राँची | 1 फरवरी, 2026

झारखंड में भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितता का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने राज्य सरकार की नींद उड़ा दी है। पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता सरयू राय ने आरोप लगाया है कि झारखंड ऊर्जा विभाग की ₹160 करोड़ की सावधि जमा (FD) राशि बैंकों से रहस्यमय तरीके से गायब हो गई है। जब अधिकारी पैसा निकालने बैंक पहुंचे, तो उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा।
🔍 मामला क्या है?
ऊर्जा विभाग ने अपने अधिशेष फंड (Surplus Fund) को सुरक्षित रखने के लिए केनरा बैंक और एक अन्य राष्ट्रीयकृत बैंक में लगभग ₹160 करोड़ की एफडी कराई थी। वित्तीय नियमों के अनुसार, मैच्योरिटी (परिपक्वता अवधि) पूरी होने पर इस राशि को विभाग के खाते में वापस आना था।

🏦 बैंक का चौंकाने वाला जवाब
जब विभागीय अधिकारी कागजी कार्रवाई पूरी करने और राशि निकालने बैंक पहुंचे, तो बैंक प्रबंधकों ने यह कहकर सबको सन्न कर दिया कि “उनके रिकॉर्ड में विभाग के नाम से ऐसी कोई एफडी मौजूद ही नहीं है।” सुलगते सवाल:
- अगर एफडी कराई गई थी, तो बैंक के सिस्टम से वह जानकारी कैसे मिट गई?
- क्या मैच्योरिटी से पहले ही फर्जी दस्तावेजों के आधार पर किसी ने यह रकम निकाल ली?
- विभाग के पास मौजूद एफडी की रसीदें असली हैं या उनमें भी कोई हेरफेर किया गया है?










