एक नई सोच, एक नई धारा

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झारखंड में जाम छलकाने के बदलेंगे नियम: 1 मई से लागू होगी नई बार नियमावली, रात 12 बजे की पाबंदी होगी खत्म

रांची: झारखंड में बार, रेस्टोरेंट और होटलों में शराब परोसने के शौकीनों और संचालकों के लिए बड़ी खबर है। राज्य सरकार 1 मई 2026 से नई नियमावली लागू करने की तैयारी में है। इस नई व्यवस्था के तहत अब रात 12 बजे तक बार बंद करने की अनिवार्य बाध्यता समाप्त हो जाएगी, जिससे नाइटलाइफ और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।n7072459791775470414366d456b724581688383f8339b4ec1db46b69648f1603421c62011fa30667b888b9

मई से बदल जाएगी व्यवस्था

​उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग वर्तमान में ‘झारखंड उत्पाद होटल, रेस्तरां, बार एवं क्लब (अनुज्ञापन एवं संचालन) नियमावली 2026’ के अंतिम प्रारूप पर काम कर रहा है। हालांकि इसे 1 अप्रैल से लागू होना था, लेकिन खुदरा शराब दुकानों की नियमावली में संशोधनों के कारण इसमें थोड़ी देरी हुई है। अब इसे अप्रैल के अंत तक अधिसूचित कर दिया जाएगा।1002518072

नई नियमावली की मुख्य बातें:

  • समय सीमा में ढील: 5 सितारा होटलों में सुबह 4 बजे तक शराब परोसने का प्रावधान किया गया है।
  • क्षेत्रवार नियम: अलग-अलग जिलों के लिए लाइसेंस शुल्क और समय का निर्धारण अलग-अलग होगा।
  • लाइसेंस शुल्क: बार संचालकों को नए लाइसेंस शुल्क और संशोधित नियम-शर्तों का पालन करना होगा।

इन बिंदुओं पर फंसा है पेंच (व्यवसायियों का विरोध)

​नई नियमावली के प्रारूप पर स्टेकहोल्डर्स और बार एसोसिएशन ने कुछ गंभीर आपत्तियां जताई हैं, जिन पर विभाग विचार कर रहा है:

  1. टैक्स की दोहरी मार: एसोसिएशन का कहना है कि जीएसटी (GST) के ऊपर वैट (VAT) लगाना व्यापार के खिलाफ है। इससे शराब की कीमतें बढ़ेंगी और पर्यटन पर बुरा असर पड़ेगा।
  2. लाइसेंस शुल्क में वृद्धि: जमानत राशि और सालाना लाइसेंस फीस में भारी बढ़ोतरी का विरोध किया जा रहा है।
  3. लाइसेंस प्रक्रिया: नियमों को सरल बनाने की मांग की गई है ताकि छोटे व्यापारियों को परेशानी न हो।

विभागीय कार्रवाई और फीडबैक

​विभाग ने पूर्व में ही आम जनता और हितधारकों से आपत्तियां मांगी थीं। प्राप्त फीडबैक और आपत्तियों पर उच्च स्तरीय अधिकारी मंथन कर रहे हैं। विभाग का लक्ष्य एक ऐसी संतुलित नियमावली तैयार करना है जिससे राजस्व में भी वृद्धि हो और उपभोक्ताओं व पर्यटन क्षेत्र पर भी प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

निष्कर्ष: यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो 1 मई से झारखंड के बार और क्लब नए रंग-रूप और नए समय के साथ संचालित होते नजर आएंगे।

 

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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चुनावी रण: बंगाल और असम के चुनावों में दिखा ‘झारखंड कनेक्शन’, आमने-सामने आए हेमंत सोरेन और हिमंता बिस्वा सरमा

रांची/कोलकाता: पड़ोसी राज्यों के विधानसभा चुनावों में झारखंड की सियासत का असर साफ तौर पर देखा जा रहा है। चाहे वह असम का चुनाव हो या पश्चिम बंगाल का, झारखंड के दिग्गज नेता अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जहां अपनी सरकार के मंत्रियों के साथ कैंप कर रहे हैं, वहीं भाजपा ने भी अपने स्टार प्रचारकों की पूरी फौज मैदान में उतार दी है। यूn70740662317754700882866866ddbf8665dbfececa57f63feff248f5d3ed47e33d58a5ba6075297a38900d

