जमशेदपुर: स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए कोल्हान प्रमंडल में अवसरों के नए द्वार खुल गए हैं। पोखारी स्थित नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय (NSU) ने शैक्षणिक सत्र 2026 से बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी (BPT) पाठ्यक्रम शुरू करने की आधिकारिक घोषणा की है। झारखंड सरकार से मान्यता प्राप्त यह कोर्स आधुनिक चिकित्सा पद्धति में फिजियोथेरेपी की बढ़ती मांग को देखते हुए डिजाइन किया गया है।

पाठ्यक्रम का स्वरूप और पात्रता
विश्वविद्यालय प्रबंधन के अनुसार, यह एक प्रोफेशनल डिग्री प्रोग्राम होगा जिसकी कुल अवधि 5 वर्ष निर्धारित की गई है:
- शैक्षणिक अध्ययन: 4 वर्ष (अत्याधुनिक लैब और थ्योरी)।
- इंटर्नशिप: 1 वर्ष का अनिवार्य व्यावहारिक प्रशिक्षण।
- पात्रता: अभ्यर्थी का 10+2 (विज्ञान संकाय) में PCB (भौतिकी, रसायन और जीव विज्ञान) विषयों के साथ उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।
- शुल्क: पूरे पाठ्यक्रम के लिए कुल शुल्क 5 लाख रुपये तय किया गया है।
“गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक लैब हमारा लक्ष्य”
इस नए पाठ्यक्रम की शुरुआत पर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री मदन मोहन सिंह ने कहा:
”आज की आधुनिक जीवनशैली में फिजियोथेरेपी स्वास्थ्य सेवा का रीढ़ बन चुका है। हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि विश्वस्तरीय लैब और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना है ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।”
वहीं, कुलसचिव नागेंद्र सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय ने अनुभवी संकाय सदस्यों (Faculty) की नियुक्ति और सुदृढ़ इंटर्नशिप व्यवस्था सुनिश्चित की है, जिससे छात्रों को वास्तविक क्लिनिकल अनुभव मिल सके।
करियर के बढ़ते अवसर
फिजियोथेरेपी कोर्स पूरा करने के बाद छात्र न केवल अस्पतालों और स्पोर्ट्स क्लीनिक में काम कर सकते हैं, बल्कि अपना निजी क्लिनिक भी शुरू कर सकते हैं। बढ़ते खेल आयोजनों और लाइफस्टाइल बीमारियों के कारण इस क्षेत्र में विशेषज्ञों की भारी कमी है, जिसे NSU की यह पहल दूर करने का प्रयास करेगी।

महत्वपूर्ण जानकारी:
- प्रवेश प्रक्रिया: सत्र 2026 के लिए आवेदन शुरू हो चुके हैं।
- संपर्क: इच्छुक अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट या कैंपस स्थित हेल्पडेस्क से संपर्क कर सकते हैं।











