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तीसरी धारा न्यूज: जमशेदपुर के पुस्तक प्रेमियों के लिए खुशखबरी! दिशोम गुरु मेमोरियल लाइब्रेरी में शुरू हुई ‘होम इश्यू’ सुविधा

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जमशेदपुर: शहर के विद्यार्थियों, युवाओं और पुस्तक प्रेमियों के लिए एक शानदार खबर है। साकची स्थित दिशोम गुरु मेमोरियल (DGM) लाइब्रेरी ने पाठकों की सुविधा को देखते हुए अब पुस्तकों को घर ले जाने (Book Issue) की सुविधा आधिकारिक रूप से शुरू कर दी है। इसके साथ ही लाइब्रेरी प्रबंधन ने विभिन्न आयु वर्गों के लिए सदस्यता शुल्क का भी निर्धारण कर दिया है।IMG 20260403 WA0025

शानदार वातावरण और 8 हजार पुस्तकों का संग्रह

​स्ट्रेट माइल रोड (TMH क्लिनिक के समीप) स्थित दिनशाव मेमोरियल म्युनिसिपल भवन में संचालित यह लाइब्रेरी आधुनिक सुविधाओं से लैस है। यहाँ पाठकों के लिए लगभग 8,000 विविध प्रकार की पुस्तकों का विशाल संग्रह उपलब्ध कराया गया है। अध्ययन के लिए शांत और बौद्धिक वातावरण प्रदान करने वाली यह लाइब्रेरी प्रतिदिन सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक खुली रहती है।1002518072

पंजीकरण और सदस्यता शुल्क का विवरण

​लाइब्रेरी का लाभ उठाने के लिए एकमुश्त पंजीकरण शुल्क और सदस्यता शुल्क (मासिक/त्रैमासिक/वार्षिक) निर्धारित किया गया है:

1. एकमुश्त पंजीकरण शुल्क (Registration Fee):

  • 6-16 वर्ष (बच्चे): ₹100
  • 16-25 वर्ष (छात्र): ₹300
  • 25-60 वर्ष (वयस्क): ₹500
  • 60 वर्ष से अधिक (वरिष्ठ नागरिक): ₹100

2. पुस्तक सदस्यता शुल्क (घर ले जाने के लिए):

| श्रेणी | मासिक शुल्क | त्रैमासिक शुल्क | वार्षिक शुल्क |

| बच्चे | ₹50 | ₹120 | ₹550 |

| छात्र | ₹100 | ₹270 | ₹1,100 |

| वयस्क | ₹150 | ₹420 | ₹1,700 |

| वरिष्ठ नागरिक | ₹120 | ₹330 | ₹1,300 |

विशेष छूट: सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देते हुए दिव्यांगजनों के लिए सदस्यता शुल्क को पूरी तरह निःशुल्क रखा गया है।

 

कैसे लें सदस्यता?

​इच्छुक नागरिक और छात्र लाइब्रेरी में लगे QR कोड को स्कैन कर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा, आप अपना पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र और पासपोर्ट आकार के फोटो के साथ सीधे लाइब्रेरी पहुँचकर भी अपना पंजीकरण करा सकते हैं।

उपायुक्त का संदेश: ज्ञान केंद्र के रूप में उभरेगी लाइब्रेरी

पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस लाइब्रेरी से शहर में अध्ययन और बौद्धिक गतिविधियों को नया आयाम मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि पुस्तकों को घर ले जाने की सुविधा से पठन-संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और यह विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण ज्ञान केंद्र साबित होगी।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज डेस्क

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