इस्लामाबाद/खेल डेस्क: पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) के आगामी 2026 सीजन से पहले एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आ रही है। प्रतिबंधित आतंकी संगठन जमात-उल-अहरार की ओर से मिली संभावित धमकी ने पूरे टूर्नामेंट की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। इस इनपुट के बाद विदेशी खिलाड़ियों के बीच डर का माहौल है और कई बड़े नामों के टूर्नामेंट से हटने की आशंका गहरा गई है।
आतंकी संगठन की सीधी चेतावनी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, आतंकी संगठन ने विदेशी खिलाड़ियों को पाकिस्तान न आने की चेतावनी दी है। धमकी में साफ कहा गया है कि मौजूदा खराब हालातों में खिलाड़ियों की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है। बता दें कि ‘जमात-उल-अहरार’ पहले भी पाकिस्तान में कई बड़े हमलों को अंजाम दे चुका है, जिससे यह खतरा और भी गंभीर माना जा रहा है।
खाली स्टेडियमों में होगा आयोजन: दर्शकों की एंट्री बैन
सुरक्षा चुनौतियों और पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच बढ़ते संघर्ष को देखते हुए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने कुछ कड़े और ऐतिहासिक फैसले लिए हैं:
- दर्शकों पर पाबंदी: स्टेडियम में किसी भी आम इंसान को आने की इजाजत नहीं होगी। पूरे मैच खाली स्टेडियम में खेले जाएंगे।
- सीमित वेन्यू: टूर्नामेंट को केवल दो शहरों— कराची और लाहौर तक सीमित कर दिया गया है। अन्य किसी भी शहर में मैच आयोजित नहीं होंगे।
विदेशी खिलाड़ियों की बढ़ी चिंता, PCB के लिए बड़ी चुनौती
सुरक्षा के इस नए इनपुट के बाद कई विदेशी खिलाड़ी अपने पाकिस्तान दौरे के फैसले पर पुनर्विचार कर रहे हैं। यदि बड़े खिलाड़ी अपना नाम वापस लेते हैं, तो PSL 2026 की ब्रांड वैल्यू और टीमों के संतुलन पर बुरा असर पड़ना तय है। अब पीसीबी और आयोजकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह साबित करना है कि वे ‘बायो-बबल’ के साथ-साथ ‘सुरक्षा-बबल’ देने में भी सक्षम हैं।
क्या PSL पर पड़ेगा बुरा असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सुरक्षा इनपुट और गंभीर होते हैं, तो टूर्नामेंट के आयोजन पर ही संकट आ सकता है। फिलहाल पीसीबी ने सुरक्षा व्यवस्था को ‘अभेद्य’ बनाने का दावा किया है, लेकिन खिलाड़ियों का भरोसा जीतना अभी भी एक टेढ़ी खीर बना हुआ है।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़