असम में ‘आदिवासी कार्ड’ बनाम ‘झारखंड मॉडल’

​असम के चुनावी मैदान में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने आदिवासी समाज के बीच अपनी पैठ बनाने के लिए 15 दिनों तक सघन अभियान चलाया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद वहां मोर्चा संभाले रहे।

  • भाजपा का प्रहार: झामुमो के कैंप के जवाब में झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने गुवाहाटी, जोरहाट और दिसपुर में सभाएं कीं। उन्होंने अपनी जनसभाओं में झारखंड की गठबंधन सरकार की विफलताओं को गिनाया।
  • हिमंता का पलटवार: असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सीधे तौर पर हेमंत सोरेन को घेरते हुए कहा कि उन्हें दूसरों के राज्य में आने से पहले अपने राज्य (झारखंड) के विकास की स्थिति देखनी चाहिए।

बंगाल में झारखंड भाजपा का ‘महाजुटान’

​पश्चिम बंगाल के चुनावों में भाजपा ने झारखंड के नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। राज्य के 100 से अधिक नेता और कार्यकर्ता पिछले तीन महीनों से बंगाल में सक्रिय हैं।1002518072

  • स्टार प्रचारकों की तिकड़ी: भाजपा की 40 स्टार प्रचारकों की सूची में झारखंड से तीन बड़े चेहरे शामिल हैं— अन्नपूर्णा देवी, बाबूलाल मरांडी और अर्जुन मुंडा।
  • हेल्पसेंटर की भूमिका: चुनाव प्रबंधन को सुव्यवस्थित करने के लिए भाजपा ने रांची, धनबाद और दुमका में विशेष हेल्पसेंटर भी बनाए हैं।
  • जमीनी स्तर पर सक्रियता: झारखंड भाजपा के उपाध्यक्ष प्रदीप वर्मा, पूर्व विधायक अनंत ओझा और सत्यानंद झा बाटुल जैसे नेता महीनों से वहां कैंप कर रहे हैं।

हिमंता बिस्वा सरमा का ‘झारखंड अनुभव’ आ रहा काम

​झारखंड विधानसभा चुनाव के दौरान असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बतौर सह-प्रभारी करीब तीन महीने यहां बिताए थे। इस दौरान उन्होंने राज्य के जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद स्थापित किया।

सीधा कनेक्शन: हिमंता को झारखंड के कई कार्यकर्ताओं के नाम तक याद हैं। यही वजह है कि जब झारखंड के भाजपा कार्यकर्ता असम या बंगाल में प्रचार के लिए पहुंच रहे हैं, तो उन्हें हिमंता के साथ सीधे समन्वय का बड़ा लाभ मिल रहा है।

 

निष्कर्ष

​साफ है कि झारखंड की राजनीति अब केवल राज्य की सीमाओं तक सीमित नहीं रही। आदिवासियों के मुद्दे और पड़ोसी राज्यों की भौगोलिक निकटता ने झारखंड के नेताओं को बंगाल और असम के चुनावों में ‘किंगमेकर’ की भूमिका में ला खड़ा किया है।

विशेष रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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पतरातू में हाई-वोल्टेज ड्रामा: हेसला आवासीय परिसर खाली कराने पहुंची टीम का भारी विरोध, सड़कों पर उतरे लोग

पतरातू (रामगढ़): झारखंड के रामगढ़ जिले के पतरातू प्रखंड अंतर्गत हेसला पंचायत में सोमवार को उस समय तनाव व्याप्त हो गया, जब पीटीपीएस (PTPS) की अधिग्रहित जमीन पर बने आवासीय परिसर को खाली कराने की सूचना जंगल की आग की तरह फैल गई। प्रशासन द्वारा 6 अप्रैल (सोमवार) को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की खबर मिलते ही हजारों की संख्या में स्थानीय निवासी सड़कों और गलियों में उतर आए।n707417428177546995448741d7f8146782a8718dd83cd657e8bac50db5e086474f1de24d85c18525bfc357

