संवैधानिक संस्थाओं पर हमले बर्दाश्त नहीं: संबित पात्रा का राहुल गांधी पर प्रहार; बोले- “जनता ने जिन्हें ‘इम्पीच’ किया, वो दुनिया को ‘इम्पीच’ करने निकले हैं”
नई दिल्ली | ब्यूरो रिपोर्ट
संसद के भीतर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव और संवैधानिक पदों पर महाभियोग की चर्चाओं के बीच भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर तीखा हमला बोला है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद डॉ. संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी और कांग्रेस की राजनीति को देश के लिए ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ करार दिया।

“राहुल गांधी को राजनीति से बाहर करने का समय”
संबित पात्रा ने विपक्ष के व्यवहार को ‘नया फैशन’ बताते हुए कहा कि जिन लोगों को जनता ने चुनावों में नकार (इम्पीच) दिया है, वे अब देश की हर संवैधानिक संस्था पर सवाल उठा रहे हैं।
- विदेशी हाथ का आरोप: पात्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अमेरिकी उद्यमी जॉर्ज सोरोस के एजेंडे पर चलकर भारतीय लोकतंत्र को अस्थिर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि अब समय आ गया है जब राहुल गांधी और कांग्रेस को राजनीति से बाहर का रास्ता दिखा देना चाहिए।
पीएम की कुर्सी का अपमान और सुरक्षा पर चिंता
संसद में हुए हालिया घटनाक्रम का जिक्र करते हुए पात्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री की कुर्सी किसी व्यक्ति या पार्टी की नहीं, बल्कि लोकतंत्र के मंदिर की गरिमा का प्रतीक है।
- घेराबंदी का आरोप: उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के इशारे पर कांग्रेस की महिला सांसदों ने जिस तरह प्रधानमंत्री की कुर्सी की घेराबंदी की, वह न केवल अशोभनीय है बल्कि उनकी सुरक्षा के प्रति एक संकीर्ण मानसिकता को भी दर्शाता है।
महाभियोग की राजनीति पर तंज
लोकसभा अध्यक्ष और चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष के कड़े रुख पर डॉ. पात्रा ने पुरानी घटनाओं को याद दिलाया:
- न्यायपालिका पर हमला: उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले भी मुख्य न्यायाधीश (CJI) के खिलाफ महाभियोग लाने की कोशिश कर चुकी है।
- संस्थाओं को अस्थिर करना: पात्रा के अनुसार, कांग्रेस की नीति है कि जो भी संस्था उनके खिलाफ निर्णय दे, उसके प्रमुख पर महाभियोग या अविश्वास प्रस्ताव का दबाव बनाया जाए।
ममता बनर्जी को सुप्रीम कोर्ट का जवाब
सांसद पात्रा ने बंगाल में एसआइआर (SIR) मामले का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी घेरा। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने ममता बनर्जी के ‘झूठे नैरेटिव’ को खारिज कर दिया है।
- कोर्ट के निर्देश: कोर्ट ने बंगाल डीजीपी को कारण बताओ नोटिस जारी करने और 8505 अधिकारियों की तैनाती के निर्देश दिए हैं। पात्रा ने चुनौती दी कि अब ममता बनर्जी को इन तथ्यों पर जवाब देना चाहिए।












