जमशेदपुर/नई दिल्ली: अगर आप रिलायंस जियो, एयरटेल या वीआई (Vi) के यूजर हैं, तो अपनी जेब थोड़ी और ढीली करने के लिए तैयार हो जाइए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश की दिग्गज टेलीकॉम कंपनियां जून-जुलाई 2026 में अपने मोबाइल टैरिफ में 10% से 20% तक की बढ़ोतरी करने की योजना बना रही हैं।
क्यों महंगे हो रहे हैं प्लान्स?
इस टैरिफ हाइक का सबसे बड़ा कारण रिलायंस जियो का आगामी IPO (Initial Public Offering) माना जा रहा है, जो जून 2026 तक संभावित है। मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, कंपनियां अपना ARPU (औसत रेवेन्यू प्रति यूजर) बढ़ाना चाहती हैं ताकि निवेशकों को बेहतर प्रॉफिटेबिलिटी दिखाई जा सके। इसके अलावा, पिछले दो सालों में 5G नेटवर्क विस्तार पर हुए भारी निवेश की भरपाई के लिए भी यह कदम उठाना अनिवार्य हो गया है।
आम यूजर्स पर क्या होगा असर?
विश्लेषकों (Jefferies और Morgan Stanley) का अनुमान है कि औसत 15-20% की इस बढ़ोतरी से यूजर्स का मासिक खर्च ₹50 से ₹100 तक बढ़ सकता है।
- प्रीपेड प्लान्स: वर्तमान में ₹299 वाला पॉपुलर प्लान (1.5GB/दिन) बढ़कर ₹330 से ₹360 के बीच हो सकता है।
- पोस्टपेड प्लान्स: ₹749 और ₹1549 जैसे हाई-एंड और OTT बेनिफिट्स वाले प्लान्स की कीमतों में भी बड़ी उछाल देखी जा सकती है।
- 5G सर्विस: कम कीमत वाले प्लान्स (2GB/दिन से कम) पर ‘अनलिमिटेड 5G’ की सुविधा सीमित की जा सकती है।
प्रमुख कंपनियों के संभावित कदम
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कंपनी |
संभावित हाइक |
मुख्य कारण |
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Reliance Jio |
15-20% |
IPO से पहले ARPU बढ़ाना और सेक्टर वैल्यूएशन बूस्ट करना। |
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Airtel / Vi |
10-18% |
5G इंफ्रास्ट्रक्चर लागत और मार्जिन सुधारना। |
स्मार्ट यूजर्स के लिए सलाह
अभी जियो समेत अन्य कंपनियों के एनुअल प्लान (जैसे ₹3599 वाला प्लान) पुरानी कीमतों पर उपलब्ध हैं। टैरिफ हाइक से बचने के लिए यूजर्स लंबी वैलिडिटी (84 दिन या 365 दिन) वाले रिचार्ज अभी करवाकर पुरानी कीमतों को ‘लॉक’ कर सकते हैं। बजट यूजर्स के लिए BSNL एक सस्ता विकल्प बना हुआ है, हालांकि 5G कवरेज के मामले में निजी कंपनियां अभी काफी आगे हैं।
तीसरी धारा न्यूज डेस्क











