एक नई सोच, एक नई धारा

मोदी कैबिनेट में बड़े फेरबदल की सुगबुगाहट: धर्मेंद्र प्रधान, निर्मला और गडकरी की बदल सकती है भूमिका; रेस में राघव चड्ढा और श्रीकांत शिंदे

विशेष रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

नई दिल्ली।

देश के राजनीतिक गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्रीय कैबिनेट में जल्द ही एक बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है। हालांकि इस बदलाव की कोई आधिकारिक तारीख या नए मंत्रियों के नाम अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि कई कद्दावर मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है, जबकि कईयों के विभागों में बड़ा फेरबदल किया जाएगा।Cabinet reshuffle

​इस सुगबुगाहट को इसलिए भी बल मिल रहा है क्योंकि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अलग-अलग राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की है। इस उच्च स्तरीय मुलाकात के बाद से ही दिल्ली का सियासी पारा चढ़ा हुआ है।

इन बड़े मंत्रियों पर गिर सकती है गाज, बदल सकते हैं विभाग

​सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश के कुछ सबसे हाई-प्रोफाइल मंत्रालयों में बदलाव की तैयारी है:

  • धर्मेंद्र प्रधान: पेपर लीक मामले को लेकर विपक्ष के चौतरफा हमले और लगातार हो रहे प्रदर्शनों के चलते शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की कुर्सी पर गाज गिर सकती है।
  • हरदीप सिंह पुरी: सिख या पंजाब कोटे का समीकरण साधने के लिए हरदीप पुरी की जगह किसी अन्य सिख चेहरे को मंत्रिमंडल में जगह दी जा सकती है या उनका विभाग बदला जा सकता है।
  • दिग्गजों के विभाग बदलने की चर्चा: देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर के विभागों में भी बड़े बदलाव की अटकलें तेज हैं।b 1

केबिनेट में एंट्री की रेस में ये नए चेहरे

​इस फेरबदल में कुछ चौंकाने वाले और नए चेहरों को बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है:

  • राघव चड्ढा: आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को केंद्रीय टीम में बड़ी भूमिका मिलने की चर्चाएं हैं, हालांकि उन्होंने अभी इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
  • श्रीकांत शिंदे: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे और लोकसभा सांसद श्रीकांत शिंदे को भी कैबिनेट में बड़ा पद दिया जा सकता है।
  • नीतीश कुमार और सुखेंदु शेखर रे: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और टीएमसी से भाजपा में आए सुखेंदु शेखर रे को भी मंत्रिमंडल में शामिल करने की अटकलें हैं।

जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा, बिट्टू और पंकज चौधरी पद पर बरकरार

​इस बीच, केरल के वरिष्ठ भाजपा नेता जॉर्ज कुरियन ने राज्यसभा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल से अपना इस्तीफा दे दिया है। वह अल्पसंख्यक मामलों और मत्स्य पालन, पशुपालन व डेयरी मंत्रालय में राज्य मंत्री थे, जिसे राष्ट्रपति ने स्वीकार कर लिया है। दूसरी तरफ, रवनीत सिंह बिट्टू राज्यसभा कार्यकाल खत्म होने के बाद भी मंत्री पद पर बने हुए हैं। वहीं पंकज चौधरी और हर्ष मल्होत्रा भी प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त होने के बावजूद केंद्र में अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।a 2

यूपी में मिशन-2027 की तैयारी: भाजपा की नई टीम घोषित

​इस बड़े केंद्रीय फेरबदल के संकेतों के बीच, भाजपा ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए अपनी नई सांगठनिक टीम का ऐलान कर दिया है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की अगुवाई में टीम का विस्तार किया गया है, जिसमें उपाध्यक्ष, महामंत्री और मंत्री के 6 नए पद बढ़ाए गए हैं।

इस नई टीम की खास बातें:

  • 60% नए चेहरों को मौका देकर संगठन में बड़ा बदलाव किया गया है।
  • ​दो दर्जन से अधिक मौजूदा पदाधिकारियों को इस बार सूची से बाहर रखा गया है।
  • ​सामाजिक और जातिगत समीकरणों को साधते हुए ओबीसी (OBC) वर्ग को सबसे बड़ी हिस्सेदारी दी गई है, साथ ही महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ाई गई है।

​उत्तर प्रदेश के इस सांगठनिक बदलाव के बाद अब देश के अन्य राज्यों में भी संगठन स्तर पर ऐसे ही बड़े बदलावों की उम्मीद की जा रही है।

– तीसरी धारा न्यूज ब्यूरो

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: SIT रिपोर्ट के बाद बड़ा एक्शन, महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा; 8 आरोपी हिरासत में

