एक नई सोच, एक नई धारा

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सावधान! 1 अप्रैल से बदल जाएगा ऑनलाइन पेमेंट का तरीका, RBI लागू कर रहा है ‘टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन’ का नया नियम

जमशेदपुर/नई दिल्ली:

डिजिटल इंडिया के दौर में अगर आप भी यूपीआई (UPI), नेट बैंकिंग या मोबाइल वॉलेट के जरिए लेनदेन करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ऑनलाइन फ्रॉड और बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए 1 अप्रैल 2026 से डिजिटल ट्रांजेक्शन के नियमों में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है।n7062524561774668194797a8ad5e5635fdc79c4fd6ded938991ed5194011c1bfd8cc9f0aa34a0305459fde

​अब किसी भी डिजिटल भुगतान को पूरा करने के लिए ग्राहकों को सुरक्षा की दो परतों (Layers) से गुजरना होगा।

क्या है ‘टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन’ (2FA)?

​अभी तक कई प्लेटफॉर्म्स पर सिंगल क्लिक या एक ‘स्टैटिक पिन’ के जरिए पेमेंट हो जाता था, जिसे हैकर्स आसानी से चुरा लेते थे। लेकिन अब RBI ने ‘टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन’ को अनिवार्य कर दिया है। इसका मतलब है कि भुगतान पूरा करने के लिए आपको दो अलग-अलग चरणों में अपनी पहचान साबित करनी होगी।1002518072

​इसमें से एक सुरक्षा पैमाना ‘डायनेमिक’ होना जरूरी है, यानी वह कोड या सुरक्षा कोड हर ट्रांजेक्शन के लिए अलग होगा और तुरंत जेनरेट होगा।

कैसे काम करेगी सुरक्षा की ये दो परतें?

​आरबीआई के नए निर्देशों के अनुसार, बैंक और फिनटेक कंपनियां निम्नलिखित विकल्पों में से कम से कम दो का इस्तेमाल करेंगी:

  • पहला फैक्टर (Static): आपका पासवर्ड या पिन (जो हमेशा एक जैसा रहता है)।
  • दूसरा फैक्टर (Dynamic): ओटीपी (OTP), बायोमीट्रिक्स (फिंगरप्रिंट/फेस आईडी) या हार्डवेयर टोकन।

उदाहरण के तौर पर: अगर कोई जालसाज आपका पासवर्ड जान भी जाता है, तो भी वह आपके फिंगरप्रिंट या उस समय फोन पर आने वाले ‘रियल-टाइम’ ओटीपी के बिना पैसा नहीं निकाल पाएगा।

ग्राहकों को मिलेंगे कई विकल्प

​RBI ने स्पष्ट किया है कि बैंक और कार्ड नेटवर्क को ग्राहकों को ऑथेंटिकेशन के कई विकल्प देने होंगे। अब ग्राहक खुद तय कर पाएगा कि उसे सुरक्षा का कौन सा तरीका अपनाना है:

  1. विकल्प 1: ओटीपी (डायनेमिक) + पिन (स्टैटिक)।
  2. विकल्प 2: बायोमीट्रिक (रियल-टाइम) + डिवाइस बाइंडिंग।
  3. विकल्प 3: टोकन आधारित ऑथेंटिकेशन + पासवर्ड।

आम आदमी को क्या होगा फायदा?

  • फ्रॉड पर लगाम: दोहरी सुरक्षा परत होने से स्कैमर्स के लिए खातों में सेंध लगाना लगभग नामुमकिन होगा।
  • बैंकों की जवाबदेही: यदि इन नियमों के पालन में ढिलाई की वजह से कोई धोखाधड़ी होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी बैंक या सर्विस प्रोवाइडर की होगी।
  • अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा: क्रॉस-बॉर्डर (विदेशी) ट्रांजेक्शन के लिए भी यह नियम प्रभावी होंगे, जो 1 अक्टूबर से पूरी तरह लागू हो जाएंगे।

तीसरी धारा न्यूज की सलाह: 1 अप्रैल से पहले अपने बैंकिंग ऐप को अपडेट करें और अपनी पसंद का ऑथेंटिकेशन मोड सेट कर लें ताकि आपके ट्रांजेक्शन निर्बाध रूप से चलते रहें।

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नेपाल में बड़ा राजनीतिक भूचाल: पूर्व PM केपी ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक गिरफ्तार

काठमांडू:

