झारखंड के लाल चूमने चले आसमान: ‘होमलेस वर्ल्ड कप’ के सपने के साथ गोवा रवाना हुई फुटबॉल टीम

चक्रधरपुर/पश्चिमी सिंहभूम | ब्यूरो रिपोर्ट
झारखंड के दुर्गम जंगलों और सुदूर गांवों से निकले पैरों में अब अंतरराष्ट्रीय मैदानों को नापने का हौसला दिख रहा है। गोवा में आयोजित होने वाले 22वें नेशनल इंक्लूजन कप फुटबॉल टूर्नामेंट में शिरकत करने के लिए झारखंड की बालक और बालिका टीमें चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन से रवाना हो गई हैं।
दुर्गम राहों से राष्ट्रीय पटल तक का सफर
इस दल में कुल 17 खिलाड़ी शामिल हैं। ये वे युवा हैं जो पश्चिमी सिंहभूम के उन इलाकों से आते हैं जहाँ बुनियादी सुविधाओं का आज भी अभाव है। तांतनगर, टोन्टो, झींकपानी, मझगांव और सदर प्रखंड के इन ‘होमग्रोन’ सितारों ने साबित कर दिया है कि अगर प्रतिभा हो, तो संसाधन मायने नहीं रखते।
मैक्सिको का टिकट पाने का सुनहरा मौका
गोवा के एंजल ग्राउंड में 10 से 12 फरवरी तक चलने वाले इस टूर्नामेंट में देशभर के 18 राज्यों की टीमें भिड़ेंगी। लेकिन असली रोमांच इसके चयन प्रक्रिया में है:
- इस टूर्नामेंट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को वर्ष 2026 में मैक्सिको में आयोजित होने वाले ‘होमलेस वर्ल्ड कप’ के लिए चुना जाएगा।
- झारखंड के ये खिलाड़ी न केवल राज्य बल्कि भविष्य में भारत का प्रतिनिधित्व करने का सपना लेकर मैदान में उतरेंगे।
सरकार और प्रशासन ने थामी बाजू
खिलाड़ियों के इस सफर को मुमकिन बनाने में सरकार ने अहम भूमिका निभाई है:
- मंत्री दीपक बिरूवा: खिलाड़ियों के आने-जाने का पूरा खर्च झारखंड सरकार के मंत्री दीपक बिरूवा ने वहन किया है। उन्होंने अपनी शुभकामनाओं के साथ कहा कि ये खिलाड़ी राज्य का मान बढ़ाएंगे।
- प्रशासनिक सहयोग: रवानगी से पूर्व जिला खेल पदाधिकारी मारकुश हेम्ब्रम ने खिलाड़ियों को खेल की बारीकियों और नई तकनीकों के टिप्स दिए।











