारी गई थी गोली

​हमलावरों को विक्रम शर्मा की दिनचर्या की पूरी जानकारी थी। वारदात के दिन, जब विक्रम जिम से बाहर निकल रहे थे, तभी घात लगाए हमलावरों ने उन पर करीब से गोलियां चलाईं। पुलिस को मौके से 9mm पिस्टल के खोखे मिले थे, जो पेशेवर अपराधियों की संलिप्तता की ओर इशारा करते हैं।

पुलिस का बयान: “जांच के दौरान अखिलेश सिंह की भूमिका मुख्य सूत्रधार के रूप में उभरी है। हम जल्द ही कुछ बड़ी गिरफ्तारियां करेंगे और इस साजिश का आधिकारिक खुलासा करेंगे।” – आधिकारिक सूत्र, देहरादून पुलिस

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