टंडवा (झारखंड): झारखंड के टंडवा स्थित शहीद चौक के पास उस वक्त हड़कंप मच गया, जब ओम साई पंप के समीप खड़े एक ट्रक में अचानक भीषण आग लग गई। इस घटना के बाद इलाके में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
कैसे लगी आग?
मिली जानकारी के अनुसार, ट्रक के पास ही मौजूद झाड़ियों में आग लगी हुई थी। हवा के प्रभाव से आग की एक चिंगारी ट्रक के ऊपर ढके तिरपाल तक जा पहुंची। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और ट्रक के केबिन को अपनी चपेट में ले लिया।
दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही NTPC और CISF की फायर ब्रिगेड की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह से काबू पाया। हालांकि, जब तक आग बुझाई जाती, तब तक ट्रक का केबिन पूरी तरह जलकर खाक हो चुका था।
गनीमत यह रही कि दमकल की गाड़ियों ने समय रहते आग को बुझा दिया, जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया और आग अन्य वाहनों या पास के पंप तक नहीं फैल सकी।
जमशेदपुर: लौहनगरी में रामनवमी के पावन पर्व को ऐतिहासिक और शांतिपूर्ण बनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। जमशेदपुर केंद्रीय रामनवमी अखाड़ा समिति के आह्वान पर कल, 14 मार्च (शनिवार) शाम 5 बजे, बिष्टुपुर स्थित माइकल जॉन ऑडिटोरियम में शहर की सभी अखाड़ा समितियों का एक विशाल ‘संवाद कार्यक्रम’ आयोजित किया जा रहा है।
समस्याओं का होगा समाधान, प्रशासन से बनेगा तालमेल
केंद्रीय रामनवमी अखाड़ा समिति के अध्यक्ष अरुण सिंह ने बताया कि इस बैठक में शहर के सभी अखाड़ों के अध्यक्ष, लाइसेंसधारी, सचिव और कोषाध्यक्ष शामिल होंगे। संवाद का मुख्य उद्देश्य अखाड़ों को आ रही स्थानीय समस्याओं और मुद्दों को समझना है। इन समस्याओं को संकलित कर केंद्रीय समिति जिला प्रशासन के समक्ष रखेगी ताकि 28 मार्च (दशमी) को निकलने वाली शोभायात्रा निर्बाध और भव्य तरीके से संपन्न हो सके।
विहिप मनाएगा भव्य ‘रामोत्सव’
इस कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) जमशेदपुर महानगर के प्रमुख पदाधिकारी भी शिरकत करेंगे। विहिप ने चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (नववर्ष) से लेकर रामनवमी और हनुमान जन्मोत्सव तक पूरे शहर में ‘रामोत्सव’ मनाने का आह्वान किया है। संगठन का लक्ष्य प्रभु श्रीराम के आदर्शों के प्रति समाज को जागृत और एकजुट करना है।
समन्वय और सौहार्द पर जोर
समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि शहर के सभी क्षेत्रों के अखाड़ों के बीच बेहतर समन्वय बना रहे, इसके लिए यह संवाद मील का पत्थर साबित होगा। परंपरागत तरीके से शांतिपूर्ण ढंग से जुलूस निकालने और आपसी भाईचारे को मजबूत करने पर विशेष चर्चा की जाएगी।
महारथियों की देखरेख में तैयारी
कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए केंद्रीय समिति की पूरी टीम सक्रिय है, जिसमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
मुख्य संरक्षक: अभय सिंह
संरक्षक: सुमन अग्रवाल, पन्ना सिंह जधेल, अशोक जैन, डॉ. संतोष गुप्ता, ललन द्विवेदी
