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रजरप्पा मंदिर में श्रद्धालुओं से हाथापाई: रामगढ़ SP की बड़ी कार्रवाई, 4 पुलिसकर्मी निलंबित, एक होमगार्ड सेवामुक्त

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रामगढ़/रजरप्पा: प्रसिद्ध सिद्धपीठ रजरप्पा स्थित मां छिन्नमस्तिके मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं और पुलिसकर्मियों के बीच हुई हाथापाई के मामले में रामगढ़ पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो वायरल होने और प्राथमिक जांच के बाद, रामगढ़ पुलिस अधीक्षक (SP) अजय कुमार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही, एक होमगार्ड (गृहरक्षक) को उसकी सेवाओं से मुक्त कर दिया गया है।

क्या है पूरा मामला?

​8 मार्च को रजरप्पा मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी थी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने मुख्य प्रवेश द्वार को खुला रखा था और बाकी द्वारों को बंद कर दिया था। सुरक्षा व्यवस्था के लिए जैप-04 के जवानों और रजरप्पा थाना के सहायक अवर निरीक्षक (ASI) प्रकाश चंद्र मुर्मू की तैनाती की गई थी।

​विवाद दोपहर लगभग 1:30 से 2:00 बजे के बीच तब शुरू हुआ जब निकास द्वार से एक बुजुर्ग को मानवीय आधार पर प्रवेश दिया गया। इसी दौरान जमशेदपुर से आए कुछ अन्य श्रद्धालु भी उसी रास्ते से जबरन अंदर घुसने की कोशिश करने लगे।

बहस और फिर हाथापाई

​ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने जब श्रद्धालुओं को मुख्य द्वार से आने को कहा, तो विवाद बढ़ गया। पुलिस के अनुसार, बहस के दौरान एक श्रद्धालु ने एएसआई प्रकाश चंद्र मुर्मू के साथ अभद्र व्यवहार किया और उनके कंधे का स्टार नोच दिया। इसके बाद मौके पर मौजूद जवानों और श्रद्धालुओं के बीच तीखी झड़प और हाथापाई शुरू हो गई, जिसका वीडियो इंटरनेट पर तेजी से फैल गया।

जांच के बाद गिरी गाज

​घटना की सूचना मिलते ही SP अजय कुमार ने मामले का संज्ञान लिया और डीएसपी (मुख्यालय) को जांच के आदेश दिए। जांच रिपोर्ट और वायरल वीडियो के आधार पर पुलिसकर्मियों के व्यवहार को अनुचित पाया गया।

इन पर हुई कार्रवाई:

  • निलंबित पुलिसकर्मी (JAP-04, बोकारो): आरक्षी श्याम लाल महतो, राधेश्याम कुजूर, बहादुर उरांव और जॉनसन सुरीन। (इन्हें फिलहाल सामान्य जीवन यापन भत्ता पर रखा गया है)।
  • सेवामुक्त: होमगार्ड सिकंदर यादव को कार्य से हटा दिया गया है।

प्रशासन की अपील

​रामगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं के साथ किसी भी तरह का अमानवीय या अभद्र व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंदिर परिसर में तैनात सभी पदाधिकारियों को संयम बरतने और श्रद्धालुओं की सुविधा का ध्यान रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़