नेपाल के नवनियुक्त प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने अपनी पहली ही कैबिनेट बैठक में कड़ा रुख अपनाते हुए पिछले साल सितंबर में हुए ‘जेनरेशन जेड’ (Gen Z) आंदोलन की उच्च स्तरीय जांच आयोग (कार्की आयोग) की रिपोर्ट को तत्काल लागू करने का फैसला किया है। इस फैसले के कुछ ही घंटों बाद नेपाल पुलिस ने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को उनके गुंडू (भक्तपुर) स्थित आवास से हिरासत में ले लिया।n706252576177466791115415700af480efac8d22c1d28e3fea1e2f6b27cb6aab2d551e389d71ae791c7bc4

प्रमुख गिरफ्तारियां और आरोप

  • केपी शर्मा ओली: पूर्व प्रधानमंत्री पर पद पर रहते हुए आंदोलन को दबाने के लिए अत्यधिक बल प्रयोग और आपराधिक लापरवाही बरतने का आरोप है।
  • रमेश लेखक: पूर्व गृह मंत्री को भी उनके आवास से गिरफ्तार किया गया है। उन पर सुरक्षा व्यवस्था को सही से न संभालने और हिंसा रोकने में विफल रहने का आरोप है।
  • सजा की संभावना: जांच आयोग ने इन दोनों दिग्गजों के खिलाफ ‘गैर-इरादतन हत्या’ (Culpable Homicide) के तहत मामला चलाने और अधिकतम 10 साल की कैद की सिफारिश की है।1002518072

कैबिनेट के अन्य बड़े फैसले

​शुक्रवार को हुई पहली कैबिनेट बैठक में सरकार ने स्पष्ट किया कि “कानून से ऊपर कोई नहीं है।”

  1. प्रवक्ता की नियुक्ति: विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री सस्मित पोखरेल को सरकार का नया आधिकारिक प्रवक्ता नियुक्त किया गया है।
  2. रिपोर्ट का कार्यान्वयन: सरकार ने आंदोलन के दौरान मारे गए 76 लोगों (जिनमें कई युवा शामिल थे) के परिवारों को न्याय दिलाने के लिए आयोग की सिफारिशों को अक्षरशः लागू करने की प्रतिबद्धता जताई है।

क्या था जेन-जी आंदोलन?

​यह आंदोलन सितंबर 2025 में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध और भ्रष्टाचार के खिलाफ युवाओं (Gen Z) द्वारा शुरू किया गया था। इस दौरान हुई पुलिस फायरिंग और झड़पों में दर्जनों लोगों की जान गई थी, जिसके कारण तत्कालीन सरकार गिर गई थी और बालेन शाह की पार्टी को भारी जनादेश मिला।

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गढ़वा में रामनवमी जुलूस के दौरान हिंसा: 19 उपद्रवी गिरफ्तार, रमकंडा थाना प्रभारी लाइन हाजिर

गढ़वा/झारखंड:

झारखंड के गढ़वा जिले में रामनवमी के पावन अवसर पर निकाली जा रही शोभायात्रा के दौरान दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प का मामला सामने आया है। गुरुवार रात हुई इस घटना में पुलिसकर्मियों सहित कई लोग घायल हो गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को बल प्रयोग और आंसू गैस के गोले दागने पड़े। मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में रमकंडा थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है।IMG 20260327 WA0051

विवाद की जड़ और घटनाक्रम

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, रामनवमी की अष्टमी के अवसर पर कौआखोह स्थित शिव चबूतरा के पास से जब जुलूस गुजर रहा था, तभी दूसरे पक्ष द्वारा विरोध किए जाने के बाद तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों ओर से जमकर पथराव हुआ।1002518072

​उल्लेखनीय है कि इलाके में तनाव की सुगबुगाहट एक दिन पहले ही महावीर पताका लगाने को लेकर हुए विवाद से शुरू हो गई थी, जिसके विरोध में गुरुवार सुबह करीब छह घंटे तक सड़क जाम भी रहा था। इसी तनावपूर्ण पृष्ठभूमि के बीच रात में हिंसा भड़क उठी।

पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 19 गिरफ्तार, वाहन और मोबाइल जब्त

​घटना के बाद पलामू रेंज के डीआईजी किशोर कौशल और गढ़वा एसपी अमन कुमार ने मोर्चा संभाला। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और साक्ष्यों के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक कुल 19 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है।

  • गिरफ्तारियां: दोनों पक्षों से कुल 19 लोग हिरासत में लिए गए हैं।
  • जब्ती: मौके से 18 मोटरसाइकिल और 9 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।
  • प्रशासनिक गाज: ड्यूटी में कोताही बरतने के आरोप में रमकंडा थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह कुंटिया को लाइन हाजिर कर दिया गया है।

वर्तमान स्थिति और सुरक्षा इंतजाम

​हिंसा के बाद सुरक्षा के मद्देनजर जुलूस को बीच रास्ते से ही वापस लौटा दिया गया। फिलहाल पूरे इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उपद्रवियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और अन्य संदिग्धों की पहचान के लिए छापेमारी जारी है।

​प्रशासन ने आम जनता से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज़ डेस्क

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ग्लोबल क्रूड में उछाल: पेट्रोल-डीजल की कीमतों की अब हर 15 दिन में होगी समीक्षा, सरकार ने ड्यूटी में की ₹10 की कटौती

जमशेदपुर/नई दिल्ली:

पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी युद्ध और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई भारी तेजी को देखते हुए भारत सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेज एंड कस्टम्स (CBIC) के चेयरमैन विवेक चतुर्वेदी ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि अब पेट्रोल और डीजल की कीमतों की हर पखवाड़े (15 दिन में) समीक्षा की जाएगी। यह कदम वैश्विक अस्थिरता के बीच घरेलू बाजार को संतुलित करने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।n706197800177462023086151c12f6749c59e2c920b628f1e50c809ec2d1c7e677a8016252b3729b88104d2

राजस्व को ₹7,000 करोड़ का नुकसान

​एक अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग के दौरान चेयरमैन विवेक चतुर्वेदी ने बताया कि सरकार की प्राथमिकता सप्लाई चेन और अंतरराष्ट्रीय बाधाओं से निपटना है। उन्होंने जानकारी दी कि पेट्रोल और डीजल पर ड्यूटी में की गई कटौती के कारण सरकार को अब तक कुल 7,000 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा है।

​चतुर्वेदी ने कहा, “वर्तमान स्थिति काफी गतिशील है। यह सामान्य कामकाज जैसा समय नहीं है कि हम पहले से कोई सटीक अनुमान लगा सकें। हम एक कठिन दौर से गुजर रहे हैं, इसलिए हर 15 दिन में आयात और घरेलू खपत के रुझानों का आकलन करना जरूरी हो गया है।”1002518072

एक्साइज ड्यूटी में बड़ी कटौती, लेकिन उपभोक्ताओं को राहत नहीं

​सरकार ने घरेलू स्तर पर बड़े उपाय करते हुए पेट्रोल पर संशोधित उत्पाद शुल्क (Excise Duty) को 21.90 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 11.90 रुपये प्रति लीटर कर दिया है। 10 रुपये की यह कटौती सीधे तौर पर तेल मार्केटिंग कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) को घाटे से बचाने के लिए की गई है।

ध्यान देने वाली बात: इस कटौती का लाभ सीधे तौर पर उपभोक्ताओं को नहीं मिलेगा। यानी पेट्रोल पंप पर मिलने वाली कीमतों में फिलहाल कोई कमी नहीं आएगी। इस कदम का मुख्य उद्देश्य तेल कंपनियों की ‘अंडर-रिकवरी’ (बढ़ते घाटे) को थामना है ताकि देश में ईंधन की सप्लाई प्रभावित न हो।

सप्लाई और स्टॉक पर सरकार का आश्वासन

​ब्रीफिंग के दौरान पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने देशवासियों को आश्वस्त किया कि भारत के पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। उन्होंने बताया कि:

  • ​घरेलू LPG उत्पादन में लगभग 40% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
  • ​घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरतों को देखते हुए कमर्शियल सप्लाई को चरणबद्ध तरीके से नियंत्रित किया जा रहा है।
  • ​वर्तमान में व्यापार की सुगमता को देखते हुए कमर्शियल सप्लाई को बढ़ाकर 70% तक कर दिया गया है।

​सरकार की ओर से यह स्पष्ट संकेत दिया गया है कि आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए और भी कड़े या राहत भरे फैसले लिए जा सकते हैं।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज़ डेस्क

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बागबेड़ा जलापूर्ति योजना: जून तक बुझेगी हजारों कंठों की प्यास, जिला पार्षद डॉ. कविता परमार ने अफसरों संग किया साइट निरीक्षण

जमशेदपुर (बागबेड़ा): सालों से पानी की किल्लत झेल रहे बागबेड़ा वासियों के लिए राहत भरी खबर है। वृहद जलापूर्ति योजना का काम अब अपने अंतिम चरण में है और उम्मीद जताई जा रही है कि आगामी जून महीने के पहले सप्ताह तक घरों में पानी की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। शुक्रवार को जिला पार्षद डॉ. कविता परमार ने विभागीय अधिकारियों के साथ योजना के विभिन्न साइट्स का गहन निरीक्षण किया।IMG 20260327 WA0044

उपायुक्त के निर्देश के बाद एक्शन में प्रशासन

​पिछले सप्ताह उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी से मुलाकात के बाद यह तय हुआ था कि कार्यों की प्रगति की मॉनिटरिंग खुद डॉ. कविता परमार वरीय पदाधिकारियों के साथ करेंगी। इसका उद्देश्य तय समय सीमा (Deadline) के भीतर काम पूरा करना और जनता के बीच भरोसा कायम करना है।1002518072

निरीक्षण के मुख्य बिंदु: कहाँ तक पहुँचा काम?