पटेल चौक बना आंदोलन का केंद्र

​जैसे ही बेदखली की आहट हुई, कॉलोनी के निवासी अपने घरों से निकलकर मुख्य स्थल पटेल चौक पर जमा हो गए। प्रदर्शन में महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं की भारी भागीदारी देखी गई। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और दो-टूक शब्दों में कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपने आशियाने खाली नहीं करेंगे।1002518072

क्यों शुरू हुआ यह विवाद? (जमीन का गणित)

​विवाद की जड़ पीटीपीएस पावर प्लांट के बंद होने के बाद जमीन का हस्तांतरण है:

  • जियाडा को हस्तांतरण: पावर प्लांट बंद होने के बाद सरकार ने यह जमीन जियाडा (झारखंड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण) को सौंप दी थी।
  • निजी कंपनियों को आवंटन: जियाडा ने इस भूमि को विभिन्न निजी कंपनियों को उद्योग लगाने के लिए आवंटित कर दिया है।
  • बेदखली की कोशिश: इसी आवंटन के आधार पर प्रशासन लंबे समय से इन आवासों को खाली कराने का प्रयास कर रहा है।

कोर्ट का स्टे या प्रशासनिक आदेश? भ्रम बरकरार

​इस पूरे मामले में कानूनी दांव-पेंच को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने हैं:

  • निवासियों का पक्ष: स्थानीय लोगों का दावा है कि उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है और अदालत ने फिलहाल किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर रोक (Stay) लगा दी है।
  • प्रशासन का पक्ष: अंचल अधिकारी का कहना है कि प्रशासन को अभी तक अदालत की ओर से ऐसा कोई आधिकारिक ‘स्थगन आदेश’ प्राप्त नहीं हुआ है, इसलिए वे नियमानुसार जमीन खाली कराने के लिए आगे बढ़ रहे हैं।

टकराव की आशंका, प्रशासन अलर्ट

​समाचार लिखे जाने तक हालांकि कोई बड़ा प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था, लेकिन पटेल चौक पर ग्रामीणों का हुजूम डटा हुआ है। क्षेत्र में भारी पुलिस बल की तैनाती और किसी भी संभावित टकराव को देखते हुए स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। ग्रामीण एकजुट होकर किसी भी प्रशासनिक कार्रवाई का मुकाबला करने के लिए तैयार हैं।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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रामगढ़: झारखंड इस्पात प्लांट में भीषण ब्लास्ट, 9 मजदूर झुलसे; 7 की हालत बेहद नाजुक

रामगढ़/हेसला: झारखंड के रामगढ़ जिले से एक बड़ी और दुखद खबर सामने आ रही है। हेसला स्थित ‘झारखंड इस्पात प्लांट प्राइवेट लिमिटेड’ में सोमवार तड़के फर्नेस फटने से एक भीषण विस्फोट हुआ। इस दर्दनाक हादसे में ड्यूटी पर तैनात 9 मजदूर आग और पिघले हुए लोहे की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गए हैं। घायलों में से 7 मजदूरों की स्थिति अत्यंत चिंताजनक बताई जा रही है।n70741534817754696253799d6fd9526d20016546779e72568e2ff0ed926f0a37824068dc2982f60eae35a3

तड़के 4 बजे धमाके से दहला इलाका

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार तड़के करीब 4:00 बजे जब प्लांट में सामान्य रूप से काम चल रहा था, तभी अचानक फर्नेस में जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि इसकी गूंज दूर तक सुनाई दी और आसपास के इलाके में दहशत फैल गई। फर्नेस के पास काम कर रहे मजदूर गर्म पिघले लोहे और आग की लपटों की सीधी चपेट में आ गए। हादसे के तुरंत बाद प्लांट में अफरा-तफरी मच गई और उत्पादन कार्य पूरी तरह ठप हो गया।1002518072

