वॉशिंगटन/यरूशलेम: मध्य पूर्व में जारी ईरान-इजराइल भीषण युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा बयान देकर पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि ईरान के साथ जारी इस जंग के भविष्य का फैसला पूरी तरह से वाशिंगटन और यरूशलेम के हाथों में है।

🛡️ “अगर हम न होते तो इजराइल का अस्तित्व मिट जाता”
इजराइली मीडिया एजेंसी से फोन पर हुई बातचीत के दौरान ट्रंप ने दावा किया कि अगर वह और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू साथ नहीं होते, तो ‘इस्लामिक रिपब्लिक’ (ईरान) अब तक इजराइल को पूरी तरह खत्म कर चुका होता। ट्रंप ने कहा, “ईरान इजराइल और उसके आस-पास की हर चीज को तबाह करने की योजना बना चुका था, लेकिन हमने मिलकर उसे करारा जवाब दिया है।”
⏳ युद्धविराम पर ट्रंप की रणनीति
ईरान के साथ युद्ध कब समाप्त होगा? इस सवाल पर ट्रंप का रुख बेहद सख्त और रणनीतिक दिखा:
- अंतिम फैसला: ट्रंप ने कहा कि युद्ध खत्म करने का निर्णय वह सही समय पर लेंगे और इसमें पीएम नेतन्याहू की राय सर्वोपरि होगी।
- व्हाइट हाउस का संकेत: हालांकि ट्रंप ने कोई तारीख नहीं बताई, लेकिन व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लीविट ने संकेत दिया है कि यह जंग अगले 4 से 6 सप्ताह तक खिंच सकती है।
- इजराइल का रुख: ट्रंप ने यह भी विश्वास जताया कि अमेरिका द्वारा हमला रोकने के बाद इजराइल को अकेले जंग जारी रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
⚠️ ईरान के नए नेतृत्व को सीधी चेतावनी
ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोज्तबा खामेनेई से जुड़े सवाल पर ट्रंप ने रहस्यमयी रुख अपनाते हुए कहा, “हम देखेंगे कि आगे क्या होता है।” हालांकि, उन्होंने यह साफ कर दिया कि यदि ईरान के अगले नेता को व्हाइट हाउस की मंजूरी नहीं मिलती है, तो वह ज्यादा समय तक सत्ता में नहीं टिक पाएंगे।
💥 “ईरान अब विनाश की तरफ”
ट्रंप ने नेतन्याहू के साथ अपने पुराने और मजबूत रिश्तों का हवाला देते हुए कहा कि हमने मिलकर ईरान पर हमला इसलिए किया क्योंकि वह इजराइल को मिटाना चाहता था। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान को सरेंडर करने के कई मौके दिए गए, लेकिन उसने मौका गंवा दिया। अब ईरान विनाश की ओर बढ़ रहा है और जवाबी हमले और तेज किए जाएंगे।
प्रस्तुति: तीसरी धारा न्यूज डेस्क