अध्यक्ष: अरुण सिंह
कार्यकारी अध्यक्ष: नितिन त्रिवेदी
महासचिव व अन्य: प्रवीण सेठी (महासचिव), दिलजय बोस (कोषाध्यक्ष) सहित सभी उपाध्यक्ष और सचिव।
बेंगलुरु/नई दिल्ली: आईपीएल 2026 के आगाज से पहले सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की मालिक फ्रेंचाइजी एक नए विवाद में घिर गई है। इंग्लैंड की प्रसिद्ध लीग ‘द हंड्रेड’ (The Hundred) की नीलामी में सनराइजर्स की टीम ‘सनराइजर्स लीड्स’ द्वारा पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को खरीदे जाने के बाद सोशल मीडिया पर हंगामा बरपा हुआ है।
2 करोड़ से अधिक में बिके अबरार अहमद
गुरुवार को हुई ‘द हंड्रेड’ की नीलामी में सनराइजर्स लीड्स ने अबरार अहमद को अपनी टीम में शामिल किया। भारतीय मुद्रा में अबरार की कीमत 2 करोड़ रुपये से अधिक आंकी जा रही है। आईपीएल में पाकिस्तानी खिलाड़ियों के खेलने पर लगे प्रतिबंध के बीच, एक भारतीय फ्रेंचाइजी द्वारा विदेशी लीग में पाकिस्तानी खिलाड़ी को मोटी रकम देकर खरीदने पर फैंस दो गुटों में बंट गए हैं।
बीसीसीआई सचिव राजीव शुक्ला का बड़ा बयान
इस मामले के तूल पकड़ते ही बीसीसीआई (BCCI) की ओर से पहला आधिकारिक बयान सामने आया है। बीसीसीआई के सचिव राजीव शुक्ला ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि विदेशी लीगों में फ्रेंचाइजी क्या करती हैं, यह बीसीसीआई के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।
“द हंड्रेड में जो कुछ भी हुआ है, उसका आईपीएल से कोई लेना-देना नहीं है। बाहरी लीग में कौन सी टीम किस खिलाड़ी को चुनती है, इसमें हम दखल नहीं दे सकते। आईपीएल में ऐसा कोई भी खिलाड़ी (पाकिस्तानी) शामिल नहीं है।”
— राजीव शुक्ला, सचिव, बीसीसीआई
SRH के पहले मैच में विरोध की आशंका
भले ही बीसीसीआई ने इसे तकनीकी रूप से आईपीएल से अलग बताया हो, लेकिन फैंस का गुस्सा कम होता नहीं दिख रहा है। गौरतलब है कि आईपीएल 2026 का पहला मैच 28 मार्च को बेंगलुरु में सनराइजर्स हैदराबाद और आरसीबी (RCB) के बीच खेला जाना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अबरार अहमद की खरीद का असर आईपीएल के उद्घाटन मैच पर भी पड़ सकता है। संभावना जताई जा रही है कि मैच के दौरान मैदान पर सनराइजर्स की टीम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन देखा जा सकता है।
फ्रेंचाइजी के खराब प्रदर्शन के बीच नया विवाद
सनराइजर्स हैदराबाद पिछले कुछ सीजन से आईपीएल में संघर्ष कर रही है। टीम अब तक केवल एक बार खिताब जीतने में सफल रही है। ऐसे में सीजन शुरू होने से ठीक पहले इस तरह के विवाद ने टीम की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अब देखना यह होगा कि फ्रेंचाइजी इस बढ़ते विरोध पर अपनी क्या सफाई पेश करती है।
रांची: झारखंड में रात 10 बजे के बाद डीजे (DJ) बजाने पर रोक के आदेश को लेकर सियासत गरमा गई है। इस मुद्दे पर भाजपा नेत्री निशा भगत ने राज्य के कद्दावर मंत्री इरफान अंसारी को आड़े हाथों लिया है। भगत ने मंत्री के बयान पर पलटवार करते हुए इसे एकतरफा और भेदभावपूर्ण करार दिया।
क्या है पूरा विवाद?