विशेष रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

अयोध्या।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में विशेष जांच दल (SIT) की शुरुआती रिपोर्ट सरकार को सौंपे जाने के बाद अयोध्या से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके साथ ही ट्रस्ट के एक और प्रमुख सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा ने भी अपना इस्तीफा सौंप दिया है। सूत्रों के मुताबिक, विश्व हिंदू परिषद (VHP) की सलाह के बाद दोनों पदाधिकारियों ने यह कदम उठाया है। चूंकि राम मंदिर ट्रस्ट एक स्वायत्त संस्था (Autonomous Body) है, इसलिए इन इस्तीफों पर अंतिम फैसला ट्रस्ट की आगामी बैठक में लिया जाएगा।champat rai and anil mishra resign quit ram mandir trust amidst donation misappropriation controversy 3

SIT की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, दर्ज हुई FIR

​सोमवार को SIT द्वारा सरकार को सौंपी गई प्रारंभिक रिपोर्ट में मंदिर की दान प्रक्रिया और नकदी प्रबंधन में कई गंभीर खामियां और लापरवाही सामने आई हैं। हालांकि रिपोर्ट को अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन इसके आधार पर गुरुवार को पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए केस दर्ज किया और मामले में 8 लोगों को नामजद कर आरोपी बनाया।b 1

​आरोपियों की सूची में चंपत राय के करीबी और उनके ड्राइवर टिन्नू यादव का नाम भी शामिल है। इसके अलावा अन्य आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं:

  • ​सुभाष श्रीवास्तव
  • ​अनुकल्प मिश्रा
  • ​लवकुश मिश्रा
  • ​करुणेश पांडे
  • ​मनीष यादव
  • ​अविनाश शुक्ला
  • ​रमाशंकर मिश्र

सभी आरोपी पुलिस हिरासत में, कोर्ट में पेशी की तैयारी

​अयोध्या के एसएसपी गौरव ग्रोवर के मुताबिक, केस दर्ज होने के बाद सभी 8 आरोपियों को पुलिस हिरासत में ले लिया गया है और उनसे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पुलिस इन सभी आरोपियों की रिमांड हासिल करने के लिए इन्हें फैजाबाद की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट में पेश करेगी।a 2

अब आगे क्या?

​SIT की रिपोर्ट आने के बाद से ही चंपत राय के इस्तीफे के कयास लगाए जा रहे थे। अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए ये इस्तीफे दिए गए हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए आने वाले दिनों में ट्रस्ट से जुड़े कुछ और बड़े चेहरों के इस्तीफे भी देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल, पुलिस और प्रशासन इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटा है ताकि आस्था के इस बड़े केंद्र में हुई वित्तीय अनियमितता की पूरी सच्चाई सामने आ सके।

– तीसरी धारा न्यूज ब्यूरो

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT की रिपोर्ट के बाद बड़ी कार्रवाई: मुख्य सूत्रधार टिन्नू यादव समेत सभी 8 आरोपी गिरफ्तार

स्थान: अयोध्या

श्रेणी: बड़ी ख़बर / अपराध

ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

अयोध्या। भव्य राम मंदिर में रामलला के चढ़ावे और दान राशि में बड़े पैमाने पर हुई हेराफेरी के मामले में पुलिस और प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी रमाकांत उर्फ टिन्नू यादव समेत सभी आठ नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।ram mandir 1782368410887 1782368411022 bcee334d 8d46 4186 a2e1 077f63b7cb4c

​सूत्रों के अनुसार, इन सभी आठ आरोपियों को गुरुवार की शाम को पुलिस ने कस्टडी में लिया था। इसके बाद अयोध्या के राम जन्मभूमि थाने में रात भर इनसे गहन पूछताछ की गई। मैराथन पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे होने के बाद शुक्रवार की सुबह पुलिस ने इन्हें आधिकारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। आज पुलिस सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश करेगी।

कौन हैं गिरफ्तार हुए आठ आरोपी?