  1. बड़ौदा घाट पाइपलाइन: टीम ने सबसे पहले बड़ौदा घाट पर चल रहे पाइप बिछाने के काम का जायजा लिया। कार्यपालक अभियंता सुनील कुमार ने भरोसा दिलाया कि अगले दो सप्ताह में नदी के ऊपर से पाइप ले जाने का काम पूर्ण कर लिया जाएगा।
  2. सापड़ा इंटक वेल: आदित्यपुर स्थित सापड़ा में बने इंटक वेल पर मोटर और बिजली का काम लगभग पूरा हो चुका है। यहाँ बचे हुए पाइप कनेक्शन को एक सप्ताह के भीतर जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
  3. 15 किमी का सफर और हाइड्रोटेस्टिंग: इंटक वेल से गिद्दी झोपड़ी तक की 15 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन की बाधाओं को दूर कर लिया गया है। अभियंता के अनुसार, अगले 10 दिनों के भीतर हाइड्रोटेस्टिंग (पाइप की मजबूती की जांच) का काम शुरू कर दिया जाएगा।IMG 20260327 WA0046

हर सप्ताह होगी समीक्षा, DC को सौंपी जाएगी रिपोर्ट

​निरीक्षण के दौरान डॉ. कविता परमार ने स्पष्ट किया कि अब हर सप्ताह इसी तरह साइट का मुआयना किया जाएगा ताकि किसी भी तकनीकी अड़चन को तुरंत दूर किया जा सके। प्रगति की रिपोर्ट सीधे उपायुक्त को सौंपी जाएगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस भीषण गर्मी में ही लाभुकों को शुद्ध पेयजल मिलना शुरू हो जाएगा।

मौके पर मौजूद रहे गणमान्य:

निरीक्षण के दौरान डॉ. कविता परमार के साथ मुख्य रूप से मुखिया राजकुमार गौड़, पंचायत समिति सदस्य राजू सिंह, झरना मिश्रा, अभिषेक उपाध्याय, कार्यपालक अभियंता सुनील कुमार, कनीय अभियंता एवं अन्य विभागीय कर्मी उपस्थित थे।

तीसरी धारा न्यूज़ की टिप्पणी:

​बागबेड़ा वृहद जलापूर्ति योजना केवल एक प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि हजारों परिवारों की बुनियादी जरूरत है। जनप्रतिनिधियों की यह सक्रियता निश्चित रूप से योजना को धरातल पर उतारने में मददगार साबित होगी।

रिपोर्ट: डेस्क, तीसरी धारा न्यूज

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गोविंदपुर: रामनवमी की पूर्व संध्या पर गूँजा हनुमान चालीसा, ‘वेदानंद जी’ की स्मृति में शिव परिवार ने दी भावांजलि

जमशेदपुर (गोविंदपुर): रामनवमी के महापर्व से ठीक पहले गोविंदपुर के शेष नगर स्थित श्री श्री 108 मनोकामना सिद्ध बाबा बैद्यनाथ मंदिर प्रांगण भक्ति और स्मृतियों के संगम का गवाह बना। मंदिर के ‘शिव परिवार’ के सदस्यों द्वारा प्रभु श्री राम के अनन्य भक्त और परिवार के मार्गदर्शक स्वर्गीय वेदानंद जी की याद में एक विशेष भजन संध्या और हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया गया।IMG 20260326 203421

भक्तिमय वातावरण में वेदानंद जी को नमन

​कार्यक्रम का आयोजन रामनवमी की पूर्व संध्या पर किया गया। शिव परिवार के सदस्यों ने बताया कि वेदानंद जी न केवल मंदिर से गहराई से जुड़े थे, बल्कि वे प्रभु श्री राम और संकटमोचन बजरंगबली के परम उपासक थे। उनकी पुण्य स्मृति को समर्पित इस आयोजन में मंदिर प्रांगण “जय श्री राम” और “जय हनुमान” के उद्घोष से गुंजायमान रहा।IMG 20260326 203318

सामूहिक हनुमान चालीसा और भजनों की प्रस्तुति

​समारोह की शुरुआत सामूहिक हनुमान चालीसा के पाठ से हुई, जिसमें शिव परिवार के सभी सदस्यों ने एक स्वर में पाठ किया। इसके पश्चात स्थानीय कलाकारों और परिवार के सदस्यों ने प्रभु राम और बजरंगबली के भजनों की मनमोहक प्रस्तुति दी। भजनों की लहरियों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।1002518072

