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मंईयां सम्मान योजना: 7.42 लाख आवेदन लंबित, रांची सबसे आगे; सरकार ने जारी किया नया पोर्टल मॉड्यूल

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रांची: झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना’ के क्रियान्वयन को लेकर राज्य सरकार अब पूरी तरह एक्शन मोड में है। योजना की सुस्त रफ्तार और तकनीकी बाधाओं को दूर करने के लिए सरकार ने पोर्टल का नया मॉड्यूल विकसित करने का बड़ा निर्णय लिया है। इसका मुख्य उद्देश्य लंबित आवेदनों का त्वरित निपटारा और डेटा प्रोसेसिंग में पारदर्शिता लाना है।

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तकनीकी खामियों को दूर करने की तैयारी

​समीक्षा बैठक के दौरान यह बात सामने आई कि पोर्टल की धीमी गति और तकनीकी त्रुटियों के कारण बड़ी संख्या में पात्र महिलाएं सम्मान राशि से वंचित हैं।

  • नया मॉड्यूल: अब नए आवेदनों का पंजीकरण और पुरानी गलतियों (Correction) में सुधार करना आसान होगा।
  • त्वरित सत्यापन: महिला एवं बाल विकास विभाग ने सभी जिलों के सहायक निदेशकों को निर्देश दिया है कि जिन खातों में राशि नहीं पहुंची है, उनका तत्काल फिजिकल वेरिफिकेशन किया जाए।

पेंडिंग आवेदनों का जिलावार आंकड़ा: रांची टॉप पर

​योजना के तहत राज्य भर में कुल 7,42,446 आवेदन फिलहाल पोर्टल पर लंबित हैं। आंकड़ों के अनुसार, राजधानी रांची में सबसे बुरा हाल है।

सर्वाधिक लंबित आवेदनों वाले शीर्ष 5 जिले:

| जिला | लंबित आवेदनों की संख्या |

| रांची | 71,734 |

| धनबाद | 68,307 |

| पलामू | 67,231 |

| हजारीबाग | 53,800 |

| गढ़वा | 48,858 |

​अन्य जिलों में भी स्थिति चिंताजनक है, जहां देवघर (43,692) और पूर्वी सिंहभूम (39,406) जैसे जिले भी सूची में ऊपर हैं। सबसे कम पेंडिंग आवेदन सिमडेगा (6,104) और खूंटी (6,633) में दर्ज किए गए हैं।

लाभार्थियों के लिए क्या बदलेगा?

​सरकार को उम्मीद है कि नए सिस्टम के आने से निम्नलिखित सुधार होंगे:

  1. ऑनलाइन प्रोसेसिंग की रफ्तार: आवेदनों की जांच और अप्रूवल की प्रक्रिया तेज होगी।
  2. त्रुटि सुधार: आधार लिंक या बैंक खाते की जानकारी में हुई गलतियों को अब ब्लॉक स्तर पर जल्दी सुधारा जा सकेगा।
  3. समय पर भुगतान: सत्यापन पूरा होते ही सम्मान राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों (DBT) में समय पर भेजी जाएगी।