​इस हाई-प्रोफाइल चोरी मामले में गिरफ्तार किए गए सभी आठ आरोपी सीधे तौर पर राम मंदिर के दानपात्रों से निकलने वाली रकम की काउंटिंग (गिनती) और प्रबंधन के काम से जुड़े हुए थे। इनमें 6 पेशेवर कैशियर शामिल हैं:

  1. रमाकांत उर्फ टिन्नू यादव (मुख्य आरोपी, कैश काउंटिंग सुपरवाइजर एवं बैंक डिलीवरी प्रभारी)
  2. सुभाष श्रीवास्तव (मुख्य निगरानी अधिकारी – सभी कैशियरों के काम के इंचार्ज)
  3. अनुकल्प मिश्रा (कैशियर)
  4. लवकुश मिश्रा (कैशियर)
  5. अविनाश शुक्ला (कैशियर)
  6. करुणेश पांडे (कैशियर)
  7. मनीष यादव (कैशियर)
  8. रमाशंकर मिश्रा (कैशियर)

ट्रस्ट के सदस्य की तहरीर पर दर्ज हुई थी FIR

​राम मंदिर परिसर में चढ़ावे की राशि गायब होने की भनक लगते ही राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट हरकत में आया था। ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्य कृष्ण मोहन की लिखित तहरीर पर अयोध्या पुलिस ने तत्काल प्रभाव से गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए फौरन SIT का गठन किया गया था।b 1

SIT की जांच में बड़ा खुलासा: चाबी से लेकर तैनाती तक टिन्नू का था सिक्का

​अब तक की पुलिस और एसआईटी जांच में यह साफ हो गया है कि इस पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड रामकांत उर्फ टिन्नू यादव ही है। जांच में सामने आए मुख्य बिंदु:

  • दानपात्रों की चाबियां: मंदिर परिसर में रखे दानपात्रों और संदूक (बॉक्सेज) की मुख्य चाबियां हमेशा टिन्नू यादव के पास ही रहती थीं।
  • सिंडिकेट का संचालन: दान की गिनती के काम में किस व्यक्ति को रखना है और मंदिर परिसर में किसे नौकरी देनी है, इस पर अंतिम फैसला केवल टिन्नू ही करता था।
  • सुरक्षा में हस्तक्षेप: टिन्नू यादव का दबदबा इस कदर था कि मंदिर परिसर में किस पुलिसकर्मी की तैनाती कहां होगी, यह भी वही तय करता था ताकि चोरी को आसानी से अंजाम दिया जा सके।

ऑटो ड्राइवर से 50 करोड़ के साम्राज्य तक: कौन है टिन्नू यादव?

​मुख्य आरोपी रामकांत उर्फ टिन्नू यादव की फर्श से अर्श तक और फिर सलाखों के पीछे पहुंचने की कहानी बेहद चौंकाने वाली है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, टिन्नू यादव के पिता अयोध्या में एक छोटी सी चाय की दुकान चलाते थे और टिन्नू खुद कुछ साल पहले तक शहर की सड़कों पर ऑटो रिक्शा चलाता था।a 2

​इसके बाद टिन्नू यादव को चंपत राय के ड्राइवर के रूप में काम मिला। ड्राइवर रहते हुए उसने धीरे-धीरे उनका भरोसा जीता, जिसके बाद उसे मंदिर प्रबंधन और चढ़ावे की देखरेख की सबसे अहम जिम्मेदारी सौंप दी गई।

​ट्रस्ट में पैठ बनाने के बाद टिन्नू यादव ने बेहिसाब संपत्ति अर्जित की। वर्तमान में अयोध्या और लखनऊ जैसे प्रमुख शहरों में उसकी अनुमानित संपत्ति 50 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। इसमें अयोध्या एयरपोर्ट के पास स्थित 70 कमरों का एक आलीशान हॉस्टल, कई प्रसिद्ध होटलों और रेस्टोरेंट में हिस्सेदारी (पार्टनरशिप), लग्जरी गाड़ियां और महंगी जमीनें शामिल हैं। पुलिस अब इसकी सभी संपत्तियों और बैंक खातों को अटैच (सीज) करने की तैयारी में है।

निष्पक्षता, सटीकता और विश्वसनीयता का नाम — तीसरी धारा न्यूज

सरायकेला: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर डीसी ने की प्रेस वार्ता, कहा- ‘कोई भी पात्र नागरिक न छूटे’

तीसरी धारा न्यूज

सरायकेला: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर डीसी ने की प्रेस वार्ता, कहा- ‘कोई भी पात्र नागरिक न छूटे’

सरायकेला (तीसरी धारा न्यूज)। मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के उद्देश्य से समाहरणालय स्थित एनआईसी सभागार में एक विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस संबंध में उपायुक्त (डीसी) नीतीश कुमार सिंह ने एक प्रेस वार्ता कर आगामी प्रक्रियाओं को लेकर महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।IMG 20260626 WA0005

​किसी भी पात्र नागरिक का नाम नहीं हटाया जाएगा: उपायुक्त

​प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि इस विशेष अभियान के तहत किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह अद्यतन (अपडेट) और त्रुटिहीन बनाना है। डीसी ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे समय पर अपना गणना प्रपत्र भरकर अपने क्षेत्र के बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) को उपलब्ध कराएं।b 1

