नई दिल्ली/मुंबई: भारतीय रेलवे ने मुंबई और अहमदाबाद के बीच चलने वाली देश की पहली बुलेट ट्रेन का प्रस्तावित डिजाइन आधिकारिक तौर पर जारी कर दिया है। रेल मंत्रालय के राष्ट्रीय राजधानी स्थित कार्यालय (गेट नंबर-4) पर इस अत्याधुनिक और आकर्षक ट्रेन की पहली आधिकारिक तस्वीर को प्रदर्शित किया गया है। यह अनावरण ऐसे समय में हुआ है जब भारत अप्रैल 2027 तक अपनी पहली पूर्ण रूप से स्वदेशी (Swadeshi) बुलेट ट्रेन को पटरी पर उतारने की युद्धस्तर पर तैयारी कर रहा है।
इन 12 स्टेशनों से होकर गुजरेगी बुलेट ट्रेन
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा पूर्व में लोकसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, 508 किलोमीटर लंबा मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल (MAHSR) कॉरिडोर महाराष्ट्र, गुजरात और केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली से होकर गुजरेगा। इस पूरे रूट पर कुल 12 अत्याधुनिक स्टेशन बनाए जा रहे हैं:
- मुंबई (बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स – BKC)
- ठाणे
- विरार
- बोइसर
- वापी
- बिलीमोरा
- सूरत
- भरूच
- वडोदरा
- आणंद
- अहमदाबाद
- साबरमती
निर्माण कार्य में आई तेजी: नदियों पर पुल से लेकर अंडर-सी टनल तक तैयार
परियोजना के बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) को लेकर भारतीय रेलवे ने महत्वपूर्ण अपडेट साझा किया है:
- स्टेशनों का प्रोग्रेस: गुजरात के सभी आठ स्टेशनों (वापी से साबरमती तक) पर फाउंडेशन का काम शत-प्रतिशत पूरा हो चुका है। वहीं, महाराष्ट्र के ठाणे, विरार और बोइसर में निर्माण कार्य काफी तेज गति से चल रहा है। मुंबई के बीकेसी (BKC) स्टेशन पर खुदाई का काम अपने अंतिम चरण में है।
- नदियों पर पुल निर्माण: इस पूरे रूट पर आने वाले 17 नदी पुलों का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। गुजरात की चार प्रमुख नदियों—नर्मदा, माही, ताप्ती और साबरमती पर पुलों का काम बेहद उन्नत चरण में है, जबकि महाराष्ट्र में भी चार नदी पुलों का निर्माण प्रगति पर है।
- समुद्र के नीचे (Under-Sea) सुरंग: मुंबई के बीकेसी में टनल के लिए खुदाई का काम लगभग 91% पूरा हो चुका है। समुद्र के नीचे बनने वाली देश की पहली अनूठी सुरंग का निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है, जिसमें घनसोली और शिलफाटा के बीच 4.8 किलोमीटर का हिस्सा पहले ही बनकर तैयार हो चुका है।

’मेक इन इंडिया’ की मिसाल: 280 किमी/घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी स्वदेशी ट्रेन
भारतीय रेलवे के अनुसार, यह महत्वाकांक्षी परियोजना प्रधानमंत्री के ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को एक नई ऊंचाई देगी। इस बुलेट ट्रेन को विदेशी तकनीक के बजाय घरेलू स्तर पर ही विकसित किया जा रहा है। चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) और बेंगलुरु की बीईएमएल लिमिटेड (BEML Limited) संयुक्त रूप से इन हाई-स्पीड ट्रेन सेटों के निर्माण और विकास में जुटी हैं। भारतीय इंजीनियरों द्वारा तैयार की जा रही इस ट्रेन की परिचालन डिजाइन स्पीड 280 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, जो भारतीय रेलवे के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय लिखेगी।
– तीसरी धारा न्यूज