हाल ही में मंत्री इरफान अंसारी ने ध्वनि प्रदूषण और छात्रों की पढ़ाई का हवाला देते हुए रात 10 बजे के बाद डीजे बजाने पर पूरी तरह पाबंदी लगाने की वकालत की थी। उन्होंने प्रशासन को इस संबंध में कड़े निर्देश देने की बात कही थी, जिसके बाद से ही विपक्षी खेमे में नाराजगी देखी जा रही है।
निशा भगत का कड़ा रुख
निशा भगत ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर नियमों का पालन करना है, तो वे सभी के लिए समान होने चाहिए। उन्होंने सीधे तौर पर चुनौती देते हुए कहा:
“अगर मंत्री जी को ध्वनि प्रदूषण की इतनी ही चिंता है और वे रात 10 बजे के बाद डीजे बंद करवाना चाहते हैं, तो उन्हें पहले लाउडस्पीकर पर होने वाली अज़ान को बंद करवाना चाहिए। नियम केवल एक समुदाय या विशेष कार्यक्रमों के लिए नहीं, बल्कि सबके लिए बराबर होने चाहिए।”
तुष्टिकरण का लगाया आरोप
भगत ने आरोप लगाया कि सरकार विकास और शांति के नाम पर केवल बहुसंख्यक समाज के त्योहारों और आयोजनों को निशाना बना रही है। उन्होंने कहा कि शादी-विवाह और धार्मिक उत्सवों में डीजे पर रोक लगाना सांस्कृतिक स्वतंत्रता में हस्तक्षेप है, जबकि अन्य जगहों पर लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर मंत्री मौन रहते हैं।
सियासी सरगर्मी तेज
विधानसभा परिसर से लेकर सोशल मीडिया तक इस बयान ने खलबली मचा दी है। इंडिया गठबंधन के नेताओं ने इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश बताया है, जबकि हिंदूवादी संगठनों ने निशा भगत के स्टैंड का समर्थन किया है। आने वाले दिनों में ध्वनि प्रदूषण के इस नियम पर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और बढ़ने के आसार हैं।
गुरुग्राम/जमशेदपुर: हरियाणा के गुरुग्राम (सिधरावली) में बीते मंगलवार को एक निर्माणाधीन साइट पर हुए दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले झारखंड के छह श्रमिकों के पार्थिव शरीर गुरुवार को उनके पैतृक गांवों के लिए रवाना कर दिए गए। तीन एंबुलेंस और सुरक्षा के लिए तैनात एस्कॉर्ट गाड़ियों के साथ शवों को ईचागढ़ और जादूगोड़ा भेजा गया है, जिनके आज (शुक्रवार) पहुंचने की संभावना है।
केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने लिया जायजा
केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री और रांची सांसद संजय सेठ स्वयं गुरुवार को गुरुग्राम पहुंचे और पूरी व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि पार्थिव शरीरों को ससम्मान उनके घर तक पहुंचाया जाए और परिजनों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
मृतकों का विवरण
इस हादसे में कुल सात लोगों की मौत हुई, जिनमें से छह झारखंड के निवासी थे:
पूर्वी सिंहभूम (जादूगोड़ा): धनंजय महतो, भागीरथ गोप, संजीत गोप उर्फ दुलाल, और मंगल महतो (सभी बनगोड़ा गांव)।
सरायकेला-खरसावां (ईचागढ़): शिव शंकर सिंह मुंडा (बुरुहातू) और परमेश्वर महतो (हुड़ी गांव)।
इसके अलावा राजस्थान के भरतपुर निवासी सुपरवाइजर सतीश की भी इस हादसे में जान गई है।
आर्थिक सहायता और रोजगार का ऐलान
पीड़ित परिवारों की मदद के लिए केंद्र और हरियाणा सरकार ने बड़े मुआवजे की घोषणा की है:
तत्काल सहायता: संबंधित कंपनी द्वारा प्रत्येक मृतक के परिवार को 20 लाख रुपये का चेक और 20 हजार रुपये नकद प्रदान किए गए हैं।
अतिरिक्त सहायता: हरियाणा सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रत्येक परिवार को लगभग 19 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि दी जाएगी।
कुल मुआवजा: इस प्रकार प्रत्येक प्रभावित परिवार को कुल 39 लाख रुपये की आर्थिक मदद मिलेगी।
रोजगार: कंपनी प्रबंधन ने मृतकों के आश्रितों को नौकरी देने के लिए ऑफर लेटर भी सौंपे हैं।
