नई दिल्ली/डिजिटल डेस्क:
आज, 17 फरवरी 2026 को साल का पहला सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। खगोल विज्ञान और ज्योतिष दोनों ही दृष्टियों से इस दिन को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सुबह से ही लोगों के मन में इस खगोलीय घटना को लेकर कई सवाल हैं—क्या मंदिर बंद रहेंगे? क्या सूतक काल मान्य होगा? और सबसे महत्वपूर्ण, क्या यह भारत में दिखाई देगा?

‘रिंग ऑफ फायर’ का अद्भुत नजारा
इस ग्रहण को वलयाकार सूर्य ग्रहण (Annular Solar Eclipse) कहा जा रहा है। इस स्थिति में चंद्रमा सूर्य के बीचों-बीच आ जाता है, लेकिन उसे पूरी तरह ढक नहीं पाता। इसके परिणामस्वरूप सूर्य के चारों ओर एक चमकदार घेरा दिखाई देता है, जिसे वैज्ञानिक भाषा में ‘रिंग ऑफ फायर’ (अग्नि वलय) कहा जाता है।
भारत में स्थिति: क्या सूतक लगेगा?
भारतीय दर्शकों और श्रद्धालुओं के लिए राहत की बात यह है कि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। * सूतक काल: ज्योतिषीय नियमों के अनुसार, ग्रहण वहीं प्रभावी होता है जहाँ वह दृश्य हो। चूंकि भारत में यह दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहाँ सूतक काल मान्य नहीं होगा।
- मंदिर और पूजा: देश के सभी मंदिरों के कपाट खुले रहेंगे और नियमित पूजा-अर्चना जारी रहेगी। सूतक के कठोर नियमों (जैसे भोजन न करना या कपाट बंद करना) का पालन करने की आवश्यकता नहीं है।
ग्रहण का समय (भारतीय समयानुसार)
| चरण | समय |
|---|---|
| ग्रहण का प्रारंभ | दोपहर 03:26 बजे |
| चरम चरण (रिंग ऑफ फायर) | शाम 05:42 बजे |
| ग्रहण की समाप्ति | रात 07:57 बजे |
| कुल अवधि | 4 घंटे 32 मिनट |
कहाँ दिखाई देगा यह नजारा?
भारत में दृश्य न होने के बावजूद दुनिया के कुछ हिस्सों में यह स्पष्ट दिखाई देगा:
- अंटार्कटिका और दक्षिणी महासागर: यहाँ ग्रहण का सबसे स्पष्ट प्रभाव दिखेगा।
- अफ्रीकी देश: दक्षिण अफ्रीका, तंजानिया, जाम्बिया और जिम्बाब्वे में भी लोग इस खगोलीय घटना के साक्षी बनेंगे।
क्या करें और क्या न करें? (विशेषज्ञों की सलाह)
क्या करें:
- सामान्य दिनचर्या: भारत में ग्रहण दृश्य न होने के कारण आप अपने ऑफिस, व्यापार और घरेलू काम सामान्य रूप से कर सकते हैं।
- ध्यान और मंत्र जाप: आध्यात्मिक शांति के लिए ग्रहण काल में मंत्र जाप या आत्मचिंतन करना शुभ माना जाता है।
- गर्भवती महिलाएं: किसी भी तरह के मानसिक तनाव से बचें, क्योंकि भारत में कोई पाबंदी लागू नहीं है।
क्या न करें:
- सीधे सूर्य को न देखें: जिन देशों में ग्रहण दिख रहा है, वहां बिना प्रमाणित सोलर फिल्टर वाले चश्मों के सूर्य को देखना आंखों को नुकसान पहुंचा सकता है।
- अफवाहों से बचें: सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक जानकारियों (जैसे भोजन या पानी का त्याग) पर ध्यान न दें।










