रविवार, 8 फरवरी को लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में ICC और PCB चीफ मोहसिन नकवी के बीच करीब चार घंटे तक मैराथन बैठक चली। इस बैठक में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम भी शामिल थे। पाकिस्तान ने साफ किया है कि वह भारत के खिलाफ मैच खेलने को तभी तैयार होगा, जब उसकी तीन मांगें मानी जाएंगी।

पाकिस्तान की 3 ‘विवादास्पद’ शर्तें
| शर्त नंबर | PCB की मांग | प्रभाव/चुनौती |
|---|---|---|
| 1 | ICC रेवेन्यू में बड़ा हिस्सा | पाकिस्तान चाहता है कि उसे ICC की कमाई से मिलने वाले सालाना हिस्से (करीब $38 मिलियन) में बढ़ोतरी की जाए। |
| 2 | द्विपक्षीय सीरीज की बहाली | पाकिस्तान की सबसे बड़ी मांग है कि भारत के साथ रुकी हुई द्विपक्षीय सीरीज (Bilateral Series) फिर से शुरू हो। |
| 3 | हैंडशेक प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन | PCB चाहता है कि एशिया कप 2025 में ‘नो-हैंडशेक’ विवाद जैसी स्थिति न बने और भारतीय खिलाड़ी अनिवार्य रूप से पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ मिलाएं। |
क्यों फंसा है पेंच? (भारत का रुख)
पाकिस्तान की दूसरी शर्त यानी द्विपक्षीय सीरीज की बहाली पर भारत का सहमत होना लगभग नामुमकिन है।
- राजनीतिक तनाव: भारत और पाकिस्तान के बीच 2012 के बाद से कोई द्विपक्षीय सीरीज नहीं हुई है।
- BCCI का स्टैंड: BCCI उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने स्पष्ट किया है कि भारत सरकार की अनुमति के बिना पाकिस्तान के साथ खेलना संभव नहीं है। भारत ने सुरक्षा और सीमा पार आतंकवाद का हवाला देते हुए पाकिस्तान से हाथ मिलाना भी सीमित कर दिया है।
- ICC का क्षेत्राधिकार: द्विपक्षीय सीरीज दो देशों के बोर्ड का निजी मामला है, जिसमें ICC हस्तक्षेप नहीं कर सकता।
आगे क्या?
- प्रधानमंत्री की मंजूरी: मोहसिन नकवी आज (सोमवार) पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मिलकर अंतिम राय लेंगे।
- ICC की सख्ती: ICC ने चेतावनी दी है कि बहिष्कार की स्थिति में पाकिस्तान पर भारी जुर्माना और सदस्यता निलंबन जैसी कार्रवाई हो सकती है।
- मैच की उम्मीद: सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान के 99% खेलने की उम्मीद है क्योंकि बहिष्कार से उसे अंक और आर्थिक, दोनों तरह का भारी नुकसान होगा।










