एक नई सोच, एक नई धारा

मुंबई एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला: एयर इंडिया और इंडिगो के विमानों के पंख आपस में टकराए

1002355901

मुंबई | बुधवार, 4 फरवरी, 2026

​मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (CSMIA) पर मंगलवार रात एक बड़ा विमान हादसा होते-होते रह गया। देश की दो प्रमुख एयरलाइंस, एयर इंडिया (Air India) और इंडिगो (IndiGo) के विमान टैक्सीवे पर आपस में टकरा गए। गनीमत रही कि इस घटना में दोनों विमानों में सवार सैकड़ों यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं, हालांकि दोनों विमानों को भारी नुकसान पहुँचा है।

1002355901

कैसे और कब हुई टक्कर?

​घटना मंगलवार रात करीब 7:32 बजे की है। जानकारी के अनुसार, दोनों विमान Airbus A320 मॉडल के थे और अपने निर्धारित रूट पर थे:

  • एयर इंडिया (AI 2732): मुंबई से कोयम्बटूर जाने के लिए टैक्सीवे C1 से M4 की ओर बढ़ रहा था।
  • इंडिगो (6E 791): हैदराबाद से मुंबई लैंड करने के बाद टैक्सीवे B1 की तरफ जा रहा था।

​इसी दौरान दोनों विमानों के दाहिने पंख (Right Wingtips) आपस में रगड़ खा गए। टक्कर के समय विमानों में हल्का झटका महसूस हुआ, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। एटीसी (ATC) और ग्राउंड स्टाफ ने तुरंत स्थिति को संभाला और विमानों को वापस ‘बे’ (Bay) में भेजा गया।

प्रशासनिक कार्रवाई और ग्राउंडिंग

​हादसे के तुरंत बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने कड़ा संज्ञान लिया है:

  1. विमान ग्राउंडेड: सुरक्षा के मद्देनजर दोनों विमानों (पंजीकरण: VT-TYF और VT-IFV) को तत्काल प्रभाव से उड़ान भरने से रोक दिया गया है।
  2. DGCA जांच: मुंबई डीजीसीए के अधिकारी मौके पर पहुँच चुके हैं। जांच इस बात पर केंद्रित है कि ग्राउंड क्लीयरेंस में चूक कहाँ हुई और क्या यह पायलट की गलती थी या ग्राउंड स्टाफ के तालमेल की कमी।

एयरलाइंस का आधिकारिक बयान

  • एयर इंडिया: “विमान के विंगटिप में क्षति हुई है। हमने एहतियातन तकनीकी जांच शुरू कर दी है। सभी यात्रियों को सुरक्षित उतार लिया गया है और उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।”
  • इंडिगो: “स्थापित प्रोटोकॉल के तहत अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है। यात्री सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है और विमान का मेंटेनेंस इंस्पेक्शन चल रहा है।”

विशेषज्ञों की राय

​एविएशन विशेषज्ञों का मानना है कि मुंबई जैसे व्यस्त हवाई अड्डे पर जहाँ ‘पैरेलल टैक्सीवे’ का उपयोग होता है, वहाँ ऐसी घटना सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाती है। विंगटिप को नुकसान पहुँचने से विमान के एरोडायनामिक्स पर असर पड़ता है, इसलिए बिना पूर्ण मरम्मत के इन्हें दोबारा उड़ान की अनुमति नहीं मिलेगी।