​30 जून से शुरू होगा ‘एन्यूमरेशन फेज’, घर-घर जाएंगे बीएलओ

​उपायुक्त ने बताया कि आगामी 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक ‘एन्यूमरेशन फेज’ (गणना चरण) चलाया जाएगा। इस दौरान बीएलओ घर-घर जाकर सभी मतदाताओं को गणना प्रपत्र उपलब्ध कराएंगे।

मतदाताओं के लिए जरूरी दिशा-निर्देश:

    • प्रपत्र भरना अनिवार्य: मैपड (Mapped) या अनमैपड (Unmapped) दोनों श्रेणियों के सभी मतदाताओं के लिए यह गणना प्रपत्र भरना अति अनिवार्य है।
    • जमा करने की प्रक्रिया: मतदाताओं को प्रपत्र में आवश्यक विवरण भरकर, अपनी नवीनतम फोटो चिपकानी होगी और हस्ताक्षर करने होंगे।
    • रसीद जरूर लें: प्रपत्र की एक प्रति बीएलओ के पास जमा होगी, जबकि दूसरी प्रति पर मतदाताओं को प्राप्ति रसीद (Acknowledgement Receipt) लेनी होगी।
    • नए मतदाताओं के लिए अवसर: यदि कोई पात्र भारतीय नागरिक वर्तमान मतदाता सूची में पंजीकृत नहीं है, तो वह प्रपत्र 6 और घोषणा पत्र भरकर अपना नाम जुड़वा सकता है।

​”चुनाव आयोग का स्पष्ट निर्देश है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से न छूटे और किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम इसमें शामिल न हो।”

नीतीश कुमार सिंह, उपायुक्त (सरायकेला)

a 2

​प्रेस वार्ता में ये अधिकारी रहे उपस्थित

​इस विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम और प्रेस वार्ता के दौरान सरायकेला विधानसभा निर्वाची पदाधिकारी सह अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) अभिनव प्रकाश, खरसावां विधानसभा निर्वाची पदाधिकारी सह अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार, जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती पारूल सिंह और जिला जनसंपर्क पदाधिकारी (डीपीआरओ) अविनाश कुमार मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

रिपोर्ट: रंजन करवा, तीसरी धारा न्यूज, सरायकेला।

1 जुलाई से पासपोर्ट बनवाना होगा महंगा: विदेश मंत्रालय ने बढ़ाई फीस, जानें अब जेब पर कितना बढ़ेगा बोझ

तीसरी धारा न्यूज (बिजनेस डेस्क):

देश में पासपोर्ट को लेकर चल रही तमाम चर्चाओं के बीच विदेश मंत्रालय ने एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने पासपोर्ट बनवाने और उससे जुड़ी अन्य सेवाओं की फीस में बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में प्रभावी हो जाएंगी। इसका सीधा मतलब यह है कि जुलाई महीने से नया पासपोर्ट बनवाना हो या पुराने पासपोर्ट को रिन्यू (दुबारा) कराना हो, आम जनता को पहले के मुकाबले अधिक पैसे खर्च करने होंगे।IMG 20260625 201814

एक नज़र में देखें पासपोर्ट की नई और पुरानी दरें

पासपोर्ट का प्रकार / सेवा

पुरानी फीस (₹)

नई फीस (₹) – 1 जुलाई से लागू

सामान्य पासपोर्ट (36 पेज)

1,500

2,500

सामान्य पासपोर्ट (60 पेज)

2,000

3,500

पासपोर्ट खोने/खराब होने पर (36 पेज)

3,000

5,000

पासपोर्ट खोने/खराब होने पर (60 पेज)

3,500

6,000

तत्काल पासपोर्ट (36 पेज – कुल फीस)

3,500

5,000

तत्काल पासपोर्ट (60 पेज – कुल फीस)

4,000

6,000

बच्चों का पासपोर्ट (36 पेज)

1,000

1,750

बच्चों का पासपोर्ट खोने/खराब होने पर

2,000

4,250

PCC / सरेंडर सर्टिफिकेट / GEP सेवाएं

500

750

तत्काल सेवा और बच्चों के पासपोर्ट पर भी असर

​यदि आपको आपातकालीन स्थिति में जल्दी पासपोर्ट चाहिए, तो तत्काल सेवा का लाभ लेने के लिए अब ज्यादा जेब ढीली करनी होगी। ध्यान रहे कि तत्काल की नई फीस (36 पेज के लिए ₹5000 और 60 पेज के लिए ₹6000) में सामान्य फीस भी शामिल है। इसके अलावा, 18 साल से कम उम्र के बच्चों के पासपोर्ट की फीस में भी वृद्धि की गई है।b 1

किसे मिलेगी 10% की छूट?