शिव परिवार की एकजुटता

​इस अवसर पर शिव परिवार के सभी वरिष्ठ और युवा सदस्य मौजूद रहे। उपस्थित सदस्यों ने कहा कि वेदानंद जी के आदर्श और उनकी भक्ति आज भी हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मंदिर प्रांगण में आयोजित इस कार्यक्रम ने न केवल धार्मिक उत्साह को बढ़ाया, बल्कि सामुदायिक एकता की मिसाल भी पेश की।

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प्रेस विज्ञप्ति एनआईटी जमशेदपुर में एआईईआई 2026 का भव्य उद्घाटन जमशेदपुर, 26 मार्च 2026: इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन एआई इंजीनियरिंग एंड इनोवेशन (AIEI 2026) का आज राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर में भव्य उद्घाटन समारोह के साथ शुभारंभ हुआ। तीन दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन विद्युत अभियांत्रिकी विभाग द्वारा किया जा रहा है, जिसमें देश-विदेश से प्रतिष्ठित शिक्षाविद्, शोधकर्ता एवं उद्योग विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि श्री सुनील कुमार, आईएएस, निदेशक, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग रहे। अपने संबोधन में उन्होंने तकनीकी प्रगति में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की परिवर्तनकारी भूमिका पर प्रकाश डाला तथा राष्ट्रीय विकास के लिए नवाचार-आधारित अनुसंधान की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं विशिष्ट अतिथियों के सम्मान के साथ हुआ। प्रो. (डॉ.) गौतम सूत्रधार, निदेशक, एनआईटी जमशेदपुर ने सभा को संबोधित करते हुए संस्थान की उत्कृष्ट शोध एवं वैश्विक सहयोग के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराया। इस अवसर पर डॉ. मधु सिंह, अध्यक्ष, विद्युत अभियांत्रिकी विभाग, एनआईटी जमशेदपुर ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए और वास्तविक जीवन की चुनौतियों के समाधान हेतु एआई आधारित अनुसंधान एवं बहुविषयी सहयोग के महत्व पर प्रकाश डाला। उद्घाटन सत्र में प्रो. राजीव श्रीवास्तव, निदेशक, IIIT रांची; प्रो. एन. पी. पाध्य, निदेशक, MNIT जयपुर (ऑनलाइन); डॉ. एंडी चेन, अध्यक्ष, IEEE सिस्टम्स काउंसिल (ऑनलाइन); डॉ. त्रिदिबेश नाग, सचिव, IEEE कोलकाता सेक्शन; तथा श्री शुभमोय चक्रबर्ती, मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी, ABP प्रा. लि. सहित कई विशिष्ट अतिथियों ने अपने विचार साझा किए। सम्मेलन का नेतृत्व जनरल चेयर डॉ. वी. पी. मीणा, एनआईटी जमशेदपुर एवं चेयर, IEEE सिस्टम्स काउंसिल सिस्टम्स एजुकेशन टेक्निकल कमेटी तथा प्रो. केसी (केसी) संतोष, संस्थापक निदेशक, USD आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रिसर्च, यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ डकोटा, अमेरिका द्वारा किया जा रहा है। आयोजन समिति में डॉ. दिनेश कुमार (CSE), डॉ. मृणाल कांति सरकार (EE), डॉ. सूर्य प्रकाश (EE), डॉ. स्वगतदेब साहू (ECE), डॉ. मृत्युंजय राउत (ECE), डॉ. संजय कुमार (EE) एवं डॉ. सुप्रियो दास (EE) आयोजक अध्यक्ष/सचिव के रूप में शामिल हैं, जिन्होंने इस कार्यक्रम के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. मृणाल कांति सरकार, आयोजक अध्यक्ष ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए सम्मेलन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला, जबकि डॉ. सूर्य प्रकाश, आयोजक सचिव ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। सम्मेलन के प्रथम दिन प्रो. बिप्लब भट्टाचार्य (आईआईटी आईएसएम धनबाद) एवं श्री शुभमोय चक्रबर्ती (CTO, ABP प्रा. लि.) द्वारा दो मुख्य व्याख्यान प्रस्तुत किए गए, जिनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उभरते रुझानों एवं औद्योगिक अनुप्रयोगों पर चर्चा की गई। “सिक्योर एआई में ट्रस्ट के लिए इंजीनियरिंग” विषय पर एक विचारोत्तेजक पैनल चर्चा भी आयोजित की गई, जिसमें सुदीप्तो जेना, सत्य प्रिय दास एवं नारायण बसाक ने पैनलिस्ट के रूप में भाग लिया तथा इसका संचालन श्री शुभमोय चक्रबर्ती ने किया। इस चर्चा में विश्वसनीय, नैतिक एवं सुरक्षित एआई प्रणालियों के विकास के महत्व पर जोर दिया गया। सत्रों में शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों एवं उद्योग विशेषज्ञों की उत्साहपूर्ण भागीदारी एवं सार्थक संवाद देखने को मिला। सम्मेलन आगामी दो दिनों तक जारी रहेगा, जिसमें विभिन्न विषयों पर मुख्य व्याख्यान, पैनल चर्चाएं एवं तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं नवाचार के विविध आयामों को समाहित करेंगे।

