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सीनी रेल अस्पताल में अव्यवस्था की भेंट चढ़ा रेलकर्मी: उचित इलाज न मिलने से हुई मौत, कर्मचारियों में भारी आक्रोश

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चक्रधरपुर/सीनी: दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर रेल मंडल अंतर्गत सीनी रेल अस्पताल में एक बार फिर चिकित्सा व्यवस्था की पोल खुल गई है। सीनी वर्कशॉप में कार्यरत 35 वर्षीय रेलकर्मी श्रीकांत सिंह की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। रेलकर्मियों का आरोप है कि उचित प्राथमिक उपचार और संसाधनों के अभाव के कारण श्रीकांत को अपनी जान गंवानी पड़ी। इस घटना के बाद से स्थानीय रेल कर्मचारियों में गहरा रोष व्याप्त है।IMG 20260401 WA0045

प्रमुख विभाग और हजारों कर्मचारी, पर सुविधाएं शून्य

​विदित हो कि सीनी में इंजीनियरिंग वर्कशॉप, रेल पथ निर्माण, विद्युत विभाग, दूरसंचार एवं संकेत विभाग (S&T), और क्षेत्रीय प्रशिक्षण संस्थान (ZRTIs) जैसे कई महत्वपूर्ण विभाग संचालित हैं। यहाँ हजारों की संख्या में रेल कर्मचारी और उनके परिवार निवास करते हैं। बावजूद इसके, सीनी रेल अस्पताल की स्थिति बदतर बनी हुई है। कर्मचारियों का कहना है कि यहाँ न तो 24 घंटे चिकित्सा सुविधा उपलब्ध है और न ही आपातकाल के लिए एम्बुलेंस की कोई व्यवस्था है।IMG 20260401 WA0043

अस्पताल के समय में बदलाव बना जी का जंजाल

​रेलकर्मियों ने अस्पताल के बदले हुए समय पर भी कड़ा ऐतराज जताया है। पूर्व में अस्पताल सुबह 10 से 1 बजे और शाम 5 से 7 बजे तक खुलता था, जिससे ड्यूटी के बाद कर्मचारी अपना इलाज करा पाते थे। लेकिन वर्तमान में समय बदलकर सुबह 8:30 से दोपहर 3:00 बजे तक कर दिया गया है। चूंकि अधिकांश कर्मचारी शाम 5 बजे ड्यूटी से छूटते हैं, उस समय अस्पताल बंद मिलता है, जिससे वे और उनके परिजन इलाज से वंचित रह जाते हैं।1002518072

यूनियन ने की उच्चाधिकारियों से वार्ता

​घटना की सूचना मिलते ही दक्षिण पूर्व रेलवे मेन्स यूनियन के पदाधिकारी सक्रिय हो गए। शाखा सचिव विश्वजीत बड़ाईक और अध्यक्ष संको सरदार के नेतृत्व में रेलकर्मियों ने प्रशासन के विरुद्ध मोर्चा खोला। इस दौरान प्रभारी डॉक्टर बी. टोपनो, चक्रधरपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल चिकित्सा अधिकारी जी. सोरेन और टाटानगर के एसीएमएस श्री कुतलू मुर्मू से गहन वार्ता की गई।

यूनियन की मुख्य मांगें:

  • ​श्रीकांत सिंह की मृत्यु के मामले की उच्च स्तरीय जांच हो।
  • ​अस्पताल में 24 घंटे चिकित्सा व्यवस्था बहाल की जाए।
  • ​सभी आवश्यक औषधियों की उपलब्धता सुनिश्चित हो।
  • ​सीनी पंपु तालाब की सफाई व्यवस्था दुरुस्त की जाए।

पोस्टमार्टम की प्रक्रिया जारी

​मौके पर देवाशीष दास, व्यास कुमार रजक, मोहम्मद शाहिद समेत भारी संख्या में रेल कर्मचारी उपस्थित थे। ताजा समाचार लिखे जाने तक मृतक रेलकर्मी के शव को पोस्टमार्टम के लिए सरायकेला भेजने की कागजी कार्रवाई की जा रही थी।

तीसरी धारा न्यूज के लिए सीनी से रिपोर्ट।

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