सांसद विद्युत वरण महतो ने जताया आभार
जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो ने इस संवेदनशील मामले में त्वरित कार्रवाई के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय मंत्री संजय सेठ का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन और सरकार के समन्वय से पीड़ित परिवारों को उचित न्याय और सहायता सुनिश्चित की गई है।
हापुड़। उत्तर प्रदेश के हापुड़ में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक स्थानीय नेता के आवास पर छापेमारी की, जहाँ से भारी मात्रा में अवैध रूप से रखे गए एलपीजी गैस सिलेंडर बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब पूरा इलाका गैस की भारी किल्लत से जूझ रहा है।
गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई
पिछले काफी समय से स्थानीय प्रशासन को एलपीजी की कालाबाजारी और सिलेंडरों की किल्लत की शिकायतें मिल रही थीं। आम जनता को एजेंसियों के चक्कर काटने पड़ रहे थे, जबकि सिलेंडर ऊंचे दामों पर बेचे जा रहे थे। पुख्ता जानकारी मिलने के बाद, प्रशासन और संबंधित विभाग की संयुक्त टीम ने नेता अब्दुल रेहान के आवास पर छापा मारा।
घर के अंदर बना रखा था ‘मिनी गोदाम’
जांच के दौरान अधिकारी तब दंग रह गए जब घर के भीतर और स्टोर रूम में सिलेंडरों का अंबार मिला। छापेमारी में कुल 55 भरे हुए एलपीजी सिलेंडर बरामद किए गए हैं। प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से सभी सिलेंडरों को जब्त कर लिया है।
कालाबाजारी का शक
प्रारंभिक जांच में इसे अवैध जमाखोरी का मामला माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जब आम नागरिक एक-एक सिलेंडर के लिए परेशान हैं, तब रसूखदार लोग संकट का फायदा उठाकर कालाबाजारी का खेल खेल रहे हैं।
अधिकारियों का बयान:
”हमने सभी 55 सिलेंडरों को कब्जे में लेकर संबंधित विभाग को सौंप दिया है। अब इस बात की गहनता से जांच की जा रही है कि इतनी बड़ी खेप बिना किसी वैध दस्तावेज के वहां कैसे पहुंची और इसका मुख्य उद्देश्य क्या था। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
फिलहाल, पुलिस और खाद्य आपूर्ति विभाग दस्तावेजों की पड़ताल कर रहे हैं ताकि इस सिंडिकेट की पूरी कड़ियां जोड़ी जा सकें।
तेल अवीव/तेहरान। मिडिल ईस्ट में जारी भीषण युद्ध के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बेहद सनसनीखेज दावा किया है। गुरुवार रात दुनिया को संबोधित करते हुए नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) के हालिया हमलों में ईरान के शीर्ष परमाणु वैज्ञानिक मारे गए हैं। इस दावे ने पूरी दुनिया में हलचल मचा दी है, क्योंकि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को इजरायल अपनी सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा मानता रहा है।
नए सर्वोच्च नेता मोजतबा को बताया ‘कठपुतली’
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने केवल सैन्य हमलों की बात नहीं की, बल्कि ईरान के नए सर्वोच्च नेता, अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने मोजतबा को ‘रिवोल्यूशनरी गार्डों (IRGC) की कठपुतली’ करार देते हुए कहा कि वह जनता के सामने आने की हिम्मत तक नहीं जुटा पा रहे हैं।
नेतन्याहू ने ईरानी जनता को सीधा संदेश देते हुए कहा, “ईरान में स्वतंत्रता के एक नए मार्ग का समय पास आ रहा है। इजरायल आपके साथ खड़ा है, लेकिन अंत में बदलाव आपके हाथों में है।”
मोजतबा खामेनेई का पहला बयान: टीवी एंकर ने पढ़कर सुनाया
दिलचस्प बात यह है कि ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने भी गुरुवार को अपना पहला आधिकारिक बयान जारी किया, लेकिन वे खुद कैमरे के सामने नहीं आए। उनके बयान को सरकारी टेलीविजन पर एक समाचार एंकर ने पढ़कर सुनाया। मोजतबा के इस रुख ने उन चर्चाओं को बल दे दिया है कि क्या वह सुरक्षा कारणों से छिपे हुए हैं।
खामेनेई के बयान की मुख्य बातें:
ईरान अब केवल अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहा है और ये हमले जारी रहेंगे।
दुश्मनों पर दबाव बनाने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद रखा जाएगा।
ईरान अपने शहीदों के खून का बदला लेगा और पड़ोसी देशों के साथ मित्रता चाहता है।
ईरान की संभावित प्रतिक्रिया
हालांकि ईरान ने अभी तक अपने परमाणु वैज्ञानिकों के मारे जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन जानकारों का मानना है कि तेहरान इन दावों को खारिज कर सकता है। वहीं, होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की धमकी से वैश्विक तेल बाजार में हड़कंप मच सकता है, क्योंकि यह दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्ग है।
निष्कर्ष:
इजरायल के इस दावे और ईरान की जवाबी धमकियों के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव अब अपने चरम पर पहुँच गया है। परमाणु वैज्ञानिकों की मौत की पुष्टि होने पर ईरान की ओर से बड़ा पलटवार देखने को मिल सकता है।
नई दिल्ली/डेस्क। मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब घरेलू मोर्चे पर भी महसूस किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय हालातों को देखते हुए देश के कई हिस्सों में एलपीजी गैस सिलेंडर की सप्लाई को लेकर आम उपभोक्ताओं में चिंता बढ़ने लगी है। लोगों को डर है कि कहीं वैश्विक संकट के कारण रसोई गैस की किल्लत न हो जाए।
सरकार का आश्वासन: सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित
उपभोक्ताओं की बढ़ती चिंताओं के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है। सरकार ने साफ कहा है कि देश में घरेलू एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित है। आम लोगों की जरूरतों को प्राथमिकता दी जा रही है और घरेलू रसोई गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। सरकार ने अपील की है कि किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और घबराने (Panic) की जरूरत नहीं है।
बुकिंग के नियमों में बदलाव: अब 25 दिन का इंतजार
हाल ही में सरकार ने एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग अवधि में बदलाव किया है। पहले एक सिलेंडर लेने के बाद अगली बुकिंग 21 दिनों में की जा सकती थी, जिसे अब बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। इस बदलाव के कारण कुछ क्षेत्रों में डिलीवरी में मामूली देरी की खबरें आई हैं, जिसे लेकर उपभोक्ताओं को जागरूक रहने की सलाह दी गई है।
डीलर की मनमानी? यहाँ करें तुरंत शिकायत
सप्लाई की खबरों के बीच कई शहरों से शिकायतें आ रही हैं कि गैस एजेंसियां समय पर डिलीवरी नहीं दे रही हैं या डीलर मनमाने पैसे वसूल रहे हैं। अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है, तो आप नीचे दिए गए टोल-फ्री नंबरों पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं:
1. इंडेन गैस (Indane Gas)
टोल-फ्री नंबर: 1800-2333-555
बुकिंग व शिकायत: 7718955555
2. भारत गैस (Bharat Gas)
टोल-फ्री नंबर: 1800-22-4344
बुकिंग नंबर: 7715012345
3. एचपी गैस (HP Gas)
टोल-फ्री नंबर: 1800-2333-555
HP Anytime LPG: 9493602222
जागरूक बनें, अफवाहों से बचें
विशेषज्ञों का मानना है कि देश में एलपीजी का पर्याप्त भंडार है। यदि कोई डीलर स्टॉक होने के बावजूद डिलीवरी में जानबूझकर देरी करता है या अतिरिक्त शुल्क मांगता है, तो हेल्पलाइन पर शिकायत करना ही सबसे प्रभावी समाधान है। तीसरी धारा न्यूज अपने पाठकों से अपील करता है कि घबराने के बजाय आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।
रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के विकास और जनहित से जुड़े कुल 40 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इस बैठक में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने से लेकर सरकारी कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान तक कई दूरगामी निर्णय लिए गए हैं।
शिक्षा क्षेत्र को बड़ी सौगात: 276 करोड़ से चमकेंगे पुस्तकालय
राज्य सरकार ने युवाओं और विद्यार्थियों को बेहतर अध्ययन संसाधन उपलब्ध कराने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट ने राज्य के 23 जिलों में अत्याधुनिक पुस्तकालयों के निर्माण और वहां पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 276 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की है।
इसके साथ ही उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए:
एसएस मेमोरियल कॉलेज, रांची: नए भवन के लिए 48 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति।
जेएल कॉलेज, चक्रधरपुर: नए भवन निर्माण के लिए 88 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।
सरकारी कर्मचारियों के लिए ‘शिकायत निवारण नियमावली 2026’
सरकारी कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों की सेवा संबंधी शिकायतों के त्वरित निष्पादन के लिए सरकार ने ‘झारखंड सरकारी सेवक शिकायत निवारण नियमावली 2026’ के गठन को हरी झंडी दे दी है।
अब कर्मचारियों को अपनी समस्याओं या सेवांत लाभ (Retirement benefits) के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे।
इसके तहत विभिन्न स्तरों पर समितियों का गठन होगा, जो निर्धारित समय सीमा के भीतर पारदर्शी तरीके से शिकायतों का निपटारा करेंगी। इसमें अपीलीय अधिकारियों की नियुक्ति का भी प्रावधान है।
जनगणना 2027 की तैयारी शुरू
कैबिनेट सचिव वंदना डाडेल ने जानकारी दी कि Census of India 2027 की तैयारियों को देखते हुए राज्य, जिला और नगर निगम स्तर पर आउटसोर्सिंग कर्मियों की नियुक्ति के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई है। इससे आगामी जनगणना कार्य को सुचारु रूप से संपन्न कराने में मदद मिलेगी।
निष्कर्ष
आज की कैबिनेट बैठक के निर्णय स्पष्ट करते हैं कि सरकार का फोकस राज्य की शैक्षणिक नींव को मजबूत करने के साथ-साथ प्रशासनिक सुधारों के जरिए सरकारी सेवा को और अधिक पारदर्शी और कर्मचारी-हितैषी बनाने पर है।
गम्हरिया। सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना अंतर्गत रेलवे ट्रैक के समीप आज एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों ने सुबह ट्रैक के किनारे शव पड़ा देख इसकी सूचना तत्काल गम्हरिया थाना पुलिस को दी।
शव की स्थिति और पुलिस की कार्रवाई
सूचना मिलते ही गम्हरिया पुलिस मौके पर पहुँची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मृतक की स्थिति काफी भयावह थी; उसका एक पैर शरीर से अलग हो चुका था और शरीर के कई अन्य हिस्से भी पूरी तरह क्षत-विक्षत हो गए थे।
ट्रेन की चपेट में आने की आशंका
शव की अब तक शिनाख्त नहीं हो पाई है। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच और शव की स्थिति को देखते हुए यह आशंका जताई जा रही है कि व्यक्ति किसी चलती ट्रेन की चपेट में आ गया होगा, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हर पहलू पर जांच जारी
हालांकि, पुलिस इसे महज एक दुर्घटना मानकर शांत नहीं बैठी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। शिनाख्त के लिए आसपास के गांवों और थानों में सूचना भेज दी गई है ताकि मृतक की पहचान सुनिश्चित की जा सके।