​विदेश मंत्रालय ने इस बढ़ोतरी के बीच कुछ वर्गों को राहत देने की कोशिश भी की है। 8 साल तक के बच्चों और 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों को नए पासपोर्ट की फीस पर 10 फीसदी की विशेष छूट दी जाएगी। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह छूट केवल ‘नए’ पासपोर्ट के आवेदन पर मिलेगी, पासपोर्ट दोबारा बनवाने (Re-issue) पर यह लागू नहीं होगी।a 2

पासपोर्ट की वैधता (Validity) में कोई बदलाव नहीं

​भले ही पासपोर्ट की फीस बढ़ा दी गई हो, लेकिन उसकी समय-सीमा (वैधता) में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

  • ​वयस्कों (Adults) का पासपोर्ट पहले की तरह ही 10 साल के लिए वैध रहेगा।
  • ​बच्चों का पासपोर्ट 5 साल के लिए या उनके 18 वर्ष के होने तक (जो भी पहले पूरा हो) मान्य रहेगा।

​इसके साथ ही, विदेश में रहने वाले भारतीय नागरिकों के लिए डॉलर में तय की जाने वाली फीस को भी इसी अनुपात में बढ़ा दिया गया है।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

इंडस्ट्रियल-कमर्शियल यूजर्स को बड़ी राहत: केंद्र सरकार ने पैक्ड LPG सप्लाई से हटाईं पाबंदियां, बल्क सप्लाई भी 50% बहाल

तीसरी धारा न्यूज (बिजनेस डेस्क):

देश के कमर्शियल और इंडस्ट्रियल एलपीजी (LPG) उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार ने नॉन-डोमेस्टिक पैक्ड एलपीजी (Non-Domestic Packed LPG) की सप्लाई पर लगी सभी सेक्टोरल पाबंदियों को पूरी तरह से हटा दिया है। अब इसकी सप्लाई को वापस उसी सामान्य स्तर पर बहाल कर दिया गया है, जो ईरान-अमेरिका युद्ध के संकट से पहले हुआ करती थी।IMG 20260625 194955

इसके साथ ही, संकट के शुरुआती दौर में रोकी गई बल्क एलपीजी (Bulk LPG) की सप्लाई को भी सरकार ने फिर से शुरू करने की हरी झंडी दे दी है। फिलहाल इसे संकट से पहले होने वाली कुल खपत के 50 फीसदी तक खोल दिया गया है। सरकार के इस कदम से औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्र को ईंधन की कमी से जूझना नहीं पड़ेगा।b 1

संकट के समय सरकार ने क्या दिया था आदेश?

​ईरान-अमेरिका युद्ध के चलते पैदा हुए वैश्विक ऊर्जा संकट के दौरान, सरकार का मुख्य ध्यान देश में घरेलू गैस की उपलब्धता बनाए रखना था। इसके लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत एक विशेष आदेश जारी किया गया था।a 2

​इस आदेश के तहत:

  • C3-C4 स्ट्रीम्स (जो एलपीजी बनाने का मुख्य आधार हैं) के इस्तेमाल पर कड़ा नियंत्रण लगाया गया था।
  • ​इनका उपयोग पेट्रोकेमिकल और अन्य औद्योगिक कार्यों से पूरी तरह हटाकर सिर्फ और सिर्फ एलपीजी उत्पादन में झोंक दिया गया था ताकि देश में गैस की किल्लत न हो।

क्यों लिया गया पाबंदियां हटाने का फैसला?

​अब देश में घरेलू एलपीजी का उत्पादन पहले से काफी बेहतर स्थिति में पहुंच चुका है। साथ ही, विदेशों से आने वाले इंपोर्टेड एलपीजी कार्गो (Imported LPG Cargoes) की आवक भी सुचारू रूप से शुरू होने वाली है। इसी अनुकूल स्थिति को देखते हुए सरकार ने अब एलपीजी पूल में C3-C4 स्ट्रीम्स का इस्तेमाल कम करने का निर्णय लिया है। अब इन स्ट्रीम्स को वापस पेट्रोकेमिकल और दूसरे महत्वपूर्ण औद्योगिक सेक्टर्स के लिए अधिक मात्रा में डायवर्ट किया जा सकेगा।

आम जनता और घरेलू गैस सिलेंडर पर क्या होगा असर?