जमशेदपुर: भविष्य की तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) जमशेदपुर में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘AIEI-2026’ का गुरुवार को शानदार उद्घाटन हुआ। विद्युत अभियांत्रिकी विभाग (Electrical Engineering) द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में भारत सहित विदेशों के प्रतिष्ठित शिक्षाविद् और उद्योग विशेषज्ञ शिरकत कर रहे हैं।IMG 20260327 WA0029

तकनीकी प्रगति से ही संभव है राष्ट्रीय विकास: सुनील कुमार (IAS)

​कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री सुनील कुमार (निदेशक, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग) ने दीप प्रज्वलित कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज के दौर में एआई (AI) केवल एक तकनीक नहीं बल्कि एक परिवर्तनकारी शक्ति है। उन्होंने जोर देकर कहा कि विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए नवाचार-आधारित अनुसंधान (Research) ही एकमात्र रास्ता है।IMG 20260327 WA0027

वैश्विक सहयोग और शोध पर जोर

​एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. (डॉ.) गौतम सूत्रधार ने संस्थान की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि ऐसे आयोजन वैश्विक सहयोग के द्वार खोलते हैं। वहीं, इलेक्ट्रिकल विभाग की अध्यक्ष डॉ. मधु सिंह ने बताया कि वास्तविक जीवन की चुनौतियों, जैसे ऊर्जा संकट और स्वास्थ्य सेवाओं में एआई का उपयोग समय की मांग है।1002518072

इन दिग्गजों ने साझा किए विचार

​उद्घाटन सत्र में तकनीक जगत की कई बड़ी हस्तियां ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से जुड़ीं:

  • प्रो. राजीव श्रीवास्तव (निदेशक, IIIT रांची)
  • प्रो. एन. पी. पाध्य (निदेशक, MNIT जयपुर)
  • डॉ. एंडी चेन (अध्यक्ष, IEEE सिस्टम्स काउंसिल)
  • श्री शुभमोय चक्रबर्ती (CTO, ABP प्रा. लि.)

​इस सम्मेलन का नेतृत्व डॉ. वी. पी. मीणा (NIT जमशेदपुर) और अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ डकोटा के प्रो. केसी संतोष कर रहे हैं।

पहले दिन की खास चर्चा: क्या एआई पर भरोसा किया जा सकता है?

​सम्मेलन के पहले दिन “सिक्योर एआई में ट्रस्ट के लिए इंजीनियरिंग” विषय पर एक बेहद महत्वपूर्ण पैनल चर्चा हुई। इसमें विशेषज्ञों ने बताया कि एआई प्रणालियों को न केवल स्मार्ट, बल्कि नैतिक (Ethical) और सुरक्षित बनाना भी जरूरी है।

  • मुख्य व्याख्यान: आईआईटी आईएसएम धनबाद के प्रो. बिप्लब भट्टाचार्य और श्री शुभमोय चक्रबर्ती ने एआई के औद्योगिक उपयोगों पर नई जानकारियां साझा कीं।

आयोजन समिति की सक्रिय भूमिका

​कार्यक्रम के सफल संचालन में डॉ. मृणाल कांति सरकार, डॉ. सूर्य प्रकाश, डॉ. दिनेश कुमार, डॉ. स्वगतदेब साहू सहित पूरी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अगले दो दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में कई तकनीकी सत्र और शोध पत्र (Research Papers) प्रस्तुत किए जाएंगे।

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अयोध्या में त्रेता युग सा नजारा: रामलला का हुआ भव्य ‘सूर्य तिलक’, 4 मिनट तक मस्तक पर विराजे सूर्यदेव

अयोध्या/डेस्क: रामनवमी के पावन अवसर पर आज समूचा देश राममय हो गया है। रामनगरी अयोध्या में प्रभु श्री रामलला का जन्मोत्सव अभूतपूर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस ऐतिहासिक दिन (27 मार्च) को अयोध्या के भव्य मंदिर में एक ऐसा चमत्कारिक दृश्य देखने को मिला, जिसने करोड़ों राम भक्तों को भावविभोर कर दिया—प्रभु रामलला का ‘सूर्य तिलक’69c60e337db62 ram lala surya tilak 275717894 16x9 1

