जमशेदपुर: भविष्य की तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) जमशेदपुर में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘AIEI-2026’ का गुरुवार को शानदार उद्घाटन हुआ। विद्युत अभियांत्रिकी विभाग (Electrical Engineering) द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में भारत सहित विदेशों के प्रतिष्ठित शिक्षाविद् और उद्योग विशेषज्ञ शिरकत कर रहे हैं।
तकनीकी प्रगति से ही संभव है राष्ट्रीय विकास: सुनील कुमार (IAS)
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री सुनील कुमार (निदेशक, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग) ने दीप प्रज्वलित कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज के दौर में एआई (AI) केवल एक तकनीक नहीं बल्कि एक परिवर्तनकारी शक्ति है। उन्होंने जोर देकर कहा कि विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए नवाचार-आधारित अनुसंधान (Research) ही एकमात्र रास्ता है।
वैश्विक सहयोग और शोध पर जोर
एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. (डॉ.) गौतम सूत्रधार ने संस्थान की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि ऐसे आयोजन वैश्विक सहयोग के द्वार खोलते हैं। वहीं, इलेक्ट्रिकल विभाग की अध्यक्ष डॉ. मधु सिंह ने बताया कि वास्तविक जीवन की चुनौतियों, जैसे ऊर्जा संकट और स्वास्थ्य सेवाओं में एआई का उपयोग समय की मांग है।
इन दिग्गजों ने साझा किए विचार
उद्घाटन सत्र में तकनीक जगत की कई बड़ी हस्तियां ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से जुड़ीं:
- प्रो. राजीव श्रीवास्तव (निदेशक, IIIT रांची)
- प्रो. एन. पी. पाध्य (निदेशक, MNIT जयपुर)
- डॉ. एंडी चेन (अध्यक्ष, IEEE सिस्टम्स काउंसिल)
- श्री शुभमोय चक्रबर्ती (CTO, ABP प्रा. लि.)
इस सम्मेलन का नेतृत्व डॉ. वी. पी. मीणा (NIT जमशेदपुर) और अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ डकोटा के प्रो. केसी संतोष कर रहे हैं।
पहले दिन की खास चर्चा: क्या एआई पर भरोसा किया जा सकता है?
सम्मेलन के पहले दिन “सिक्योर एआई में ट्रस्ट के लिए इंजीनियरिंग” विषय पर एक बेहद महत्वपूर्ण पैनल चर्चा हुई। इसमें विशेषज्ञों ने बताया कि एआई प्रणालियों को न केवल स्मार्ट, बल्कि नैतिक (Ethical) और सुरक्षित बनाना भी जरूरी है।
- मुख्य व्याख्यान: आईआईटी आईएसएम धनबाद के प्रो. बिप्लब भट्टाचार्य और श्री शुभमोय चक्रबर्ती ने एआई के औद्योगिक उपयोगों पर नई जानकारियां साझा कीं।
आयोजन समिति की सक्रिय भूमिका
कार्यक्रम के सफल संचालन में डॉ. मृणाल कांति सरकार, डॉ. सूर्य प्रकाश, डॉ. दिनेश कुमार, डॉ. स्वगतदेब साहू सहित पूरी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अगले दो दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में कई तकनीकी सत्र और शोध पत्र (Research Papers) प्रस्तुत किए जाएंगे।











