शेखपुरा | 16 फरवरी, 2026

बिहार के शेखपुरा जिले के महुली थाना क्षेत्र में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहाँ स्कूल जा रही एक आठ वर्षीय नाबालिग छात्रा का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया। हालांकि, पुलिस ने इस मामले में बिजली की गति से कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को महज 8 घंटे के भीतर पड़ोसी जिले की पहाड़ियों से गिरफ्तार कर लिया है।
रास्ते से किया अपहरण, झाड़ियों में मिली मासूम
जानकारी के मुताबिक, बच्ची रोजाना की तरह सुबह अपने घर से स्कूल के लिए निकली थी। इसी बीच रास्ते में घात लगाए बैठे आरोपी ने उसे अगवा कर लिया और एक सुनसान इलाके में ले जाकर दरिंदगी की। घटना का खुलासा तब हुआ जब पास से गुजर रही महिलाओं ने झाड़ियों से बच्ची के रोने की आवाज सुनी। महिलाओं को आता देख आरोपी मौके से फरार हो गया।
विशेष टीम का गठन और फिल्मी स्टाइल में गिरफ्तारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर एसडीपीओ डॉ. राकेश कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) बनाई गई। तकनीकी साक्ष्यों (Mobile Tracking) के आधार पर पता चला कि आरोपी नवादा जिले की ओर भागा है। पुलिस ने पीछा करते हुए नवादा के कौआकोल क्षेत्र की पहाड़ियों में घेराबंदी की और आरोपी सन्नी उर्फ इज्मामुलहक को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास
पुलिस जांच में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि आरोपी सन्नी पहले भी दुष्कर्म के एक मामले में जेल जा चुका है। जेल से छूटने के बाद उसने दोबारा इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।
पुलिस और प्रशासन के बड़े कदम:
- धाराएं: आरोपी के खिलाफ पोक्सो (POCSO) एक्ट और अपहरण की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
- फास्ट ट्रैक कोर्ट: पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की चार्जशीट जल्द दाखिल कर ट्रायल फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाएगा ताकि पीड़िता को त्वरित न्याय मिले।
- मेडिकल सहायता: बच्ची का मेडिकल परीक्षण कराया जा चुका है और वह डॉक्टरों की निगरानी में है। प्रशासन ने पीड़ित परिवार को हर संभव आर्थिक और कानूनी मदद का भरोसा दिलाया है।
’सेवा ही लक्ष्य’ और सामाजिक संगठनों की मांग
इस घटना के बाद जमशेदपुर की तर्ज पर स्थानीय सामाजिक संगठनों ने भी बच्चियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूल जाने वाले रास्तों पर पुलिस पेट्रोलिंग और सीसीटीवी निगरानी बढ़ाना अब अनिवार्य हो गया है।
एसडीपीओ का संदेश: “अपराधियों को शरण देने वालों को भी बख्शा नहीं जाएगा। हम इस मामले में स्पीडी ट्रायल सुनिश्चित करेंगे ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जाए।”