विज्ञान और आध्यात्म का अद्भुत संगम

​ठीक दोपहर 12 बजे, जब भगवान राम का जन्म हुआ था, सूर्य की किरणें सीधे रामलला के ललाट पर पड़ीं। करीब 4 मिनट तक भगवान के मस्तक पर सूर्य की किरणें एक चमकते तिलक की तरह जगमगाती रहीं।

  • कैसे हुआ यह चमत्कार? वैज्ञानिकों ने दर्पण (मिरर) और लेंस की एक विशेष ऑप्टोमैकेनिकल प्रणाली विकसित की है, जिससे सूर्य की रोशनी को परावर्तित (Reflect) कर सीधे गर्भगृह तक पहुँचाया गया।
  • अभिजीत मुहूर्त: शास्त्रों के अनुसार, प्रभु का जन्म इसी मुहूर्त में हुआ था जब सूर्य अपनी पूरी शक्ति में होते हैं।1002518072

पीएम मोदी ने लाइव देखा यह दिव्य नजारा

​प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस भव्य घटना का सीधा प्रसारण देखा। प्रधानमंत्री आवास से उन्होंने न केवल दर्शन किए, बल्कि इस गौरवशाली क्षण पर तालियां बजाकर अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा किया कि यह पल हर भारतीय के लिए गर्व और श्रद्धा का विषय है।n7061541171774597963232bbb000087e81b8ca4bd80a542254fcaa8b760a1308cad5e96c093a58340d5fd2

56 भोग और विशेष पूजा

​इस खास अवसर पर मंदिर के गर्भगृह में 14 पुजारी मौजूद रहे। सूर्य तिलक के दौरान विशेष मंत्रोच्चार और आरती की गई। इसके बाद प्रभु रामलला को 56 तरह के व्यंजनों का महाभोग लगाया गया। ‘जय श्रीराम’ के नारों से पूरी अयोध्या नगरी गूंज उठी और भक्तों की भारी भीड़ अपने आराध्य की एक झलक पाने को बेताब दिखी।

क्यों खास है सूर्य तिलक?

​धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीराम सूर्यवंशी हैं और सूर्यदेव उनके कुल देवता हैं। सूर्य को जीवन और शक्ति का स्रोत माना जाता है। मस्तक पर सूर्य की किरणों का अभिषेक इस बात का प्रतीक है कि सूर्यदेव स्वयं अपने वंशज का अभिनंदन करने धरती पर उतरे हैं।

तीसरी धारा न्यूज़ की विशेष प्रस्तुति

​अयोध्या का यह ‘सूर्य तिलक’ केवल एक वैज्ञानिक प्रयोग नहीं, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था का वह प्रकाश है जो नए भारत के उदय का प्रतीक है।

रिपोर्ट: डेस्क, तीसरी धारा न्यूज

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बिरसानगर: श्रीराम जन्मोत्सव पर ‘कष्टभजन हनुमान शिव मंदिर’ में उमड़ी श्रद्धा, भगवा वस्त्र देकर अतिथियों का हुआ सम्मान

जमशेदपुर (बिरसानगर): रामनवमी के पावन अवसर पर लौहनगरी के विभिन्न क्षेत्रों में भक्ति की बयार बह रही है। इसी कड़ी में बिरसानगर जोन नंबर 3 स्थित श्री श्री कष्टभजन हनुमान शिव मंदिर में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मंदिर कमेटी और ‘सेवा ही लक्ष्य’ (युवा शक्ति) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में भारी संख्या में श्रद्धालु और प्रबुद्ध जन शामिल हुए।IMG 20260327 WA0007

अतिथियों का भगवा अंगवस्त्र से सम्मान

​कार्यक्रम की अध्यक्षता मंदिर कमेटी के अध्यक्ष सह ‘सेवा ही लक्ष्य’ (युवा शक्ति) के उपाध्यक्ष गौतम गोप ने की। इस अवसर पर उन्होंने मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित ‘सेवा ही लक्ष्य’ युवा शक्ति के संस्थापक सह मुख्य संरक्षक बब्लू गोप का गर्मजोशी से स्वागत किया।1002518072

​समिति की ओर से बब्लू गोप, जेडीयू (JDU) बिरसानगर मंडल अध्यक्ष शंकर कर्मकार, और ‘सेवा ही लक्ष्य’ के अध्यक्ष विकास कुमार दे को पारंपरिक रूप से भगवा अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।

नारी शक्ति को मिला प्रोत्साहन

​इस बार के आयोजन में महिला सशक्तिकरण की भी झलक देखने को मिली। ‘युवा शक्ति’ महिला इकाई की अध्यक्ष रेणुका नाग और ममता भूमिज विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने बस्ती की महिलाओं को धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया और उनका हौसला बढ़ाया।

