जमशेदपुर: लौहनगरी जमशेदपुर के धार्मिक और सांस्कृतिक इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ गया। देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बृहस्पतिवार को कदमा क्षेत्र में ‘श्री जगन्नाथ आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक परमार्थ केंद्र’ की आधारशिला रखी और विधि-विधान के साथ भूमि पूजन किया। पुजारियों द्वारा किए गए वैदिक मंत्रों के उच्चारण के बीच राष्ट्रपति ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना की नींव रखी।

वीआईपी मेहमानों की गरिमामयी उपस्थिति
इस ऐतिहासिक अवसर पर राष्ट्रपति के साथ कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिनमें शामिल थे:
- केंद्रीय मंत्री: धर्मेंद्र प्रधान
- राज्यपाल: संतोष गंगवार
- मुख्यमंत्री: हेमंत सोरेन
- टाटा स्टील के सीईओ एवं एमडी: टीवी नरेंद्रन
कैसा होगा यह भव्य केंद्र?
ट्रस्ट के प्रबंध न्यासी और प्रमुख उद्योगपति एस. के. बेहरा ने बताया कि यह केंद्र केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि आस्था और संस्कृति का संगम होगा।
- प्रतिकृति: यह प्रस्तावित केंद्र ओडिशा के पुरी स्थित विश्वप्रसिद्ध 12वीं शताब्दी के जगन्नाथ मंदिर की हूबहू प्रतिकृति (Replica) होगा।
- लागत और विस्तार: इसे लगभग 2.5 एकड़ भूमि पर 100 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से विकसित किया जाएगा।
- उद्देश्य: इस परियोजना का मुख्य लक्ष्य झारखंड में धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाई देना और युवा पीढ़ी के चरित्र निर्माण व नैतिक विकास के लिए एक केंद्र प्रदान करना है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम
राष्ट्रपति के इस महत्वपूर्ण दौरे को देखते हुए पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। इससे पूर्व, रांची हवाई अड्डे पर उतरने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्यपाल संतोष गंगवार ने राष्ट्रपति का गर्मजोशी से स्वागत किया।
युवाओं के सर्वांगीण विकास पर जोर
एस. के. बेहरा ने कहा कि यह केंद्र उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में मील का पत्थर साबित होगा। यह स्थान भविष्य में आध्यात्मिक शांति के साथ-साथ सामाजिक मूल्यों की शिक्षा का भी बड़ा केंद्र बनेगा।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज









