जामताड़ा में पुलिस ने पांडेयडीह मोहल्ला से एक साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है. पुलिस उपाधीक्षक संजय कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार अपराधी के पास से साठ हजार रूपये से अधिक नकद, आठ मोबाइल समेत अन्य सामान बरामद किये गये हैं. पुलिस उपाधीक्षक संजय कुमार सिंह ने बताया कि यह साइबर अपराधी स्क्रीन शेयरिंग के जरिए लोगों के मोबाइल को हैक करता था और फिर बैंक अकाउंट का पासवर्ड जानकर मोबाइल से पैसों की ठगी करता था. फिलहाल पुलिस अन्य साथियों को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी कर रही है.
सोनारी थाना क्षेत्र के बजरंगनगर में एक बड़ी चोरी की वारदात सामने आई है। अज्ञात चोरों ने घर का ताला तोड़कर नकदी, जेवरात और इलेक्ट्रॉनिक सामान समेत करीब 15 लाख रुपये की चोरी कर ली। यह घटना 8 से 10 सितंबर के बीच हुई, जब मकान मालिक सोनिया वर्मा का परिवार छत्तीसगढ़ गया था। लौटने पर उन्होंने देखा कि उनके घर का ताला टूट चुका था और कीमती सामान गायब था। इसके बाद सोनिया वर्मा ने सोनारी थाने में त्वरित रूप से शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। साथ ही, कुछ संदिग्ध व्यक्तियों के बारे में पुलिस को इनपुट भी प्राप्त हुए हैं। इनकी भी जांच की जा रही है।
थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है। उन्होंने कहा, “हमने घटना स्थल और आस-पास के सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू कर दी है। हमें कुछ संदिग्धों के बारे में सूचना मिली है, जिन्हें फिलहाल ट्रेस किया जा रहा है। हमारी टीम लगातार मामले की तह तक जाकर अपराधियों को गिरफ्तार करने के लिए प्रयासरत है।”
पुलिस का लक्ष्य जल्द से जल्द चोरों को पकड़ना और चोरी की गई संपत्ति को परिवार तक वापस पहुंचाना है। मामले की जांच अभी जारी है।
बिष्टुपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत गुरुद्वारा रोड के समीप एक सनसनीखेज लूट और फायरिंग की वारदात ने इलाके में सनसनी मचा दी थी। पीड़ित कारोबारी साकेत कुमार अग्रवाल ने घटना के बाद पुलिस में आवेदन देकर त्वरित कार्रवाई की मांग की। घटना की गंभीरता और जटिलता को समझते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसपी नगर और पुलिस उपाधीक्षक (सीसीआर) के नेतृत्व में विशेष जांच टीम का गठन किया गया। यह टीम पेशेवर तरीके से घटनास्थल पर जुटी और व्यापक अनुसंधान अभियान चलाया।
विशेष जांच टीम ने सबसे पहले 50 से अधिक सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया। फुटेज की पड़ताल से अपराधियों द्वारा प्रयुक्त वाहन – इनोवा कार (वाहन संख्या: जेएच-05एएन-7303) की पहचान करने में सफलता मिली। इसके आधार पर अनुसंधान का दायरा बढ़ाते हुए पुलिस ने पूरे देश में संभावित छिपने के स्थानों पर लगातार छापेमारी शुरू कर दी।
विशेष टीम की कड़ी मेहनत और समन्वित प्रयास के बाद पंजाब राज्य के अमृतसर से प्रमुख अभियुक्त राकेश कुमार मंडल उर्फ पकौड़ी (41 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया। राकेश के पास से लूटे गए पैसे के साथ-साथ देशी पिस्टल भी बरामद की गई। राकेश मंडल का अपराधिक इतिहास भी गंभीर रहा है। बताया गया कि वह पहले भी विभिन्न आपराधिक मामलों में जेल जा चुका है और हाल ही में जुलाई महीने के अंत में कदमा थाना क्षेत्र से आर्म्स एक्ट के तहत जेल से बेल पर बाहर आया था।
पुलिस ने आगे चलकर तीन अन्य अभियुक्तों को अलग-अलग जिलों से गिरफ्तार किया। उनकी पहचान इस प्रकार हुई – कमलेश नारायण दुबे उर्फ शंकर (41 वर्ष), सुधीर नारायण बेहरा (35 वर्ष) और गणेश कुम्भकार उर्फ फुचा (25 वर्ष)। गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से कुल ₹10,69,700 रुपये, चार मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त इनोवा कार बरामद की गई।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि कमलेश नारायण दुबे उर्फ शंकर ही इस लूट कांड का मुख्य साजिशकर्ता था। उनके नेतृत्व में राकेश मंडल, सुधीर बेहरा और गणेश कुम्भकार ने योजना बनाई थी। अभियुक्तों ने अपने बयान में स्वीकार किया कि उन्होंने साकेत अग्रवाल के खिलाफ वारदात की योजना हफ्ते पहले से बनाकर तैयार की थी। खास बात यह रही कि सुधीर बेहरा वर्तमान में नवमुंडी स्थित टाटा स्टील में कार्यरत था और उसने अपराधियों की भागने की व्यवस्था तथा लूटे गए धन को संभाल कर रखने की जिम्मेदारी संभाली थी। पुलिस को यह जानकारी आरोपी खुद के बयानों से मिली।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि यह लूट कांड पूर्व नियोजित था और इसके पीछे आर्थिक लाभ और कर्ज को मिटने का उद्देश्य था। उन्होंने यह भी बताया कि साकेत अग्रवाल के इलाके का रेकी कुछ दिन पहले ही इन अपराधियों द्वारा किया जा चुका था। अपराधी एक ओयों होटल में ठहरे हुए थे ताकि इलाके की हर गतिविधि पर नजर रख सकें और समयानुसार कार्रवाई कर सकें।
एसएसपी ने कहा, “पुलिस विभाग की सतत निगरानी व विशेष टीम के कठोर परिश्रम से यह बड़ी सफलता मिली है। हम अपराधियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही कर रहे हैं और शेष भाग रहे अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए भी व्यापक छापेमारी जारी है।”
गिरफ्तार अभियुक्त राकेश कुमार मंडल उर्फ पकौड़ी का अपराधिक रिकॉर्ड चिंताजनक रहा है। बताया गया कि पकौड़ी पहले भी विभिन्न अपराधों में जेल जा चुका है। इसके बावजूद बेल पर बाहर आकर पुनः आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हो गया था। यह बात पुलिस के लिए चिंता का विषय बनी हुई है कि कैसे ऐसे आरोपी पुनः अपराध की ओर लौट आते हैं।
पुलिस ने यह स्पष्ट किया कि फिलहाल चारों गिरफ्तार अभियुक्तों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि लूट की पूरी साजिश और उसमें शामिल अन्य संभावित अपराधियों का भी पता लगाया जा सके। पुलिस सूत्रों ने यह भी बताया कि आरोपी अपने बयान में यह स्वीकार कर चुके हैं कि कमलेश दुबे ही मुख्य साजिशकर्ता था, जबकि बाकी तीन उसके सहयोगी थे। कमलेश दुबे का मकसद साकेत अग्रवाल से भारी मात्रा में नकदी और अन्य कीमती सामान लूटना था।
एसएसपी ने यह भी आश्वासन दिया कि जल्द ही बाकी फरार अपराधियों की गिरफ्तारी भी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई बेहद कड़ी होगी और कानून के तहत सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने जनता से अपील की कि यदि किसी के पास अभियुक्तों से संबंधित कोई जानकारी हो तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि अपराधियों को जेल की सलाखों के पीछे लाया जा सके।
इस लूट कांड से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। साकेत अग्रवाल ने बताया कि वह गुरुद्वारा रोड पर अपने व्यवसाय से संबंधित कार्य संपन्न करके लौट रहे थे तभी अज्ञात अपराधियों ने उन्हें फायरिंग कर रोका और उनके पास से भारी मात्रा में नकदी लूट ली। इस दौरान उन्होंने पुलिस को बताया कि अपराधी बेहद पेशेवर और योजनाबद्ध तरीके से काम कर रहे थे, जिससे यह अपराध विशेष जांच टीम के लिए चुनौतीपूर्ण बना।
स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने कहा कि पुलिस की तत्परता व कार्यकुशलता से क्षेत्र में अपराधियों के खिलाफ कड़ा संदेश गया है। साथ ही, पीड़ित साकेत अग्रवाल ने कहा कि पुलिस के सहयोग से उन्हें न्याय मिलेगा और अपराधी सजा पाएंगे। उन्होंने पुलिस प्रशासन को धन्यवाद भी दिया।
विशेष जांच टीम ने फिलहाल चार अभियुक्तों के खिलाफ मामला दर्ज कर जेल भेज दिया है। इनके खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसमें विशेष रूप से आर्म्स एक्ट की धारा भी शामिल है। इसके अतिरिक्त, अन्य अपराधिक गतिविधियों की भी जांच चल रही है।
पुलिस का यह अभियान यह संदेश देता है कि अपराधियों के लिए कोई भी जगह सुरक्षित नहीं है। पुलिस लगातार अपने फील्ड ऑफिसर्स और तकनीकी टीम के साथ मिलकर ऐसे अपराधों की रोकथाम और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए कड़ी मेहनत कर रही है। शेष अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए भी सघन जांच जारी है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के 2,200 सहायक पुलिसकर्मियों को दुर्गा पूजा से पहले बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार ने उनकी सेवा अवधि 1 साल के लिए बढ़ाने की तैयारी की है। अगली कैबिनेट में इस प्रस्ताव पर राज्य मंत्रिपरिषद मुहर लगायेगी। इस फैसले से राज्य के 12 जिलों में तैनात सहायक पुलिसकर्मियों ने राहत की सांस ली है।झारखंड का पर्यटन
नौकरी जाने का था डर
मुख्यमंत्री के आदेश के बाद गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग इस प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद के समक्ष स्वीकृति के लिए भेजेगा। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद यह आदेश औपचारिक रूप से लागू हो जाएगा और सहायक पुलिसकर्मियों की सेवा अवधि स्वतः एक साल बढ़ जाएगी।
अनुबंध पर नियुक्त इन सहायक पुलिसकर्मियों की सेवा अवधि 8 अगस्त से 30 अगस्त 2025 के बीच समाप्त होने वाली थी। इस कारण जवानों में नौकरी खोने का डर बना हुआ था। कई जिलों में रक्षाबंधन के समय यह आशंका थी कि अनुबंध समाप्ति का नोटिस उन्हें थमा दिया जाएगा। सीएम के इस फैसले से अब यह डर पूरी तरह खत्म हो गया है।
2017 में हुई थी नियुक्ति
बता दें कि वर्ष 2017 में राज्य सरकार ने 12 जिलों — पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, चतरा, लातेहार, गुमला, पलामू, गढ़वा, दुमका, खूंटी, सिमडेगा, लोहरदगा और गिरिडीह — के लिए 2,500 सहायक पुलिसकर्मियों की नियुक्ति की थी। इन्हें मात्र दो वर्षों के लिए 10,000 रुपये मासिक वेतन पर नियुक्त किया गया था। बाद में इन्हें समय-समय पर सेवा विस्तार दिया जाता रहा है।
2024 में वेतन बढ़ा था
वर्ष 2024 में लंबे आंदोलन के बाद सहायक पुलिसकर्मियों की प्रमुख मांगों पर सरकार ने विचार किया था। उनका वेतन 10,000 रुपये से बढ़ाकर 13,000 रुपये मासिक कर दिया गया था। हालांकि, सहायक पुलिसकर्मी संघ का कहना है कि उनसे जिला पुलिस जैसी ड्यूटी ली जाती है, लेकिन वेतन अभी भी होमगार्ड से थोड़ा ही अधिक है। इस पर भी पुनर्विचार किए जाने की मांग है।
जवानों ने जताया आभार
झारखंड सहायक पुलिसकर्मी एसोसिएशन के सचिव विवेकानंद गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री का यह फैसला स्वागत योग्य है। उन्होंने कहा कि इस आदेश से 2,200 जवानों के परिवारों को राहत मिली है और त्योहार पर उनका मनोबल बढ़ा है। साथ ही उन्होंने सरकार से मांग की कि भविष्य में स्थायीकरण और बेहतर वेतनमान पर भी ठोस निर्णय लिया जाए।
बैठक में विशेष रूप से ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने, पोषण के माध्यम से महिलाओ, बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार करने, बच्चों की शिक्षा में गुणवत्ता बढ़ाने, किसानों को कृषि योजनाओं से जोड़ने, सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने तथा ग्रामीण संपर्क मार्गों का विस्तार, आधारभुत संरचना बढ़ाने पर बल दिया गया। अधिकारियों से कहा गया कि वे आपसी समन्वय स्थापित कर योजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी लाएँ और फील्ड स्तर पर नियमित निगरानी करें।
जमशेदपुर : उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम से संबंधित इंडिकेटरों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के द्वारा किये जा रहे कार्यो की प्रगति, निर्धारित कार्ययोजना और प्राप्त लक्ष्यों की समीक्षा की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।उपायुक्त ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कृषि, सिंचाई, सड़क सहित अन्य आवश्यक सेवाओं से गांवों को जोड़ते हुए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम के अंतर्गत निर्धारित इंडिकेटरों के आधार पर लक्ष्य तय कर समयबद्ध कार्य करें ताकि योजनाओं का लाभ ग्रामीण क्षेत्रों तक अधिक से अधिक पहुँच सके।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्यक्रम की सफलता के लिए लोगों की भागीदारी सुनिश्चित कराये, उन्हें जागरूक करें। ताकि ग्रामीणों को स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कृषि, सिंचाई और सड़क से जुड़ी सेवाओं का लाभ समय पर मिल सके। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपनी अपनी योजनाओं का लक्ष्य आधारित कार्यान्वयन सुनिश्चित कर अकांक्षी प्रखंडो के वंचित और दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ा जाए।बैठक में अधिकारियों को सतत प्रयास करने, योजनाओं के लक्ष्य प्राप्त करने तथा गांवों के समग्र विकास में योगदान देने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
जमशेदपुर : उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में श्रम, नियोजन एवं कौशल प्रशिक्षण विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति, रोजगार सृजन, कौशल विकास तथा श्रमिक कल्याण से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बेरोजगार युवाओं को रोजगार प्रदान करने के लिए रोजगार मेलों का आयोजन नियमित रूप से किया जाए। जनजातीय समुदायों, विशेष रूप से पीवीटीजी समूह को प्राथमिकता देते हुए नियोजन कार्यक्रम से जोड़ा जाए। इसके साथ ही कौशल प्रशिक्षण हेतु समग्र कार्ययोजना बनाकर बाजार की मांग के अनुरूप नए ट्रेड का संचालन किया जाए।
सरकारी आईटीआई में सभी ट्रेड में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने तथा युवाओं तक जानकारी पहुँचाने के लिए सोशल मीडिया प्रचार-प्रसार बढ़ाने पर भी बल दिया गया। प्रशिक्षण संस्थानों को प्लेसमेंट रिकॉर्ड बेहतर करने और प्रशिक्षण प्राप्त एवं रोजगार मेला से नियोजन प्राप्त युवाओं का नियमित फॉलो-अप करने व रिकॉड रखने का निदेश दिया।
श्रमिक कल्याण योजनाओं की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए ताकि अधिक से अधिक श्रमिक लाभ प्राप्त कर सकें। खास कर श्रमिकों का निबंधन अंतयेष्टि सहायता प्रवासी मजदूरों का सर्वेक्षण, सेफटी कीट वितरण, मेधावी पुत्र पुत्री छात्रवृति योजना, प्रसुति सहायता योजना, विवाह सहायता आदि योजनाओं के बारे में आवश्यक अहर्ता, लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया तथा सहायता राशि की जानकारी श्रमिकों तक पहुंचाई जाए। साथ ही, श्रमिक योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ दिलाने के लिए लक्ष्य आधारित कार्ययोजना बनाने की आवश्यकता पर बल दिया गया। उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी ने अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी ढंग से लागू करने तथा युवाओं व श्रमिकों के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य करने को कहा।
जमशेदपुर : जिला प्रशासन द्वारा सुदूरवर्ती क्षेत्रों के विकास हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी गुड़ाबांदा प्रखण्ड के फॉरेस्ट ब्लॉक पंचायत अंतर्गत पहाड़ पर बसे कारलाबेड़ा गांव पहुंचे। लगभग 22 से 24 परिवारों वाला यह गांव लंबे समय से सड़क से वंचित है। ग्रामीणों ने उपायुक्त के समक्ष सड़क निर्माण की मांग रखी, जिस पर उपायुक्त ने आश्वस्त किया कि गांव को न केवल सड़क सुविधा से जोड़ा जाएगा, बल्कि अन्य आवश्यक बुनियादी ढांचे भी चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध कराए जाएंगे।
उपायुक्त ने मौके पर ही पदाधिकारियों को गांव में जलापूर्ति सुनिश्चित करने हेतु जल मीनार निर्माण तथा सिंचाई व्यवस्था सुदृढ़ बनाने के लिए चेक डैम निर्माण आदि को लेकर निर्देश दिया। इन योजनाओं के क्रियान्वयन से न केवल पेयजल की समस्या का समाधान होगा, बल्कि खेती योग्य भूमि में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होने से कृषि उत्पादन में भी वृद्धि होगी।
खेती और आजीविका में बदलाव की संभावना
गांव में ग्रामीण अभी पारंपरिक खेती करते हैं। उपायुक्त ने उन्हें नगदी फसल जैसे सब्ज़ी उत्पादन, फल बागवानी, औषधीय पौधे आदि की ओर प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि नगदी फसल से ग्रामीणों को बेहतर आमदनी होगी, जिससे आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। इसके साथ ही पशुपालन, बकरी पालन, कुक्कुट पालन जैसी योजनाओं से जुड़ने पर उन्हें नियमित आय का अतिरिक्त स्रोत भी प्राप्त होगा। सड़क निर्माण से गांव तक एम्बुलेंस, शैक्षणिक सुविधाएं, बाज़ार से जुड़ाव और आपातकालीन सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित होगी। जल मीनार से सालभर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होगा, जिससे जलजनित बीमारियों में कमी आएगी। चेक डैम बनने से वर्षा जल का संचयन होगा, भूमिगत जलस्तर बढ़ेगा और सिंचाई सुविधाएं बेहतर होंगी। नगदी फसल व पशुपालन से ग्रामीणों को रोज़गार के नये अवसर मिलेंगे और पलायन की समस्या कम होगी। शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच आसान होने से जीवन स्तर में समग्र सुधार होगा।
उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन की प्राथमिकता है कि जिले के सुदूरवर्ती एवं दुर्गम गांवों तक विकास की सभी मूलभूत सुविधाएं पहुँचे। उन्होंने पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि कारलाबेड़ा समेत ऐसे गांवों की समस्याओं का सर्वे कर योजनाओं को प्राथमिकता से लागू करें, ताकि ग्रामीणों का जीवन स्तर बेहतर हो सके।
जमशेदपुर : जमशेदपुर में लोक अभियोजक बीरेंद्र कुमार ने पदभार ग्रहण किया। बोकारो में बतौर प्रभारी अभियोजन पदाधिकारी नियुक्त थे और प्रोन्नति मिलने के उपरांत उनका स्थानांतरण जमशेदपुर जिला व्यवहार न्यायालय में हुआ। लोक अभियोजक राजीव कुमार ने उन्हें पदभार सौंपा। इससे पहले वह धनबाद और देवघर में कार्यरत थे। प्रभार लेने के पश्चात उन्होंने प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय में अभियोजन का पक्ष भी रखा।
जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले में पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल किया गया है। जिले के 10 थाना प्रभारियों का तबादला कर दिया गया है। इस तबादले के तहत बिष्टुपुर थाना प्रभारी उमेश कुमार ठाकुर को मुसाबनी अंचल निरीक्षक बनाया गया है। वहीं सोनारी थाना प्रभारी सरयू आनंद और गोलमुरी थाना प्रभारी राजन कुमार को साइबर अपराध थाना जमशेदपुर भेजा गया है।
कदमा थाना प्रभारी आलोक कुमार दुबे को बिष्टुपुर थाना का नया प्रभारी बनाया गया है। मानगो यातायात थाना प्रभारी बंधन भगत को साइबर अपराध थाना जमशेदपुर भेजा गया है। जुगसलाई यातायात थाना प्रभारी मधुसूदन दे को सोनारी थाना की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा साइबर अपराध थाना में पदस्थापित प्रवेश चंद्र सिन्हा को कदमा थाना प्रभारी बनाया गया है। वहीं साइबर अपराध थाना के संजय सुमन को गोलमुरी थाना प्रभारी का कार्यभार सौंपा गया है।
साइबर अपराध थाना के हरिऔध करमाली को मानगो यातायात थाना प्रभारी बनाया गया है। वहीं संजय जनक मूर्ति को जुगसलाई यातायात थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है।जिले में इस तबादले को पुलिस व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उठाया गया कदम माना जा रहा है।
रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नगर विकास एवं आवास विभाग में विभिन्न पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को गुरुवार को राजधानी रांची में नियुक्ति पत्र सौंपा. झारखंड मंत्रालय में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड पर्यटन तथा झारखंड टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (जेटीडीसी) के लोगो एवं वेबसाइट के साथ-साथ सांस्कृतिक दल प्रबंधन प्रणाली एप्लीकेशन (ऐप) का भी शुभारंभ किया. इस अवसर पर झारखंड के सीएम ने कहा कि राज्य को मजबूत और बेहतर बनाने की दिशा में उनकी सरकार लगातार प्रयासरत है. नियुक्तियों के साथ-साथ सभी सेक्टरों में लगातार कार्य हो रहे हैं. राज्य का सर्वांगीण विकास गठबंधन सरकार की प्रतिबद्धता है.
मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त अभ्यर्थियों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आप आज से सरकार के एक अभिन्न के रूप में जुड़ रहे हैं. राज्य का समुचित विकास हो, इसके लिए आप पूरी निष्ठा और कुशलता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे, मुझे पूरी उम्मीद है. उन्होंने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों से कहा कि नगरीय क्षेत्र में रहने वाले लोगों को बेहतर नागरिक सुविधा तथा सेवा देने की दिशा में आपकी भूमिका काफी अहम होगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज गांव से शहरों की ओर लोग आ रहे हैं. इस वजह से शहर के आकार और जनसंख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है. ऐसे में शहरों का व्यवस्थित तथा योजनाबद्ध तरीके से विकास आज निहायत ही जरूरी है, ताकि शहरों में उपलब्ध व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के साथ शहरवासियों को अच्छी नागरिक सुविधा और सेवाएं दे सकें. उन्होंने कहा कि अगर शहर अव्यवस्थित तरीके से फैलेंगे, तो उसके कई दुष्परिणाम और समस्याएं सामने आयेंगी, जिसका समाधान काफी चुनौतीपूर्ण होगा. इसलिए, शहरों को पूरी प्लानिंग के साथ विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुदरत ने झारखंड को न सिर्फ खनिज संपदा, बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य का भी उपहार दिया है. झारखंड में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं. हमारी सरकार अपने राज्य की समृद्ध सामाजिक, सांस्कृतिक, विरासत और प्राकृतिक खूबसूरती को देश-दुनिया के मानचित्र पर पहचान दिलाने का प्रयास कर रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाये गये हैं. इसी कड़ी में आज पर्यटन विभाग से जुड़े ‘लोगो’ एवं वेबसाइट का अनावरण किया गया है. इसके माध्यम से हम न सिर्फ झारखंड के खूबसूरत पर्यटक स्थलों को दुनिया के सामने दिखा सकते हैं, बल्कि सैलानियों को भी आकर्षित करने में कामयाब होंगे.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य में पर्यटन को बढ़ावा मिलने से यहां की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी. यही वजह है कि हमारी सरकार यहां के पर्यटक स्थलों के आकर्षक विकास के साथ-साथ आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करने के लिए कई कदम उठा रही है. उन्होंने कहा कि पर्यटन को जितना बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे. इससे राज्य के स्थानीय उत्पादों को भी बढ़ावा मिलेगा. इसका सीधा फायदा यहां के सुदूर और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को मिलेगा. यही वजह है कि सरकार का पर्यटन पर विशेष फोकस है.
इस अवसर पर नगर विकास एवं आवास विभाग तथा पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, मुख्य सचिव अलका तिवारी, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार और पर्यटन सचिव मनोज कुमार मौजूद थे.