रायबरेली/प्रयागराज | तीसरी धारा न्यूज़ डेस्क गोरखपुर से प्रयागराज के बीच चलने वाली हाई-स्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस (22549-50) की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर रेलवे प्रशासन ने अब तक का सबसे कड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत की यात्रा के दौरान हुए पथराव की घटना ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। अब इस ट्रेन की सुरक्षा ‘डिजिटल निगरानी’ और ‘ग्राउंड फोर्स’ के अनूठे मेल से की जाएगी।

हर किलोमीटर पर जवान, सेल्फी से होगी हाजिरी
नई व्यवस्था के अनुसार, रायबरेली खंड से गुजरते समय अब पटरी के किनारे प्रत्येक एक किलोमीटर पर एक सुरक्षा जवान की तैनाती रहेगी। इस जवान की निगरानी सीमा ढाई किलोमीटर तक मानी जाएगी।
मुख्य बातें:
- रियल-टाइम मॉनिटरिंग: ड्यूटी पर तैनात जवान को ट्रेन गुजरते समय अपनी सेल्फी/फोटो खींचकर अधिकारियों के व्हाट्सएप ग्रुप में डालनी होगी। इससे उनकी लोकेशन और मौजूदगी की तुरंत पुष्टि हो सकेगी।
- संवेदनशील इलाकों पर नजर: पुलों, आउटर क्षेत्रों और उन जगहों पर अतिरिक्त फोर्स लगाई गई है जहाँ पहले पथराव की घटनाएं हो चुकी हैं।
- CCTV का सुरक्षा चक्र: जीआरपी थानाध्यक्ष सचिन कुमार के अनुसार, कुछ संवेदनशील पॉइंट्स पर जल्द ही CCTV कैमरे भी स्थापित किए जाएंगे।
क्यों पड़ी इस सख्त कदम की जरूरत?
बता दें कि महज 24 घंटे पहले जब संघ प्रमुख इस ट्रेन से यात्रा कर रहे थे, तब उपद्रवियों ने ट्रेन पर पथराव कर दिया था। इस हाई-प्रोफाइल सुरक्षा चूक के बाद आरपीएफ (RPF) और जीआरपी (GRP) को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। एसपी रोहित मिश्र के निर्देश पर शुक्रवार से ही यह ‘सेल्फी नियम’ लागू कर दिया गया है।
फोर्स की कमी को दूर करने की तैयारी
जीआरपी थानाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि हर किलोमीटर पर जवान तैनात करने के लिए अतिरिक्त मैनपावर की जरूरत होगी, जिसकी मांग उच्चाधिकारियों से की गई है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश की सबसे आधुनिक ट्रेन पर भविष्य में ऐसी कोई अप्रिय घटना न हो।
तीसरी धारा न्यूज़ अपडेट: इस फैसले के बाद वंदे भारत के यात्रियों ने राहत की सांस ली है। सुरक्षा के इस ‘कवच’ से न केवल पथराव रुकेगा, बल्कि शरारती तत्वों में भी खौफ पैदा होगा।
[तीसरी धारा न्यूज़ – देश और रेलवे की सुरक्षा पर हमारी पैनी नजर]