राहत की बात: आम उपभोक्ताओं को इस फैसले से चिंतित होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। सरकार का यह पूरा फैसला केवल कमर्शियल, इंडस्ट्रियल और पेट्रोकेमिकल सेक्टर से जुड़ा हुआ है। घरों में इस्तेमाल होने वाले डोमेस्टिक रसोई गैस सिलेंडर की सप्लाई और उनकी कीमतों पर इस फैसले का कोई भी नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। घरेलू गैस की आपूर्ति पहले की तरह ही सुरक्षित और सामान्य बनी रहेगी।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

महाराष्ट्र विधानसभा में ‘तीन तलाक’ और ‘बहुविवाह’ पर भारी हंगामा, बीजेपी विधायकों और सना मलिक के बीच तीखी बहस

तीसरी धारा न्यूज (मुंबई):

​महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को तीन तलाक और बहुविवाह के मुद्दे पर सदन में जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। बीजेपी विधायक देवयानी फरांडे द्वारा केंद्र सरकार के ‘तीन तलाक’ (Triple Talaq) कानून को महाराष्ट्र में कड़ाई से लागू करने को लेकर लाए गए ‘ध्यान आकर्षण’ प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के विधायक आमने-सामने आ गए। राकांपा (NCP) विधायक सना मलिक द्वारा कुरान और पाकिस्तान के कानूनों का हवाला दिए जाने पर बीजेपी विधायकों ने तीखी आपत्ति जताई।IMG 20260625 172358

​देवयानी फरांडे ने दिया पाकिस्तान का उदाहरण

​प्रस्ताव पेश करते हुए बीजेपी विधायक देवयानी फरांडे ने पड़ोसी देश पाकिस्तान के कानूनों का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “अगर हम 1947 में भारत से अलग हुए पाकिस्तान को देखें, तो वहां भी बहुविवाह (Polygamy) के लिए पहली पत्नी से लिखित अनुमति और एक मध्यस्थता परिषद (Arbitration Council) की मंजूरी जरूरी होती है। इसी कड़े कानून के कारण पाकिस्तान में बहुविवाह की दर सिर्फ 1 प्रतिशत है।” उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि उन्होंने खुद पिछले डेढ़ महीने में तीन तलाक के तीन मामले देखे हैं, जिन पर पुलिस ने कार्रवाई की है।b 1

​सना मलिक के बयान से भड़का हंगामा

​जब राकांपा (NCP) विधायक सना मलिक ने इस मामले पर अपना पक्ष रखा, तो सदन का माहौल गर्मा गया। सना मलिक ने सवाल उठाया कि क्या इस तरह का अत्याचार सिर्फ मुस्लिम महिलाओं के साथ ही हो रहा है? उन्होंने बहुविवाह पर तर्क देते हुए कहा:

  • कुरान के नियम लागू हों: पाकिस्तान ने कुछ नया नहीं किया, उसने बस कुरान में बताए गए मुस्लिम कानून को लागू किया है। भारत को भी पाकिस्तान की तरह कुरान की शिक्षाओं के आधार पर कानून लाना चाहिए।
  • तीन तलाक पर सफाई: तलाक के कई तरीके हैं (तलाक-ए-हसन और तलाक-ए-अहसन), जिन्हें हम मानते हैं। ‘तलाक़-ए-बिद्दत’ (एक बार में तीन तलाक) केवल एक सांस्कृतिक प्रथा थी, जिसका कुरान में जिक्र नहीं है।
  • हर धर्म में बहुविवाह: क्या सिर्फ मुस्लिम पुरुष ही एक से ज्यादा शादियां करते हैं? यह प्रथा हर धर्म में मौजूद है। इस पर समग्रता से कानून बनना चाहिए।

​”देश संविधान से चलेगा, कुरान से नहीं” — अतुल भातखलकर

​सना मलिक के इस बयान पर बीजेपी विधायक अतुल भातखलकर ने कड़ा पलटवार किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह ‘ध्यान आकर्षण प्रस्ताव’ केवल यह जांचने के लिए है कि तीन तलाक कानून सही ढंग से लागू हो रहा है या नहीं। यहाँ कुरान, पाकिस्तान और इस्लामी परंपराओं पर भाषण देने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने दो टूक कहा, “यह देश भारत के संविधान के अनुसार चलता है, किसी धार्मिक किताब या कुरान के अनुसार नहीं।”a 2

​सरकार का पक्ष: ‘यूसीसी’ लागू होने पर सब पर प्रभावी होंगे नियम

​सदन में बढ़ते हंगामे के बीच गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने सरकार का पक्ष रखते हुए स्थिति को स्पष्ट किया। उन्होंने सना मलिक के सवालों का जवाब देते हुए कहा:

​”हमारे पास दूसरे धर्मों से तीन तलाक को लेकर कोई शिकायतें नहीं आई हैं क्योंकि यह प्रथा कुछ खास समुदायों में ही रही है। केंद्र सरकार ने मोबाइल मैसेज, ईमेल या फोन पर तुरंत तलाक देने की अन्यायपूर्ण प्रथा को खत्म करने के लिए यह कानून बनाया है और राज्य सरकार इसे पूरी तरह लागू करना सुनिश्चित कर रही है।”