भक्ति और सेवा का संगम

​आयोजन के दौरान मंदिर परिसर भगवान राम के भजनों और जयकारों से गुंजायमान रहा। गौतम गोप ने बताया कि मंदिर कमेटी हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने और सामाजिक एकजुटता बढ़ाने के संकल्प के साथ यह महापर्व मना रही है।

​कार्यक्रम में क्षेत्र के कई अन्य गणमान्य व्यक्ति और युवा कार्यकर्ता उपस्थित थे, जिन्होंने व्यवस्था संचालन में सक्रिय भूमिका निभाई।

तीसरी धारा न्यूज़ की टिप्पणी:

​धार्मिक आयोजनों के माध्यम से सामाजिक सद्भाव और महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना समाज के लिए एक सकारात्मक संकेत है। बिरसानगर का यह आयोजन भक्ति और एकजुटता का बेहतरीन उदाहरण पेश करता है।

रिपोर्ट: डेस्क, तीसरी धारा न्यूज

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सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप्स पर अब नहीं चलेगा ‘फेक’ खेल: मोदी सरकार ला सकती है KYC नियम, बिना पहचान नहीं होगा लॉगिन

नई दिल्ली/डेस्क: भारत में सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेमिंग और डेटिंग ऐप्स का इस्तेमाल करने वाले करोड़ों यूजर्स के लिए एक बड़ा बदलाव आने वाला है। अब इन प्लेटफॉर्म्स पर अकाउंट बनाना या लॉगिन करना उतना आसान नहीं रहेगा जितना पहले था। सिम कार्ड खरीदने या बैंक खाता खुलवाने की तर्ज पर अब आपको अपनी डिजिटल पहचान (KYC) सत्यापित करानी पड़ सकती है।n705865345177458418825523954a35755e646b32dce741f5956886e576a4c17d5e317e869554e56209bf4c

संसदीय समिति की बड़ी सिफारिश

​’साइबर अपराध और महिलाओं की साइबर सुरक्षा’ पर गठित एक संसदीय समिति ने केंद्रीय आईटी (IT) और गृह मंत्रालय को एक महत्वपूर्ण सुझाव दिया है। समिति का मानना है कि ऑनलाइन सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए KYC-आधारित सत्यापन (Verification) अनिवार्य किया जाना चाहिए।1002518072

क्यों पड़ी KYC की जरूरत?

​इस प्रस्ताव के पीछे मुख्य उद्देश्य डिजिटल दुनिया में बढ़ रहे अपराधों पर लगाम लगाना है:

  • फेक अकाउंट्स पर सर्जिकल स्ट्राइक: फर्जी प्रोफाइल के जरिए होने वाले उत्पीड़न, धोखाधड़ी और पहचान की चोरी (Identity Theft) को रोकने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।
  • महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा: साइबरस्टॉकिंग, बिना सहमति के निजी तस्वीरें साझा करना और ऑनलाइन दुर्व्यवहार जैसे अपराधों में अक्सर फेक अकाउंट्स का इस्तेमाल होता है। पहचान उजागर होने के डर से अपराधी ऐसी गतिविधियों से बचेंगे।
  • ट्रैकिंग होगी आसान: पैनल का मानना है कि जब यूजर की असली पहचान सिस्टम में होगी, तो किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में अपराधी को ट्रैक करना बेहद आसान हो जाएगा।

उम्र का सत्यापन (Age Verification) भी होगा सख्त

​पैनल ने विशेष रूप से डेटिंग और गेमिंग ऐप्स के लिए ‘एज वेरिफिकेशन’ पर जोर दिया है।

  • ​ऐप्स को साइन-अप के समय यूजर की सही उम्र की जांच करनी होगी।
  • ​समय-समय पर दोबारा सत्यापन (Re-verification) करना होगा ताकि कम उम्र के बच्चे गलत कंटेंट या ऑनलाइन खतरों का शिकार न बनें।

नियम तोड़ने वालों पर गिरेगी गाज

​प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि जो प्लेटफॉर्म इन नए सुरक्षा मानकों को लागू करने में कोताही बरतेंगे, उन्हें सख्त कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, उन अकाउंट्स पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी जो बार-बार नियमों का उल्लंघन करते हैं।

तीसरी धारा न्यूज़ का विश्लेषण:

​यदि यह प्रस्ताव कानून की शक्ल लेता है, तो यह भारतीय इंटरनेट यूजर के अनुभव को पूरी तरह बदल देगा। जहाँ एक ओर इससे ‘साइबर बुलिंग’ और ‘धोखाधड़ी’ कम होगी, वहीं दूसरी ओर ‘यूजर प्राइवेसी’ (User Privacy) को लेकर नई बहस छिड़ना तय है।

रिपोर्ट: डेस्क, तीसरी धारा न्यूज

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