7 मजदूर 90% तक झुलसे, रांची रेफर

​हादसे के फौरन बाद सभी 9 घायलों को रांची रोड स्थित ‘द होप हॉस्पिटल’ ले जाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक:

  • गंभीर स्थिति: 7 मजदूर 60 से 90 प्रतिशत तक झुलस चुके हैं।
  • बेहतर इलाज: प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से झुलसे मजदूरों को रांची के देवकमल अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
  • घायलों की पहचान: झुलसे मजदूरों में अखिल राय, बृजलाल बेदिया, राजबालन यादव, महेश महतो, अशोक बेदिया, पंडित जी (राजू झा), छोटू साव और सुरेश बेदिया शामिल हैं।

सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल, जांच शुरू

​घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी या सुरक्षा मानकों की अनदेखी को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है।

प्रशासनिक कार्रवाई: प्रशासन ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ब्लास्ट के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी है। साथ ही प्रबंधन को घायलों के समुचित इलाज का सख्त निर्देश दिया गया है।

 

स्थानीय लोगों और मजदूर संगठनों में भारी आक्रोश

​इस घटना के बाद से स्थानीय निवासियों और मजदूर संगठनों में प्रबंधन के खिलाफ गहरा रोष है। लोगों का आरोप है कि प्लांट में सुरक्षा नियमों की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिसके कारण निर्दोष मजदूरों की जान जोखिम में पड़ी। प्रदर्शनकारियों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और घायलों के लिए उचित मुआवजे की मांग की है।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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बिहार को बड़ी सौगात: जून तक शुरू होगा मोकामा का नया डबल ट्रैक रेल पुल, खत्म होगा बरौनी का ‘जाम’

मोकामा/बरौनी: बिहार में उत्तर और दक्षिण बिहार की जीवनरेखा कहे जाने वाले मोकामा के राजेंद्र सेतु को अब एक नया साथी मिलने जा रहा है। राजेंद्र सेतु के समानांतर बन रहा नया डबल ट्रैक रेल पुल अब अपने अंतिम चरण में है। उम्मीद जताई जा रही है कि मई या जून 2026 तक इस पुल पर ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह शुरू हो जाएगा।n7073738751775469352253b805dfb2b9679a02d2f9bcd1da47a8e6a50a351324c8a69beadd6e51f1f785f2


110 किमी की रफ्तार और घंटों की बचत

​मोकामा-बरौनी रेलखंड पर यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है। अब तक पुराने राजेंद्र सेतु पर अत्यधिक दबाव के कारण ट्रेनों को घंटों आउटर पर खड़ा रहना पड़ता था।

  • लागत: करीब 1700 करोड़ रुपये।
  • लंबाई: मुख्य पुल 1.86 किलोमीटर (एप्रोच रोड सहित कुल 14 किमी)।
  • रफ्तार: पुल चालू होते ही ट्रेनों की रफ्तार 110 किमी प्रति घंटा तक पहुंच जाएगी।

निर्माण कार्य: पटरियां तैयार, बिजली का काम अंतिम चरण में

​प्रोजेक्ट का सिविल स्ट्रक्चर का काम पूरा हो चुका है और पटरियां बिछाई जा चुकी हैं। वर्तमान में सुरक्षा की दृष्टि से पटरियों का बारीक निरीक्षण किया जा रहा है। पुल पर बिजली के पोल लगाए जा चुके हैं और हाई-टेंशन तारों को बिछाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है।1002518072

अगला कदम: बिजली का काम पूरा होते ही कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (CRS) द्वारा फाइनल निरीक्षण किया जाएगा। उनकी हरी झंडी मिलते ही जून 2026 तक इस रूट पर ट्रेनों की सीटियां गूंजने लगेंगी।

 

व्यापार और कनेक्टिविटी को मिलेगी नई ऊंचाई

​इस डबल रेल लाइन के शुरू होने से न केवल एक्सप्रेस ट्रेनों का सफर आसान होगा, बल्कि मालगाड़ियों की आवाजाही सुगम होने से बिहार के व्यापारिक रूट को भी नई गति मिलेगी। यात्रियों को अब ट्रेनों की ‘कछुआ चाल’ और घंटों के इंतजार से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।

