पटना: बिहार की सियासत में आज एक अध्याय का अंत और नए अध्याय की शुरुआत देखने को मिली। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एनडीए के अन्य उम्मीदवारों के साथ राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनने के लिए खुद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पटना पहुंचे।

अमित शाह की मौजूदगी में हुआ नामांकन
विधानसभा परिसर में आयोजित नामांकन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ भाजपा के नितिन नवीन, रामनाथ ठाकुर, उपेंद्र कुशवाहा और शिवेश कुमार ने भी अपने पर्चे दाखिल किए।
- भव्य स्वागत: इससे पहले पटना पहुंचने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गृह मंत्री अमित शाह का शॉल और पुष्पगुच्छ भेंट कर गर्मजोशी से स्वागत किया।
- अहम बैठक: नामांकन के तुरंत बाद अमित शाह भाजपा विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के साथ भावी रणनीति पर चर्चा करने के लिए ‘स्टेट गेस्ट हाउस’ रवाना हो गए।
10 अप्रैल 2026 तक बने रहेंगे मुख्यमंत्री
राजनीतिक गलियारों में सबसे बड़ी चर्चा नीतीश कुमार के इस्तीफे को लेकर है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार नीतीश कुमार 10 अप्रैल 2026 तक बिहार के मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे।
- वजह: राज्यसभा का नया कार्यकाल 10 अप्रैल के बाद ही शुरू हो रहा है।
- मार्गदर्शन: नीतीश कुमार ने स्पष्ट किया है कि उच्च सदन जाने के बाद भी राज्य की नई सरकार को उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलता रहेगा।
‘X’ पोस्ट के जरिए साझा की दिल की बात
नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा कि 2005 से जनता ने उन पर जो भरोसा जताया है, उसी की ताकत से उन्होंने बिहार की सेवा की है।
”मेरे संसदीय जीवन की शुरुआत से ही यह इच्छा थी कि मैं बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों और संसद के दोनों सदनों का सदस्य बनूँ। इसी आकांक्षा को पूरा करने के लिए मैं राज्यसभा जा रहा हूँ।” — नीतीश कुमार
जदयू की कमान और भविष्य का नेतृत्व
नीतीश कुमार के इस बड़े फैसले के बाद अब जनता दल यूनाइटेड (JDU) के भविष्य को लेकर अटकलें तेज हैं। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि पार्टी की कमान नीतीश कुमार के बेटे को सौंपी जा सकती है, हालांकि अभी तक इस पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है।










