नई दिल्ली/जमशेदपुर: देश के करोड़ों रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खबर है। पिछले कुछ दिनों से देशभर में एलपीजी (LPG) सिलेंडर की बुकिंग और सप्लाई को लेकर भारी अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। आलम यह है कि लोग गैस एजेंसियों के गोदामों के बाहर लंबी कतारों में लगने को मजबूर हैं।

क्यों ठप पड़ा है बुकिंग सिस्टम?
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) के लोकप्रिय ब्रांड इंडेन के उपभोक्ताओं को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के मुताबिक, अचानक कॉल ट्रैफिक बढ़ने की वजह से रिफिल बुकिंग सिस्टम पूरी तरह क्रैश हो गया है। सामान्य दिनों के मुकाबले बुकिंग के लिए आने वाली कॉल्स की संख्या 8 से 10 गुना तक बढ़ गई है, जिससे सिस्टम बार-बार रिस्पॉन्स देना बंद कर रहा है।
सप्लाई में 50% की भारी कमी
संकट सिर्फ बुकिंग तक सीमित नहीं है। जमीनी स्तर पर पड़ताल करने पर पता चला है कि मांग में जहाँ 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, वहीं पीछे से होने वाली सप्लाई में 50 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। वेंडर इनवॉइस मैनेजमेंट सिस्टम ठप होने के कारण होम डिलीवरी में भारी देरी हो रही है, जिससे लोग खुद सिलेंडर ढोने को मजबूर हैं।
सरकार और कंपनी के कदम
तीसरी धारा न्यूज़ को मिली जानकारी के अनुसार, इस संकट से निपटने के लिए इंडेन ने अपने सिस्टम की क्षमता बढ़ाना शुरू कर दिया है। बुकिंग प्रक्रिया को तेज करने के लिए IVRS (फोन पर मिलने वाले निर्देश) की अवधि कम कर दी गई है।
बुकिंग से पहले ध्यान दें: 25 दिन का नया नियम
सरकार ने घरेलू सिलेंडर की रिफिल बुकिंग का वेटिंग पीरियड अब 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया है। तकनीकी पाबंदी न होने के कारण लाखों उपभोक्ता 25 दिन पूरे होने से पहले ही कॉल कर रहे हैं, जिससे सर्वर पर बोझ और बढ़ गया है।
सावधानी की अपील: उपभोक्ता कृपया अपनी पिछली बुकिंग के 25 दिन पूरे होने के बाद ही दोबारा प्रयास करें, ताकि सिस्टम पर दबाव कम हो सके और जरूरतमंदों को समय पर गैस मिल सके।