​गंगा पर बना यह आधुनिक पुल न केवल बिहार की रेल कनेक्टिविटी को बेहतर करेगा, बल्कि राज्य के विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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तीसरी धारा न्यूज: ट्रांसजेंडर संशोधन विधेयक के खिलाफ जमशेदपुर में भारी आक्रोश, डीसी ऑफिस तक निकाला मार्च

जमशेदपुर: केंद्र सरकार द्वारा लाए गए ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन विधेयक, 2026 के खिलाफ आज लौहनगरी जमशेदपुर की सड़कों पर किन्नर समुदाय का जबरदस्त गुस्सा देखने को मिला। समुदाय के सैकड़ों सदस्यों ने साकची स्थित डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर (DC) कार्यालय तक विशाल मार्च निकाला और उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।IMG 20260406 114017

विरोध की मुख्य वजह: ‘पहचान’ पर संकट

​प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 2026 का यह नया संशोधन उनके मौलिक अधिकारों और गरिमा पर सीधा हमला है। मार्च का नेतृत्व कर रहे सामाजिक कार्यकर्ताओं और किन्नर समुदाय के प्रतिनिधियों ने निम्नलिखित मुख्य आपत्तियां दर्ज कराईं:1002518072

  • मेडिकल बोर्ड की अनिवार्यता: विधेयक के नए प्रावधानों के अनुसार, अब किसी व्यक्ति को ट्रांसजेंडर के रूप में पहचान पाने के लिए मेडिकल बोर्ड के सामने उपस्थित होना होगा। प्रदर्शनकारियों ने इसे अपमानजनक बताया और कहा कि यह उनकी निजता (Privacy) का उल्लंघन है।
  • स्व-पहचान का अधिकार खत्म: 2019 के कानून में ‘स्व-पहचान’ (Self-Identification) का अधिकार था, जिसे इस संशोधन के जरिए खत्म करने की कोशिश की जा रही है।
  • अपराधीकरण का डर: विधेयक की कुछ धाराओं को लेकर समुदाय में डर है कि इससे उनके पारंपरिक रहन-सहन और सामुदायिक समर्थन तंत्र को निशाना बनाया जा सकता है।

डीसी ऑफिस पर प्रदर्शन और ज्ञापन

​मार्च के दौरान ‘हमें हमारा अधिकार दो’ और ‘काला कानून वापस लो’ जैसे नारों से पूरा प्रशासनिक परिसर गूंज उठा। उपायुक्त कार्यालय पहुंचे प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार इस “प्रतिगामी” (Regressive) बिल को वापस नहीं लेती है या इसमें सुधार नहीं करती है, तो यह आंदोलन राज्य स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक और तेज किया जाएगा।

“यह कानून हमारी पहचान को कागजों और डॉक्टरों की रिपोर्ट तक सीमित कर रहा है। हम अपनी गरिमा के साथ कोई समझौता नहीं करेंगे।”प्रदर्शन में शामिल एक प्रतिनिधि

 

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज डेस्क, जमशेदपुर

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‘मुर्गा बनाकर पीटा गया’: नवीन जयहिंद का राघव चड्ढा को लेकर सनसनीखेज दावा, सोशल मीडिया पर मचा बवाल

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर मची खींचतान अब सार्वजनिक आरोपों के एक नए और बेहद गंभीर दौर में पहुंच गई है। राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा जहां एक ओर अपनी ही पार्टी के निशाने पर हैं, वहीं दूसरी ओर AAP हरियाणा के पूर्व अध्यक्ष नवीन जयहिंद के एक वीडियो ने राजनीतिक गलियारों में सनसनी फैला दी है।n7071684791775296760387687b2450bf044b327f7c7b250a9f862582ea99e07ee1416599aa631952346359