 

​गृह राज्य मंत्री ने भरोसा दिलाते हुए आगे कहा कि जब राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू हो जाएगा, तो बहुविवाह और विवाह से जुड़े सभी नियम किसी एक खास धर्म के लिए नहीं, बल्कि सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होंगे। सरकार किसी खास समुदाय को निशाना नहीं बना रही है, बल्कि महिलाओं के अधिकारों की रक्षा कर रही है।

— तीसरी धारा न्यूज

सरायकेला: अनुसूचित जनजाति आवासीय विद्यालय के बच्चों ने निकाली नशा मुक्ति जागरूकता रैली, समाज को दिया स्वस्थ जीवन का संदेश

तीसरी धारा न्यूज (सरायकेला):

​मादक पदार्थों के बढ़ते सेवन के खिलाफ समाज में जन जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से सरायकेला में एक सराहनीय पहल की गई है। यहाँ अनुसूचित जनजाति आवासीय विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर एक भव्य जागरूकता रैली निकाली। रैली के माध्यम से बच्चों ने लोगों को तंबाकू, शराब और अन्य नशीले पदार्थों से दूर रहने तथा एक स्वस्थ जीवन शैली अपनाने की पुरजोर अपील की।IMG 20260625 WA0025

​’नशा मुक्ति’ के नारों से गूंजा इलाका

​यह जागरूकता रैली विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक राजेंद्र नाथ महतो के कुशल नेतृत्व में आयोजित की गई, जिसमें छात्र-छात्राओं ने बेहद उत्साह के साथ भाग लिया। रैली के दौरान बच्चों ने गगनभेदी नारे लगाकर समाज का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित किया। बच्चों का स्पष्ट संदेश था कि नशा न केवल किसी एक व्यक्ति को बर्बाद करता है, बल्कि पूरे परिवार और समाज के विनाश का कारण बनता है। इससे दूर रहकर ही एक समृद्ध और सुखी जीवन की कल्पना की जा सकती है।b 1

​शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी लिया नशामुक्त समाज का संकल्प

​इस अभियान को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षकों ने भी बढ़-चढ़कर अपनी भूमिका निभाई। रैली के दौरान मुख्य रूप से उपस्थित रहने वाले शिक्षकों में शामिल थे:

  • ​अमित कुमार
  • ​समीर कुमार सामल
  • ​गोविंद पात्रो
  • ​मंगल सिंह सरदार
  • ​चित्रलेखा हेंब्रम
  • ​शिखा शामल
  • ​प्रीति
  • ​मीनू गोपa 2

​सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने बच्चों के साथ मिलकर नशामुक्त समाज के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया और आम जनता से नशीले पदार्थों के जाल से बाहर निकलने का आग्रह किया।

रैली का मुख्य उद्देश्य: विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, इस रैली का मुख्य उद्देश्य आज की युवा पीढ़ी और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करना था। बच्चों द्वारा किए गए इस प्रयास की स्थानीय ग्रामीणों ने काफी सराहना की है और उम्मीद जताई है कि ऐसी रैलियों से समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा।

 

— तीसरी धारा न्यूज

झारखंड के महानायक ‘दिशोम गुरु’ शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण: कारूवा समाज ने जताई खुशी, कहा— पूरे राज्य के लिए गर्व का क्षण

तीसरी धारा न्यूज (सरायकेला):

​झारखंड राज्य गठन के आंदोलन के महानायक, आदिवासियों और मूलवासियों के हक-अधिकारों तथा ‘जल, जंगल, जमीन’ की रक्षा के लिए आजीवन संघर्ष करने वाले ‘दिशोम गुरु’ शिबू सोरेन को देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पॉद्म भूषण से सम्मानित किया गया है। राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों दिशोम गुरु की पत्नी रूपी सोरेन ने यह सम्मान ग्रहण किया।IMG 20260625 WA0020

​दिशोम गुरु को मरणोपरांत यह सर्वोच्च सम्मान मिलने पर पूरे झारखंड सहित सरायकेला क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। इस ऐतिहासिक क्षण पर मूलनिवासी कारूवा समाज ने अपनी गहरी खुशी और आभार व्यक्त किया है।

​झारखंड के संघर्ष और अस्मिता को मिला सर्वोच्च सम्मान

​इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर मूलनिवासी कारूवा समाज के प्रदेश कोषाध्यक्ष श्री गुरुचरण मुखी ने हर्ष जताते हुए कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण मिलना हर एक झारखंडी के लिए सर्वोच्च सम्मान की बात है। यह न केवल उनके दशकों लंबे त्याग और संघर्ष का सम्मान है, बल्कि यह पूरे झारखंड राज्य को गौरवान्वित करने वाला क्षण है।b 1

​उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन ने अपना पूरा जीवन दबे-कुचलों, आदिवासियों और मूलवासियों की आवाज बुलंद करने में समर्पित कर दिया था। आज देश के सर्वोच्च स्तर पर उनके योगदान को सराहा जाना इस बात का प्रतीक है कि जन-आंदोलनों और जन-नेताओं का संघर्ष कभी व्यर्थ नहीं जाता।a 2

​जल, जंगल, जमीन की लड़ाई के प्रतीक थे ‘दिशोम गुरु’

​स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और समाजसेवियों का कहना है कि दिशोम गुरु का नाम झारखंड के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है।

    • अखंड संघर्ष: महाजन प्रथा के खिलाफ लड़ाई से लेकर अलग झारखंड राज्य के निर्माण तक, उनका नेतृत्व हमेशा मार्गदर्शक रहा।
    • अधिकारों की अलख: उन्होंने आदिवासियों और मूलवासियों को उनके जल, जंगल और जमीन के अधिकारों के प्रति जागरूक किया।

समाज में उत्सव का माहौल: इस सम्मान के बाद सरायकेला और आस-पास के क्षेत्रों में विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों द्वारा खुशियां मनाई जा रही हैं। लोगों का मानना है कि महामहिम राष्ट्रपति के हाथों रूपी सोरेन द्वारा यह सम्मान लिया जाना झारखंड की सांस्कृतिक और राजनीतिक अस्मिता के लिए एक ऐतिहासिक और भावुक कर देने वाला पल है।

 

— तीसरी धारा न्यूज

सरायकेला-टाटा मार्ग पर दर्दनाक हादसा: अज्ञात वाहन की टक्कर से महिला की मौत, जर्जर सड़क को लेकर फूटा लोगों का गुस्सा

तीसरी धारा न्यूज (सरायकेला):

​सरायकेला-टाटा मुख्य मार्ग एक बार फिर रक्त रंजित हो उठा है। डीसी ऑफिस के समीप टीवीएस शोरूम के पास एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने स्कूटी सवार महिला को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में महिला की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृतका की पहचान सोनूवा निवासी सुलेखा महतो के रूप में हुई है। घटना के बाद से स्थानीय लोगों में जर्जर सड़क और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है।IMG 20260625 WA0022

​काम निपटाकर घर लौटने के दौरान हुआ हादसा

​जानकारी के अनुसार, सुलेखा महतो अपने देवर के साथ किसी आवश्यक कार्य से सरायकेला डीसी ऑफिस आई थीं। दोनों अपना काम पूरा करने के बाद स्कूटी से वापस अपने घर सोनूवा लौट रहे थे। इसी दौरान टीवीएस शोरूम के पास विपरीत दिशा से आ रहे एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी स्कूटी को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि सुलेखा महतो ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना को अंजाम देने के बाद चालक वाहन समेत तेजी से फरार हो गया।b 1

​हादसे के बाद सड़क पर अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही सरायकेला थाना पुलिस मौके पर पहुंची, शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल पुलिस अज्ञात वाहन और उसके चालक की तलाश में जुट गई है।a 2

​खस्ताहाल सड़क और बड़े-बड़े गड्ढे बने ‘काल’

​इस हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने सड़क की बदहाली को इस मौत का मुख्य जिम्मेदार ठहराया है।

    • जानलेवा गड्ढे: लोगों का कहना है कि सरायकेला-टाटा मार्ग पूरी तरह जर्जर हो चुका है। सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों के कारण आए दिन गाड़ियां अनियंत्रित हो रही हैं।
    • बढ़ती दुर्घटनाएं: यदि समय रहते इस सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई, तो भविष्य में और भी कई मासूमों को अपनी जान गंवानी पड़ सकती है।
    • भारी वाहनों का आतंक: मुख्य मार्ग पर ओवरलोडेड और तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही पर कोई लगाम नहीं है।

जनता की प्रशासन से मांग: क्षेत्र के नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस जर्जर मार्ग की अविलंब मरम्मत कराई जाए। इसके साथ ही दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में स्पीड ब्रेकर बनाने, सिग्नल लाइट लगाने, वाहनों की गति सीमा निर्धारित करने और ओवरलोडेड वाहनों पर सख्ती से रोक लगाने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।

 

— तीसरी धारा न्यूज

error: Content is protected !!