रांची/सरायकेला: सरायकेला नगर पंचायत के नवनिर्वाचित अध्यक्ष मनोज चौधरी ने सोमवार को रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और गांडेय विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन से शिष्टाचार मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने सरायकेला की सांस्कृतिक धरोहर और विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा।

परंपरागत सम्मान और आतिथ्य
मुलाकात के दौरान मनोज चौधरी ने मुख्यमंत्री को सरायकेला की विश्व प्रसिद्ध पहचान छऊ मुखौटा, मोर पंख और श्याम रंग का दुपट्टा भेंट कर सम्मानित किया। साथ ही, सरायकेला के मशहूर लड्डू खिलाकर उनका मुंह मीठा कराया।
विकास और अस्मिता से जुड़ी दो बड़ी मांगें
अध्यक्ष मनोज चौधरी ने मुख्यमंत्री को एक मांग पत्र सौंपा, जिसमें सरायकेला की अर्थव्यवस्था और जनभावनाओं से जुड़े दो मुख्य मुद्दों पर ध्यान आकृष्ट कराया गया:
- सिविल कोर्ट शिफ्टिंग का विरोध: उन्होंने सरायकेला सिविल कोर्ट को स्थानांतरित (Shift) करने के आदेश को रद्द करने की पुरजोर मांग की। चौधरी ने तर्क दिया कि यदि कोर्ट शिफ्ट होता है, तो सरायकेला के 40% परिवारों की रोजी-रोटी पर सीधा प्रहार होगा।
- चैत्र पर्व को राष्ट्रीय स्वरूप: सरायकेला के ऐतिहासिक ‘चैत्र पर्व’ को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने और इसके सफल आयोजन के लिए सरकारी आवंटन (Budget) में वृद्धि करने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री का आश्वासन
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सरायकेला की इन मांगों को बेहद गंभीरता से सुना। उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार सरायकेला के विकास और वहां की सांस्कृतिक धरोहर को अक्षुण्ण रखने के लिए हरसंभव मदद करेगी।
उपस्थित गणमान्य
इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान झामुमो जिला अध्यक्ष शुभेंदु महतो, गणेश महली, गणेश चौधरी सहित सरायकेला के कई वरिष्ठ कलाकार और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।