‘शीशमहल’ में पिटाई का आरोप

​नवीन जयहिंद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो साझा करते हुए राघव चड्ढा पर व्यक्तिगत हमले किए और एक चौंकाने वाला दावा किया। जयहिंद का आरोप है कि जब अरविंद केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री थे, तब राघव चड्ढा को उनके आधिकारिक आवास (जिसे विपक्ष ‘शीशमहल’ कहता है) में बुलाकर ‘मुर्गा बनाकर पीटा गया था।’https://x.com/i/status/2040264875415572641https://x.com/i/status/2040264875415572641

​जयहिंद ने अपने पोस्ट में लिखा:

​”राजदार राघव जी, वो क्यों नहीं बताते जब आपको शीशमहल में बुलाकर मुर्गा बनाकर पीटा गया था? आपकी आंख में जो चोट लगी थी, जिसका इलाज आपने इंग्लैंड में करवाया, वह उसी पिटाई का नतीजा थी। उस वक्त आंसुओं का सैलाब आया था।”

 

स्वाति मालीवाल का दिया हवाला

​वीडियो में जयहिंद ने राघव चड्ढा की तुलना अप्रत्यक्ष रूप से स्वाति मालीवाल (महिला सांसद) से करते हुए कहा कि कम से कम उन्होंने मारपीट की बात बताने की हिम्मत तो दिखाई। उन्होंने चड्ढा को चुनौती देते हुए कहा, “हिम्मत दिखाओ राघव! लोगों को बताओ कि वहां बैठे वो चार लोग कौन थ

पार्टी से बढ़ती दूरियां और पद से छुट्टी

​गौरतलब है कि 1 अप्रैल को आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर राघव चड्ढा को डिप्टी लीडर के पद से हटा दिया था। उनकी जगह अब अशोक मित्तल यह जिम्मेदारी संभालेंगे। पार्टी ने यहां तक आग्रह किया है कि चड्ढा को पार्टी के कोटे से सदन में बोलने का समय न दिया जाए।

दोनों पक्षों के अपने-अपने तर्क

  • राघव चड्ढा का पक्ष: पद से हटाए जाने के बाद राघव ने एक भावुक वीडियो जारी कर कहा कि उनकी आवाज को दबाया जा रहा है। उन्होंने कहा, “खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं।”
  • AAP का रुख: पार्टी सूत्रों का कहना है कि राघव चड्ढा अब भाजपा और मोदी सरकार के खिलाफ मुखर नहीं रहे हैं और पार्टी के मुद्दों को सदन में सही ढंग से नहीं उठा रहे थे।

​नवीन जयहिंद के इन दावों ने अब इस विवाद को एक नया मोड़ दे दिया है। हालांकि, अभी तक राघव चड्ढा या आम आदमी पार्टी की ओर से इन ‘पिटाई’ वाले आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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बिहार में नेतृत्व परिवर्तन की सुगबुगाहट: आनंद मोहन का बड़ा बयान, कहा— “BJP में पर्ची से तय होगा मुख्यमंत्री”

मुजफ्फरपुर/पटना: बिहार की राजनीति में खरमास के बाद बड़े बदलाव की अटकलें तेज हो गई हैं। चर्चा है कि नीतीश कुमार के बाद प्रदेश की कमान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के किसी नेता को सौंपी जा सकती है, जिसमें डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे चल रहा है। इस बीच, पूर्व सांसद आनंद मोहन ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।n70704070017752681602455a9e4838193a39bc81364341b1f769098eebf4e161f5c9f7c09da12876fcbfad

“किसके भाग्य की पर्ची निकलेगी, इंतजार कीजिए”

​गुरुवार (2 अप्रैल, 2026) को मुजफ्फरपुर पहुंचे आनंद मोहन ने मीडिया से बातचीत के दौरान बीजेपी की कार्यप्रणाली पर चुटकी ली। जब उनसे पूछा गया कि वे अगला मुख्यमंत्री किसे देखना चाहते हैं, तो उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “हमारे या आपके चाहने से कुछ नहीं होगा। सब जानते हैं कि बीजेपी में मुख्यमंत्री के लिए पर्ची निकलती है। अब किसके भाग्य की पर्ची निकलती है, इसका इंतजार कीजिए।”1002518072

नीतीश कुमार और 2030 के वादे पर उठाए सवाल

​आनंद मोहन ने एनडीए के पुराने वादों की याद दिलाते हुए पूछा कि आखिर ऐसी कौन सी आफत आ गई कि नेतृत्व परिवर्तन की नौबत आ रही है? उन्होंने कहा, “चुनाव में नारा दिया गया था कि 2025 से 2030 तक फिर से नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री रहेंगे। जनता से किए गए इस वादे को पूरा किया जाना चाहिए।”

बीजेपी को बड़े नुकसान की चेतावनी

​पूर्व सांसद ने आगाह किया कि यदि नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाया जाता है, तो भविष्य में इसका सबसे बड़ा खामियाजा बीजेपी को भुगतना पड़ेगा। उन्होंने इसके पीछे का गणित समझाते हुए कहा:

  • वोट बैंक का समीकरण: पिछड़ा, अतिपिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वोट बैंक मूल रूप से नीतीश कुमार का है, जो उनके माध्यम से बीजेपी को मिलता रहा है।
  • गठबंधन पर असर: अगर यह फैसला दबाव में लिया गया है, तो जेडीयू के साथ-साथ बीजेपी को भी अपने आधार वोट खोने का डर रहेगा।

हत्याकांड मामले में SSP से की मुलाकात

​राजनीतिक बयानों के अलावा आनंद मोहन मुजफ्फरपुर के अहियापुर में हुए चर्चित प्रॉपर्टी डीलर हत्याकांड के सिलसिले में एसएसपी से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने पुलिस प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।

​बिहार की सियासत में ‘पर्ची’ वाले इस बयान के बाद अब सबकी नजरें खरमास खत्म होने और बीजेपी के अगले कदम पर टिकी हैं।

तीसरी धारा न्यूज डेस्क

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रोहतास: मैरिज हॉल में चल रहे सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, आपत्तिजनक हालत में 40 युवक-युवती गिरफ्तार

दावथ (रोहतास): बिहार के रोहतास जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। शुक्रवार दोपहर दावथ थाना क्षेत्र के मलियाबाग स्थित एक मैरिज हॉल में पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने बड़ी छापेमारी कर बड़े स्तर पर चल रहे देह व्यापार का खुलासा किया है। इस दौरान पुलिस ने 40 लड़के-लड़कियों को आपत्तिजनक स्थिति में हिरासत में लिया है।n7071126611775267854922ee95b83623644a79aec5308d78e77f1ae867c61a4d60f2d33ebaeb1541ed5b76

मैरिज हॉल की आड़ में अनैतिक धंधा

​कार्रवाई मलियाबाग स्थित बिक्रमगंज-डुमरांव रोड पर स्थित प्रकाश मैरिज हॉल में हुई। एसडीएम प्रभात कुमार और एसडीपीओ सिंधु शेखर सिंह के नेतृत्व में जब टीम दोपहर करीब 1 बजे वहां पहुंची, तो अंदर का नजारा देख अधिकारी भी दंग रह गए। तीन मंजिला मैरिज हॉल के कमरों की तलाशी के दौरान भारी मात्रा में कंडोम, उत्तेजक दवाइयां और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किए गए।1002518072

छापेमारी से मचा हड़कंप, कई फरार

​पुलिस की अचानक आमद से मैरिज हॉल में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस को देखते ही होटल संचालक, उसके सहयोगी और दर्जनों युवक-युवती वहां से भागने में सफल रहे। हालांकि, घेराबंदी कर पुलिस ने 20 जोड़ों (कुल 40 लोग) को पकड़ लिया। पकड़े गए लोगों में कई शादीशुदा हैं तो कई अविवाहित बताए जा रहे हैं।

बड़ी मात्रा में वाहन जब्त, हॉल सील

​प्रशासन ने इस देह व्यापार रैकेट पर नकेल कसते हुए निम्नलिखित कार्रवाई की है:

  • वाहन जब्ती: मौके से 2 कार, 1 ई-रिक्शा और 32 बाइक जब्त की गई हैं।
  • सीलिंग: प्रकाश मैरिज हॉल को प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है।
  • प्राथमिकी: मैरिज हॉल संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

प्रशासन का बयान

​एसडीएम प्रभात कुमार ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि इस मैरिज हॉल में लंबे समय से अनैतिक कार्य संचालित किया जा रहा है। इसी सूचना के आधार पर विशेष टीम गठित कर यह कार्रवाई की गई। फिलहाल पकड़े गए सभी युवक-युवतियों से पूछताछ की जा रही है और उनके परिजनों को सूचित किया जा रहा है।

​क्षेत्र में हाल के दिनों में देह व्यापार के खिलाफ इसे अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।

तीसरी धारा न्यूज डेस्क

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चेक बाउंस मामला: राजपाल यादव को दिल्ली हाई कोर्ट से झटका, कोर्ट ने कहा- “नो मीन्स नो”

नई दिल्ली: बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता राजपाल यादव की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। चेक बाउंस से जुड़े एक पुराने मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए राजपाल यादव की अतिरिक्त समय मांगने की याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है।n70712915317752676792494aceeb5015f97bb42dbce24f264c3cf440aa4f4b127c2ef0e309e05d577d68c4

कोर्ट की कड़ी फटकार: “फैसला सुरक्षित, अब और समय नहीं”

​मामले की सुनवाई कर रही जस्टिस स्वराना कांता शर्मा ने अभिनेता के रवैये पर नाराजगी जाहिर की। जब राजपाल यादव ने कर्ज चुकाने के लिए 30 दिनों की मोहलत मांगी, तो जज ने दो टूक कहा, “नो मीन्स नो। मैं अब और समय नहीं दूंगी और अपना फैसला सुरक्षित रखती हूं।”1002518072

क्या है पूरा मामला?

​यह विवाद साल 2024 से चला आ रहा है, जब एक सत्र अदालत ने चेक बाउंस के आरोप में राजपाल यादव को 6 महीने की जेल की सजा सुनाई थी। हालांकि, बाद में हाई कोर्ट ने इस सजा पर रोक लगा दी थी क्योंकि अभिनेता ने बकाया राशि चुकाने का वादा किया था।

​शिकायतकर्ता कंपनी 6 करोड़ रुपये के अंतिम भुगतान पर समझौता करने को तैयार थी। राजपाल यादव ने कुछ रकम जमा भी की, लेकिन शेष राशि के लिए बार-बार समय मांगने पर कोर्ट ने इसे टालमटोल की रणनीति करार दिया।

भावुक हुए अभिनेता, पर नहीं पसीजा कोर्ट

​सुनवाई के दौरान राजपाल यादव काफी भावुक नजर आए। उन्होंने अदालत को बताया कि वे कर्ज चुकाने के लिए अपने कई फ्लैट बेच चुके हैं और भारी आर्थिक नुकसान झेल रहे हैं। उन्होंने यहां तक कहा, “अगर जरूरत पड़ी तो मैं पांच बार और जेल जाने को तैयार हूं।”

​इस पर अदालत ने स्पष्ट किया कि जब वे पैसे देने को तैयार हैं, तो कानूनी दलीलों के बजाय सीधा भुगतान क्यों नहीं किया जा रहा? जज ने कहा कि बार-बार वादे तोड़ने से मामला बेवजह लंबा खिंच रहा है।

अजय देवगन ने जन्मदिन पर खुद को दिया खास तोहफा

​इसी बीच बॉलीवुड से एक और खबर चर्चा में है। अभिनेता अजय देवगन ने अपने 57वें जन्मदिन के मौके पर करोड़ों रुपये खर्च किए हैं। खबरों के मुताबिक, उन्होंने करीब 1.4 करोड़ रुपये की एक लग्जरी वस्तु (संभवतः नई कार या निवेश) पर खर्च कर अपना जन्मदिन यादगार बनाया है।

तीसरी धारा न्यूज डेस्क

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